
Environment & Ecology Full Revision 2026 | UP Lekhpal Exam | UP Lower PCS | UPPCS & RO/ARO 2027
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Overview
यह वीडियो पर्यावरण और पारिस्थितिकी (Environment and Ecology) के महत्वपूर्ण विषयों का एक विस्तृत पुनरीक्षण (revision) प्रदान करता है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपी लेखपाल, यूपी लोअर पीसीएस, यूपीपीसीएस और आरओ/एआरओ के लिए उपयोगी है। इसमें पारिस्थितिकी तंत्र के घटकों, प्रमुख पर्यावरण संरक्षण अधिनियमों, पर्यावरण संरक्षण की अवधारणाओं, विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिकी तंत्रों, वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण प्रभाव आकलन जैसे विषयों को शामिल किया गया है। वीडियो का उद्देश्य कम समय में गहन अध्ययन और परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करना है।
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Chapters
- पारिस्थितिकी तंत्र में जैविक (उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक) और अजैविक (भौतिक कारक, अकार्बनिक पदार्थ) घटक शामिल होते हैं।
- उत्पादक हरे पौधे होते हैं, जबकि उपभोक्ता शाकाहारी, मांसाहारी और सर्वाहारी होते हैं।
- अपघटक (कवक, जीवाणु) मृत कार्बनिक पदार्थों को तोड़ते हैं।
- प्रमुख पर्यावरण संरक्षण अधिनियमों में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम (1972), जल प्रदूषण निवारण (1974), वन संरक्षण (1980), वायु प्रदूषण निवारण (1981), पर्यावरण संरक्षण (1986), जैव विविधता (2002) और एनजीटी (2010) शामिल हैं।
- पर्यावरण शब्द फ्रेंच शब्द 'इन वार्नियर' से आया है, जिसका अर्थ है 'घेरना'।
- पहला अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन 1972 में स्टॉकहोम, स्वीडन में हुआ था, जिसके बाद 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाने लगा।
- एजेंडा 21 को 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन में अपनाया गया था, जो सतत विकास से संबंधित है।
- सतत विकास की अवधारणा 1987 की ब्रिटलैंड रिपोर्ट 'आवर कॉमन फ्यूचर' से आई है।
- नीरी (राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी शोध संस्थान) नागपुर में स्थित है, और यूएनईपी (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम) का मुख्यालय नैरोबी, केन्या में है।
- पारिस्थितिकी तंत्र शब्द एजी टॉसले (1935) द्वारा दिया गया था; समुद्र सबसे बड़ा और सबसे स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र है।
- कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र में कृषि भूमि और एक्वेरियम शामिल हैं।
- ऊर्जा का प्रवाह सूर्य से उत्पादकों, फिर उपभोक्ताओं की ओर एकदिशीय होता है, जिसमें लिंडेमैन का 10% नियम लागू होता है।
- खाद्य जाल कई खाद्य श्रृंखलाओं के जुड़ने से बनता है, जो स्थिरता प्रदान करता है।
- ऊर्जा का पिरामिड हमेशा सीधा बनता है, लेकिन तालाब में जैव भार का पिरामिड और वृक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में संख्या का पिरामिड उल्टा बन सकता है।
- जैव भू-रासायनिक चक्र में कार्बन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन (गैसीय) और फास्फोरस, सल्फर (अवसादी) चक्र शामिल हैं।
- वायुमंडल में 78% नाइट्रोजन है, लेकिन पौधे इसे सीधे उपयोग नहीं कर सकते; राइजोबियम जीवाणु नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं।
- कीस्टोन प्रजातियां (जैसे शेर, हाथी) अपने पारिस्थितिकी तंत्र पर अनुपात से कहीं अधिक प्रभाव डालती हैं।
- संकेतक प्रजातियां (जैसे लाइकेन SO2 प्रदूषण के लिए) पर्यावरण परिवर्तन की पूर्व सूचना देती हैं।
- सहजीवता (लाइकेन) में दोनों को लाभ होता है, जबकि परजीवता (अमरबेल) में एक को लाभ और दूसरे को हानि होती है।
- भारत में बाघों के लिए प्रोजेक्ट टाइगर (1973) और हाथियों के लिए प्रोजेक्ट एलीफेंट (1992) चलाए जा रहे हैं।
- जिम कॉर्बेट (उत्तराखंड) भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, और हेमिस (लद्दाख) सबसे बड़ा है।
- काजीरंगा (असम) एक सींग वाले गैंडे के लिए, और गिर (गुजरात) एशियाई शेरों के लिए प्रसिद्ध हैं।
- केबुल लामजाओ (मणिपुर) दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है।
- भारत में वर्तमान में 107 राष्ट्रीय उद्यान हैं, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 1.23% कवर करते हैं।
- जैव विविधता शब्द ईओ विल्सन से जुड़ा है; भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर यह घटती है।
- सर्वाधिक जैव विविधता उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों (जैसे अमेजन) में पाई जाती है।
- इन-सीटू संरक्षण (प्राकृतिक आवास में) और एक्स-सीटू संरक्षण (बाहर, जैसे चिड़ियाघर) विधियां हैं।
- भारत में 4 जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं: पश्चिमी घाट, इंडो-बर्मा, हिमालय और सुडालैंड।
- कार्टाजेना प्रोटोकॉल (2000) जैव सुरक्षा से, और नागोया प्रोटोकॉल (2010) आनुवंशिक संसाधनों के बंटवारे से संबंधित हैं।
- प्रदूषक वे पदार्थ हैं जो पर्यावरण में अवांछनीय परिवर्तन लाते हैं; प्राथमिक प्रदूषक सीधे उत्सर्जित होते हैं (जैसे CO2), द्वितीयक प्रदूषक प्रतिक्रिया से बनते हैं (जैसे ओजोन)।
- जल प्रदूषण के संकेतक BOD (उच्च BOD = अधिक प्रदूषण) और COD हैं; यूट्रोफिकेशन (सुपोषण) पोषक तत्वों की अधिकता से होता है।
- पारा से मिनामाता रोग, कैडमियम से इटाई-इटाई रोग, नाइट्रेट से ब्लू बेबी सिंड्रोम और आर्सेनिक से ब्लैक फुट डिजीज होता है।
- ध्वनि प्रदूषण डेसिबल में मापा जाता है; ग्रीन मफलर ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए पेड़ लगाने की तकनीक है।
- भोपाल गैस त्रासदी (1984) मिथाइल आइसोसाइनेट लीक होने से हुई थी।
- ग्रीनहाउस प्रभाव एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो पृथ्वी को गर्म रखती है; CO2 ग्लोबल वार्मिंग के लिए सबसे जिम्मेदार ग्रीनहाउस गैस है।
- प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें CO2, मीथेन (CH4), नाइट्रस ऑक्साइड (N2O), CFC, HFC, SF6 और जलवाष्प हैं।
- जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल (IPCC) 1988 में स्थापित हुआ था।
- क्योटो प्रोटोकॉल (1997) ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए पहला बाध्यकारी समझौता था।
- पेरिस समझौता (2015) का लक्ष्य वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2°C से नीचे रखना है।
- पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) किसी परियोजना के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन है।
- भारत में EIA को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत वैधानिक मान्यता प्राप्त है; 2006 की अधिसूचना वर्तमान में लागू है।
- वायुमंडल की सबसे निचली परत क्षोभमंडल है, जहाँ मौसमी घटनाएं होती हैं।
- ओजोन परत समताप मंडल में पाई जाती है और हानिकारक UV किरणों को रोकती है; CFCs इसे नुकसान पहुंचाते हैं।
- वियना कन्वेंशन (1985) और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) ओजोन परत के संरक्षण से संबंधित हैं।
Key takeaways
- पारिस्थितिकी तंत्र जैविक और अजैविक घटकों की एक जटिल परस्पर क्रिया है जो पृथ्वी पर जीवन का समर्थन करती है।
- पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अधिनियमों और सम्मेलनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
- ऊर्जा का प्रवाह और पोषक तत्वों का चक्रण पारिस्थितिकी तंत्र के सुचारू संचालन के लिए मौलिक हैं।
- वन्यजीवों और उनके आवासों का संरक्षण जैव विविधता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- प्रदूषण के विभिन्न रूप मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं, जिनके निवारण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
- जलवायु परिवर्तन एक गंभीर वैश्विक मुद्दा है जिसके समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी महत्वपूर्ण है।
- पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) विकास परियोजनाओं के टिकाऊ कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
Key terms
Test your understanding
- पारिस्थितिकी तंत्र के जैविक और अजैविक घटकों के बीच क्या संबंध है और यह संतुलन कैसे बनाए रखता है?
- पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और राष्ट्रीय अधिनियमों का क्या महत्व है?
- ऊर्जा प्रवाह और पोषक चक्रण पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं?
- जैव विविधता के संरक्षण के लिए अपनाई जाने वाली इन-सीटू और एक्स-सीटू विधियों में क्या अंतर है?
- जलवायु परिवर्तन के मुख्य कारण क्या हैं और इसे नियंत्रित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रयास किए जा रहे हैं?