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18 September 2026 Current Affairs | Ep 2181 | Rajya Darshan - Himachal Pradesh | Kumar Gaurav Sir
Utkarsh Classes
Overview
यह वीडियो भारत की पंचवर्षीय योजनाओं के इतिहास और विकास पर केंद्रित है, जिसमें पहली योजना (1951-56) से लेकर अंतिम योजना (2012-17) तक की प्रमुख विशेषताओं, लक्ष्यों, मॉडलों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया है। इसमें योजना अवकाश, रोलिंग प्लान और हरित क्रांति जैसे महत्वपूर्ण अवधियों पर भी चर्चा की गई है। वीडियो में वर्तमान घटनाओं का भी संक्षिप्त उल्लेख है, जिसमें खेल, पुरस्कार, अंतर्राष्ट्रीय संबंध और आर्थिक नीतियां शामिल हैं।
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Chapters
- 1 अप्रैल 1951 को शुरू हुई और 1956 तक चली।
- हेरोल्ड डोमर मॉडल पर आधारित थी, लेकिन इसका प्रारूप के एन राज ने तैयार किया।
- मुख्य लक्ष्य कृषि विकास था।
- लक्ष्य 2.1% विकास दर का था, लेकिन 3.6% प्राप्त किया गया।
यह योजना भारत के आर्थिक विकास की नींव रखती है और कृषि को प्राथमिकता देकर आत्मनिर्भरता की दिशा में पहला कदम उठाती है।
कृषि पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिससे खाद्य उत्पादन में वृद्धि हुई।
- 1956 से 1961 तक चली।
- महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी, जो भारी उद्योगों पर केंद्रित था।
- इस योजना के दौरान भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर जैसे लौह और इस्पात संयंत्रों की स्थापना हुई।
- विकास दर का लक्ष्य 4.5% था, और 4.27% प्राप्त किया गया।
इस योजना ने औद्योगीकरण पर जोर देकर भारत को एक औद्योगिक आधार प्रदान किया, जो भविष्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण था।
भिलाई (छत्तीसगढ़), राउरकेला (ओडिशा), और दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) में लौह और इस्पात संयंत्रों की स्थापना।
- 1961 से 1966 तक चली।
- कृषि और उद्योग दोनों पर बल दिया गया, सुखमय चक्रवर्ती मॉडल पर आधारित थी।
- भारत-चीन (1962) और भारत-पाकिस्तान (1965) युद्धों के कारण योजना असफल रही।
- जय जवान जय किसान का नारा दिया गया और फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की स्थापना हुई।
- युद्धों और असफलताओं के कारण 1966-1969 तक तीन साल का 'प्लान हॉलिडे' (योजना अवकाश) रहा, जिसमें वार्षिक योजनाएं चलाई गईं और हरित क्रांति शुरू की गई।
यह योजना बाहरी चुनौतियों के कारण असफल रही, जिससे भारत को अपनी आर्थिक नीतियों पर पुनर्विचार करने और हरित क्रांति जैसी पहलों के माध्यम से आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।
1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध और 1962 में भारत-चीन युद्ध के कारण तीसरी पंचवर्षीय योजना के लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफलता।
- 1969 से 1974 तक चली।
- अशोक रुद्र मॉडल पर आधारित थी, जिसका प्रारूप गॉडगिल ने तैयार किया।
- लक्ष्य 'स्थिरता के साथ आर्थिक विकास' (Development with Stability) था।
- 1971 के भारत-पाक युद्ध और 1974 में पहले परमाणु परीक्षण (ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा) जैसी घटनाएं हुईं।
- 1969 में 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया।
इस योजना ने विकास के साथ-साथ स्थिरता पर जोर दिया और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए, जैसे कि परमाणु परीक्षण और बैंकों का राष्ट्रीयकरण।
1974 में पोखरण में भारत का पहला परमाणु परीक्षण।
- 1974 से 1978 तक चली (समय से पहले समाप्त)।
- डीपी धर मॉडल पर आधारित थी।
- मुख्य लक्ष्य गरीबी उन्मूलन था।
- सरकार बदलने के बाद, 1978-1980 तक 'रोलिंग प्लान' (डॉ. गुन्नार मिर्डल द्वारा प्रस्तावित, लकड़वाला द्वारा लागू) चलाया गया।
यह योजना गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित थी और समय से पहले समाप्त होने वाली एकमात्र योजना थी, जिसने भारत की राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता को दर्शाया, जिसके बाद रोलिंग प्लान लाया गया।
पांचवी पंचवर्षीय योजना का 1978 में समय से पहले समाप्त होना।
- छठी योजना (1980-1985) इनपुट-आउटपुट मॉडल पर आधारित थी, जिसका लक्ष्य रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन था। इसी दौरान नाबार्ड (1982) और छह बैंकों का राष्ट्रीयकरण (1980) हुआ।
- सातवीं योजना (1985-1990) का नारा 'रोटी, रोजी और उत्पादकता' था, जिसका लक्ष्य आधुनिकीकरण के साथ सामाजिक न्याय था। इसी दौरान सेबी (1988) की स्थापना हुई।
- दोनों योजनाओं के बीच और बाद में योजना अवकाश (1990-1992) भी रहा।
इन योजनाओं ने रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन और सामाजिक न्याय पर ध्यान केंद्रित किया, साथ ही वित्तीय संस्थानों की स्थापना की, जिससे आर्थिक विकास को गति मिली।
छठी योजना के दौरान नाबार्ड (NABARD) की स्थापना।
- आठवीं योजना (1992-1997) जॉन डब्ल्यू मिलर मॉडल पर आधारित थी और मानव संसाधन विकास पर केंद्रित थी। इसी दौरान 73वां और 74वां संविधान संशोधन (पंचायती राज और नगर निगम) और डब्ल्यूटीओ की स्थापना (1995) हुई।
- नौवीं योजना (1997-2002) का लक्ष्य सामाजिक न्याय और क्षमता के साथ आर्थिक समृद्धि था। इसी दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (2000) शुरू हुई।
आठवीं योजना ने मानव संसाधन विकास और स्थानीय स्वशासन को मजबूत किया, जबकि नौवीं योजना ने ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय पर ध्यान केंद्रित किया।
आठवीं योजना के दौरान 73वें और 74वें संविधान संशोधन का पारित होना।
- दसवीं योजना (2002-2007) में सामाजिक न्याय और क्षमता के साथ विकास जारी रहा और उच्चतम विकास दर (7.6%) हासिल की। नरेगा (2005) इसी दौरान आया।
- ग्यारहवीं योजना (2007-2012) का लक्ष्य 'तीव्र और समावेशी विकास' था और इसने 8% की उच्चतम विकास दर प्राप्त की। राइट टू एजुकेशन एक्ट (2010) लागू हुआ।
- बारहवीं योजना (2012-2017) अंतिम पंचवर्षीय योजना थी, जिसका लक्ष्य 'तीव्र, सतत और समावेशी विकास' था।
ये योजनाएं भारत की आर्थिक वृद्धि को तेज करने, समावेशिता बढ़ाने और सतत विकास सुनिश्चित करने पर केंद्रित थीं, जिससे देश ने महत्वपूर्ण विकास दर हासिल की।
ग्यारहवीं योजना के दौरान भारत की जीडीपी में 8% की सर्वाधिक वृद्धि दर हासिल करना।
- अभिषेक शर्मा ने T20 में 30 गेंदों में शतक लगाकर भारतीय रिकॉर्ड बनाया।
- कुमिक को लद्दाख का पहला हेरिटेज विलेज घोषित किया गया।
- अरुंधति भट्टाचार्य की हिंदी आत्मकथा 'अपराजिता' लॉन्च हुई।
- भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है।
- यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) 15 अक्टूबर से लागू होगा, जो ₹2000 से अधिक के लेनदेन पर लागू होगा।
यह खंड हाल की महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर करता है, जो खेल, संस्कृति, पर्यावरण और डिजिटल भुगतान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति और चुनौतियों को दर्शाता है।
यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% MDR का लागू होना।
Key takeaways
- भारत की पंचवर्षीय योजनाओं ने कृषि से लेकर औद्योगीकरण और मानव संसाधन विकास तक विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है।
- युद्धों, आर्थिक संकटों और राजनीतिक बदलावों ने योजनाओं के कार्यान्वयन को प्रभावित किया है, जिससे योजना अवकाश और रोलिंग प्लान जैसी रणनीतियाँ अपनाई गईं।
- हरित क्रांति और बैंकों के राष्ट्रीयकरण जैसी पहलों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से आकार दिया है।
- आर्थिक विकास के साथ-साथ गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सामाजिक न्याय को हमेशा प्राथमिकता दी गई है।
- डिजिटल भुगतान में हालिया बदलाव, जैसे MDR का परिचय, अर्थव्यवस्था के विकास के साथ आने वाली नई चुनौतियों को दर्शाते हैं।
- खेल, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति राष्ट्रीय विकास के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
Key terms
पंचवर्षीय योजनाहेरोल्ड डोमर मॉडलमहालनोबिस मॉडलयोजना अवकाश (Plan Holiday)हरित क्रांति (Green Revolution)रोलिंग प्लान (Rolling Plan)गरीबी उन्मूलन (Poverty Alleviation)मानव संसाधन विकास (Human Resource Development)एलपीजी (LPG - Liberalization, Privatization, Globalization)मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR)यूपीआई (UPI - Unified Payments Interface)
Test your understanding
- पहली पंचवर्षीय योजना का मुख्य लक्ष्य क्या था और यह किस मॉडल पर आधारित थी?
- दूसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान किन प्रमुख उद्योगों की स्थापना हुई और इसका क्या महत्व था?
- तीसरी पंचवर्षीय योजना के असफल होने के क्या कारण थे और इसके बाद क्या 'योजना अवकाश' क्यों लाया गया?
- पांचवी पंचवर्षीय योजना का मुख्य लक्ष्य क्या था और यह समय से पहले क्यों समाप्त हो गई?
- यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर लागू होने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का क्या मतलब है और यह कब से लागू होगा?