
Bihar Police Constable 2025 Special | Modern History(1901- 1947) | Imp Events | #kumargauravsir
Bihar Utkarsh
Overview
यह वीडियो 1901 से 1947 तक के भारतीय आधुनिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं का एक विस्तृत अवलोकन प्रदान करता है। इसमें प्रमुख आंदोलनों, अधिनियमों, कांग्रेस अधिवेशनों और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महत्वपूर्ण क्षणों को शामिल किया गया है। यह विशेष रूप से बिहार पुलिस कांस्टेबल परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो महत्वपूर्ण तिथियों, घटनाओं और उनके महत्व को समझने में मदद करता है। वीडियो का उद्देश्य इन घटनाओं को इस तरह से प्रस्तुत करना है कि वे आसानी से याद रहें और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करें।
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Chapters
- 1905 में लॉर्ड कर्जन के कार्यकाल में बंगाल विभाजन की घोषणा हुई।
- इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कोलकाता के टाउन हॉल में विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का आंदोलन शुरू हुआ।
- 16 अक्टूबर 1905 को बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ और इसे रक्षाबंधन दिवस के रूप में मनाया गया।
- 1907 में सूरत अधिवेशन में कांग्रेस का गरम दल और नरम दल में विभाजन हो गया।
- 1909 में मार्ले-मिंटो एक्ट आया, जिसने भारत में सांप्रदायिक निर्वाचन प्रणाली की शुरुआत की।
- 9 जनवरी 1915 को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे, जिसे प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- 1916 के लखनऊ अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता हुआ।
- इसी अधिवेशन में कांग्रेस के गरम दल और नरम दल का भी पुनर्मिलन हुआ।
- 1916 में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) की स्थापना हुई।
- 1916 में ही एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक द्वारा होम रूल लीग आंदोलन शुरू किया गया।
- 1917 में एनी बेसेंट कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनीं।
- 1917 में ही महात्मा गांधी ने बिहार के चंपारण में तीन-तिहाई प्रथा के विरोध में पहला सत्याग्रह किया।
- 1919 में रोलेट एक्ट (बिना अपील, बिना दलील का कानून) लागू हुआ।
- 1919 में ही मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार अधिनियम आया, जिसने प्रांतों में द्वैध शासन लागू किया।
- 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में जलियांवाला बाग नरसंहार हुआ।
- 1920 में महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया और केसर-ए-हिंद की उपाधि त्याग दी।
- फरवरी 1922 में चौरी-चौरा घटना के बाद असहयोग आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
- 1923 में चितरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने स्वराज पार्टी की स्थापना की।
- 1924 में बेलगाम अधिवेशन के अध्यक्ष महात्मा गांधी बने।
- 1925 में कानपुर अधिवेशन की अध्यक्षता सरोजनी नायडू ने की, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष थीं।
- 9 अगस्त 1925 को काकोरी ट्रेन एक्शन (पहले काकोरी ट्रेन डकैती) हुआ।
- 1927 में साइमन कमीशन का गठन हुआ और 1928 में यह भारत आया, जिसका व्यापक विरोध हुआ।
- 1928 में मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में नेहरू रिपोर्ट पेश की गई।
- 1929 के लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में पूर्ण स्वराज की मांग की गई।
- 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज दिवस घोषित किया गया।
- 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ, जिसके तहत दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) किया गया।
- 1930 में पहला गोलमेज सम्मेलन हुआ, जिसमें कांग्रेस ने भाग नहीं लिया।
- 5 मार्च 1931 को गांधी-इरविन पैक्ट हुआ, जिसके बाद कांग्रेस ने दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया।
- 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई।
- 1932 में सांप्रदायिक पंचाट और पूना पैक्ट (गांधीजी और अंबेडकर के बीच) हुआ।
- 1940 में अगस्त प्रस्ताव लाया गया और व्यक्तिगत सत्याग्रह (विनोबा भावे द्वारा शुरू) हुआ।
- 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें 'करो या मरो' का नारा दिया गया।
- मार्च 1946 में कैबिनेट मिशन भारत आया, जिसका उद्देश्य संविधान सभा का गठन और भारत को सत्ता हस्तांतरण की योजना बनाना था।
- कैबिनेट मिशन ने 389 सीटों वाली संविधान सभा का प्रस्ताव रखा।
- 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक हुई और सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष बने।
- 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया, जिसे 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया।
- 3 जून 1947 को माउंटबेटन योजना आई, जिसने भारत और पाकिस्तान के विभाजन की रूपरेखा तैयार की।
- 18 जुलाई 1947 को भारत स्वतंत्रता अधिनियम पारित हुआ।
- 26 नवंबर 1949 को संविधान बनकर तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
- 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज अपनाया गया, और 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत स्वीकार किए गए।
Key takeaways
- 1901 से 1947 तक की अवधि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें कई बड़े आंदोलन और राजनीतिक घटनाएं हुईं।
- बंगाल विभाजन और उसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन ने जन आंदोलनों की शक्ति का प्रदर्शन किया।
- कांग्रेस का गरम दल और नरम दल में विभाजन और फिर पुनर्मिलन राष्ट्रीय आंदोलन के उतार-चढ़ाव को दर्शाता है।
- महात्मा गांधी के आगमन ने स्वतंत्रता संग्राम को जन-जन तक पहुंचाया और अहिंसक प्रतिरोध के नए तरीके पेश किए।
- रोलेट एक्ट, जलियांवाला बाग नरसंहार जैसी घटनाओं ने ब्रिटिश शासन की क्रूरता को उजागर किया और लोगों को एकजुट किया।
- सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे बड़े पैमाने के आंदोलनों ने ब्रिटिश सरकार पर भारी दबाव डाला।
- संविधान सभा का गठन और संविधान का निर्माण स्वतंत्र भारत की संप्रभुता और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना का प्रतीक है।
Key terms
Test your understanding
- 1905 में बंगाल विभाजन की घोषणा के विरोध में कौन सा प्रमुख आंदोलन शुरू हुआ और इसका मुख्य उद्देश्य क्या था?
- 1909 के मार्ले-मिंटो एक्ट ने भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में क्या महत्वपूर्ण बदलाव लाया?
- महात्मा गांधी के भारत लौटने (9 जनवरी 1915) का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए क्या महत्व था?
- असहयोग आंदोलन को चौरी-चौरा घटना के बाद क्यों समाप्त कर दिया गया?
- पूर्ण स्वराज की मांग किस अधिवेशन में की गई और इसका क्या प्रभाव पड़ा?
- सविनय अवज्ञा आंदोलन के तहत नमक सत्याग्रह (दांडी मार्च) का क्या महत्व था?
- कैबिनेट मिशन भारत क्यों आया था और इसने संविधान सभा के गठन के संबंध में क्या प्रस्ताव दिया?