
EPFO APFC 2026 Current Affairs - Part 1 - All updates on Labour Ministry #apfccurrentaffairs
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Overview
यह वीडियो श्रम और रोजगार मंत्रालय के हालिया अपडेट्स पर केंद्रित है, विशेष रूप से EPFO APFC परीक्षा 2026 के लिए। इसमें मंत्रालय की संरचना, इसके प्रमुख कार्यक्षेत्र जैसे श्रमिक कल्याण, औद्योगिक संबंध, व्यावसायिक सुरक्षा और डेटा प्रबंधन को समझाया गया है। वीडियो में मंत्रालय के वर्तमान प्रमुखों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त, यह प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए ई-श्रम पोर्टल पर एग्रीगेटर मॉड्यूल, हीट वेव एडवाइजरी, ब्रिक्स देशों की श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक (BRICS LEMM), और औद्योगिक विवादों के ऑनलाइन समाधान के लिए समाधान 2.0 पोर्टल जैसे महत्वपूर्ण पहलों पर विस्तार से चर्चा करता है।
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Chapters
- मंत्रालय श्रम और रोजगार से जुड़े सभी पहलुओं, जैसे श्रमिक कल्याण, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, व्यावसायिक सुरक्षा और डेटा प्रबंधन को देखता है।
- श्रमिक कल्याण में कार्यस्थल की सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता, विश्राम कक्ष, कैंटीन, चिकित्सा और मातृत्व लाभ जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
- औद्योगिक संबंध नियोक्ता और कर्मचारी के बीच संबंधों को सुचारू बनाने पर केंद्रित है ताकि आर्थिक विकास हो सके।
- मंत्रालय के वर्तमान केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और राज्य मंत्री सुश्री शोभा करांद लाजे हैं।
- मंत्रालय के तहत दो प्रमुख वैधानिक निकाय हैं: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC)।
- EPFO बचत और सेवानिवृत्ति सुरक्षा प्रदान करता है, जिसमें भविष्य निधि और पेंशन योजनाएं शामिल हैं।
- ESIC बीमारी, विकलांगता और मृत्यु की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को चिकित्सा और वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
- क्षेत्रीय और तकनीकी निकायों में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), महानिदेशालय रोजगार (DGE), महानिदेशालय कारखाना सलाह सेवा और श्रम संस्थान (DGFASLI), खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS), श्रम ब्यूरो और श्रम कल्याण महानिदेशालय (DGLW) शामिल हैं।
- मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) औद्योगिक संबंधों को सुचारू बनाने और विवादों को सुलझाने का काम करता है।
- श्रम ब्यूरो श्रमिकों से संबंधित डेटा और आँकड़े एकत्र और बनाए रखता है, जैसे कि असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों की संख्या।
- अनुसंधान और श्रमिक शिक्षा के तहत वीवी गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान और दतोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा विकास बोर्ड जैसे संस्थान आते हैं।
- यह योजना 1 अगस्त 2025 को शुरू की गई एक रोजगार-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना है, जिसका उद्देश्य नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को लाभ पहुंचाना है।
- कर्मचारियों के लिए, यह योजना पहली बार EPFO सदस्य बनने वालों को, जिनका यूएएन (Universal Account Number) नया जनरेट हुआ है और जिनकी सैलरी ₹1 लाख से कम है, उन्हें पहली सैलरी के बराबर (₹15,000 तक) बोनस दो किस्तों में प्रदान करती है।
- नियोक्ताओं के लिए, योजना नए स्थायी रोजगार सृजित करने पर सब्सिडी प्रदान करती है, जो कंपनी के प्रकार के आधार पर 2 से 4 साल तक ₹1,000 से ₹3,000 प्रति माह तक हो सकती है।
- इस योजना का लक्ष्य 31 जुलाई 2027 तक 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करना है, जिसके लिए ₹9,946 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
- ई-श्रम पोर्टल असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक डेटाबेस है, जो उन्हें यूएएन नंबर और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच प्रदान करता है।
- 29 जनवरी 2026 को, ई-श्रम पोर्टल पर 12 प्रमुख भारतीय एग्रीगेटर (जैसे Zomato, Uber, Amazon) को ऑनबोर्ड किया गया ताकि गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा सके।
- 2029-2030 तक गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की संख्या 2.35 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे जीवन बीमा, विकलांगता कवर और पेंशन से लाभान्वित किया जाएगा।
- बजट 2025-26 के अनुसार, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए 14-15 योजनाओं के तहत लगभग ₹31.48 करोड़ से ₹31.82 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
- 28 अप्रैल 2026 को जारी हीट वेव एडवाइजरी में संगठनों को कार्य शेड्यूल को पुनर्निर्धारित करने, पेयजल और आराम क्षेत्रों की सुविधा प्रदान करने और कार्यस्थलों पर कूलिंग की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है।
- इसमें निर्माण श्रमिकों और दिहाड़ी मजदूरों को प्राथमिकता दी गई है, और ईएसआईसी और डीजीएलडब्ल्यू द्वारा हीट स्ट्रोक हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।
- 15-16 जुलाई 2026 को हैदराबाद में 12वीं ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक (BRICS LEMM) आयोजित की गई, जिसका थीम 'Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability' था।
- बैठक में सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, रोजगार योग्यता बढ़ाना और डिजिटल कार्य को बढ़ावा देने जैसे चार प्रमुख स्तंभों पर चर्चा हुई।
- समाधान 2.0 एक ऑनलाइन पोर्टल है जिसे 17 जुलाई 2026 को लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य औद्योगिक विवादों का ऑनलाइन समाधान करना है।
- यह पोर्टल ट्रेड यूनियनों को अपनी शिकायतें दर्ज करने और मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय द्वारा त्वरित समाधान प्राप्त करने की सुविधा देता है।
- भारत ने ब्रिक्स देशों के बीच तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण के लिए 'ब्रिक्स कनेक्ट' नामक एक ई-पोर्टल भी लॉन्च किया है।
- आगामी कक्षाओं में विवाद, दावा, ट्रेड यूनियन, सुलह मशीनरी और डिजिटल श्रम प्रशासन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
Key takeaways
- श्रम और रोजगार मंत्रालय श्रमिकों के कल्याण, सुरक्षा और रोजगार को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाओं और निकायों के माध्यम से काम करता है।
- EPFO और ESIC जैसी संस्थाएं श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा जाल प्रदान करती हैं।
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना रोजगार सृजन और औपचारिक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है।
- गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
- हीट वेव जैसी मौसमी चुनौतियों के लिए श्रमिकों की सुरक्षा हेतु एडवाइजरी जारी की जाती है।
- ब्रिक्स देशों के बीच श्रम और रोजगार के मुद्दों पर सहयोग महत्वपूर्ण है।
- औद्योगिक विवादों के समाधान के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे समाधान 2.0 का उपयोग बढ़ रहा है।
Key terms
Test your understanding
- श्रम और रोजगार मंत्रालय के मुख्य कार्यक्षेत्र क्या हैं और वे श्रमिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
- EPFO और ESIC श्रमिकों को किस प्रकार की सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हैं?
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को क्या लाभ मिलते हैं?
- ई-श्रम पोर्टल गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
- समाधान 2.0 पोर्टल का उद्देश्य क्या है और यह औद्योगिक विवादों को हल करने में कैसे मदद करता है?