
उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 | महत्वपूर्ण 50 प्रश्नोत्तर | UP Budget MCQ | IAS PREP | Om Pandey
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Overview
यह वीडियो उत्तर प्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें बजट के आकार, पूंजीगत व्यय, नई योजनाओं के लिए आवंटन, और राजकोषीय घाटे जैसे प्रमुख वित्तीय पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। वीडियो विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे में सरकार की पहलों और उनके लिए आवंटित धनराशि की जानकारी देता है। साथ ही, यह राज्य की आर्थिक वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय, बेरोजगारी दर, और गरीबी उन्मूलन में हुई प्रगति का भी उल्लेख करता है। यह बजट उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समावेशी विकास पर जोर देता है।
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Chapters
- उत्तर प्रदेश का 2026-27 का बजट 91,696.35 करोड़ रुपये के आकार के साथ अब तक का सबसे बड़ा बजट है।
- यह बजट राज्य की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
- बजट में पूंजीगत व्यय (बुनियादी ढांचे पर निवेश) पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि भविष्य की आय सुनिश्चित हो सके।
- पिछले वर्ष की तुलना में बजट में 12.9% की वृद्धि हुई है, जो बेहतर आर्थिक प्रदर्शन को दर्शाता है।
- उत्तर प्रदेश का लक्षित राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 2.98% है, जो एफआरबीएम अधिनियम के तहत निर्धारित 3% की सीमा के भीतर है।
- यह कम घाटा राज्य के अनुशासित वित्तीय नियंत्रण और प्रभावी बजट प्रबंधन को दर्शाता है।
- बजट का 19.5% पूंजीगत परिवय (कैपिटल आउटले) के लिए आवंटित किया गया है, जिसमें सड़क, पुल, अस्पताल, स्कूल जैसी दीर्घकालिक संपत्तियों का निर्माण शामिल है।
- पूंजीगत व्यय अर्थव्यवस्था पर मल्टीप्लायर इफेक्ट डालता है और निजी निवेश को आकर्षित करने में मदद करता है।
- वर्ष 2024-25 के लिए उत्तर प्रदेश की अनुमानित जीएसडीपी वृद्धि दर 13.4% है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक रहने की उम्मीद है।
- वर्ष 2025-26 तक उत्तर प्रदेश की अनुमानित प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,20,000 हो जाएगी।
- यह वृद्धि राज्य के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार का संकेत देती है।
- कृषि विविधीकरण, औद्योगिक प्रोत्साहन और ओडीओपी जैसी योजनाओं से ग्रामीण और शहरी आय दोनों में वृद्धि हो रही है।
- उत्तर प्रदेश में वर्तमान बेरोजगारी दर 2.24% है, जो मिशन रोजगार और औद्योगिक विकास के कारण कम हुई है।
- 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं, जिसमें उज्ज्वला, आवास और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का योगदान रहा है।
- एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंक सुधरकर 18वीं हो गई है, जो सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति दर्शाती है।
- एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स में लैंड लॉक राज्यों में उत्तर प्रदेश का पहला स्थान है, जो ओडीओपी योजना और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण संभव हुआ है।
- उत्तर प्रदेश भारत के कुल मोबाइल उत्पादन का 65% हिस्सा उत्पादित करता है, जिसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का हब बन गया है।
- गन्ना मूल्य में प्रति क्विंटल ₹30 की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी।
- नलकूपों से सिंचाई के लिए 1 अप्रैल 2023 से मुफ्त बिजली लागू की गई है।
- एग्री एक्सपोर्ट हब के लिए यूपी एग्रीज परियोजनाओं में वर्ल्ड बैंक सहायता कर रहा है।
- डीजल पंपों को सोलर पंपों में बदलने के लिए ₹637.84 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे प्रदूषण कम होगा और लागत बचेगी।
- यूपी बीज स्वावलंबन नीति 2024 के तहत सीड पार्क के लिए ₹251 करोड़ का आवंटन किया गया है।
- स्वामी विवेकानंद यूथ एम्पावरमेंट स्कीम के तहत टैबलेट और स्मार्टफोन बांटने के लिए ₹374 करोड़ रखे गए हैं।
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा, जिसके लिए ₹1000 करोड़ आवंटित हैं।
- टेक्सटाइल सेक्टर में 2026-27 तक 3000 नौकरियों का लक्ष्य है, जिसमें लखनऊ और हरदोई में पीएम मित्र पार्क स्थापित होंगे।
- मिर्जापुर में मां बिंधवासिनी विश्वविद्यालय, मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी देवी विश्वविद्यालय और शाहजहांपुर में स्वामी सुखदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है।
- भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय और गोरखपुर में प्रदेश का दूसरा सैनिक स्कूल खोला जाएगा।
- लखनऊ में ₹207 करोड़ के बजट से नाइट सफारी पार्क और बलरामपुर में थारू जनजातीय संस्कृति संग्रहालय स्थापित किया जाएगा।
- जेवर एयरपोर्ट के रनवे की संख्या दो से बढ़ाकर पांच कर दी गई है, जो इसे एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनाएगा।
- सरदार वल्लभभाई पटेल एंप्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन के लिए ₹575 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- सौर नीति 2022 के तहत अगले 5 वर्षों में 22,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
- यूपी में नियोजित आठ डाटा सेंटर पार्कों के लिए 900 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य है और ग्रीन हाइड्रोजन के लिए दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्वीकृत किए गए हैं।
Key takeaways
- उत्तर प्रदेश का बजट 2026-27 राज्य की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है, जिसमें एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य शामिल है।
- पूंजीगत व्यय पर जोर और राजकोषीय घाटे का नियंत्रण राज्य के दीर्घकालिक वित्तीय स्वास्थ्य और विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
- सरकार रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन और जीवन स्तर में सुधार के लिए विभिन्न योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
- कृषि, उद्योग, शिक्षा और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश राज्य के समग्र विकास को गति देगा।
- सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देना राज्य की पहचान को मजबूत करेगा।
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करना राज्य को भविष्य के लिए तैयार करेगा।
- युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता के माध्यम से सशक्त बनाना राज्य की प्रगति के लिए केंद्रीय है।
Key terms
Test your understanding
- उत्तर प्रदेश के 2026-27 के बजट का कुल आकार कितना है और यह राज्य की किन आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है?
- राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी के 2.98% पर सीमित रखने का क्या महत्व है और यह राज्य के वित्तीय प्रबंधन के बारे में क्या बताता है?
- बजट में पूंजीगत व्यय पर विशेष ध्यान क्यों दिया गया है और इससे अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ने की उम्मीद है?
- उत्तर प्रदेश सरकार रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन के लिए कौन-कौन से प्रमुख कदम उठा रही है, और इनके क्या परिणाम सामने आए हैं?
- राज्य में शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और सांस्कृतिक विकास के लिए बजट में क्या प्रावधान किए गए हैं और इनका क्या उद्देश्य है?