
Basics of Pronoun | Pronoun | Basic English Grammar for Beginners | English By Shiv Sir
PW Sarkari Naukri
Overview
यह वीडियो प्रोनाउन (सर्वनाम) की मूल बातें और उसके प्रकारों को समझने के लिए एक विस्तृत गाइड है। शिक्षक, शिव शुक्ला सर, प्रोनाउन की परिभाषा, इसके उपयोग के कारण, और विभिन्न प्रकारों जैसे पर्सनल, रिफ्लेक्सिव, रिलेटिव, इंटेरोगेटिव, इंडेफिनेट, डेमोंस्ट्रेटिव, डिस्ट्रीब्यूटिव, एक्सक्लमेटरी और पजेसिव प्रोनाउन की व्याख्या करते हैं। प्रत्येक प्रकार को उदाहरणों के साथ समझाया गया है, जिससे छात्रों को अंग्रेजी व्याकरण के इस महत्वपूर्ण हिस्से को समझने में मदद मिलती है। वीडियो का उद्देश्य छात्रों को प्रोनाउन के कॉन्सेप्ट्स को स्पष्ट करना और परीक्षा के लिए तैयार करना है।
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Chapters
- वीडियो की शुरुआत छात्रों के अभिवादन और क्लास की स्पष्टता की जांच से होती है।
- पिछले लेक्चर में पढ़ाए गए टॉपिक्स जैसे इंट्रोडक्शन ऑफ इंग्लिश, वोकैब, सेंटेंस, पार्ट्स ऑफ स्पीच और नाउन का संक्षिप्त रिकैप दिया जाता है।
- यह बताया जाता है कि ये क्लासेस बेसिक इंग्लिश ग्रामर के लिए हैं और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी हैं।
- छात्रों को क्लास शेयर करने और दोस्तों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- प्रोनाउन एक ऐसा शब्द है जो नाउन (संज्ञा) के स्थान पर प्रयोग किया जाता है।
- प्रोनाउन का मुख्य उद्देश्य नाउन के दोहराव (repetition) से बचना है।
- उदाहरण के तौर पर, 'महेश इज अ स्टूडेंट' के बाद 'ही रीड्स इन 12th क्लास' में 'ही' प्रोनाउन है जो 'महेश' को रिप्लेस करता है।
- प्रोनाउन वाक्य में सब्जेक्ट (कर्ता) का कार्य कर सकता है।
- प्रोनाउन वाक्य में ऑब्जेक्ट (कर्म) का कार्य कर सकता है।
- प्रोनाउन कॉम्प्लीमेंट (पूरक) का कार्य भी कर सकता है, खासकर लिंकिंग वर्ब के बाद।
- प्रोनाउन के मुख्य प्रकारों की सूची दी गई है: पर्सनल, रिफ्लेक्सिव/एफैटिक, रिलेटिव, इंटेरोगेटिव, इंडेफिनेट, डेमोंस्ट्रेटिव, डिस्ट्रीब्यूटिव, एक्सक्लमेटरी और पजेसिव प्रोनाउन।
- प्रत्येक प्रकार के प्रोनाउन को आगे विस्तार से समझाया जाएगा।
- यह जानना महत्वपूर्ण है कि प्रोनाउन के विभिन्न प्रकार क्या हैं ताकि उनके विशिष्ट उपयोगों को समझा जा सके।
- पर्सनल प्रोनाउन वे प्रोनाउन होते हैं जो व्यक्तियों या कभी-कभी वस्तुओं के नामों के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं।
- पर्सनल प्रोनाउन तीन प्रकार के होते हैं: फर्स्ट पर्सन (बोलने वाला - I, we), सेकंड पर्सन (सुनने वाला - you), और थर्ड पर्सन (जिसके बारे में बात हो रही है - he, she, it, they)।
- प्रत्येक पर्सन के लिए सब्जेक्टिव, ऑब्जेक्टिव और पजेसिव केस होते हैं।
- ये प्रोनाउन 'सेल्फ' (एकवचन) या 'सेल्व्स' (बहुवचन) जोड़कर बनाए जाते हैं।
- रिफ्लेक्सिव प्रोनाउन वाक्य में सब्जेक्ट पर क्रिया के प्रभाव को दर्शाते हैं (जैसे: I hurt myself)।
- एफैटिक प्रोनाउन सब्जेक्ट पर जोर देने के लिए प्रयोग होते हैं (जैसे: I myself completed the work)।
- रिलेटिव प्रोनाउन दो वाक्यों या खंडों को जोड़ते हैं और अपने से पहले आने वाले नाउन (एंटीसिडेंट) को संदर्भित करते हैं।
- मुख्य रिलेटिव प्रोनाउन हैं: who (व्यक्तियों के लिए सब्जेक्ट), whom (व्यक्तियों के लिए ऑब्जेक्ट), whose (पजेसिव), which (वस्तुओं/जानवरों के लिए), that (व्यक्तियों/वस्तुओं के लिए)।
- एंटीसिडेंट के अनुसार वर्ब का प्रयोग किया जाता है।
- ये प्रोनाउन प्रश्न पूछने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
- मुख्य इंटेरोगेटिव प्रोनाउन हैं: who, whom, whose, which, what।
- ये अक्सर वाक्यों की शुरुआत में आते हैं और प्रश्नवाचक चिह्न (?) के साथ समाप्त होते हैं।
- ये प्रोनाउन किसी विशेष व्यक्ति या वस्तु को संदर्भित नहीं करते हैं, बल्कि अनिश्चितता दर्शाते हैं।
- इन्हें 'वन' या 'बडी' वाले शब्दों (जैसे someone, anybody, everyone) और 'थिंग' वाले शब्दों (जैसे something, nothing, anything) से पहचाना जा सकता है।
- ये हमेशा सिंगुलर फॉर्म में प्रयोग होते हैं।
- डेमोंस्ट्रेटिव प्रोनाउन किसी व्यक्ति या वस्तु की ओर इशारा करते हैं (This, That, These, Those)।
- डिस्ट्रीब्यूटिव प्रोनाउन एक समूह में से व्यक्तिगत सदस्यों को संदर्भित करते हैं (Each, Either, Neither)।
- डेमोंस्ट्रेटिव प्रोनाउन के बाद वर्ब आती है, जबकि डेमोंस्ट्रेटिव एडजेक्टिव के बाद नाउन आता है।
- एक्सक्लमेटरी प्रोनाउन विस्मय या आश्चर्य व्यक्त करने के लिए उपयोग किए जाते हैं (जैसे What, How)।
- पजेसिव प्रोनाउन स्वामित्व या संबंध दर्शाते हैं और नाउन को रिप्लेस करते हैं (जैसे mine, yours, his, hers, its, ours, theirs)।
- पजेसिव प्रोनाउन में एपॉस्ट्रॉफी (') का प्रयोग नहीं होता है।
Key takeaways
- प्रोनाउन नाउन के दोहराव से बचने के लिए प्रयोग किए जाते हैं और वाक्य में सब्जेक्ट, ऑब्जेक्ट या कॉम्प्लीमेंट का कार्य कर सकते हैं।
- पर्सनल प्रोनाउन को उनके पर्सन (फर्स्ट, सेकंड, थर्ड) और केस (सब्जेक्टिव, ऑब्जेक्टिव, पजेसिव) के आधार पर समझना महत्वपूर्ण है।
- रिफ्लेक्सिव और एफैटिक प्रोनाउन 'सेल्फ' या 'सेल्व्स' जोड़कर बनते हैं और वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करते हैं।
- रिलेटिव प्रोनाउन (who, which, that) दो वाक्यों को जोड़ते हैं और अपने एंटीसिडेंट के अनुसार वर्ब लेते हैं।
- इंटेरोगेटिव प्रोनाउन (who, what, which) प्रश्न पूछने के लिए उपयोग होते हैं, जबकि इंडेफिनेट प्रोनाउन (someone, anything) अनिश्चितता दर्शाते हैं।
- डेमोंस्ट्रेटिव प्रोनाउन (this, that) इंगित करते हैं, और डिस्ट्रीब्यूटिव प्रोनाउन (each, either) समूह से व्यक्तिगत सदस्यों को संदर्भित करते हैं।
- पजेसिव प्रोनाउन (mine, yours) स्वामित्व दर्शाते हैं और नाउन को रिप्लेस करते हैं, बिना एपॉस्ट्रॉफी के।
Key terms
Test your understanding
- प्रोनाउन का मुख्य उद्देश्य क्या है और यह नाउन से कैसे भिन्न है?
- पर्सनल प्रोनाउन के तीनों पर्सन (फर्स्ट, सेकंड, थर्ड) को उदाहरण सहित समझाइए।
- रिफ्लेक्सिव प्रोनाउन और एफैटिक प्रोनाउन के बीच क्या अंतर है और उनका उपयोग कैसे किया जाता है?
- रिलेटिव प्रोनाउन का उपयोग करके दो सरल वाक्यों को कैसे जोड़ा जा सकता है, और एंटीसिडेंट का क्या महत्व है?
- इंडेफिनेट प्रोनाउन और इंटेरोगेटिव प्रोनाउन के बीच क्या अंतर है? प्रत्येक के दो उदाहरण दीजिए।