CTET September 2026 | CTET Maths Paper 2 | CTET Maths Paper 1 | CTET Maths Preparation | CTET Maths
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CTET September 2026 | CTET Maths Paper 2 | CTET Maths Paper 1 | CTET Maths Preparation | CTET Maths

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6 chapters5 takeaways9 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो सीटीईटी परीक्षा के लिए लाभ और हानि (प्रॉफिट एंड लॉस) चैप्टर को कवर करती है। इसमें लाभ और हानि की मूल अवधारणाओं, क्रय मूल्य (सीपी) और विक्रय मूल्य (एसपी) के बीच अंतर, और लाभ/हानि प्रतिशत की गणना को समझाया गया है। वीडियो बिना किसी फॉर्मूले के कॉन्सेप्ट को समझने पर जोर देती है और विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने के तरीके बताती है, जिसमें अनुपात-आधारित प्रश्न और मिश्रित भिन्न वाले प्रश्न शामिल हैं। यह सीटीईटी पेपर 1 और पेपर 2 दोनों के लिए उपयोगी है।

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Chapters

  • लाभ और हानि सीटीईटी परीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण गणितीय अध्याय है।
  • इस अध्याय को बिना किसी फॉर्मूले के कॉन्सेप्ट को समझकर हल किया जा सकता है।
  • वीडियो में लाभ और हानि से संबंधित रीसेंट और पिछले वर्षों के प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे।
लाभ और हानि की मूल बातें समझना गणितीय समस्याओं को हल करने के लिए एक मजबूत नींव प्रदान करता है, खासकर सीटीईटी जैसी परीक्षाओं के लिए।
एक पेन जिसे ₹10 में खरीदा गया और ₹5 में बेचा गया, जिससे ₹5 का नुकसान हुआ।
  • क्रय मूल्य (CP) वह मूल्य है जिस पर कोई वस्तु खरीदी जाती है।
  • विक्रय मूल्य (SP) वह मूल्य है जिस पर कोई वस्तु बेची जाती है।
  • यदि SP, CP से अधिक है, तो लाभ होता है।
  • यदि CP, SP से अधिक है, तो हानि होती है।
CP और SP के बीच का अंतर यह निर्धारित करता है कि कोई लेन-देन लाभदायक है या हानिकारक, जो किसी भी व्यावसायिक या व्यक्तिगत वित्तीय निर्णय का आधार है।
₹10 में खरीदी गई वस्तु को ₹20 में बेचने पर लाभ होता है, जबकि ₹10 में खरीदी गई वस्तु को ₹5 में बेचने पर हानि होती है।
  • लाभ या हानि प्रतिशत हमेशा क्रय मूल्य (CP) पर निकाला जाता है।
  • लाभ प्रतिशत = (लाभ / CP) * 100
  • हानि प्रतिशत = (हानि / CP) * 100
  • लाभ या हानि की राशि की गणना SP और CP के अंतर से की जाती है।
प्रतिशत की गणना यह समझने में मदद करती है कि लाभ या हानि निवेश के सापेक्ष कितना महत्वपूर्ण है, जिससे बेहतर वित्तीय निर्णय लिए जा सकते हैं।
₹615 में खरीदी गई वस्तु को ₹820 में बेचने पर ₹205 का लाभ होता है, जिसका प्रतिशत लाभ (205/615)*100 के रूप में निकाला जाता है।
  • जब CP और SP का अनुपात दिया जाता है, तो लाभ या हानि की गणना आसानी से की जा सकती है।
  • CP और SP के अनुपात से लाभ या हानि की इकाई (unit) निकाली जाती है।
  • लाभ/हानि प्रतिशत की गणना CP की इकाई पर की जाती है।
अनुपात-आधारित प्रश्न यह दर्शाते हैं कि कैसे विभिन्न मात्राओं के बीच संबंध लाभ या हानि की गणना को सरल बना सकता है, जो अमूर्त सोच को बढ़ावा देता है।
यदि CP और SP का अनुपात 7:8 है, तो 1 यूनिट का लाभ हुआ है, जिसकी गणना CP (7) पर की जाएगी।
  • मिश्रित भिन्न (mixed fraction) वाले प्रतिशत को पहले साधारण भिन्न (improper fraction) में बदला जाता है।
  • भिन्न के हर (denominator) को CP माना जाता है और अंश (numerator) को लाभ या हानि।
  • SP की गणना CP और लाभ/हानि के आधार पर की जाती है।
यह खंड जटिल प्रतिशत को सरल भिन्नों में बदलने की क्षमता विकसित करता है, जिससे कठिन समस्याओं को हल करने की विश्लेषणात्मक क्षमता बढ़ती है।
6 2/3% लाभ को 1/15 के रूप में बदला जाता है, जहाँ CP 15 यूनिट और लाभ 1 यूनिट है, जिससे SP 16 यूनिट हो जाता है।
  • जब दो वस्तुएं खरीदी या बेची जाती हैं, तो प्रत्येक वस्तु के लिए अलग-अलग CP और SP की गणना की जाती है।
  • कुल CP और कुल SP की गणना करके समग्र लाभ या हानि प्रतिशत निकाला जाता है।
  • दशमलव (decimal) वाले प्रतिशत को भी साधारण भिन्न में बदलकर हल किया जा सकता है।
यह खंड जटिल परिदृश्यों को संभालने की क्षमता विकसित करता है, जहाँ कई चर शामिल होते हैं, जिससे समस्या-समाधान कौशल में सुधार होता है।
एक वस्तु को 15% हानि पर और दूसरी को 12% लाभ पर बेचने के बाद, कुल लाभ प्रतिशत की गणना दोनों वस्तुओं के व्यक्तिगत CP और SP के आधार पर की जाती है।

Key takeaways

  1. 1लाभ और हानि की गणना के लिए क्रय मूल्य (CP) सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
  2. 2फॉर्मूलों को रटने के बजाय, लाभ और हानि के पीछे के तर्क (logic) को समझना अधिक प्रभावी है।
  3. 3अनुपात और प्रतिशत को सरल भिन्नों में बदलना जटिल लाभ-हानि समस्याओं को हल करने की कुंजी है।
  4. 4किसी वस्तु पर हुए लाभ या हानि की मात्रा को उसके क्रय मूल्य के सापेक्ष प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है।
  5. 5मिश्रित भिन्न या दशमलव में दिए गए प्रतिशत को हल करने से पहले उन्हें सरल भिन्न में परिवर्तित करना चाहिए।

Key terms

लाभ (Profit)हानि (Loss)क्रय मूल्य (Cost Price - CP)विक्रय मूल्य (Selling Price - SP)लाभ प्रतिशत (Profit Percentage)हानि प्रतिशत (Loss Percentage)अनुपात (Ratio)मिश्रित भिन्न (Mixed Fraction)इकाई विधि (Unitary Method)

Test your understanding

  1. 1लाभ और हानि प्रतिशत की गणना करते समय क्रय मूल्य (CP) को आधार क्यों माना जाता है?
  2. 2यदि किसी वस्तु का विक्रय मूल्य (SP) उसके क्रय मूल्य (CP) से अधिक है, तो लाभ की गणना कैसे की जाती है?
  3. 3अनुपात-आधारित लाभ और हानि प्रश्नों को हल करने के लिए आप किस विधि का उपयोग करेंगे?
  4. 4मिश्रित भिन्न में दिए गए लाभ प्रतिशत को हल करने के लिए पहला कदम क्या होना चाहिए?
  5. 5दो अलग-अलग वस्तुओं के लेन-देन में कुल लाभ या हानि प्रतिशत की गणना कैसे की जाती है?

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