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EPFO APFC 2026 Current Affairs - Part 1 - All updates on Labour Ministry #apfccurrentaffairs
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EPFO APFC 2026 Current Affairs - Part 1 - All updates on Labour Ministry #apfccurrentaffairs

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7 chapters7 takeaways12 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो श्रम और रोजगार मंत्रालय के हालिया अपडेट्स पर केंद्रित है, विशेष रूप से EPFO APFC परीक्षा 2026 के लिए। इसमें मंत्रालय की संरचना, इसके प्रमुख कार्यक्षेत्र जैसे श्रमिक कल्याण, औद्योगिक संबंध, व्यावसायिक सुरक्षा और डेटा प्रबंधन को समझाया गया है। वीडियो में मंत्रालय के वर्तमान प्रमुखों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त, यह प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए ई-श्रम पोर्टल पर एग्रीगेटर मॉड्यूल, हीट वेव एडवाइजरी, ब्रिक्स देशों की श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक (BRICS LEMM), और औद्योगिक विवादों के ऑनलाइन समाधान के लिए समाधान 2.0 पोर्टल जैसे महत्वपूर्ण पहलों पर विस्तार से चर्चा करता है।

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Chapters

  • मंत्रालय श्रम और रोजगार से जुड़े सभी पहलुओं, जैसे श्रमिक कल्याण, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, व्यावसायिक सुरक्षा और डेटा प्रबंधन को देखता है।
  • श्रमिक कल्याण में कार्यस्थल की सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता, विश्राम कक्ष, कैंटीन, चिकित्सा और मातृत्व लाभ जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
  • औद्योगिक संबंध नियोक्ता और कर्मचारी के बीच संबंधों को सुचारू बनाने पर केंद्रित है ताकि आर्थिक विकास हो सके।
  • मंत्रालय के वर्तमान केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और राज्य मंत्री सुश्री शोभा करांद लाजे हैं।
मंत्रालय की संरचना और उसके मुख्य कार्यों को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे तौर पर श्रमिकों के अधिकारों और कल्याण से जुड़ा है, जो APFC परीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है।
श्रमिक कल्याण के उदाहरणों में कार्यस्थल पर पीने के पानी की सुविधा, रेस्ट रूम और मातृत्व लाभ शामिल हैं।
  • मंत्रालय के तहत दो प्रमुख वैधानिक निकाय हैं: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC)।
  • EPFO बचत और सेवानिवृत्ति सुरक्षा प्रदान करता है, जिसमें भविष्य निधि और पेंशन योजनाएं शामिल हैं।
  • ESIC बीमारी, विकलांगता और मृत्यु की स्थिति में श्रमिकों और उनके परिवारों को चिकित्सा और वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
EPFO और ESIC जैसी वैधानिक संस्थाएं श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करती हैं, जो परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।
EPFO सेवानिवृत्ति के समय भविष्य निधि के रूप में बचत प्रदान करता है, जबकि ESIC बीमारी के दौरान चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करता है।
  • क्षेत्रीय और तकनीकी निकायों में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), महानिदेशालय रोजगार (DGE), महानिदेशालय कारखाना सलाह सेवा और श्रम संस्थान (DGFASLI), खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS), श्रम ब्यूरो और श्रम कल्याण महानिदेशालय (DGLW) शामिल हैं।
  • मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) औद्योगिक संबंधों को सुचारू बनाने और विवादों को सुलझाने का काम करता है।
  • श्रम ब्यूरो श्रमिकों से संबंधित डेटा और आँकड़े एकत्र और बनाए रखता है, जैसे कि असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों की संख्या।
  • अनुसंधान और श्रमिक शिक्षा के तहत वीवी गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान और दतोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा विकास बोर्ड जैसे संस्थान आते हैं।
ये निकाय जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करने, डेटा एकत्र करने और श्रमिकों को शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो श्रम कानूनों और नीतियों की समझ के लिए आवश्यक है।
श्रम ब्यूरो असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या का डेटा एकत्र करता है।
  • यह योजना 1 अगस्त 2025 को शुरू की गई एक रोजगार-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना है, जिसका उद्देश्य नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को लाभ पहुंचाना है।
  • कर्मचारियों के लिए, यह योजना पहली बार EPFO सदस्य बनने वालों को, जिनका यूएएन (Universal Account Number) नया जनरेट हुआ है और जिनकी सैलरी ₹1 लाख से कम है, उन्हें पहली सैलरी के बराबर (₹15,000 तक) बोनस दो किस्तों में प्रदान करती है।
  • नियोक्ताओं के लिए, योजना नए स्थायी रोजगार सृजित करने पर सब्सिडी प्रदान करती है, जो कंपनी के प्रकार के आधार पर 2 से 4 साल तक ₹1,000 से ₹3,000 प्रति माह तक हो सकती है।
  • इस योजना का लक्ष्य 31 जुलाई 2027 तक 3.5 करोड़ रोजगार सृजित करना है, जिसके लिए ₹9,946 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
यह योजना रोजगार सृजन और औपचारिक अर्थव्यवस्था में श्रमिकों को शामिल करने को बढ़ावा देती है, जो भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
यदि किसी कर्मचारी का वेतन ₹10,000 है और वह पहली बार EPFO सदस्य बनता है, तो उसे ₹10,000 तक का बोनस दो किस्तों में मिलेगा।
  • ई-श्रम पोर्टल असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक डेटाबेस है, जो उन्हें यूएएन नंबर और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच प्रदान करता है।
  • 29 जनवरी 2026 को, ई-श्रम पोर्टल पर 12 प्रमुख भारतीय एग्रीगेटर (जैसे Zomato, Uber, Amazon) को ऑनबोर्ड किया गया ताकि गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा सके।
  • 2029-2030 तक गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की संख्या 2.35 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे जीवन बीमा, विकलांगता कवर और पेंशन से लाभान्वित किया जाएगा।
  • बजट 2025-26 के अनुसार, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए 14-15 योजनाओं के तहत लगभग ₹31.48 करोड़ से ₹31.82 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
यह पहल गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में एकीकृत करती है, जिससे उनकी वित्तीय सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित होता है।
ई-श्रम पोर्टल पर Zomato और Uber जैसे एग्रीगेटर्स को सूचीबद्ध किया गया है ताकि उनके प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
  • 28 अप्रैल 2026 को जारी हीट वेव एडवाइजरी में संगठनों को कार्य शेड्यूल को पुनर्निर्धारित करने, पेयजल और आराम क्षेत्रों की सुविधा प्रदान करने और कार्यस्थलों पर कूलिंग की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है।
  • इसमें निर्माण श्रमिकों और दिहाड़ी मजदूरों को प्राथमिकता दी गई है, और ईएसआईसी और डीजीएलडब्ल्यू द्वारा हीट स्ट्रोक हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।
  • 15-16 जुलाई 2026 को हैदराबाद में 12वीं ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक (BRICS LEMM) आयोजित की गई, जिसका थीम 'Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability' था।
  • बैठक में सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, रोजगार योग्यता बढ़ाना और डिजिटल कार्य को बढ़ावा देने जैसे चार प्रमुख स्तंभों पर चर्चा हुई।
हीट वेव एडवाइजरी श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करती है, जबकि ब्रिक्स LEMM अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है और वैश्विक श्रम मुद्दों पर समाधान खोजने में मदद करता है।
ब्रिक्स LEMM में चर्चा का एक मुख्य बिंदु अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करना था।
  • समाधान 2.0 एक ऑनलाइन पोर्टल है जिसे 17 जुलाई 2026 को लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य औद्योगिक विवादों का ऑनलाइन समाधान करना है।
  • यह पोर्टल ट्रेड यूनियनों को अपनी शिकायतें दर्ज करने और मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय द्वारा त्वरित समाधान प्राप्त करने की सुविधा देता है।
  • भारत ने ब्रिक्स देशों के बीच तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण के लिए 'ब्रिक्स कनेक्ट' नामक एक ई-पोर्टल भी लॉन्च किया है।
  • आगामी कक्षाओं में विवाद, दावा, ट्रेड यूनियन, सुलह मशीनरी और डिजिटल श्रम प्रशासन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
समाधान 2.0 और ब्रिक्स कनेक्ट जैसे पोर्टल औद्योगिक विवादों को सुलझाने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने में मदद करते हैं, जो कुशल श्रम प्रशासन के लिए आवश्यक हैं।
समाधान 2.0 पोर्टल के माध्यम से, कोई भी ट्रेड यूनियन अपनी मजदूरी से संबंधित शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकता है।

Key takeaways

  1. 1श्रम और रोजगार मंत्रालय श्रमिकों के कल्याण, सुरक्षा और रोजगार को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाओं और निकायों के माध्यम से काम करता है।
  2. 2EPFO और ESIC जैसी संस्थाएं श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा जाल प्रदान करती हैं।
  3. 3प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना रोजगार सृजन और औपचारिक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है।
  4. 4गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
  5. 5हीट वेव जैसी मौसमी चुनौतियों के लिए श्रमिकों की सुरक्षा हेतु एडवाइजरी जारी की जाती है।
  6. 6ब्रिक्स देशों के बीच श्रम और रोजगार के मुद्दों पर सहयोग महत्वपूर्ण है।
  7. 7औद्योगिक विवादों के समाधान के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे समाधान 2.0 का उपयोग बढ़ रहा है।

Key terms

Ministry of Labour and EmploymentEPFO (Employees' Provident Fund Organisation)ESIC (Employees' State Insurance Corporation)Statutory BodyPrime Minister Viksit Bharat Rojgar Yojana (PM VBRY)Gig and Platform WorkersE-Shram PortalAggregator ModuleBRICS LEMM (Labour and Employment Ministers Meeting)Samadhan 2.0Universal Account Number (UAN)Industrial Dispute

Test your understanding

  1. 1श्रम और रोजगार मंत्रालय के मुख्य कार्यक्षेत्र क्या हैं और वे श्रमिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
  2. 2EPFO और ESIC श्रमिकों को किस प्रकार की सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हैं?
  3. 3प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को क्या लाभ मिलते हैं?
  4. 4ई-श्रम पोर्टल गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
  5. 5समाधान 2.0 पोर्टल का उद्देश्य क्या है और यह औद्योगिक विवादों को हल करने में कैसे मदद करता है?

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