
Digital Agriculture Mission 2026 | AI, Drones, Agri Stack & Smart Farming | Current Affairs
Agri Coaching Chandigarh
Overview
यह वीडियो डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन (DAM) का विस्तृत विवरण प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य भारत में कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाना है। इसमें AI, ड्रोन, Agri Stack और स्मार्ट फार्मिंग जैसी तकनीकों का उपयोग करके किसानों को डिजिटल सेवाएं प्रदान करना, उनकी आय बढ़ाना और कृषि प्रक्रियाओं को अधिक कुशल बनाना शामिल है। वीडियो मिशन के उद्देश्यों, प्रमुख घटकों जैसे Agri Stack, कृषि डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS), और राष्ट्रीय स्तर पर मृदा प्रोफाइल मैपिंग पर प्रकाश डालता है। यह बताता है कि कैसे ये पहलें भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने, किसानों को यूनिक आईडी देने और फसल उपज का सटीक अनुमान लगाने में मदद करेंगी, जिससे अंततः भ्रष्टाचार कम होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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Chapters
- डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन (DAM) कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए एक सरकारी पहल है।
- इसका उद्देश्य AI, ड्रोन, IoT उपकरणों का उपयोग करके कृषि को पेपरलेस और अधिक कुशल बनाना है।
- यह मिशन प्रिसीजन फार्मिंग, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और भूमि सर्वेक्षण जैसे क्षेत्रों में डिजिटल समाधानों को एकीकृत करता है।
- DAM को सितंबर 2024 में कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया था और यह एक अंब्रेला स्कीम है जो सेंट्रली स्पॉन्सर्ड है।
- मिशन का प्राथमिक उद्देश्य कृषि के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का निर्माण करना है।
- इसका लक्ष्य किसानों को सेंट्रिक डिजिटल सेवाएं प्रदान करना है ताकि वे आसानी से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
- प्रत्येक किसान को एक यूनिक डिजिटल आइडेंटिटी (11 अंकों का नंबर) प्रदान की जाएगी ताकि सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान हो सके।
- एक नेशनल फार्मर रजिस्ट्री का निर्माण किया जाएगा जो राज्य-वार भूमि रिकॉर्ड को एकीकृत और सरलीकृत करेगा।
- कृषि डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) फसल, मौसम और मिट्टी के डेटा का विश्लेषण करके किसानों को निर्णय लेने में मदद करेगा।
- यह एक कॉम्प्रिहेंसिव जियोस्पेशियल सिस्टम है जो AI का उपयोग करके सुझाव प्रदान करता है।
- मिशन के तहत राष्ट्रीय स्तर पर विस्तृत मृदा प्रोफाइल मैप तैयार किए जा रहे हैं, जिनका स्केल 1:10,000 होगा।
- यह मैपिंग प्रिसीजन एग्रीकल्चर और भूमि उपयोग योजना के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगी।
- DGCES पारंपरिक गिरदावरी प्रणाली को प्रतिस्थापित करेगा और फसल उपज का डिजिटल अनुमान लगाएगा।
- यह मोबाइल-आधारित फील्ड डेटा कैप्चर और रिमोट सेंसिंग के साथ एकीकरण का उपयोग करेगा।
- इसका लक्ष्य फसल उत्पादन अनुमानों को अधिक सटीक और समय पर बनाना है।
- यह खाद्य सुरक्षा नीतियों और निर्यात निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा।
- एग्री स्टैक डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन (DAM) का मुख्य DPI (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) है, जो आधार के समान है लेकिन कृषि-केंद्रित है।
- इसमें तीन फाउंडेशन रजिस्ट्रीज शामिल हैं: फार्मर रजिस्ट्री (यूनिक आईडी), जियो-रेफरेंस्ड विलेज मैप, और डिजिटल क्रॉप सर्वे।
- यह किसानों को यूनिक डिजिटल आईडी प्रदान करेगा जो उनके भूमि रिकॉर्ड, पशुधन, फसल और सरकारी योजनाओं के लाभों से जुड़ी होगी।
- यह फेडरेटेड आर्किटेक्चर पर आधारित है और API के माध्यम से अन्य एजेंसियों के साथ एकीकृत किया जा सकता है।
- फार्मर रजिस्ट्री किसानों को 11 अंकों की यूनिक डिजिटल आईडी देगी, जो आधार से लिंक होगी।
- जियो-रेफरेंस्ड विलेज मैप भूमि पार्सल को किसान आईडी से जोड़ेंगे और भूमि रिकॉर्ड एकीकरण का समर्थन करेंगे।
- क्रॉप सोन रजिस्ट्री (डिजिटल क्रॉप सर्वे) मोबाइल इंटरफेस और रिमोट सेंसिंग का उपयोग करके हर सीजन में बोई गई फसलों का डेटा कैप्चर करेगी।
- इसका लक्ष्य 2027 तक 11 करोड़ किसानों को कवर करना है, जिसमें पायलट प्रोजेक्ट पहले ही शुरू हो चुके हैं।
- कृषि डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) विभिन्न डेटा लेयर्स (फसल, मिट्टी, मौसम, बाजार) को एकीकृत करके निर्णय लेने में सहायता करता है।
- राष्ट्रीय स्तर पर मृदा प्रोफाइल मैपिंग (1:10,000 स्केल) प्रिसीजन एग्रीकल्चर के लिए महत्वपूर्ण है।
- DGCES पारंपरिक गिरदावरी को बदलकर फसल उपज अनुमानों को अधिक सटीक बनाएगा।
- मिशन का लक्ष्य लगभग 2.5 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना और किसानों को डिजिटल अर्थव्यवस्था में भाग लेने में सक्षम बनाना है।
Key takeaways
- डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन (DAM) भारत में कृषि के आधुनिकीकरण के लिए एक व्यापक योजना है, जो AI, ड्रोन और Agri Stack जैसी तकनीकों का लाभ उठाती है।
- Agri Stack किसानों के लिए एक एकीकृत डिजिटल पहचान और डेटा प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा, जिससे सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और धोखाधड़ी कम होगी।
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का निर्माण किसानों को सेंट्रिक डिजिटल सेवाएं प्रदान करने और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए महत्वपूर्ण है।
- कृषि डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) और जियोस्पेशियल मैपिंग किसानों को डेटा-संचालित निर्णय लेने में मदद करेंगे, जिससे उत्पादकता और संसाधन उपयोग में सुधार होगा।
- पारंपरिक प्रणालियों को डिजिटल समाधानों से बदलने से भ्रष्टाचार कम होगा, दक्षता बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- यह मिशन किसानों को डिजिटल अर्थव्यवस्था में एकीकृत करने और उनकी आय बढ़ाने पर केंद्रित है।
Key terms
Test your understanding
- डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन (DAM) के मुख्य उद्देश्य क्या हैं और यह किसानों के लिए DPI का निर्माण कैसे करेगा?
- एग्री स्टैक क्या है और इसके तीन फाउंडेशन रजिस्ट्रीज (फार्मर रजिस्ट्री, जियो-रेफरेंस्ड विलेज मैप, क्रॉप सोन रजिस्ट्री) कृषि में क्या भूमिका निभाएंगी?
- कृषि डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) कैसे काम करता है और यह किसानों को बेहतर निर्णय लेने में कैसे मदद कर सकता है?
- डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत राष्ट्रीय स्तर पर मृदा प्रोफाइल मैपिंग का क्या महत्व है और यह प्रिसीजन एग्रीकल्चर को कैसे सक्षम करेगा?
- पारंपरिक कृषि प्रणालियों (जैसे गिरदावरी) को डिजिटल समाधानों (जैसे DGCES) से बदलने से क्या लाभ होंगे?