Normal SIP vs Conditional SIP | Better Returns than Nifty 50 | Sanjay Kathuria
12:52

Normal SIP vs Conditional SIP | Better Returns than Nifty 50 | Sanjay Kathuria

Sanjay Kathuria

6 chapters6 takeaways12 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो 'सिप ऑन डिप' (SIP on Dip) नामक एक निवेश रणनीति का परिचय देती है, जो सामान्य एसआईपी (SIP) से अलग है। यह बताती है कि जब बाजार गिरता है, तब निवेश करने से बेहतर रिटर्न कैसे मिल सकता है, खासकर निफ्टी 50 जैसे इंडेक्स में। वीडियो में इस रणनीति का बैकटेस्टिंग डेटा दिखाया गया है और इसे धन (Dhan) प्लेटफॉर्म पर कैसे ऑटोमेट किया जा सकता है, इसका तरीका भी समझाया गया है। यह रणनीति निवेशकों को बाजार की गिरावट के दौरान डरने के बजाय, उसे एक अवसर के रूप में देखने के लिए प्रोत्साहित करती है।

How was this?

Save this permanently with flashcards, quizzes, and AI chat

Chapters

  • सितंबर 2024 में निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई पर था, जिसके बाद इसमें भारी गिरावट आई।
  • 21 महीने बाद भी, निफ्टी अपने उच्चतम स्तर से लगभग 8.5% नीचे है।
  • बाजार में इस ठहराव के कारण कई निवेशकों का धैर्य खत्म हो गया और उन्होंने एसआईपी (SIP) बंद कर दी।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि बाजार की गिरावट आम बात है और ऐसे समय में घबराकर एसआईपी बंद करना एक बड़ी गलती हो सकती है।
सितंबर 2024 में निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई पर था, लेकिन 21 महीने बाद भी यह अपने टॉप पॉइंट से 8.5% नीचे चल रहा है।
  • सामान्य एसआईपी में, एक निश्चित तारीख पर नियमित रूप से एक निश्चित राशि का निवेश किया जाता है, चाहे बाजार की स्थिति कुछ भी हो।
  • कंडीशनल एसआईपी, जिसे 'सिप ऑन डिप' भी कहा जाता है, में निवेश तब बढ़ाया जाता है जब अंतर्निहित एसेट (जैसे निफ्टी) गिरता है।
  • जितना ज्यादा एसेट गिरेगा, उतना ज्यादा निवेश करने का नियम बनाया जा सकता है, जिससे लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना बनती है।
कंडीशनल एसआईपी आपको बाजार की गिरावट को एक अवसर में बदलने की क्षमता देती है, जिससे आप सामान्य एसआईपी की तुलना में बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।
अगर निफ्टी 5% गिरता है, तो ₹500 का निवेश करें, और हर अतिरिक्त 5% गिरावट पर निवेश को दोगुना करें।
  • सितंबर 2024 से वर्तमान तक निफ्टी 20 (Nifty 20 ETF) पर 'सिप ऑन डिप' रणनीति का बैकटेस्ट किया गया।
  • रणनीति यह थी कि निफ्टी 20 के 5% गिरने पर ₹500 का निवेश किया जाए और हर अतिरिक्त 5% गिरावट पर निवेश दोगुना किया जाए।
  • इस रणनीति से 2.09% का रिटर्न मिला, जबकि सामान्य एसआईपी से 1.65% का मामूली नुकसान होता और लमसम निवेश से 7% का नुकसान होता।
यह बैकटेस्ट दिखाता है कि बाजार की गिरावट के दौरान भी, एक अनुशासित 'सिप ऑन डिप' रणनीति आपको नुकसान से बचा सकती है और सकारात्मक रिटर्न दे सकती है।
बैकटेस्ट के अनुसार, 'सिप ऑन डिप' रणनीति से 2.09% का रिटर्न मिला, जबकि सामान्य एसआईपी से 1.65% का नुकसान और लमसम निवेश से 7% का नुकसान होता।
  • धन (Dhan) जैसे प्लेटफॉर्म पर कंडीशनल एसआईपी को ऑटोमेट किया जा सकता है।
  • आप निफ्टी 50 ईटीएफ (ETF) में निवेश के लिए ट्रिगर सेट कर सकते हैं, जैसे कि इंडेक्स के 5% गिरने पर ₹500 का निवेश।
  • एक ही एसेट के लिए मल्टीपल ट्रिगर एसआईपी (SIP) बनाए जा सकते हैं, और अलग-अलग एसेट्स (जैसे गोल्ड ईटीएफ) को भी मार्केट इंडेक्स से लिंक किया जा सकता है।
निवेश प्रक्रिया को ऑटोमेट करने से यह सुनिश्चित होता है कि आप अनुशासित रहें और बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद अवसरों का लाभ उठा सकें।
धन प्लेटफॉर्म पर, आप निफ्टी 50 ईटीएफ के लिए एक ट्रिगर एसआईपी बना सकते हैं जो इंडेक्स के 5% नीचे जाने पर ₹500 का निवेश करेगा।
  • वक्ता ने निफ्टी नेक्स्ट 50 ईटीएफ में अपनी कंडीशनल एसआईपी का व्यक्तिगत उदाहरण साझा किया।
  • जबकि निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स आज भी अपने टॉप से लगभग 8% नीचे है, वक्ता की होल्डिंग 6.6% के प्रॉफिट में है।
  • यह अंतर इसलिए है क्योंकि वक्ता ने लगातार गिरावट पर निवेश किया, जिससे औसत खरीद मूल्य कम हो गया।
यह व्यक्तिगत उदाहरण दर्शाता है कि 'सिप ऑन डिप' रणनीति कैसे काम करती है और यह कैसे बाजार के औसत प्रदर्शन से बेहतर परिणाम दे सकती है।
निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स 8% नीचे होने के बावजूद, वक्ता की कंडीशनल एसआईपी होल्डिंग 6.6% के प्रॉफिट में है।
  • ईटीएफ (जैसे निफ्टी 50, निफ्टी नेक्स्ट 50) में कंडीशनल एसआईपी करना एक सुरक्षित तरीका है क्योंकि ईटीएफ के शून्य होने की संभावना बहुत कम होती है।
  • यह रणनीति आपको स्टॉक्स की तुलना में अधिक स्थिरता प्रदान करती है, जहाँ भारी गिरावट का जोखिम हो सकता है।
  • आप अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार विभिन्न ईटीएफ में कंडीशनल एसआईपी करके एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बना सकते हैं।
ईटीएफ में 'सिप ऑन डिप' रणनीति का उपयोग करके, आप कम जोखिम के साथ बाजार से बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं और अल्फा (Alpha) क्रिएट कर सकते हैं।
निफ्टी 50 इंडेक्स 8% नीचे होने पर भी, 'सिप ऑन डिप' से 2% ऊपर रहा, जिससे 10% का गैप बना।

Key takeaways

  1. 1बाजार की गिरावट को डरने के बजाय निवेश के अवसर के रूप में देखें।
  2. 2सामान्य एसआईपी के साथ-साथ 'सिप ऑन डिप' (कंडीशनल एसआईपी) रणनीति का उपयोग करने से बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
  3. 3जब बाजार गिरता है, तब अधिक निवेश करने से आपका औसत खरीद मूल्य कम हो जाता है।
  4. 4कंडीशनल एसआईपी को धन (Dhan) जैसे प्लेटफॉर्म पर ऑटोमेट किया जा सकता है, जिससे निवेश अनुशासित रहता है।
  5. 5ईटीएफ (ETF) में कंडीशनल एसआईपी करना एक सुरक्षित रणनीति है जो लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न दे सकती है।
  6. 6बाजार के औसत प्रदर्शन से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए 'अल्फा' (Alpha) क्रिएट करना महत्वपूर्ण है, जो 'सिप ऑन डिप' से संभव है।

Key terms

SIP (Systematic Investment Plan)Conditional SIPSIP on DipNifty 50Nifty 20 ETFNifty Next 50 ETFAll-Time HighETF (Exchange Traded Fund)BacktestingIRR (Internal Rate of Return)Opportunistic BuyingAlpha

Test your understanding

  1. 1सामान्य एसआईपी और 'सिप ऑन डिप' (कंडीशनल एसआईपी) के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?
  2. 2बाजार में गिरावट के दौरान 'सिप ऑन डिप' रणनीति कैसे काम करती है और यह बेहतर रिटर्न कैसे दे सकती है?
  3. 3धन (Dhan) प्लेटफॉर्म पर कंडीशनल एसआईपी को ऑटोमेट करने की प्रक्रिया क्या है?
  4. 4ईटीएफ (ETF) में कंडीशनल एसआईपी का उपयोग करने के क्या फायदे हैं, खासकर स्टॉक्स की तुलना में?
  5. 5निवेशक 'सिप ऑन डिप' रणनीति का उपयोग करके बाजार के औसत प्रदर्शन से 'अल्फा' (Alpha) कैसे बना सकते हैं?

Turn any lecture into study material

Paste a YouTube URL, PDF, or article. Get flashcards, quizzes, summaries, and AI chat — in seconds.

No credit card required

Normal SIP vs Conditional SIP | Better Returns than Nifty 50 | Sanjay Kathuria | NoteTube | NoteTube