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भारत की प्रमुख चोटियां एवं पहाड़ियां :- GS for SSC CGL, CHSL, CPO 2025 | Geography By Aarooshi Ma'am
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भारत की प्रमुख चोटियां एवं पहाड़ियां :- GS for SSC CGL, CHSL, CPO 2025 | Geography By Aarooshi Ma'am

RWA SSC EXAMS

5 chapters5 takeaways13 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो भारत की प्रमुख चोटियों और पहाड़ियों पर केंद्रित है, विशेष रूप से शिवालिक हिमालय और उत्तर-पूर्वी पहाड़ियों (पूर्वांचल हिल्स) पर। इसमें हिमालय के विभिन्न भागों, उनके नामों, विशेषताओं, और भारत के भौतिक विभाजन पर भी चर्चा की गई है। वीडियो में महत्वपूर्ण शब्दावली, परीक्षा-उन्मुख नोट्स और नदियों के आधार पर हिमालय के विभाजन को विस्तार से समझाया गया है, जिसमें विभिन्न हिमालयी क्षेत्रों की लंबाई और उनके बीच स्थित नदियाँ शामिल हैं। अंत में, उत्तर-पूर्वी भारत की पहाड़ियों का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिसमें प्रत्येक पहाड़ी का स्थान और उससे संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य शामिल हैं।

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Chapters

  • शिवालिक हिमालय को बाह्य हिमालय या आउटर हिमालय के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह हिमालय की सबसे दक्षिणतम और सबसे नवीनतम (यंगेस्ट) पर्वत श्रेणी है।
  • इसकी औसत चौड़ाई लगभग 50 किलोमीटर और औसत ऊँचाई 600 से 1200 मीटर के बीच होती है।
  • लघु या मध्य हिमालय, शिवालिक हिमालय से मेन बाउंड्री फॉल्ट (Main Boundary Fault) द्वारा अलग होता है।
शिवालिक हिमालय की संरचना और स्थिति को समझना भारत की भौगोलिक विविधता और हिमालय के निर्माण की प्रक्रिया को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
देहरादून जैसी घाटियाँ निम्न हिमालय और शिवालिक हिमालय के बीच स्थित हैं, जिन्हें 'दून' कहा जाता है।
  • हिमालय का विस्तार भारत के 11 राज्यों में फैला हुआ है, जिनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और उत्तर-पूर्वी राज्य शामिल हैं।
  • बिहार राज्य भारतीय हिमालय क्षेत्र में स्थित नहीं है।
  • हिमालय एक नवीन वलित पर्वत (New Fold Mountain) का उदाहरण है।
  • विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट है, जबकि भारत में स्थित हिमालय की सबसे ऊंची चोटी कंचनजंघा है।
  • के2, जिसे विश्व की दूसरी सबसे ऊंची चोटी माना जाता है, पाक अधिकृत कश्मीर में काराकोरम श्रेणी पर स्थित है।
यह जानकारी भारत की भौगोलिक सीमा और विभिन्न राज्यों पर हिमालय के प्रभाव को समझने में मदद करती है, साथ ही महत्वपूर्ण चोटियों की स्थिति स्पष्ट करती है।
माउंट एवरेस्ट को नेपाल में 'सागरमाथा' के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ 'पर्वतों की रानी' है।
  • भौतिक रचना और धरातल के स्वरूप के आधार पर भारत को छह प्रमुख भौतिक भागों या क्षेत्रों में बांटा गया है।
  • ये छह क्षेत्र हैं: उत्तर का पर्वतीय क्षेत्र, उत्तर भारत का विशाल मैदान, मरुस्थलीय प्रदेश, प्रायद्वीपीय पठार, तटीय मैदान और द्वीप समूह।
  • यह विभाजन मुख्य रूप से ऑब्जेक्टिव परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जहाँ केवल संख्या (छह) पूछी जाती है।
भारत को भौतिक भागों में विभाजित करना देश की विविध स्थलाकृति और भौगोलिक विशेषताओं को व्यवस्थित रूप से समझने का एक तरीका है।
यह विभाजन केवल छह क्षेत्रों की गिनती के रूप में परीक्षाओं में पूछा जाता है, जैसे कि भारत को कितने भौतिक भागों में बांटा गया है।
  • पूर्वांचल हिल्स उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों में फैली हुई हैं और इनमें विभिन्न पहाड़ियों की श्रृंखलाएं शामिल हैं।
  • अरुणाचल प्रदेश में डफला, मिरी, अबोर, मिशमी और पटकोई बूम पहाड़ियां स्थित हैं।
  • नागालैंड में नागा हिल्स और कोहिमा हिल्स, मणिपुर में मणिपुर हिल्स और लेमाटोल हिल्स पाई जाती हैं।
  • मेघालय में गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियां प्रमुख हैं, जबकि असम में मिकिर, रेगमा, ब्राइल, नीलांचल और बमनी हिल्स स्थित हैं।
  • पटकोई बूम पहाड़ी भारत के पूर्वी भाग में स्थित है।
उत्तर-पूर्वी भारत की पहाड़ियों का ज्ञान इस क्षेत्र की अनूठी भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान को समझने के लिए आवश्यक है।
मेघालय की गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियों पर खासी जनजाति निवास करती है, और यहीं पर दुनिया में सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान मासिनराम स्थित है।
  • हिमालय का नदियों के आधार पर विभाजन सिडनी बुर्र नामक व्यक्ति ने किया था।
  • यह विभाजन चार मुख्य भागों में किया गया है: पंजाब हिमालय, कुमाऊँ हिमालय, नेपाल हिमालय और असम हिमालय।
  • पंजाब हिमालय सिंधु और सतलुज नदियों के बीच स्थित है और इसे कश्मीर हिमालय भी कहते हैं।
  • कुमाऊँ हिमालय सतलुज और काली नदियों के बीच स्थित है और इसकी सबसे ऊंची चोटी नंदा देवी है।
  • नेपाल हिमालय काली और तिस्ता नदियों के बीच स्थित है और यह सबसे लंबा हिमालयी क्षेत्र है, जबकि असम हिमालय तिस्ता और दिहांग नदियों के बीच स्थित है।
नदियों के आधार पर हिमालय का विभाजन भूवैज्ञानिक और भौगोलिक अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण वर्गीकरण है, जो विभिन्न क्षेत्रों की पहचान और विशेषताओं को समझने में मदद करता है।
सिंधु, सतलुज और ब्रह्मपुत्र (दिहांग) नदियाँ तिब्बत के एक ही क्षेत्र से निकलती हैं, जो हिमालय के विभाजन को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

Key takeaways

  1. 1शिवालिक हिमालय, हिमालय की सबसे बाहरी और सबसे नई पर्वत श्रृंखला है।
  2. 2भारत में हिमालय का विस्तार 11 राज्यों में है, और यह एक नवीन वलित पर्वत का उदाहरण है।
  3. 3भारत को भौतिक रचना के आधार पर छह प्रमुख क्षेत्रों में बांटा गया है।
  4. 4पूर्वांचल हिल्स उत्तर-पूर्वी भारत की पहाड़ियों का समूह है, जिसमें गारो, खासी, जयंतिया, नागा, मिजो जैसी प्रमुख पहाड़ियां शामिल हैं।
  5. 5हिमालय को नदियों के आधार पर चार मुख्य क्षेत्रों (पंजाब, कुमाऊँ, नेपाल, असम) में विभाजित किया गया है, जो विशिष्ट नदियों के बीच स्थित हैं।

Key terms

शिवालिक हिमालयबाह्य हिमालयनवीन वलित पर्वतमेन बाउंड्री फॉल्टदून घाटीकंचनजंघापूर्वांचल हिल्सगारो खासी जयंतियासिडनी बुर्रपंजाब हिमालयकुमाऊँ हिमालयनेपाल हिमालयअसम हिमालय

Test your understanding

  1. 1शिवालिक हिमालय की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं और यह अन्य हिमालयी श्रेणियों से कैसे भिन्न है?
  2. 2भारत में हिमालय का विस्तार किन-किन राज्यों में है और कौन सा प्रमुख राज्य इसमें शामिल नहीं है?
  3. 3पूर्वांचल हिल्स के अंतर्गत आने वाली किन्हीं तीन प्रमुख पहाड़ियों के नाम और उनके राज्यों के बारे में बताएं।
  4. 4हिमालय को नदियों के आधार पर कितने भागों में विभाजित किया गया है और वे कौन-कौन से हैं?
  5. 5कुमाऊँ हिमालय की सबसे ऊंची चोटी कौन सी है और यह किन दो नदियों के बीच स्थित है?

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