Nifty व Bank Nifty के ETF  में Alchemist विधि भाग 3
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Nifty व Bank Nifty के ETF में Alchemist विधि भाग 3

Mahesh Chander Kaushik (Mahesh Kaushik)

5 chapters6 takeaways10 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो Nifty और Bank Nifty ETF में अलकेमिस्ट विधि के तीसरे भाग को समझाता है। इसमें ETF को अलग-अलग तारीखों पर खरीदकर और प्रॉफिट बुक करके निवेश करने की एक विस्तृत रणनीति बताई गई है। यह विधि शेयर बाजार में गिरावट के समय भी मुनाफा कमाने और निवेश को बढ़ाने पर केंद्रित है, जिसमें गोल्ड ETF में प्रॉफिट को री-इन्वेस्ट करने का सुझाव भी शामिल है। वीडियो में प्रैक्टिकल उदाहरणों और 3 साल के डेटा का विश्लेषण करके विधि की प्रभावशीलता को दर्शाया गया है।

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Chapters

  • अलकेमिस्ट विधि ETF की मदद से शेयर ट्रेडिंग की आवश्यकता के बिना पैसा कमाने की एक रणनीति है।
  • यह विधि दैनिक आधार पर विकसित की गई है और इसमें निफ्टी ETF को अलग-अलग स्तरों पर खरीदना शामिल है।
  • भाग 1 और 2 में ETF को अलग-अलग तारीखों पर खरीदने और 6% गिरने पर ट्रैक बदलने की विधि बताई गई थी।
  • समय का फैक्टर (Time Factor) ETF की परफॉरमेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह खंड विधि के मूल सिद्धांतों को दोहराता है, जिससे नए दर्शक भी इसे समझ सकें और पुराने दर्शक अपनी समझ को मजबूत कर सकें।
निफ्टी ETF को अलग-अलग तारीखों पर खरीदने से कीमतों में अंतर आता है, जिससे वे अलग-अलग परफॉर्म करते हैं।
  • निवेश को अलग-अलग तारीखों पर बांटना, जैसे हर महीने की 1, 5, 10, 15, 20 तारीख को अलग-अलग ETF में निवेश करना।
  • एक लाख रुपये के निवेश के लिए शुरुआती 6000 रुपये का निवेश स्टैंडर्ड है, बाकी राशि को धीरे-धीरे डाला जाता है।
  • यदि किसी ETF में 6% का प्रॉफिट बुक होता है, तो उसे उसी तारीख को दोबारा खरीदना है, यदि प्रॉफिट नहीं हुआ तो SIP जारी रखनी है।
  • मार्केट गिरने पर अलग-अलग स्तरों पर खरीदारी करने से पोर्टफोलियो में लाभ दिखाई देता है।
यह खंड निवेश को व्यवस्थित करने और जोखिम को कम करने के लिए एक स्पष्ट, तारीख-आधारित रणनीति प्रदान करता है।
एक जुलाई को निफ्टी ETF में 6000 रुपये का निवेश करने के बाद, यदि 20 जुलाई को 6% का लाभ होता है, तो उसे 21 जुलाई को फिर से उसी ETF में निवेश करना है।
  • जब कोई ETF 6% से अधिक गिर जाता है, तो उसमें से निकलकर दूसरे संबंधित ETF (जैसे निफ्टी ETF से बैंक निफ्टी ETF) में निवेश करना।
  • यह ट्रैक चेंजिंग रणनीति विशेष रूप से तब प्रभावी होती है जब ब्रॉडर मार्केट गिरता है, जिससे सेक्टोरल इंडेक्स और भी ज्यादा गिर सकते हैं।
  • प्रैक्टिकल उदाहरणों में 3 साल के डेटा का उपयोग करके दिखाया गया है कि कैसे निफ्टी ETF और बैंक निफ्टी ETF में निवेश किया गया।
  • निवेश की राशि को राउंड फिगर में या अगले पूर्णांक में खरीदना, भले ही थोड़ी राशि कम या ज्यादा हो।
यह खंड बताता है कि बाजार की गिरावट का फायदा कैसे उठाया जाए और निवेश को अधिक सक्रिय रूप से कैसे प्रबंधित किया जाए।
यदि निफ्टी ETF 6% से अधिक गिर जाता है, तो निवेशक को एक्सिस बैंक निफ्टी ETF में निवेश करना चाहिए।
  • जब ETF में प्रॉफिट बुक होता है, तो उस राशि को गोल्ड ETF में निवेश करना चाहिए क्योंकि सोना एक सुरक्षित निवेश है।
  • गोल्ड ETF में निवेश करने से प्रॉफिट की कंपाउंडिंग इफेक्ट मिलता है और यह एक तरह का 'खजाना' है।
  • जब गोल्ड ETF का निवेश 10,000 रुपये हो जाए, तो उसे SBI गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने का सुझाव दिया गया है।
  • प्रॉफिट को घर ले जाने के बजाय, उसे री-इन्वेस्ट करने से लंबी अवधि में अधिक लाभ होता है।
यह खंड बताता है कि अर्जित लाभ को कैसे सुरक्षित और प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जाए ताकि धन का संचय हो सके।
निफ्टी ETF से 1100 रुपये का प्रॉफिट बुक होने पर, उस राशि को तुरंत गोल्ड ETF में निवेश करना।
  • निवेशकों को अपनी समझ के अनुसार कंपनी के ETF को बदलने की स्वतंत्रता है, लेकिन पैटर्न का पालन करना महत्वपूर्ण है।
  • वीडियो के डिस्क्रिप्शन में दी गई सीट को अपडेट करने में फॉलोअर्स की मदद मांगी गई है।
  • भविष्य में प्रॉफिट बुकिंग के कंपाउंडिंग इफेक्ट और गोल्ड बॉन्ड में निवेश पर विस्तृत वीडियो लाने का वादा किया गया है।
  • लेखक की आने वाली पुस्तक 'इंटेलिजेंट इन्वेस्टर' और ऑडियोबुक का भी उल्लेख किया गया है।
यह खंड समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है और भविष्य के सीखने के लिए रोडमैप प्रदान करता है।
निफ्टी ETF के साथ बैंक निफ्टी ETF को भी पोर्टफोलियो में शामिल करना, जैसा कि सीट में दिखाया गया है।

Key takeaways

  1. 1ETF में निवेश को अलग-अलग तारीखों पर बांटकर जोखिम को कम किया जा सकता है।
  2. 2बाजार में गिरावट का मतलब अवसर है; सही समय पर ट्रैक चेंजिंग से लाभ कमाया जा सकता है।
  3. 3प्रॉफिट बुक करने के बाद उसे गोल्ड ETF जैसे सुरक्षित एसेट में री-इन्वेस्ट करना धन संचय के लिए महत्वपूर्ण है।
  4. 4निवेश में निरंतरता (SIP) और धैर्य लंबे समय में महत्वपूर्ण रिटर्न दे सकते हैं।
  5. 5निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार ETF चुन सकते हैं, लेकिन रणनीति का पालन करना आवश्यक है।
  6. 6प्रैक्टिकल उदाहरण और ऐतिहासिक डेटा का विश्लेषण निवेश निर्णयों को बेहतर बनाने में मदद करता है।

Key terms

Alchemist MethodETF (Exchange Traded Fund)Nifty ETFBank Nifty ETFSIP (Systematic Investment Plan)Track ChangingProfit BookingGold ETFCompound InterestSectoral Index

Test your understanding

  1. 1अलकेमिस्ट विधि में ETF को अलग-अलग तारीखों पर खरीदने का क्या महत्व है?
  2. 2जब कोई ETF 6% गिर जाता है, तो 'ट्रैक चेंजिंग' रणनीति में क्या कदम उठाए जाते हैं?
  3. 3प्रॉफिट बुक करने के बाद गोल्ड ETF में निवेश करने के क्या फायदे हैं?
  4. 4इस विधि में निवेश के लिए तारीखों का निर्धारण क्यों महत्वपूर्ण है?
  5. 5आप अपने निवेश पोर्टफोलियो में निफ्टी ETF और बैंक निफ्टी ETF को कैसे एकीकृत करेंगे?

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