
The Rise of Nationalism in Europe Class 10 Full Chapter | Class 10 History Chapter 1 | Sunlike study
Sunlike study
Overview
यह वीडियो यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय को क्लास 10 के इतिहास के पहले अध्याय के रूप में कवर करता है। यह 1848 में फ्रेडरिक सोरियो की कल्पना से शुरू होता है, जिसमें एक डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक वर्ल्ड का चित्रण है। वीडियो फ्रेंच क्रांति और राष्ट्रवाद के विचारों, यूरोप में राष्ट्रवाद के निर्माण, 1815 के बाद रूढ़िवाद, क्रांतियों के युग (1830-1848), राष्ट्रवाद की रोमांटिक कल्पना, भूख, कठिनाई और लोकप्रिय विद्रोह, उदारवादियों की क्रांति, जर्मनी और इटली का निर्माण, ब्रिटेन का अनोखा मामला, राष्ट्र का मानवीकरण, और राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद के बीच संबंध जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा करता है। यह बताता है कि कैसे विभिन्न क्रांतियों, आंदोलनों और सांस्कृतिक परिवर्तनों ने यूरोप में राष्ट्र-राज्यों के गठन को आकार दिया।
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Chapters
- 1848 में फ्रांसीसी कलाकार फ्रेडरिक सोरियो ने 'राष्ट्रों के बीच संधि' नामक चार चित्रों की एक श्रृंखला बनाई।
- इन चित्रों में, उन्होंने एक लोकतांत्रिक और गणतांत्रिक विश्व की कल्पना की, जिसमें स्वतंत्रता की प्रतिमा (स्टैचू ऑफ लिबर्टी) प्रमुखता से दिखाई गई।
- चित्रों में राजशाही और निरंकुश संस्थानों के अवशेष बिखरे हुए दिखाए गए हैं, जो लोगों द्वारा उन्हें उखाड़ फेंकने का प्रतीक हैं।
- यह कल्पना यूरोप में स्वतंत्रता के लिए संघर्ष और राष्ट्रवाद के उदय की पृष्ठभूमि तैयार करती है।
- 1789 की फ्रांसीसी क्रांति ने फ्रांस में राजशाही को समाप्त कर दिया और सत्ता आम नागरिकों को हस्तांतरित कर दी।
- क्रांति ने 'ला पैट्री' (राष्ट्र) और 'ले सिटोयन' (नागरिक) जैसे विचारों को बढ़ावा दिया, समानता और एकता पर जोर दिया।
- एक नया फ्रांसीसी ध्वज, राष्ट्रीय गान और प्रशासनिक सुधारों ने राष्ट्रीय पहचान को मजबूत किया।
- 1799 में नेपोलियन बोनापार्ट के उदय ने कुछ गणतांत्रिक आदर्शों को बनाए रखा लेकिन अंततः सत्ता को केंद्रीकृत कर दिया।
- 18वीं सदी के मध्य में यूरोप में राष्ट्र-राज्यों के बजाय बड़े साम्राज्य थे, जिनमें विभिन्न भाषा और संस्कृति के लोग रहते थे।
- समाज मुख्य रूप से अभिजात वर्ग (धनी, जमीनदार) और किसानों में विभाजित था।
- औद्योगिक क्रांति के कारण एक नए 'मध्य वर्ग' का उदय हुआ, जिसमें व्यवसायी, उद्योगपति और पेशेवर शामिल थे।
- यह मध्य वर्ग उदारवादी राष्ट्रवाद के विचारों का समर्थक था, जिसमें संवैधानिक सरकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मांग की गई।
- उदारवादी राष्ट्रवाद स्वतंत्रता पर जोर देता था, जिसमें कानून के समक्ष समानता, संवैधानिक सरकार और प्रेस की स्वतंत्रता शामिल थी।
- हालांकि, मध्य वर्ग ने केवल संपत्ति वाले पुरुषों के लिए मताधिकार की मांग की, महिलाओं और बिना संपत्ति वालों को बाहर रखा।
- व्यापारियों को विभिन्न जर्मन राज्यों के बीच यात्रा करते समय कई सीमा शुल्क बाधाओं और विभिन्न मुद्राओं (लगभग 30) का सामना करना पड़ता था।
- 1834 में प्रशिया के नेतृत्व में 'ज़ोलवेरिन' (सीमा शुल्क संघ) का गठन हुआ, जिसने व्यापार बाधाओं को समाप्त कर दिया और मुद्राओं को कम कर दिया, जिससे आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिला।
- 1815 में वाटरलू की लड़ाई में नेपोलियन की हार के बाद, यूरोपीय सरकारें रूढ़िवादी बन गईं।
- रूढ़िवादी शासक राजशाही, चर्च की शक्ति और सामाजिक पदानुक्रम को बहाल करना चाहते थे, और वे बदलावों को दबाना चाहते थे।
- उन्होंने सेंसरशिप लागू की और राजनीतिक गतिविधियों को दबाने के लिए गुप्त पुलिस का इस्तेमाल किया।
- 1815 की वियना संधि ने यूरोप के राजनीतिक मानचित्र को फिर से तैयार किया, जिसमें फ्रांस में बर्बन राजवंश की बहाली और अन्य क्षेत्रों पर नियंत्रण शामिल था।
- रूढ़िवादी शासन के विरोध में, गुप्त समाज उभरे जिन्होंने उदारवादी और राष्ट्रवादी विचारों का प्रचार किया।
- ग्यूसेप मैज़िनी जैसे क्रांतिकारियों ने इटली में 'यंग इटली' और यूरोप में 'यंग यूरोप' जैसे गुप्त संगठनों की स्थापना की।
- 1830 की जुलाई क्रांति ने फ्रांस में बर्बन राजवंश को उखाड़ फेंका और संवैधानिक राजशाही की स्थापना की।
- इस क्रांति ने बेल्जियम को नीदरलैंड से स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया और ग्रीस के स्वतंत्रता संग्राम को भी बढ़ावा दिया।
- राष्ट्रवाद केवल क्षेत्रीय विस्तार या राजनीतिक शक्ति से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आंदोलन से भी विकसित हुआ।
- रोमांटिसिज़्म एक सांस्कृतिक आंदोलन था जिसने तर्क और विज्ञान के बजाय भावनाओं, अंतर्ज्ञान और रहस्यवाद पर जोर दिया।
- कलाकारों, कवियों और संगीतकारों ने स्थानीय लोक कथाओं, लोकगीतों और लोक नृत्यों को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय भावना को जगाने का प्रयास किया।
- भाषा ने भी राष्ट्रीय भावना को जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जैसा कि पोलैंड के मामले में देखा गया, जहाँ रूसी शासन के बावजूद पोलिश भाषा को जीवित रखा गया।
- 1848 से पहले यूरोप में जनसंख्या वृद्धि, बेरोजगारी और खराब फसलों के कारण व्यापक आर्थिक कठिनाई थी।
- पेरिस में, भूख और बेरोजगारी से त्रस्त लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे राजा लुई फिलिप को भागना पड़ा।
- फ्रांस को एक गणराज्य घोषित किया गया और सभी वयस्क पुरुषों को वोट देने का अधिकार मिला, साथ ही काम करने का अधिकार भी दिया गया।
- सिलेसिया में, बुनकरों ने ठेकेदारों के खिलाफ विद्रोह किया, जिन्होंने उनके उत्पादों की कीमतें कम कर दी थीं, जिससे हिंसा हुई।
- 1848 में, मध्य वर्ग के उदारवादियों ने राष्ट्र-राज्यों की स्थापना और संसदीय सिद्धांतों (संवैधानिक सरकार, प्रेस की स्वतंत्रता) की मांग करते हुए क्रांति का नेतृत्व किया।
- जर्मन क्षेत्रों में, फ्रैंकफर्ट पार्लियामेंट का गठन किया गया, जिसने एक एकीकृत जर्मनी के लिए संविधान का मसौदा तैयार किया।
- हालांकि, यह आंदोलन किसानों, श्रमिकों और कारीगरों के समर्थन के बिना कमजोर पड़ गया, जिन्होंने अपनी मांगों को नजरअंदाज महसूस किया।
- प्रशिया के राजा फ्रेडरिक विलियम चतुर्थ ने ताज स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिससे यह प्रयास विफल हो गया, लेकिन इसने राजशाही को कुछ रियायतें देने पर मजबूर किया।
- जर्मनी का एकीकरण प्रशिया के नेतृत्व में हुआ, जिसका मुख्य वास्तुकार ऑटोमन बिस्मार्क था।
- बिस्मार्क ने ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और फ्रांस के खिलाफ युद्धों के माध्यम से जर्मन राज्यों को एकीकृत किया।
- 1871 में विलियम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया गया, जिससे जर्मनी का एकीकरण पूरा हुआ।
- इटली का एकीकरण भी कई चरणों में हुआ, जिसमें सार्डिनिया-पीडमोंट की भूमिका प्रमुख थी, और अंततः 1861 में विक्टर इमैनुएल द्वितीय को इटली का राजा बनाया गया।
- ब्रिटेन का एकीकरण एक लंबी प्रक्रिया थी, जिसमें कोई अचानक क्रांति या युद्ध शामिल नहीं था।
- इंग्लैंड ने वेल्स (1565 के बाद), स्कॉटलैंड (1707 के एक्ट ऑफ यूनियन द्वारा), और आयरलैंड (1801 में बलपूर्वक) को अपने में मिला लिया।
- 1688 की क्रांति के बाद इंग्लैंड में संसद की शक्ति बढ़ी, और इसने राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने के लिए ब्रिटिश झंडे, राष्ट्रगान और अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा दिया।
- आयरलैंड का एकीकरण विशेष रूप से बलपूर्वक था, जिसमें प्रोटेस्टेंट अल्पसंख्यकों का समर्थन करके कैथोलिक बहुमत पर शासन स्थापित किया गया।
- 18वीं और 19वीं शताब्दी में कलाकारों ने राष्ट्रों को मानवीकृत करने के लिए रूपक (एलेगरी) का इस्तेमाल किया।
- ये रूपक अक्सर स्त्री आकृतियाँ होती थीं जो राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करती थीं, जैसे फ्रांस के लिए 'मारियान' और जर्मनी के लिए 'जर्मेनिया'।
- इन प्रतीकों का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रीय भावना और एकता की भावना को जगाना था।
- मारियान की प्रतिमाओं को सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया गया ताकि लोग उन्हें देखकर अपनी राष्ट्रीय पहचान को याद रख सकें।
- 19वीं सदी के अंत तक, राष्ट्रवाद अक्सर साम्राज्यवाद में बदल गया, जहाँ शक्तिशाली राष्ट्र कमजोर राष्ट्रों पर हावी होने लगे।
- बाल्कन क्षेत्र, जो कभी ऑटोमन साम्राज्य का हिस्सा था, विभिन्न जातीय समूहों और यूरोपीय शक्तियों के बीच संघर्ष का केंद्र बन गया।
- राष्ट्रवादी महत्वाकांक्षाओं और यूरोपीय शक्तियों के हस्तक्षेप के कारण बाल्कन क्षेत्र में तनाव बढ़ा, जो अंततः प्रथम विश्व युद्ध का कारण बना।
- राष्ट्रवाद को साम्राज्यवाद के साथ जोड़ना विनाशकारी साबित हुआ, जिससे बड़े पैमाने पर संघर्ष और उपनिवेशवाद को बढ़ावा मिला।
Key takeaways
- राष्ट्रवाद केवल राजनीतिक शक्ति का मामला नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक, भाषाई और भावनात्मक पहचान से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।
- मध्य वर्ग का उदय और उदारवादी विचारों का प्रसार राष्ट्र-राज्यों के गठन में महत्वपूर्ण कारक थे।
- क्रांतियाँ और गुप्त समाज रूढ़िवादी व्यवस्था को चुनौती देने और राष्ट्रीय स्वतंत्रता की मांग करने में प्रभावी थे।
- सांस्कृतिक प्रतीक, जैसे कि रूपक और लोकगीत, लोगों में राष्ट्रीय भावना को जगाने और मजबूत करने में सहायक होते हैं।
- आर्थिक एकीकरण, जैसे कि सीमा शुल्क संघों का गठन, राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- राष्ट्रवाद का अतिवाद, साम्राज्यवाद के रूप में, संघर्ष और युद्ध का कारण बन सकता है।
Key terms
Test your understanding
- फ्रांसीसी क्रांति ने राष्ट्रवाद के विचारों को कैसे प्रभावित किया?
- उदारवादी राष्ट्रवाद की मुख्य मांगें क्या थीं और इसमें क्या सीमाएँ थीं?
- 1815 के बाद रूढ़िवादी सरकारों ने राष्ट्रवाद को दबाने के लिए क्या तरीके अपनाए?
- सांस्कृतिक आंदोलन और भाषा ने यूरोप में राष्ट्रीय भावना को जगाने में कैसे योगदान दिया?
- जर्मनी और इटली के एकीकरण में प्रमुख भूमिका निभाने वाले व्यक्ति और घटनाएँ कौन सी थीं?