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BOS,CHoCH & INDUCEMENT In SMC | HINDI | BANKNIFTY| LECTURE~3
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BOS,CHoCH & INDUCEMENT In SMC | HINDI | BANKNIFTY| LECTURE~3

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7 chapters6 takeaways16 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो बैंकनिफ्टी ट्रेडिंग में स्ट्रक्चर मैपिंग की अवधारणा को समझाता है, जिसमें तीन मुख्य बिंदु शामिल हैं: ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर (BOS), चेंज ऑफ कैरेक्टर (CHoCH), और इंड्यूसमेंट (IDM)। वक्ता इन अवधारणाओं को विस्तृत रूप से समझाते हैं, यह बताते हुए कि वे ट्रेंड की निरंतरता और ट्रेंड के बदलाव को कैसे दर्शाते हैं। वीडियो में लाइव चार्ट पर इन अवधारणाओं को पहचानने और मार्क करने के तरीके भी दिखाए गए हैं, जिसमें वैलिड और इनवैलिड स्विंग और पुलबैक के नियमों पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य ट्रेडर्स को मार्केट स्ट्रक्चर को बेहतर ढंग से समझने और सूचित निर्णय लेने में मदद करना है।

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Chapters

  • स्ट्रक्चर मैपिंग एसएमसी (स्मार्ट मनी कॉन्सेप्ट) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • इसमें तीन मुख्य घटक शामिल हैं: ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर (BOS), चेंज ऑफ कैरेक्टर (CHoCH), और इंड्यूसमेंट (IDM)।
  • इन तीनों को मिलाकर स्ट्रक्चर मैपिंग बनती है, जो मार्केट की दिशा और संभावित बदलावों को समझने में मदद करती है।
यह समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपको मार्केट की दिशा को पहचानने और ट्रेंड के अनुसार ट्रेड करने या ट्रेंड के संभावित बदलावों के लिए तैयार रहने में मदद करता है।
  • अपट्रेंड में, जब प्राइस पिछले हायर हाई को तोड़कर नया हायर हाई बनाता है, तो उस टूटे हुए पॉइंट को BOS कहते हैं।
  • डाउनट्रेंड में, जब प्राइस पिछले लोअर लो को तोड़कर नया लोअर लो बनाता है, तो उस टूटे हुए पॉइंट को BOS कहते हैं।
  • BOS एक ट्रेंड की निरंतरता का संकेत देता है, यानी ट्रेंड उसी दिशा में जारी रहेगा।
BOS आपको यह पहचानने में मदद करता है कि मौजूदा ट्रेंड जारी है या नहीं, जिससे आप ट्रेंड के साथ ट्रेड करने का निर्णय ले सकते हैं।
अपट्रेंड में, प्राइस ऊपर जाता है, एक हाई बनाता है, फिर थोड़ा गिरता है, और फिर उस पिछले हाई को तोड़कर ऊपर चला जाता है - यह BOS है। डाउनट्रेंड में, प्राइस नीचे जाता है, एक लो बनाता है, फिर थोड़ा ऊपर जाता है, और फिर उस पिछले लो को तोड़कर नीचे चला जाता है - यह भी BOS है।
  • CHoCH तब होता है जब प्राइस अपने मौजूदा ट्रेंड के स्ट्रक्चर को तोड़ देता है, जो ट्रेंड के संभावित बदलाव का संकेत देता है।
  • अपट्रेंड में, CHoCH तब होता है जब प्राइस पिछले हायर लो को तोड़ देता है।
  • डाउनट्रेंड में, CHoCH तब होता है जब प्राइस पिछले लोअर हाई को तोड़ देता है।
  • CHoCH एक टर्निंग पॉइंट है, जो बताता है कि ट्रेंड बदल सकता है।
CHoCH आपको ट्रेंड के संभावित अंत और विपरीत दिशा में नए ट्रेंड की शुरुआत का संकेत देता है, जिससे आप अपनी पोजीशन को एडजस्ट कर सकते हैं।
अपट्रेंड में, प्राइस लगातार हायर हाई और हायर लो बना रहा था, लेकिन अचानक वह पिछले हायर लो को तोड़कर नीचे आ जाता है - यह CHoCH है, जो ट्रेंड के डाउन होने का संकेत देता है।
  • IDM (इंड्यूसमेंट) वह पहला स्विंग होता है जो किसी बड़े स्ट्रक्चरल पॉइंट (जैसे हायर हाई या लोअर लो) के बनने से ठीक पहले बनता है।
  • अपट्रेंड में, हायर हाई की पुष्टि के लिए, प्राइस को अपने लेफ्ट साइड के पहले स्विंग (IDM) को लेना होता है।
  • डाउनट्रेंड में, लोअर लो की पुष्टि के लिए, प्राइस को अपने लेफ्ट साइड के पहले स्विंग (IDM) को लेना होता है।
  • IDM का नियम यह है कि यह हमेशा लेफ्ट साइड का स्विंग होता है और इसे प्राइस द्वारा स्वीप (लिक्विडिटी ग्रैब) या टैप किया जा सकता है।
IDM को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आपको वास्तविक हायर हाई और लोअर लो की पहचान करने में मदद करता है, जिससे आप गलत स्ट्रक्चरल ब्रेकआउट से बच सकते हैं।
अपट्रेंड में, प्राइस ऊपर जा रहा है और एक नया हाई बनाने से ठीक पहले एक छोटा पुलबैक लेता है (यह लेफ्ट स्विंग IDM है)। जब प्राइस इस पुलबैक को तोड़कर ऊपर जाता है, तब जाकर पिछला हाई एक कन्फर्मड हायर हाई बनता है।
  • BOS और CHoCH में बॉडी क्लोजिंग आवश्यक है, जबकि IDM में केवल लिक्विडिटी ग्रैब (स्वीप) या टैप होना भी मान्य है।
  • BOS ट्रेंड की निरंतरता दिखाता है, जबकि CHoCH ट्रेंड के बदलाव का संकेत देता है।
  • IDM का उपयोग हायर हाई/लोअर लो की पुष्टि के लिए किया जाता है, जबकि CHoCH ट्रेंड रिवर्सल का पॉइंट है।
  • BOS और CHoCH को मार्क करते समय, बॉडी क्लोजिंग का इंतजार करना चाहिए, जबकि IDM के लिए वीक (wick) भी पर्याप्त हो सकती है।
इन नियमों को समझने से आप स्ट्रक्चरल पॉइंट्स को सही ढंग से मार्क कर पाएंगे और गलत ट्रेड एंट्री से बचेंगे, खासकर जब लिक्विडिटी ग्रैब हो रही हो।
BOS के लिए, प्राइस को पिछले हाई के ऊपर बॉडी क्लोज करनी होगी। CHoCH के लिए, प्राइस को पिछले लो के नीचे बॉडी क्लोज करनी होगी। लेकिन IDM के लिए, प्राइस सिर्फ उस स्विंग को टच करके या वीक बनाकर भी वापस आ सकता है।
  • डाउनट्रेंड में, लोअर लो की पुष्टि के लिए लेफ्ट स्विंग (IDM) को मार्क किया जाता है, और लोअर हाई की पुष्टि बॉस होने पर होती है।
  • जब ट्रेंड बदलता है (CHoCH), तो डाउनट्रेंड का अंतिम लोअर लो या अपट्रेंड का अंतिम हायर हाई चौक पॉइंट बन जाता है।
  • अपट्रेंड में, हायर हाई की पुष्टि के लिए लेफ्ट स्विंग (IDM) को मार्क किया जाता है, और हायर लो की पुष्टि बॉस होने पर होती है।
  • चार्ट पर स्ट्रक्चर मैपिंग करते समय, केवल कैंडलस्टिक के स्विंग हाई/लो पर ध्यान न दें, बल्कि IDM, BOS और CHoCH के नियमों का पालन करें।
लाइव चार्ट पर इन अवधारणाओं का अभ्यास करने से आपको वास्तविक बाजार में इन्हें पहचानने और लागू करने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है।
वीडियो में एक डाउनट्रेंड का उदाहरण दिखाया गया है जहाँ लोअर लो, IDM, लोअर हाई और बॉस को मार्क किया गया है। फिर ट्रेंड के बदलने (CHoCH) और अपट्रेंड शुरू होने पर हायर हाई, IDM और हायर लो को मार्क करने का तरीका दिखाया गया है।
  • एक वैलिड स्विंग तब बनता है जब प्राइस पिछले हाई के ऊपर बॉडी क्लोज करता है और कम से कम एक कैंडल की लिक्विडिटी ग्रैब करता है।
  • इनवैलिड स्विंग तब होता है जब केवल वीक बनती है या बॉडी क्लोजिंग नहीं होती है।
  • इनसाइड बार कैंडल के मामले में, चौथी कैंडल के ब्रेकआउट का इंतजार करना होता है।
  • वैलिड पुलबैक वे होते हैं जो स्ट्रक्चरल नियमों का पालन करते हैं, जबकि इनवैलिड पुलबैक भ्रामक हो सकते हैं।
वैलिड और इनवैलिड स्विंग के बीच अंतर जानने से आप झूठे संकेतों को पहचान सकते हैं और केवल मजबूत स्ट्रक्चरल मूवमेंट्स पर ट्रेड कर सकते हैं।
एक उदाहरण में, प्राइस एक हाई के ऊपर बॉडी क्लोज करता है, जो एक वैलिड स्विंग है। दूसरे उदाहरण में, केवल वीक बनती है और प्राइस नीचे आ जाता है, जो एक इनवैलिड स्विंग है।

Key takeaways

  1. 1मार्केट स्ट्रक्चर को समझने के लिए BOS, CHoCH और IDM का ज्ञान आवश्यक है।
  2. 2BOS ट्रेंड की निरंतरता का संकेत देता है, जबकि CHoCH ट्रेंड के बदलाव का।
  3. 3IDM का उपयोग वास्तविक हायर हाई और लोअर लो की पहचान के लिए किया जाता है।
  4. 4BOS और CHoCH के लिए बॉडी क्लोजिंग महत्वपूर्ण है, जबकि IDM के लिए लिक्विडिटी ग्रैब पर्याप्त है।
  5. 5लाइव चार्ट पर स्ट्रक्चर मैपिंग का अभ्यास करके ही इन अवधारणाओं में महारत हासिल की जा सकती है।
  6. 6वैलिड और इनवैलिड स्विंग के बीच अंतर करना ट्रेडर्स को झूठे संकेतों से बचने में मदद करता है।

Key terms

Break of Structure (BOS)Change of Character (CHoCH)Inducement (IDM)Structure MappingUptrendDowntrendHigher HighHigher LowLower LowLower HighLiquidity GrabBody ClosingSwing HighSwing LowValid SwingInvalid Swing

Test your understanding

  1. 1अपट्रेंड में ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर (BOS) कब होता है और यह क्या दर्शाता है?
  2. 2चेंज ऑफ कैरेक्टर (CHoCH) क्या है और यह अपट्रेंड या डाउनट्रेंड में कैसे पहचाना जाता है?
  3. 3इंड्यूसमेंट (IDM) क्या है और यह हायर हाई या लोअर लो की पुष्टि में कैसे मदद करता है?
  4. 4BOS और CHoCH के लिए बॉडी क्लोजिंग क्यों महत्वपूर्ण है, जबकि IDM के लिए लिक्विडिटी ग्रैब क्यों पर्याप्त हो सकता है?
  5. 5लाइव चार्ट पर स्ट्रक्चर मैपिंग करते समय, आप वैलिड और इनवैलिड स्विंग के बीच अंतर कैसे करेंगे?

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