अगर Failure जैसा Fear होता है, तो ये देखो! | NEET Motivation | @VipinSharmaSir | Josh Talks NEET
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अगर Failure जैसा Fear होता है, तो ये देखो! | NEET Motivation | @VipinSharmaSir | Josh Talks NEET

Josh Talks NEET

5 chapters7 takeaways10 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो डॉ. विपिन कुमार शर्मा की प्रेरणादायक कहानी बताता है, जिन्होंने कई चुनौतियों का सामना करते हुए अकादमिक और व्यक्तिगत जीवन में असाधारण सफलता हासिल की। आर्मी बैकग्राउंड से आने वाले, कई बार स्कूल बदलने और व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद, उन्होंने न केवल कई प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप किया, बल्कि रिसर्च, टीचिंग और ऑनलाइन एजुकेशन में भी अपनी पहचान बनाई। उनकी कहानी जिज्ञासा, दृढ़ता और परिवार के प्रति समर्पण का एक शक्तिशाली उदाहरण है, जो दर्शकों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है।

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Chapters

  • डॉ. विपिन कुमार शर्मा का जन्म आर्मी बैकग्राउंड में हुआ, जिससे उन्हें 12 साल की स्कूलिंग के दौरान 7 अलग-अलग राज्यों में घूमना पड़ा।
  • लगातार स्कूल बदलने से उन्हें नए लोगों से मिलने और जीवन के अनुभव प्राप्त करने का मौका मिला।
  • बचपन से ही वे बहुत जिज्ञासु थे और सवालों के जवाब खोजने में लगे रहते थे, जिसे वे अपनी सफलता का मुख्य कारण मानते हैं।
  • शारीरिक रूप से कमजोर होने और खेलकूद में कम रुचि होने के कारण, वे अक्सर अपनी बड़ी बहन और उनके दोस्तों के साथ समय बिताते थे।
यह खंड बताता है कि कैसे शुरुआती जीवन की परिस्थितियाँ, जैसे कि लगातार स्कूल बदलना और जिज्ञासु स्वभाव, व्यक्ति के भविष्य के विकास और सीखने की क्षमता को आकार दे सकती हैं।
12 साल की स्कूलिंग के दौरान 7 अलग-अलग राज्यों के केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई करना।
  • शुरुआत में, वे एक आज्ञाकारी छात्र थे जो स्कूल में होमवर्क करते थे और घर पर अतिरिक्त चीजें सीखते थे, लेकिन 10वीं के बाद 11वीं कक्षा में अकादमिक रूप से संघर्ष करने लगे।
  • 11वीं कक्षा में सिलेबस पर कम ध्यान देने के कारण उनके मार्क्स कम आए, जिससे उन्हें अकादमिक स्थिरता की आवश्यकता का एहसास हुआ।
  • 12वीं कक्षा के मध्य में, उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और रिसर्च कॉलेज के बारे में जानना शुरू किया और NEET के अलावा CUCET और IISER जैसे एग्जाम के लिए अप्लाई किया।
  • रिसर्च कॉलेज में एडमिशन मिलने के समय, उनकी माँ को यूटेरिन कैंसर का पता चला, जिससे उन्हें परिवार और करियर के बीच चुनाव करना पड़ा।
यह खंड दर्शाता है कि कैसे अकादमिक चुनौतियाँ और अप्रत्याशित पारिवारिक संकट व्यक्ति को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने और जीवन में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए मजबूर कर सकते हैं।
माँ के कैंसर के निदान के बाद रिसर्च कॉलेज छोड़कर स्थानीय कॉलेज में एडमिशन लेना और लगातार 6 सेमेस्टर टॉप करना।
  • माँ की सेहत में सुधार के बाद, उन्होंने अपने टीचिंग करियर की शुरुआत की, खासकर अपने छोटे से शहर के स्लम स्टूडेंट्स को शिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित किया।
  • उन्होंने और उनके दोस्तों ने मिलकर स्लम के बच्चों को सेक्स एजुकेशन और मेंस्ट्रुअल हाइजीन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शिक्षित करने के लिए समर वेकेशंस समर्पित किए।
  • उनके इस नेक काम को स्थानीय IPS अधिकारी ने सराहा और उन्हें सम्मानित भी किया।
  • इस दौरान, पिता की बिगड़ती सेहत और शराब की लत ने उन्हें फिर से परिवार और अपने जुनून के बीच संतुलन बनाने की चुनौती दी।
यह दिखाता है कि कैसे व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद, दूसरों की मदद करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की इच्छा एक व्यक्ति को प्रेरित कर सकती है।
स्लम के बच्चों को शिक्षित करने के लिए ग्रेजुएशन की समर वेकेशंस समर्पित करना।
  • पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण कॉलेज न जा पाने के बावजूद, उन्होंने जियो के आगमन के साथ 2017 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया।
  • उन्होंने बायोलॉजी को आसान बनाने के लिए निमोनिक्स और लर्निंग टेक्निक्स का उपयोग करके वीडियो बनाना शुरू किया, और 30 दिनों में 30 वीडियो अपलोड किए।
  • छात्रों के भारी समर्थन से प्रेरित होकर, उन्होंने एक पूर्ण ऑनलाइन कोर्स बनाया और आज तक 5000 से अधिक मुफ्त वीडियो यूट्यूब पर अपलोड कर चुके हैं।
  • उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन में यूनिवर्सिटी टॉपर बनकर और मास्टर्स में गोल्ड मेडल हासिल करके अकादमिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन जारी रखा।
यह खंड बताता है कि कैसे टेक्नोलॉजी का सही उपयोग और दृढ़ संकल्प से व्यक्ति अपनी सीमाओं को पार कर सकता है और बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंच सकता है।
30 दिनों में 30 बायोलॉजी वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करना और लाखों छात्रों तक पहुंचना।
  • उन्होंने कई प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IISER, NCBS, TIFR, और NBRI में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम क्रैक किए, जिसमें ऑल इंडिया रैंक 1 भी शामिल है।
  • मास्टर्स के दौरान, उन्होंने 19 रिसर्च आर्टिकल्स पब्लिश किए, 5 किताबें लिखीं (जो बेस्टसेलर बनीं), और दो बार यंग साइंटिस्ट अवार्ड जीता।
  • उन्होंने ग्लोबल स्टूडेंट प्राइस में भारत का प्रतिनिधित्व किया और वर्तमान में दो भारतीय रिकॉर्ड, एक एशियाई रिकॉर्ड और एक वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए प्रयास कर रहे हैं।
  • उनकी सफलता का श्रेय 'कुछ खोने को नहीं था' वाली मानसिकता और लगातार सीखते रहने की इच्छा को जाता है, जिससे वे हर चुनौती को अवसर में बदलते हैं।
यह खंड दिखाता है कि कैसे निरंतर प्रयास, सीखने की ललक और एक सकारात्मक मानसिकता व्यक्ति को अकादमिक और पेशेवर जीवन में असाधारण ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
मास्टर्स के दौरान 19 रिसर्च आर्टिकल्स पब्लिश करना और 5 किताबें लिखना जो नेशनल बेस्टसेलर बनीं।

Key takeaways

  1. 1जिज्ञासा और सवाल पूछने की आदत सफलता की कुंजी है, क्योंकि यह निरंतर सीखने को बढ़ावा देती है।
  2. 2जीवन की अप्रत्याशित चुनौतियाँ, जैसे कि पारिवारिक संकट, हमें अपनी प्राथमिकताओं को फिर से परिभाषित करने और मजबूत बनने का अवसर देती हैं।
  3. 3तकनीक का प्रभावी उपयोग, जैसे कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, हमें अपनी सीमाओं को पार कर लाखों लोगों तक पहुंचने में मदद कर सकता है।
  4. 4कड़ी मेहनत, समर्पण और अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता किसी भी बाधा को पार करने में सहायक होती है।
  5. 5दूसरों की मदद करने और समाज में योगदान देने से जीवन को एक गहरा अर्थ मिलता है।
  6. 6अपने परिवार को प्राथमिकता देना और उनकी देखभाल करना एक महत्वपूर्ण मानवीय मूल्य है, भले ही यह व्यक्तिगत लक्ष्यों में बाधा डाले।
  7. 7लगातार सीखते रहने और खुद को बेहतर बनाने की इच्छा ही हमें जीवन में आगे बढ़ाती है।

Key terms

Young Scientist AwardCompetitive ExaminationsCentral University Common Entrance Test (CUCET)Indian Institute of Science Education and Research (IISER)Uterine CancerOnline TutoringYouTube ChannelResearch ArticlesNational BestsellersGlobal Student Prize

Test your understanding

  1. 1डॉ. विपिन शर्मा के अनुसार, उनकी सफलता का सबसे महत्वपूर्ण कारण क्या था और क्यों?
  2. 2पारिवारिक संकट के समय, डॉ. शर्मा ने अपने करियर के बजाय परिवार को क्यों चुना, और इसका उनके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?
  3. 3उन्होंने ऑनलाइन टीचिंग की शुरुआत कैसे की और छात्रों को शिक्षित करने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया?
  4. 4अपनी अकादमिक और पेशेवर उपलब्धियों को प्राप्त करने के लिए उन्होंने किस प्रकार की मानसिकता अपनाई?
  5. 5आप डॉ. शर्मा की कहानी से क्या सीख सकते हैं जो आपको अपने व्यक्तिगत और अकादमिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकती है?

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