Roof Truss / Types of Trusses / Pitch / Purlin Spacing / Connection of Purlin and Rafter
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Roof Truss / Types of Trusses / Pitch / Purlin Spacing / Connection of Purlin and Rafter

CIVIL ENGINEERING CHAPTERWISE

4 chapters6 takeaways12 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो रूफ ट्रस के विभिन्न प्रकारों, उनके उपयोग, पिच (ढलान), पर्लिन स्पेसिंग (पर्लिन के बीच की दूरी), और पर्लिन व राफ्टर के कनेक्शन (जोड़ने की विधि) पर केंद्रित है। इसमें गैल्वेनाइज्ड आयरन शीट (GI शीट) और एस्बेस्टस सीमेंट शीट (AC शीट) जैसी रूफ कवरिंग सामग्री के बारे में भी जानकारी दी गई है। वीडियो का उद्देश्य छात्रों को रूफ ट्रस सिस्टम के डिजाइन और निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझाना है।

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Chapters

  • किंग पोस्ट ट्रस: 8 मीटर तक के स्पैन के लिए उपयुक्त, लकड़ी या लकड़ी-स्टील का हो सकता है।
  • क्वीन पोस्ट ट्रस: किंग पोस्ट से थोड़ा अलग डिजाइन, लंबी स्पैन के लिए उपयोग किया जाता है।
  • सिंपल और कंपाउंड फेंट्रस: 10-15 मीटर स्पैन के लिए उपयोग किए जाते हैं, टॉप कॉर्ड को छोटे हिस्सों में बांटा जाता है।
  • प्रैट ट्रस: 30-37.5 मीटर स्पैन के लिए उपयुक्त, स्टील का होता है और इंक्लिनेशन के कारण मेंबर हाईली स्ट्रेस्ड होते हैं।
  • हॉट ट्रस: 10-37 मीटर स्पैन के लिए लकड़ी और स्टील के संयोजन से बनता है, वर्टिकल मेंबर स्टील के होते हैं।
  • नॉर्थ लाइट ट्रस: 5-8 मीटर स्पैन के लिए कन्वीनिएंट, सनलाइट को बिल्डिंग में आने देने के लिए डिजाइन किया गया।
विभिन्न प्रकार के ट्रस को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रत्येक की अपनी क्षमताएं और सीमाएं होती हैं, जो उन्हें विभिन्न स्पैन और भार वहन करने की आवश्यकताओं के लिए उपयुक्त बनाती हैं।
किंग पोस्ट ट्रस, क्वीन पोस्ट ट्रस, सिंपल फेंट्रस, कंपाउंड फेंट्रस, प्रैट ट्रस, हॉट ट्रस, और नॉर्थ लाइट ट्रस के डिजाइन दिखाए गए हैं।
  • गैल्वेनाइज्ड आयरन (GI) शीट: इंडस्ट्रियल एरिया, फैक्ट्री, गोदामों और रेलवे प्लेटफॉर्म पर उपयोग की जाती है। इसमें कोरोगेशन (लहरें) होती हैं जिनकी चौड़ाई 75mm और गहराई 9mm होती है।
  • एस्बेस्टस सीमेंट (AC) शीट: सरकारी इमारतों और स्कूलों में देखी जाती है। इसमें एस्बेस्टस होने के कारण कुछ देशों में प्रतिबंधित है।
  • शीट की मोटाई और साइज: GI और AC शीट विभिन्न मोटाई और लंबाई/चौड़ाई में उपलब्ध होती हैं।
  • ओवरलैप (Overlap): साइड कवर के लिए GI शीट में डेढ़ से दो कोरोगेशन और AC शीट में एक कोरोगेशन का ओवरलैप रखा जाता है। एंड कवर के लिए कम से कम 150mm का ओवरलैप जरूरी है।
सही रूफ कवरिंग सामग्री का चुनाव बिल्डिंग की ड्यूरेबिलिटी, लागत और रखरखाव को प्रभावित करता है। विभिन्न सामग्रियों की अपनी विशेषताएं और सीमाएं होती हैं।
GI शीट के कोरोगेशन का साइज (75mm चौड़ाई, 9mm गहराई) और AC शीट की लंबाई (2-3 मीटर) और चौड़ाई (1.05-1.1 मीटर) जैसे डाइमेंशन बताए गए हैं।
  • पिच (Pitch): यह रूफ ट्रस की ऊंचाई और स्पैन का अनुपात होता है। इसका मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को रूफ से जल्दी निकालना और लीकेज को रोकना है।
  • पिच का निर्धारण: पिच का मान रूफ कवरिंग के प्रकार पर निर्भर करता है (जैसे, GI शीट के लिए 1:3:7, AC शीट के लिए 1:6:21)।
  • पर्लिन स्पेसिंग (Purlin Spacing): यह दो पर्लिन के बीच की दूरी होती है, जो रूफ कवरिंग के प्रकार पर निर्भर करती है।
  • स्पेसिंग का निर्धारण: कोरोगेटेड GI शीट के लिए 1.5-1.7 मीटर, 6mm मोटी AC शीट के लिए 1.5 मीटर, और 7mm मोटी AC शीट के लिए 1.6 मीटर तक की स्पेसिंग रखी जा सकती है।
सही पिच और पर्लिन स्पेसिंग रूफ की कार्यक्षमता और मजबूती सुनिश्चित करती है। पिच पानी के निकास में मदद करती है, जबकि पर्लिन स्पेसिंग रूफ कवरिंग को सपोर्ट करती है।
विभिन्न रूफ कवरिंग के लिए पिच के अनुपात (जैसे 1:3:7, 1:6:21) और पर्लिन स्पेसिंग (1.5-1.7 मीटर) के उदाहरण दिए गए हैं।
  • कनेक्शन के तरीके: पर्लिन को प्रिंसिपल राफ्टर से जोड़ने के लिए एंगल सेक्शन, चैनल सेक्शन या I-सेक्शन का उपयोग किया जाता है।
  • बोल्ट और रिवेट्स का उपयोग: कनेक्शन प्लेट एंगल या चैनल सेक्शन को राफ्टर से जोड़ने के लिए बोल्ट या रिवेट्स का इस्तेमाल होता है।
  • रूफ कवरिंग का कनेक्शन: रूफ कवरिंग को पर्लिन से जोड़ने के लिए GI वाशर और बोल्ट का उपयोग किया जाता है, जो वाटर-टाइट सील प्रदान करते हैं।
  • ड्राइंग का महत्व: इन कनेक्शनों की ड्राइंग बनाना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह परीक्षाओं में पूछी जा सकती है।
पर्लिन और राफ्टर के बीच मजबूत कनेक्शन रूफ स्ट्रक्चर की समग्र स्थिरता और सुरक्षा के लिए आवश्यक है, जो हवा और अन्य भारों का सामना करने में मदद करता है।
एंगल सेक्शन और चैनल सेक्शन का उपयोग करके पर्लिन को प्रिंसिपल राफ्टर से जोड़ने की विधि को चित्र के माध्यम से समझाया गया है।

Key takeaways

  1. 1रूफ ट्रस को उनके डिजाइन और स्पैन क्षमता के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है, जैसे किंग पोस्ट, क्वीन पोस्ट, फेंट्रस, प्रैट ट्रस आदि।
  2. 2रूफ कवरिंग के लिए GI शीट और AC शीट सामान्य सामग्रियां हैं, जिनमें कोरोगेशन और ओवरलैप की अपनी विशेषताएं होती हैं।
  3. 3रूफ की पिच बारिश के पानी के निकास के लिए महत्वपूर्ण है और इसका मान रूफ कवरिंग पर निर्भर करता है।
  4. 4पर्लिन स्पेसिंग रूफ कवरिंग के प्रकार और मोटाई के अनुसार तय की जाती है ताकि सपोर्ट सुनिश्चित हो सके।
  5. 5पर्लिन और राफ्टर के बीच कनेक्शन मजबूत होना चाहिए, जिसके लिए बोल्ट, रिवेट्स और एंगल/चैनल सेक्शन का उपयोग किया जाता है।
  6. 6रूफ कवरिंग को पर्लिन से जोड़ने के लिए विशेष फास्टनरों (जैसे GI वाशर) का उपयोग किया जाता है ताकि वाटर-टाइट सील बन सके।

Key terms

Roof TrussKing Post TrussQueen Post TrussFink TrussPratt TrussGalvanized Iron (GI) SheetAsbestos Cement (AC) SheetPitchPurlinRafterCorrugationOverlap

Test your understanding

  1. 1विभिन्न प्रकार के रूफ ट्रस की मुख्य विशेषताएं क्या हैं और वे किस स्पैन के लिए उपयुक्त हैं?
  2. 2GI शीट और AC शीट के बीच मुख्य अंतर क्या हैं, और उनके उपयोग के क्या फायदे और नुकसान हैं?
  3. 3रूफ ट्रस की पिच का क्या महत्व है और यह कैसे निर्धारित की जाती है?
  4. 4पर्लिन स्पेसिंग को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक क्या हैं और विभिन्न रूफ कवरिंग के लिए यह कितनी होनी चाहिए?
  5. 5पर्लिन को राफ्टर से जोड़ने के लिए आमतौर पर किन तरीकों और सामग्रियों का उपयोग किया जाता है?

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