COMPLETE HARYANA GK FOR HSSC CET GROUP D 2026 | HARYANA GK FOR CET GROUP D 2026 | HARYANA GK 2026
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6 chapters6 takeaways12 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो हरियाणा जीके के महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित है, विशेष रूप से संविधान सभा में हरियाणा के प्रतिनिधियों और उनके योगदान पर। इसमें रणबीर सिंह हुड्डा, ठाकुरदास भार्गव, पंडित श्रीराम शर्मा और अन्य प्रमुख व्यक्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। वीडियो में इन नेताओं की पृष्ठभूमि, उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे, उनके द्वारा प्रकाशित पत्र-पत्रिकाएं और उनके राजनीतिक जीवन के बारे में बताया गया है। यह सामग्री विशेष रूप से हरियाणा में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए उपयोगी है, जो उन्हें परीक्षा में पूछे जाने वाले विशिष्ट प्रश्नों के लिए तैयार करती है।

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Chapters

  • संयुक्त पंजाब से संविधान सभा में कुल 15 सदस्य थे, जिनमें से हरियाणा क्षेत्र से लगभग 9 सदस्य थे।
  • हरियाणा को पंजाब से अलग करने की मांग संविधान सभा के सातवें अधिवेशन (18 नवंबर 1948) में उठी थी।
  • यह मांग सबसे पहले रोहतक के सांगी गांव के रणबीर सिंह हुड्डा ने उठाई थी, जो भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता थे।
  • रणबीर सिंह हुड्डा संविधान सभा के सबसे कम उम्र के सदस्य थे।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि हरियाणा के गठन से पहले भी उसके अलग राज्य बनने की प्रक्रिया संविधान निर्माण के दौरान ही शुरू हो गई थी, जिससे पता चलता है कि हरियाणा की पहचान और उसके अलग राज्य की मांग कितनी पुरानी है।
रणबीर सिंह हुड्डा, जो भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता थे, सबसे कम उम्र के सदस्य थे और उन्होंने ही हरियाणा को पंजाब से अलग करने की मांग उठाई थी।
  • हरियाणा क्षेत्र से संविधान सभा के प्रमुख सदस्यों में रणबीर सिंह हुड्डा (रोहतक), ठाकुरदास भार्गव (हिसार), मास्टर नंदलाल (पानीपत), लाला देशबंधु गुप्त (पानीपत), निहाल सिंह तक्षक (दादरी), चौधरी सूरजमल (खांडाखेड़ी), पंडित श्रीराम शर्मा (झज्जर), और अंचित राम शर्मा (हासी) शामिल थे।
  • ठाकुरदास भार्गव, जो संयुक्त पंजाब के पहले मुख्यमंत्री गोपीचंद भार्गव के बड़े भाई थे, ने प्रस्तावना को संविधान की आत्मा माना।
  • पंडित श्रीराम शर्मा को 'हरियाणा का ग्रैंड ओल्ड मैन' कहा जाता है और उन्होंने 'हरियाणा का इतिहास' व 'हरियाणा के नवरत्न' जैसी पुस्तकें लिखीं।
  • निहाल सिंह तक्षक और चौधरी सूरजमल ने जींद रियासत को भारत में मिलाने और कास्तकारों के हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन सदस्यों के योगदान को जानने से हरियाणा के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास की गहरी समझ मिलती है, साथ ही यह भी पता चलता है कि कैसे इन नेताओं ने अपने क्षेत्र और देश के विकास में योगदान दिया।
ठाकुरदास भार्गव ने हिसार में लाला हरदेव साह और पंडित नेकीराम शर्मा के साथ मिलकर लगभग 65 स्कूल खोले थे।
  • रणबीर सिंह हुड्डा ने 'हिंदी हरियाणा' नामक हिंदी पत्र का संपादन किया।
  • वे 1952 से 1957 तक देश की पहली लोकसभा के सदस्य रहे।
  • वे पंजाब सरकार में बिजली व सिंचाई मंत्री भी रहे।
  • रणबीर सिंह हुड्डा भारत की राजनीति के इतिहास में एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो सात अलग-अलग सदनों (लोकसभा, पंजाब विधानसभा, राज्यसभा, हरियाणा विधानसभा आदि) के सदस्य रहे।
  • भारत सरकार ने 1 फरवरी 2011 को उनके नाम पर एक डाक टिकट जारी किया था।
रणबीर सिंह हुड्डा का जीवन एक प्रेरणा है, जो दर्शाता है कि कैसे एक व्यक्ति विभिन्न राजनीतिक पदों पर रहते हुए भी अपने क्षेत्र और देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उनकी बहुआयामी भूमिका हरियाणा के राजनीतिक इतिहास का एक अहम हिस्सा है।
रणबीर सिंह हुड्डा एकमात्र ऐसे भारतीय नेता हैं जिन्होंने सात अलग-अलग सदनों की सदस्यता प्राप्त की।
  • ठाकुरदास भार्गव के अनुसार, भारतीय संविधान की आत्मा प्रस्तावना (Preamble) थी।
  • उन्होंने गौ हत्या रोकने और शराबबंदी लागू करने के लिए संविधान सभा में आवाज उठाई थी।
  • उन्होंने 1936 में लाला हरदेव के साथ मिलकर 'ग्राम सेवक' नामक पत्र का प्रकाशन किया था।
  • वे हिसार से दूसरी लोकसभा के सांसद रहे (1957-1962) और उन्होंने हिसार क्षेत्र में स्कूलों की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाई।
ठाकुरदास भार्गव जैसे नेताओं के विचार और कार्य आज भी प्रासंगिक हैं, खासकर सामाजिक सुधारों जैसे गौ हत्या और शराबबंदी के मुद्दों पर, जो भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
ठाकुरदास भार्गव ने संविधान सभा में गौ हत्या को रोकने और शराबबंदी लागू करने के लिए आवाज उठाई।
  • पंडित श्रीराम शर्मा को 'हरियाणा का वृद्ध नेता' (Grand Old Man of Haryana) कहा जाता है।
  • उनका संबंध झज्जर से था और उन्होंने गांधीजी के असहयोग आंदोलन में भाग लिया था।
  • उन्होंने 'हरियाणा तिलक' नामक समाचार पत्र का संपादन किया और कई सत्याग्रहों में भाग लेने के कारण 7 साल जेल में बिताए।
  • उन्हें 1976 में हरियाणा सरकार द्वारा 'हरियाणा का इतिहास', 'हरियाणा के नवरत्न' और 'हरियाणा तिलक' के लिए साहित्यकार पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
पंडित श्रीराम शर्मा का जीवन संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हरियाणा के सांस्कृतिक व राजनीतिक विकास में अमूल्य योगदान दिया।
पंडित श्रीराम शर्मा ने 1922, 1930-32, 1941, 1942 के आंदोलनों में भाग लिया और कुल 7 साल जेल में बिताए।
  • सुचेता कृपलानी, जिनका संबंध अंबाला से था, को संविधान सभा में वंदे मातरम और जन गण मन गाने के लिए आमंत्रित किया गया था।
  • 600 रियासतों को भारत में मिलाने में सरदार पटेल और निहाल सिंह तक्षक (जिन्होंने जींद रियासत को मिलाने में मदद की) का महत्वपूर्ण योगदान था।
  • लाला अंचित राम हासी से थे और उनके पुत्र कृष्णकांत भारत के उपराष्ट्रपति बने थे।
  • वीडियो में नोट्स खरीदने की जानकारी भी दी गई है, जिसमें 'पेपर पार पीडीएफ' का उल्लेख है।
यह खंड विभिन्न सदस्यों के विविध योगदानों और ऐतिहासिक घटनाओं को जोड़ता है, जिससे भारत के एकीकरण और हरियाणा के राजनीतिक परिदृश्य की व्यापक समझ विकसित होती है।
निहाल सिंह तक्षक ने जींद रियासत को भारत में मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्होंने सरदार पटेल से संपर्क किया।

Key takeaways

  1. 1हरियाणा के गठन से पहले भी संविधान सभा में इसके अलग राज्य की मांग उठाई गई थी।
  2. 2संविधान सभा के सदस्यों ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि हरियाणा के सामाजिक और शैक्षिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  3. 3रणबीर सिंह हुड्डा जैसे नेता अपने बहुआयामी राजनीतिक करियर के लिए जाने जाते हैं, जिन्होंने कई सदनों में सेवा की।
  4. 4ठाकुरदास भार्गव और पंडित श्रीराम शर्मा जैसे नेताओं ने संविधान के आदर्शों और हरियाणा की पहचान को आकार देने में अमूल्य योगदान दिया।
  5. 5हरियाणा के नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया और जेलों में समय बिताया, जो उनके समर्पण को दर्शाता है।
  6. 6भारत के एकीकरण में सरदार पटेल के साथ-साथ स्थानीय नेताओं जैसे निहाल सिंह तक्षक का भी योगदान था।

Key terms

संविधान सभासंयुक्त पंजाबरणबीर सिंह हुड्डाठाकुरदास भार्गवप्रस्तावना (Preamble)पंडित श्रीराम शर्माहरियाणा का वृद्ध नेता (Grand Old Man of Haryana)ग्राम सेवक (पत्र)हिंदी हरियाणा (पत्र)हरियाणा तिलक (समाचार पत्र)कास्तकाररियासत एकीकरण

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  1. 1संविधान सभा में हरियाणा क्षेत्र से कितने सदस्य थे और हरियाणा को पंजाब से अलग करने की मांग किस अधिवेशन में उठी थी?
  2. 2रणबीर सिंह हुड्डा का संविधान सभा में क्या योगदान था और वे किस लिए जाने जाते हैं?
  3. 3ठाकुरदास भार्गव के अनुसार भारतीय संविधान की आत्मा क्या थी और उन्होंने किन सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाई?
  4. 4पंडित श्रीराम शर्मा को 'हरियाणा का वृद्ध नेता' क्यों कहा जाता है और उनके प्रमुख साहित्यिक योगदान क्या थे?
  5. 5उन संविधान सभा सदस्यों के नाम बताइए जिन्होंने हरियाणा के शैक्षिक या सामाजिक विकास में विशेष योगदान दिया।

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