
प्रमुख पर्यावरण सम्मेलन एवं प्रोटोकॉल | Environment conference | Ramsar conversation
Trick Point
Overview
यह वीडियो पर्यावरण से संबंधित प्रमुख सम्मेलनों, संधियों और प्रोटोकॉल की जानकारी देता है। इसमें रामसर कन्वेंशन, स्टॉकहोम सम्मेलन, सिटीज, वलैंड रिपोर्ट, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल, जैव विविधता संधि, पृथ्वी सम्मेलन, क्योटो प्रोटोकॉल, कार्टाजेना प्रोटोकॉल और जिनेवा प्रोटोकॉल जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। प्रत्येक सम्मेलन के उद्देश्य, वर्ष, स्थान और मुख्य बिंदुओं को समझाया गया है, साथ ही याद रखने के लिए ट्रिक्स भी बताई गई हैं। वीडियो का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इन महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौतों को आसानी से समझने और याद रखने में मदद करना है।
Save this permanently with flashcards, quizzes, and AI chat
Chapters
- यह आद्र भूमि (wetlands) के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग के लिए एक अंतरराष्ट्रीय संधि है।
- इसकी स्थापना 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर शहर में हुई थी।
- यह 1975 में विश्व स्तर पर लागू हुई और भारत ने 1982 में हस्ताक्षर किए।
- वर्तमान में भारत में 99 रामसर स्थल हैं, जिनमें शेखा झील पक्षी अभयारण्य नवीनतम है।
- यह 5 जून 1972 को स्टॉकहोम, स्वीडन में संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित किया गया था।
- इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के लिए वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और विकास व पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना था।
- इसके प्रमुख परिणाम स्टॉकहोम घोषणा, UNEP (United Nations Environment Programme) की स्थापना और 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस घोषित करना थे।
- इंदिरा गांधी ने इस सम्मेलन में कहा था, 'Poverty is the biggest polluter' (गरीबी सबसे बड़ा प्रदूषक है)।
- यह सरकारों के बीच एक समझौता है जो संकटग्रस्त प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित और प्रतिबंधित करता है।
- इसकी पहली बैठक 3 मार्च 1973 को वाशिंगटन डीसी में हुई और यह 1 जुलाई 1975 से लागू हुई।
- इसके मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त प्रजातियों की रक्षा करना, अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करना और जैव विविधता का संरक्षण करना है।
- यह रिपोर्ट 1987 में 'वर्ल्ड कमीशन ऑन एनवायरमेंट एंड डेवलपमेंट' द्वारा 'आवर कॉमन फ्यूचर' (Our Common Future) नाम से जारी की गई थी।
- इस रिपोर्ट ने 'सतत विकास' (Sustainable Development) की अवधारणा को परिभाषित किया: ऐसा विकास जो वर्तमान की जरूरतों को भविष्य की पीढ़ियों की क्षमता से समझौता किए बिना पूरा करे।
- सतत विकास लक्ष्य (SDGs) 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए और 2030 तक इन्हें हासिल करने का लक्ष्य है।
- यह एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिस पर 16 सितंबर 1987 को मॉन्ट्रियल, कनाडा में हस्ताक्षर किए गए थे।
- इसका मुख्य लक्ष्य ओजोन परत को नष्ट करने वाले रसायनों, जैसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), के उत्पादन और उपयोग को समाप्त करना है।
- 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है।
- जैव विविधता संधि (CBD) 1992 में रियो डी जनेरियो, ब्राजील में हुई, जिसका उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, सतत उपयोग और लाभों का न्यायपूर्ण वितरण है।
- भारत ने 1992 में हस्ताक्षर किए और यह 1994 से लागू हुई।
- पृथ्वी सम्मेलन (Earth Summit) भी जून 1992 में रियो डी जनेरियो में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य पर्यावरण और विकास के मुद्दों पर चर्चा करना और सतत विकास के लिए वैश्विक योजना बनाना था।
- जैव विविधता पारिस्थितिकी संतुलन, खाद्य व औषधि स्रोत, आर्थिक विकास और मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।
- क्योटो प्रोटोकॉल 1997 में जापान में अपनाया गया और 2005 से लागू हुआ। इसका उद्देश्य ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना है।
- कार्टाजेना प्रोटोकॉल (Cartagena Protocol) 2000 में मॉन्ट्रियल, कनाडा में आया और सितंबर 2003 से लागू हुआ। यह जैव विविधता संधि के तहत जीवित परिवर्तित जीवों (LMOs) के सुरक्षित उपयोग और व्यापार को नियंत्रित करता है।
- भारत 23 जनवरी 2003 को कार्टाजेना प्रोटोकॉल का सदस्य बना।
- यह 1925 की एक अंतरराष्ट्रीय संधि है।
- इसका मुख्य उद्देश्य रासायनिक और जैविक हथियारों के उपयोग को प्रतिबंधित करना है।
- यह युद्ध में ऐसे अमानवीय हथियारों के विकास, भंडारण और उपयोग पर रोक लगाता है, जिसका उद्देश्य मानवता की रक्षा करना है।
Key takeaways
- पर्यावरण संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है, जैसा कि विभिन्न सम्मेलनों और प्रोटोकॉल से स्पष्ट होता है।
- सतत विकास की अवधारणा भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल देती है।
- ओजोन परत और जैव विविधता का संरक्षण वैश्विक स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए अनिवार्य है।
- अंतरराष्ट्रीय संधियाँ संकटग्रस्त प्रजातियों और खतरनाक रसायनों के व्यापार को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना एक वैश्विक प्राथमिकता है।
- मानवता की रक्षा के लिए रासायनिक और जैविक हथियारों का निषेध आवश्यक है।
Key terms
Test your understanding
- रामसर कन्वेंशन का मुख्य उद्देश्य क्या है और यह कब स्थापित हुआ?
- स्टॉकहोम सम्मेलन के प्रमुख परिणाम क्या थे और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
- CITES संधि संकटग्रस्त प्रजातियों की सुरक्षा में कैसे मदद करती है?
- सतत विकास की अवधारणा को वलैंड रिपोर्ट ने कैसे परिभाषित किया?
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का मुख्य लक्ष्य क्या था और यह किस रसायन से संबंधित था?
- क्योटो प्रोटोकॉल और कार्टाजेना प्रोटोकॉल के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?
- जिनेवा प्रोटोकॉल किस प्रकार के हथियारों पर प्रतिबंध लगाता है?