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हर संकट को दूर करने वाला दिव्य दिया का उपाय || Vasant Vijayanand Giri ji Maharaj
ThoughtYoga
Overview
यह वीडियो बताता है कि दीपक क्यों जलाए जाते हैं और यह परंपरा कैसे शुरू हुई। यह समझाता है कि देवताओं की आयु बढ़ाने के लिए घी जलाने का विचार प्राचीन ऋषियों का था। वीडियो तीन विशेष दीपक विधियों पर केंद्रित है जो घर की समस्याओं, जैसे कि बुरी नजर, दरिद्रता, और पारिवारिक कलह को दूर करने में मदद कर सकती हैं। यह सही दीपक जलाने के महत्व और विभिन्न समस्याओं के लिए विशेष सामग्री (जैसे पीली सरसों, कपूर, इलायची, काली मिर्च) के उपयोग पर जोर देता है।
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Chapters
- सनातन, जैन, बौद्ध परंपराएं दीपक जलाने को देव उपासना का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं।
- दीपक जलाने की परंपरा देवताओं की 'ज्योतिर्मय' शरीर से निकलने वाली रोशनी को पुनः स्थापित करने के विचार से उत्पन्न हुई, ताकि उनकी आयु बढ़ाई जा सके।
- शुद्ध गाय का घी अग्नि में जलाने पर वह घी देवताओं के शरीर में रोशनी बनकर उनकी आयु वृद्धि में सहायक होता है।
- हवन में अग्नि में घी डालकर देवताओं तक शक्ति पहुंचाई जाती है, जबकि दीपक में घी जलाकर यह कार्य घर-घर में किया जाता है।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि दीपक जलाने के पीछे का गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक (प्राचीन ऋषियों के अनुसार) कारण क्या है, ताकि इसे केवल एक रूढ़िवादी प्रथा न माना जाए।
देवताओं के सिर के पीछे दिखाई देने वाली पीली या सफेद रोशनी, जो उनके शरीर से निकलती रहती है और जिसके खत्म होने पर उनकी आयु समाप्त हो जाती है।
- कई लोग दीपक जलाने की सही पद्धति नहीं जानते, जिससे सामग्री व्यर्थ जाती है और अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते।
- घर में जितनी मूर्तियाँ या तस्वीरें हों, उतने ही दीपक जलाने चाहिए; कम दीपक जलाना और बहुत सारी तस्वीरें रखना अप्रभावी होता है।
- बिजली के करंट की तरह, दीपक में भी दो तार (बत्ती) होने से शक्ति का प्रवाह सही ढंग से होता है; एक बत्ती से शक्ति उत्पन्न नहीं होती।
- देवताओं को प्रसन्न करने के लिए दीपक में घी या तेल का उपयोग किया जाता है, और बत्ती के लिए मौली (कपास की धागा) का प्रयोग होता है।
यह जानना आवश्यक है कि दीपक जलाने की विधि में की गई छोटी-छोटी गलतियाँ भी उसके प्रभाव को कम कर सकती हैं, जिससे हमें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।
जैसे एक पत्र पर कई पते लिखने से वह वापस आ जाता है, वैसे ही बहुत सारी तस्वीरों के सामने कम दीपक जलाने से वह ऊर्जा सही देवता तक नहीं पहुँच पाती।
- जादू-टोना, बुरी नजर, या भूत-प्रेत की बाधाओं को दूर करने के लिए 21 दिनों तक तिल के तेल में पीली सरसों डालकर दीपक जलाना चाहिए।
- व्यापार में वृद्धि, धन-समृद्धि, और दरिद्रता को दूर करने के लिए दीपक में कपूर (बरास) और दो इलायची डालकर 21 दिनों तक जलाना चाहिए।
- बच्चों को गलत आदतों से छुड़ाने, परिवार में एकता और प्रेम बढ़ाने, तथा नजर दोष को दूर करने के लिए घी के दीपक में काली मिर्च डालकर 21 दिनों तक जलाना चाहिए।
- विभिन्न देवताओं (जैसे भैरव, शनि, हनुमान) के लिए विशेष तेल (जैसे तिल का तेल) का उपयोग किया जा सकता है, जबकि अन्य के लिए घी उत्तम है।
ये विशेष दीपक उपाय हमें सिखाते हैं कि कैसे हम अपनी दैनिक पूजा में थोड़ी सी सामग्री बदलकर अपने जीवन की विशिष्ट समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।
यदि घर में कोई जादू-टोना या तंत्र-मंत्र का प्रभाव लग रहा है, तो तिल के तेल में पीली सरसों डालकर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके 21 दिन तक दीपक जलाने से लाभ होता है।
Key takeaways
- दीपक जलाने की परंपरा देवताओं की ऊर्जा को बनाए रखने और उनसे कृपा प्राप्त करने का एक प्राचीन तरीका है।
- दीपक जलाने का उद्देश्य केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि देवताओं को ऊर्जा प्रदान कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना है।
- दीपक जलाने की विधि में बत्ती की संख्या (दो बत्ती) और मूर्तियों की संख्या के अनुसार दीपक की संख्या का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
- विभिन्न प्रकार की समस्याओं (जैसे दरिद्रता, बुरी नजर, पारिवारिक कलह) के समाधान के लिए विशेष सामग्री का उपयोग करके दीपक जलाए जा सकते हैं।
- सही ज्ञान और विधि के साथ दीपक जलाने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सुरक्षा प्राप्त होती है।
Key terms
ज्योतिर्मय शरीरस्वाहा देवीस्वधा देवीअखंड दीपकपीली सरसोंबरास (कपूर)काली मिर्चतंत्र क्रियानजर दोष
Test your understanding
- प्राचीन ऋषियों ने देवताओं की आयु बढ़ाने के लिए घी जलाने का विचार क्यों विकसित किया?
- दीपक जलाने की परंपरा में दो बत्ती का उपयोग क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
- घर में दरिद्रता को दूर करने के लिए किस विशेष सामग्री का उपयोग करके दीपक जलाना चाहिए और कितने दिनों तक?
- यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उस पर जादू-टोना या भूत-प्रेत का प्रभाव है, तो उसे कौन सा दीपक उपाय करना चाहिए और क्यों?