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SSC CGL 2026 | GK EXPECTED PAPER - 05
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SSC CGL 2026 | GK EXPECTED PAPER - 05

PARMAR SSC

13 chapters8 takeaways32 key terms7 questions

Overview

यह वीडियो भारतीय इतिहास, कला, संगीत, भूगोल, पर्यावरण, कानून, अर्थव्यवस्था और विज्ञान जैसे विभिन्न विषयों पर आधारित सामान्य ज्ञान (जीके) के अपेक्षित प्रश्नों का एक विस्तृत विश्लेषण प्रदान करता है। इसमें चोल राजवंश की स्थानीय स्व-सरकार, भारतीय शास्त्रीय संगीत की शब्दावली, भू-आकृति विज्ञान में द्रव्यमान संचलन के प्रकार, बायोमैग्निफिकेशन की प्रक्रिया, डिजिटल ट्विन तकनीक के उद्देश्य, केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध, गुरुत्वाकर्षण त्वरण में परिवर्तन, भारतीय दंड संहिता (बीएनएसएस) के तहत पुलिस हिरासत, आयुष्मान भारत योजना, वैश्विक जीवन-यापन सूचकांक, भारी उद्योगों की प्रकृति, जलवायु परिवर्तन प्रतिक्रियाएं, सौर ऊर्जा योजनाएं, गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य, भारतीय मंदिर वास्तुकला की शैलियाँ, और विभिन्न जनजातीय त्योहारों जैसे विषयों को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न को विस्तार से समझाया गया है, जिससे सीखने वालों को अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है।

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Chapters

  • चोल राजवंश अपनी स्वायत्त स्थानीय स्व-सरकार के लिए जाना जाता था, विशेष रूप से ग्राम स्तर पर।
  • ग्राम स्तर पर 'उर' (सामान्य लोगों की सभा) और 'सभा' (ब्राह्मणों की सभा) जैसी स्थानीय सभाएं होती थीं।
  • इन सभाओं का प्रबंधन 'वरियम' नामक समितियों द्वारा किया जाता था।
  • चोल काल में 'वेटी' (अनिवार्य श्रम) और 'कदमई' (भूमि राजस्व) जैसे कर लगाए जाते थे।
  • विभिन्न प्रकार के भूमि दान जैसे 'शाल भोग' (स्कूलों के लिए), 'देवदान' (मंदिरों के लिए), और 'ब्रह्मदेह' (ब्राह्मणों के लिए) प्रचलित थे।
यह खंड प्राचीन भारत में विकेन्द्रीकृत शासन प्रणाली की गहरी समझ प्रदान करता है, जो आज भी प्रासंगिक है।
ग्राम स्तर पर 'उर' और 'सभा' का अस्तित्व, जिनका प्रबंधन 'वरियम' समितियों द्वारा किया जाता था।
  • भरत मुनि का 'नाट्यशास्त्र' मुख्य रूप से नृत्य और नाट्यकला पर केंद्रित है, न कि रागों पर।
  • हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में विष्णु नारायण भातखंडे द्वारा '10 थाट' वर्गीकरण प्रणाली का परिचय दिया गया।
  • संगीत रत्नाकर के लेखक शरंगदेव थे, न कि अमीर खुसरो, जिन्हें कव्वाली का जनक माना जाता है।
  • कर्नाटक संगीत में वेंकट मखी द्वारा प्रस्तुत 'मेलकर्ता' प्रणाली में 72 मूल संगीत पैमाने शामिल हैं, न कि 32।
यह खंड भारतीय शास्त्रीय संगीत की महत्वपूर्ण शब्दावली और वर्गीकरण प्रणालियों को स्पष्ट करता है, जो संगीत के अध्ययन के लिए आवश्यक हैं।
विष्णु नारायण भातखंडे द्वारा हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के लिए '10 थाट' वर्गीकरण प्रणाली का विकास।
  • द्रव्यमान संचलन (Mass Movement) का मुख्य प्रेरक बल गुरुत्वाकर्षण है, और अपक्षय (Weathering) इसकी पूर्व-आवश्यकता नहीं है, बल्कि सहायक है।
  • द्रव्यमान संचलन को तेज (जैसे मड फ्लो, लैंडस्लाइड) और धीमे (जैसे सॉलिफ्लेक्शन, क्रीप) में वर्गीकृत किया जाता है।
  • सॉलिफ्लेक्शन एक ऐसी प्रक्रिया है जहाँ संतृप्त मिट्टी या रेगोलिथ एक अभेद्य या जमी हुई परत पर धीरे-धीरे बहती है।
  • अपक्षय के प्रकारों में भौतिक (जैसे फ्रॉस्ट वेजिंग), रासायनिक (जैसे कार्बोनेशन), और जैविक (जैसे पौधों की जड़ें) शामिल हैं।
यह खंड पृथ्वी की सतह को आकार देने वाली भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं को समझने में मदद करता है, जो भूस्खलन और मिट्टी के कटाव जैसी घटनाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
सॉलिफ्लेक्शन का उदाहरण, जहाँ संतृप्त मिट्टी एक जमी हुई परत पर धीरे-धीरे बहती है, जैसा कि वीडियो में चित्र द्वारा दर्शाया गया है।
  • बायोमैग्निफिकेशन में गैर-बायोडिग्रेडेबल प्रदूषकों की सांद्रता खाद्य श्रृंखला में प्रत्येक पोषण स्तर पर बढ़ती जाती है।
  • ये विषाक्त पदार्थ जीवों द्वारा आसानी से मेटाबोलाइज या उत्सर्जित नहीं होते, जिससे वे ऊतकों में जमा हो जाते हैं।
  • बायोएक्यूमुलेशन एक प्रजाति के शरीर के भीतर प्रदूषकों का संचय है, जबकि बायोमैग्निफिकेशन एक पोषण स्तर से दूसरे में स्थानांतरण है।
  • बायोफर्टिफिकेशन का अर्थ है खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य को बढ़ाना, जैसे कि गोल्डन राइस में बीटा-कैरोटीन जोड़ना।
यह खंड पर्यावरण प्रदूषण के प्रभावों और खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाने के तरीकों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
खाद्य श्रृंखला में फाइटोप्लांकटन से ज़ूप्लांकटन, फिर छोटी मछलियों और अंततः बड़ी मछलियों तक विषाक्त पदार्थों का बढ़ना (बायोमैग्निफिकेशन)।
  • डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी का मुख्य उद्देश्य एक भौतिक प्रणाली का वास्तविक समय आभासी प्रतिरूप (virtual counterpart) बनाना है।
  • इसका उपयोग प्रदर्शन की निगरानी, विश्लेषण और अनुकूलन के लिए किया जाता है।
  • यह उन्नत एयरोस्पेस और औद्योगिक अनुप्रयोगों में महत्वपूर्ण है।
  • यह भौतिक प्रणालियों के व्यवहार को समझने और भविष्यवाणी करने में मदद करता है।
यह खंड आधुनिक औद्योगिक और तकनीकी प्रगति में डिजिटल ट्विन जैसी नवीन तकनीकों की भूमिका को उजागर करता है।
एक भौतिक प्रणाली (जैसे इंजन या पूरी फैक्ट्री) का वास्तविक समय आभासी प्रतिरूप बनाना ताकि उसके प्रदर्शन की निगरानी और अनुकूलन किया जा सके।
  • केंद्र-राज्य संबंधों में विधायी, प्रशासनिक और वित्तीय संबंध शामिल हैं।
  • वस्तु एवं सेवा कर (GST) अंतर-राज्य व्यापार और वाणिज्य के दौरान की गई आपूर्तियों पर लगाया जाता है और इसे अनुच्छेद 269A के तहत एकत्र किया जाता है।
  • अनुच्छेद 271 के तहत संसद द्वारा लगाया गया कोई भी अधिभार (surcharge) या उपकर (cess) करों के विभाज्य पूल का हिस्सा नहीं बनता है और केंद्र द्वारा रखा जाता है।
  • GST परिषद, जिसमें वित्त मंत्री अध्यक्ष होते हैं, करों के वितरण पर सिफारिशें करती है।
यह खंड भारत में संघीय ढांचे के भीतर केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय शक्तियों और जिम्मेदारियों के वितरण को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
अनुच्छेद 271 के तहत संसद द्वारा लगाए गए अधिभार (surcharge) और उपकर (cess) को केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता है।
  • पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण (g) पृथ्वी के द्रव्यमान (M) के समानुपाती और त्रिज्या (R) के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है (g ∝ M/R²)।
  • यदि पृथ्वी की त्रिज्या 2% बढ़ जाती है और द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है, तो गुरुत्वाकर्षण त्वरण में लगभग 4% की कमी आएगी।
  • यह संबंध व्युत्क्रम वर्ग नियम (inverse square law) पर आधारित है।
यह खंड गुरुत्वाकर्षण के नियमों और खगोलीय पिंडों पर उनके प्रभाव को समझने के लिए मौलिक है।
यदि पृथ्वी की त्रिज्या 2% बढ़ जाए, तो सतह पर गुरुत्वाकर्षण त्वरण 4% कम हो जाएगा।
  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत, एक आरोपी व्यक्ति की 15-दिवसीय पुलिस हिरासत को डिटेंशन की पहली 60 दिनों की अवधि के दौरान किश्तों में अधिकृत किया जा सकता है।
  • यह प्रावधान उन अपराधों पर लागू होता है जिनके लिए 10 साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है, जहाँ कुल डिटेंशन अवधि 90 दिनों तक बढ़ सकती है।
  • कम गंभीर अपराधों के लिए, कुल डिटेंशन अवधि 60 दिनों तक सीमित हो सकती है।
  • यह सीआरपीसी 1973 के प्रावधानों से एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
यह खंड आपराधिक न्याय प्रणाली में आरोपी व्यक्तियों के अधिकारों और पुलिस हिरासत की अवधि से संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं को स्पष्ट करता है।
एक आरोपी को पहले 60 दिनों के भीतर कुल 15 दिनों की पुलिस हिरासत में रखा जा सकता है, जिसे अलग-अलग अवधियों में विभाजित किया जा सकता है।
  • आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का उद्देश्य कमजोर परिवारों के लिए विनाशकारी स्वास्थ्य व्यय को कम करना है।
  • यह योजना प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है, जो माध्यमिक और तृतीयक देखभाल के लिए है।
  • यह योजना 2018 में रांची, झारखंड से शुरू की गई थी।
  • यह योजना स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित है।
यह खंड भारत में स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और सामर्थ्य में सुधार लाने वाली एक प्रमुख सरकारी योजना की जानकारी देता है।
एक परिवार को माध्यमिक या तृतीयक देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाना।
  • इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा प्रकाशित ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026 में कोपेनहेगन (डेनमार्क) को दुनिया का सबसे रहने योग्य शहर (most livable city) घोषित किया गया है।
  • 2025 की रैंकिंग में भी कोपेनहेगन शीर्ष पर था।
  • दिल्ली और मुंबई को क्रमशः 121वें और 122वें स्थान पर रखा गया है।
  • ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स में भारत चौथे स्थान पर है, जबकि ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट में भारत 131वें स्थान पर है।
यह खंड विभिन्न वैश्विक सूचकांकों के माध्यम से शहरों और देशों की जीवन-यापन की गुणवत्ता और अन्य महत्वपूर्ण संकेतकों की तुलनात्मक समझ प्रदान करता है।
इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा जारी ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स में कोपेनहेगन का पहला स्थान प्राप्त करना।
  • भारी उद्योगों को भारी कच्चे माल (जैसे कोयला, लौह अयस्क) की आवश्यकता होती है और वे भारी उत्पाद (जैसे मशीनरी, स्टील) का उत्पादन करते हैं।
  • इसके विपरीत, हल्के उद्योगों में हल्के कच्चे माल का उपयोग होता है और वे हल्के उत्पाद बनाते हैं।
  • बुनियादी उद्योग (Basic industries) वे होते हैं जिन पर अन्य उद्योग निर्भर करते हैं।
  • भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता उत्पन्न करना है।
यह खंड उद्योगों के वर्गीकरण और भारत के ऊर्जा क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव के महत्व को समझाता है।
लौह और इस्पात उद्योग को एक भारी उद्योग के रूप में वर्गीकृत करना क्योंकि इसके लिए भारी कच्चे माल की आवश्यकता होती है और यह भारी उत्पाद बनाता है।
  • भारतीय मंदिर वास्तुकला की दो मुख्य शैलियाँ हैं: उत्तर भारतीय 'नगर' शैली और दक्षिण भारतीय 'द्रविड़' शैली।
  • द्रविड़ शैली में 'विमान' (पिरामिडल टॉवर) और 'गोपुरम' (ऊंचे प्रवेश द्वार) होते हैं, जबकि नगर शैली में 'शिखर' (वक्र या पिरामिडल टॉवर) होता है।
  • नगर शैली के शिखर के विभिन्न प्रकार हैं जैसे लैटिना, शेखरी, भूमिजा, फमसाना और वल्लभी।
  • वल्लभी शैली का आधार आयताकार होता है और इसकी छत 'वैगन शेप्ड' होती है, जबकि फमसाना शैली पिरामिडल होती है।
यह खंड भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा, विभिन्न क्षेत्रीय मंदिर वास्तुकला शैलियों की पहचान और विशेषताओं को समझने में मदद करता है।
कोणार्क सूर्य मंदिर (ओडिशा) में 'फमसाना' शैली का शिखर और जगन्नाथ मंदिर (पुरी) में 'रेखा दिवला' शैली का शिखर।
  • मेघालय की गारो जनजाति द्वारा मनाया जाने वाला 'बंगला' त्योहार '100 ड्रमों का त्योहार' कहलाता है और यह सलजोंग देवता को समर्पित है।
  • खासी जनजाति 'नोंक्रेम' त्योहार मनाती है, जिसमें देवी काबली सिंसार को प्रसन्न करने के लिए बकरियों की बलि दी जाती है।
  • जयंतिया जनजाति 'बहदीन खलाम' त्योहार मनाती है, जो प्लेग को दूर भगाने से जुड़ा है।
  • अरुणाचल प्रदेश में 'ड्री फेस्टिवल' आपातानी जनजाति द्वारा और 'सोलुंग' आदि जनजाति द्वारा मनाया जाता है।
यह खंड भारत की विविध जनजातीय संस्कृतियों और उनके महत्वपूर्ण त्योहारों की जानकारी देता है, जो सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग हैं।
मेघालय की गारो जनजाति द्वारा 'बंगला' त्योहार मनाना, जिसे '100 ड्रमों का त्योहार' भी कहा जाता है।

Key takeaways

  1. 1प्राचीन भारत में चोल राजवंश ने ग्राम स्तर पर मजबूत स्थानीय स्व-सरकार की स्थापना की थी।
  2. 2भारतीय शास्त्रीय संगीत में 'थाट' और 'मेलकर्ता' जैसी प्रणालियाँ संगीत को वर्गीकृत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  3. 3भू-आकृति विज्ञान में गुरुत्वाकर्षण द्रव्यमान संचलन का मुख्य चालक है, और अपक्षय इसे प्रभावित करता है।
  4. 4बायोमैग्निफिकेशन खाद्य श्रृंखलाओं में विषाक्त पदार्थों के संचय का एक गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा है।
  5. 5डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी भौतिक प्रणालियों की निगरानी और अनुकूलन के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है।
  6. 6भारत में केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध संविधान द्वारा परिभाषित हैं, जिसमें करों का बंटवारा और अधिभार जैसे मुद्दे शामिल हैं।
  7. 7पृथ्वी की त्रिज्या में परिवर्तन गुरुत्वाकर्षण त्वरण को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है।
  8. 8भारतीय मंदिर वास्तुकला की नगर और द्रविड़ शैलियाँ अपनी अनूठी विशेषताओं और क्षेत्रीय विविधताओं के साथ भारत की कलात्मक विरासत को दर्शाती हैं।

Key terms

चोल राजवंशउर और सभावरियमवेटी और कदमईनाट्यशास्त्र10 थाट प्रणालीमेलकर्ता प्रणालीद्रव्यमान संचलन (Mass Movement)सॉलिफ्लेक्शनअपक्षय (Weathering)बायोमैग्निफिकेशनबायोएक्यूमुलेशनबायोफर्टिफिकेशनडिजिटल ट्विनGST (वस्तु एवं सेवा कर)अनुच्छेद 269Aअनुच्छेद 271गुरुत्वाकर्षण त्वरण (g)बीएनएसएस (भारतीय न्याय संहिता)पुलिस हिरासतआयुष्मान भारत योजनाग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्सभारी उद्योगनवीकरणीय ऊर्जानगर शैलीद्रविड़ शैलीशिखरविमानगोपुरमबंगला त्योहारनोंक्रेम त्योहारबहदीन खलाम

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  1. 1चोल राजवंश की स्थानीय स्व-सरकार प्रणाली की मुख्य विशेषताएं क्या थीं और यह आज के शासन मॉडल से कैसे भिन्न थी?
  2. 2भारतीय शास्त्रीय संगीत में '10 थाट' प्रणाली और 'मेलकर्ता' प्रणाली के महत्व को समझाएं।
  3. 3द्रव्यमान संचलन (Mass Movement) के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करें और बताएं कि गुरुत्वाकर्षण इसमें क्या भूमिका निभाता है?
  4. 4बायोमैग्निफिकेशन और बायोएक्यूमुलेशन के बीच क्या अंतर है और ये पारिस्थितिकी तंत्र को कैसे प्रभावित करते हैं?
  5. 5डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी का प्राथमिक उद्देश्य क्या है और यह किन उद्योगों में सबसे अधिक उपयोगी है?
  6. 6भारतीय संविधान के तहत केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों को नियंत्रित करने वाले प्रमुख प्रावधानों की व्याख्या करें।
  7. 7भारतीय मंदिर वास्तुकला की नगर और द्रविड़ शैलियों के बीच मुख्य अंतर क्या हैं, और प्रत्येक शैली की कुछ प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करें।

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