
Electric Charges and Fields 02 || Coulomb's Law and Force Between Multiple Charges JEE MAINS/NEET
Physics Wallah - Alakh Pandey
Overview
यह वीडियो इलेक्ट्रोस्टेटिक्स के दूसरे लेक्चर को कवर करता है, जिसमें कूलम्ब के नियम और दो या दो से अधिक आवेशों के बीच लगने वाले बल पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें कूलम्ब के नियम की परिभाषा, सूत्र, और पॉइंट चार्ज की अवधारणा को समझाया गया है। वीडियो वेक्टर रूप में कूलम्ब के नियम, इलेक्ट्रोस्टेटिक बल और गुरुत्वाकर्षण बल के बीच समानताएं और अंतर, और कूलम्ब के नियम की सीमाओं पर भी चर्चा करता है। अंत में, सुपरपोज़िशन के सिद्धांत पर आधारित विभिन्न प्रकार के न्यूमेरिकल समस्याओं को हल किया गया है, जिसमें बहुभुज (पॉलीगॉन) और संतुलन (इक्विलिब्रियम) की स्थितियाँ शामिल हैं।
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Chapters
- कूलम्ब का नियम दो बिंदु आवेशों (point charges) के बीच लगने वाले विद्युत बल (electrostatic force) का वर्णन करता है।
- यह बल दोनों आवेशों के गुणनफल के समानुपाती (directly proportional) और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती (inversely proportional) होता है।
- यह बल दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश (along the line joining) कार्य करता है।
- कूलम्ब के नियम के अनुसार, बल दो प्रकार का हो सकता है: प्रतिकर्षण (repulsive) यदि आवेश समान हों, और आकर्षण (attractive) यदि आवेश विपरीत हों।
- बल का सूत्र F = k * |q1*q2| / r^2 है, जहाँ q1 और q2 आवेशों का परिमाण (magnitude) है और r उनके बीच की दूरी है।
- k एक समानुपातिकता स्थिरांक (proportionality constant) है, जिसका मान माध्यम (medium) पर निर्भर करता है।
- निर्वात (vacuum) या वायु (air) के लिए, k का मान लगभग 9 x 10^9 N m^2/C^2 होता है।
- k का मान माध्यम की परावैद्युतांक (permittivity) पर निर्भर करता है, जिसकी विस्तृत चर्चा अगले लेक्चर में होगी।
- बिंदु आवेश एक ऐसा आवेशित कण है जिसका आकार (size) उसके बीच की दूरी की तुलना में नगण्य (negligible) होता है।
- कूलम्ब का नियम केवल बिंदु आवेशों के लिए ही मान्य है।
- एक बड़े आवेशित वस्तु को भी बिंदु आवेश माना जा सकता है यदि वह अन्य आवेशों से बहुत अधिक दूरी पर हो, जिससे वह एक बिंदु की तरह प्रतीत हो।
- कूलम्ब के नियम को सदिश रूप में व्यक्त करने से बल की दिशा का भी पता चलता है।
- बल सदिश (force vector) दो आवेशों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश होता है।
- सदिश रूप में सूत्र F = k * (q1*q2 / |r|^3) * r वेक्टर होता है, जहाँ r वेक्टर स्थिति सदिश (position vector) है।
- दोनों बल व्युत्क्रम वर्ग नियम (inverse square law) का पालन करते हैं और दोनों आवेशों/द्रव्यमानों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करते हैं।
- इलेक्ट्रोस्टेटिक बल आकर्षण या प्रतिकर्षण दोनों हो सकता है, जबकि गुरुत्वाकर्षण बल हमेशा आकर्षण का होता है।
- इलेक्ट्रोस्टेटिक बल की प्रबलता (strength) गुरुत्वाकर्षण बल की तुलना में बहुत अधिक होती है (लगभग 10^42 गुना)।
- गुरुत्वाकर्षण बल माध्यम पर निर्भर नहीं करता, जबकि इलेक्ट्रोस्टेटिक बल माध्यम पर निर्भर करता है।
- यह नियम केवल बिंदु आवेशों (point charges) के लिए मान्य है।
- यह नियम तभी मान्य है जब दोनों आवेश स्थिर (at rest) हों। यदि दोनों आवेश गतिमान (in motion) हों तो यह नियम लागू नहीं होता।
- यदि एक आवेश स्थिर हो और दूसरा गतिमान हो, तो कूलम्ब का नियम मान्य रहता है।
- किसी निकाय (system) में किसी एक आवेश पर लगने वाला कुल विद्युत बल, उस आवेश पर अन्य सभी आवेशों द्वारा लगाए गए बलों का सदिश योग (vector sum) होता है।
- किसी दो आवेशों के बीच लगने वाला बल, तीसरे आवेश की उपस्थिति से अप्रभावित रहता है।
- यह सिद्धांत विद्युत क्षेत्र (electric field) की गणना में भी प्रयुक्त होता है।
- बहुभुज (Polygon) आधारित प्रश्न: त्रिभुज, वर्ग, या अन्य आकृतियों के शीर्षों पर रखे आवेशों के कारण किसी एक आवेश पर कुल बल ज्ञात करना।
- संतुलन (Equilibrium) की स्थिति: तीसरे आवेश को कहाँ रखा जाए ताकि उस पर कुल बल शून्य हो।
- विभिन्न आवेशों (समान या विपरीत) और दूरियों के साथ बलों की गणना करना और उनका सदिश योग निकालना।
Key takeaways
- कूलम्ब का नियम दो बिंदु आवेशों के बीच लगने वाले बल का परिमाण और दिशा बताता है।
- बल आवेशों के गुणनफल के समानुपाती और दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- कूलम्ब स्थिरांक (k) माध्यम पर निर्भर करता है, और निर्वात के लिए इसका मान 9 x 10^9 N m^2/C^2 है।
- इलेक्ट्रोस्टेटिक बल गुरुत्वाकर्षण बल से बहुत अधिक शक्तिशाली होता है।
- कूलम्ब का नियम केवल बिंदु आवेशों और स्थिर आवेशों के लिए मान्य है।
- अध्यारोपण का सिद्धांत बताता है कि किसी आवेश पर कुल बल अन्य सभी आवेशों द्वारा लगाए गए बलों का सदिश योग होता है।
- समान प्रकार के दो आवेशों के बीच संतुलन में तीसरा आवेश हमेशा उनके बीच में और छोटे आवेश के करीब रखा जाता है।
- विपरीत प्रकार के दो आवेशों के बीच संतुलन में तीसरा आवेश हमेशा बाहर और छोटे आवेश के करीब रखा जाता है।
Key terms
Test your understanding
- कूलम्ब के नियम के अनुसार, दो बिंदु आवेशों के बीच लगने वाले बल का सूत्र क्या है और यह किन कारकों पर निर्भर करता है?
- कूलम्ब के नियम को सदिश रूप में कैसे व्यक्त किया जाता है और यह बल की दिशा के बारे में क्या बताता है?
- इलेक्ट्रोस्टेटिक बल और गुरुत्वाकर्षण बल के बीच मुख्य समानताएं और अंतर क्या हैं?
- कूलम्ब के नियम की क्या सीमाएं हैं और यह किन परिस्थितियों में लागू नहीं होता है?
- आवेशों के अध्यारोपण का सिद्धांत क्या है और इसका उपयोग करके किसी निकाय में कुल बल की गणना कैसे की जाती है?
- यदि दो समान आवेशों के बीच एक तीसरा आवेश संतुलन में रखना हो, तो उसे कहाँ रखा जाना चाहिए और क्यों?