
Cost of Capital | Financial Management Chapter-3 | BCOM/ BBA Semester Exam
CWG for BCom
Overview
यह वीडियो 'कॉस्ट ऑफ कैपिटल' की अवधारणा को समझाता है, जो फाइनेंशियल मैनेजमेंट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें बताया गया है कि किसी भी बिजनेस को चलाने के लिए जो पैसा (कैपिटल) लगाया जाता है, उसकी एक लागत होती है। वीडियो विभिन्न स्रोतों जैसे इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर, डिबेंचर और रिटेन अर्निंग्स से कैपिटल जुटाने की प्रक्रिया और उनसे जुड़ी लागतों की गणना के तरीकों पर केंद्रित है। यह विभिन्न प्रकार के डिबेंचर (रिडीमेबल और इरिडीमेबल) और प्रेफरेंस शेयर के लिए कॉस्ट ऑफ कैपिटल निकालने के फॉर्मूले बताता है, साथ ही कॉस्ट ऑफ इक्विटी की गणना के लिए सीएपीएम, डिविडेंड यील्ड और अर्निंग यील्ड जैसे तरीकों की भी व्याख्या करता है। अंत में, कॉस्ट ऑफ रिटेन अर्निंग्स को भी समझाया गया है।
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Chapters
- बिजनेस को चलाने के लिए आवश्यक कैपिटल (पूंजी) की एक लागत होती है, जिसे कॉस्ट ऑफ कैपिटल कहते हैं।
- कैपिटल विभिन्न स्रोतों से जुटाई जा सकती है, जैसे इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर, डिबेंचर और रिटेन अर्निंग्स।
- प्रत्येक स्रोत से जुटाई गई कैपिटल पर निवेशकों को एक निश्चित रिटर्न की उम्मीद होती है, जो उस कैपिटल की लागत बन जाती है।
- डिबेंचर दो प्रकार के होते हैं: इरिडीमेबल (जिनका भुगतान कंपनी के बंद होने पर होता है) और रिडीमेबल (जिनका भुगतान एक निश्चित अवधि के बाद होता है)।
- इरिडीमेबल डिबेंचर के लिए कॉस्ट ऑफ डिबेंचर (Kd) का फार्मूला है: (Interest * (1-t)) / Net Proceeds * 100, जहाँ 't' टैक्स रेट है।
- रिडीमेबल डिबेंचर के लिए कॉस्ट ऑफ डिबेंचर (Kd) का फार्मूला थोड़ा जटिल है जिसमें रिडीमेबल वैल्यू (RV) और नेट प्रोसीड्स (NP) का उपयोग होता है: (Interest * (1-t) + (RV - NP)/n) / ((RV + NP)/2) * 100।
- प्रेफरेंस शेयर पर एक निश्चित दर से डिविडेंड का भुगतान किया जाता है।
- इरिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर के लिए कॉस्ट ऑफ प्रेफरेंस (Kp) का फार्मूला है: (Preference Dividend / Net Proceeds) * 100।
- रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर के लिए कॉस्ट ऑफ प्रेफरेंस (Kp) का फार्मूला कॉस्ट ऑफ रिडीमेबल डिबेंचर के समान होता है, जिसमें इंटरेस्ट की जगह प्रेफरेंस डिविडेंड का उपयोग किया जाता है।
- कॉस्ट ऑफ इक्विटी वह रिटर्न है जो इक्विटी शेयरधारक कंपनी से उम्मीद करते हैं।
- इसकी गणना के कई तरीके हैं, जिनमें कैपिटल एसेट प्राइसिंग मॉडल (CAPM) सबसे प्रमुख है।
- CAPM का फार्मूला है: Ke = Rf + Beta * (Rm - Rf), जहाँ Rf रिस्क-फ्री रेट, Rm मार्केट रिटर्न और Beta कंपनी के जोखिम का माप है।
- अन्य तरीकों में डिविडेंड यील्ड (D/NP) और अर्निंग यील्ड (E/NP) शामिल हैं, जिन्हें ग्रोथ रेट (g) के साथ भी जोड़ा जा सकता है (जैसे D/NP + g)।
- रिटेन अर्निंग्स वह लाभ है जो कंपनी ने कमाया है और शेयरधारकों को डिविडेंड के रूप में वितरित नहीं किया है।
- कॉस्ट ऑफ रिटेन अर्निंग्स (Kr) की गणना कॉस्ट ऑफ इक्विटी (Ke) के समान ही की जाती है।
- मुख्य अंतर यह है कि Kr की गणना करते समय नेट प्रोसीड से फ्लोटेशन कॉस्ट को नहीं घटाया जाता है, क्योंकि रिटेन अर्निंग्स को जारी करने में कोई फ्लोटेशन कॉस्ट नहीं लगती है।
Key takeaways
- कॉस्ट ऑफ कैपिटल विभिन्न स्रोतों से जुटाई गई पूंजी की औसत लागत है, जो कंपनी के निवेश निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण है।
- डिबेंचर की लागत की गणना करते समय रिडीमेबल और इरिडीमेबल प्रकृति का ध्यान रखना आवश्यक है।
- प्रेफरेंस शेयर की लागत निश्चित होती है और यह डिबेंचर से अधिक लेकिन इक्विटी से कम होती है।
- इक्विटी की लागत सबसे अधिक होती है क्योंकि इसमें शेयरधारकों का जोखिम सबसे ज्यादा होता है।
- CAPM, डिविडेंड यील्ड और अर्निंग यील्ड जैसे मॉडल कॉस्ट ऑफ इक्विटी की गणना में मदद करते हैं।
- रिटेन अर्निंग्स की लागत इक्विटी की लागत के बराबर होती है, लेकिन इसमें फ्लोटेशन कॉस्ट शामिल नहीं होती है।
Key terms
Test your understanding
- कॉस्ट ऑफ कैपिटल क्या है और यह कंपनी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
- इरिडीमेबल और रिडीमेबल डिबेंचर के लिए कॉस्ट ऑफ डिबेंचर की गणना के फॉर्मूले में क्या अंतर है?
- कॉस्ट ऑफ इक्विटी की गणना के लिए CAPM मॉडल कैसे काम करता है?
- कॉस्ट ऑफ इक्विटी और कॉस्ट ऑफ रिटेन अर्निंग्स के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- नेट प्रोसीड (NP) और रिडीमेबल वैल्यू (RV) की गणना में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?