
बातचीत (Batchit) 12th Hindi लेखक परिचय | Bihar Board 12th Hindi Chapter 1 | बालकृष्ण भट्ट का परिचय |
Disha Hindi & English Classes
Overview
यह वीडियो बिहार बोर्ड के कक्षा 12वीं हिंदी के पहले चैप्टर 'बातचीत' के लेखक बालकृष्ण भट्ट के जीवन और साहित्यिक परिचय पर केंद्रित है। इसमें लेखक के जन्म, मृत्यु, निवास स्थान, शिक्षा, पारिवारिक पृष्ठभूमि, लेखन कार्य, प्रमुख रचनाओं (उपन्यास, नाटक, निबंध) और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई है। वीडियो का उद्देश्य छात्रों को बालकृष्ण भट्ट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना है ताकि वे परीक्षा में आने वाले प्रश्नों को आसानी से हल कर सकें। इसमें लेखक के स्वभाव, उनकी प्रेरणाओं और उनके साहित्यिक युग (भारतेन्दु युग) पर भी प्रकाश डाला गया है। अंत में, वीडियो में लेखक से संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का अभ्यास भी कराया गया है।
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Chapters
- कक्षा 12वीं हिंदी दिगंत भाग दो के पहले चैप्टर 'बातचीत' का परिचय।
- यह चैप्टर गदखंड का है और इसके लेखक बालकृष्ण भट्ट हैं।
- वीडियो में लेखक परिचय के साथ-साथ संबंधित प्रश्न भी कराए जाएंगे।
- सभी छात्रों के लिए हिंदी का सिलेबस समान है, चाहे वे किसी भी स्ट्रीम (विज्ञान, वाणिज्य, कला) के हों।
- जन्म: 23 जून 1844, मृत्यु: 20 जुलाई 1914।
- निवास स्थान: इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)।
- पिता का नाम: बेनी प्रसाद भट्ट, जो पेशे से व्यापारी थे।
- माता का नाम: पार्वती देवी, जिन्होंने बालकृष्ण भट्ट में अध्ययन की रुचि जगाई।
- आरंभिक शिक्षा संस्कृत में।
- 1867 में प्रयाग के मिशन स्कूल से एंट्रेंस की परीक्षा उत्तीर्ण की।
- 1869-1875 तक प्रयाग के मिशन स्कूल में अध्यापन कार्य किया।
- 1885 में प्रयाग के सीएवी स्कूल में संस्कृत का अध्यापन किया।
- 1888 में कायस्थ पाठशाला इंटर कॉलेज में अध्यापक नियुक्त हुए।
- भारतेन्दु हरिश्चंद्र की प्रेरणा से 1877 में 'हिंदी प्रदीप' नामक मासिक पत्रिका का प्रकाशन प्रारंभ किया।
- 'हिंदी प्रदीप' का प्रकाशन लगभग 33 वर्षों तक किया।
- लेखक ने सामाजिक समस्याओं जैसे बाल विवाह, स्त्री शिक्षा, अंधविश्वास आदि विषयों पर खूब लिखा।
- उपन्यास: नूतन ब्रह्मचारी, 100 अजान एक सुजान, सद्भाव का अभाव।
- नाटक: पद्मावती, वेणीसंहार, शिशुपाल वध, दमयंती स्वयंवर, रेल का विकट खेल।
- लगभग 1000 निबंध लिखे, जिनमें 100 से अधिक महत्वपूर्ण हैं।
- निबंधों का संग्रह 'भट्ट निबंध माला' नाम से दो खंडों में प्रकाशित है।
- बालकृष्ण भट्ट भारतेन्दु युग के प्रमुख साहित्यकार थे और उन्हें आधुनिक काल का कवि भी कहा जाता है।
- वे हिंदी के प्रारंभिक युग के प्रमुख पत्रकार, निबंधकार और आलोचना के प्रवर्तक थे।
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने उन्हें अंग्रेजी साहित्य के एडिसन और स्टील की श्रेणी में रखा है।
- साहित्य को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सोच विकसित करने और समाज सुधार का माध्यम माना।
- बालकृष्ण भट्ट किस युग के रचनाकार हैं? (भारतेन्दु युग)
- बालकृष्ण भट्ट के उपन्यास कौन से हैं? (नूतन ब्रह्मचारी, 100 अजान एक सुजान आदि)
- बातचीत निबंध के निबंधकार कौन हैं? (बालकृष्ण भट्ट)
- हिंदी प्रदीप का संपादन कितने वर्षों तक किया? (33 वर्ष)
- बालकृष्ण भट्ट का जन्म कब और कहाँ हुआ? (23 जून 1844, इलाहाबाद)
Key takeaways
- बालकृष्ण भट्ट भारतेन्दु युग के एक प्रमुख साहित्यकार थे जिन्होंने हिंदी गद्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- उनकी रचनाएँ, विशेषकर निबंध और उपन्यास, तत्कालीन समाज की समस्याओं और विचारों को दर्शाती हैं।
- 'हिंदी प्रदीप' पत्रिका के माध्यम से उन्होंने सामाजिक और साहित्यिक चेतना फैलाने का कार्य किया।
- लेखक की शिक्षा और उनके अध्यापन अनुभव ने उनके लेखन को गहराई प्रदान की।
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल जैसे विद्वानों द्वारा उनकी तुलना एडिसन और स्टील जैसे महान साहित्यकारों से की गई है, जो उनके साहित्यिक कद को दर्शाता है।
- साहित्य को केवल मनोरंजन का साधन न मानकर, उसे समाज सुधार और सोच के विकास का माध्यम मानना बालकृष्ण भट्ट का एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण था।
Key terms
Test your understanding
- बालकृष्ण भट्ट का जन्म कब और कहाँ हुआ था? उनके माता-पिता के बारे में क्या जानकारी दी गई है?
- बालकृष्ण भट्ट ने अपनी शिक्षा कहाँ से प्राप्त की और उन्होंने किन-किन स्कूलों में अध्यापन कार्य किया?
- 'हिंदी प्रदीप' नामक मासिक पत्रिका का प्रकाशन बालकृष्ण भट्ट ने कब और किसकी प्रेरणा से प्रारंभ किया था? इसका संपादन उन्होंने कितने वर्षों तक किया?
- बालकृष्ण भट्ट की प्रमुख उपन्यास और नाटक रचनाओं के नाम बताइए।
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने बालकृष्ण भट्ट की तुलना किस अंग्रेजी साहित्यकार से की है और क्यों?