
जनसंचार के माध्यम । Uksssc special hindi class
Study with yogesh
Overview
यह वीडियो जनसंचार के विभिन्न माध्यमों पर केंद्रित है। इसमें संचार और जनसंचार की परिभाषा, जनसंचार के आवश्यक तत्वों, और जनसंचार के तीन मुख्य माध्यमों - मुद्रित, इलेक्ट्रॉनिक (श्रव्य/दृश्य), और नवीन/डिजिटल - का विस्तृत वर्णन किया गया है। वीडियो में भारत में प्रिंटिंग प्रेस, समाचार पत्रों (बंगाल गजट, उदंत मार्तंड), रेडियो, टेलीविजन और सिनेमा के ऐतिहासिक विकास पर भी प्रकाश डाला गया है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता जैसे खोजपरक, वॉचडॉग, पीत, पेज-थ्री, एडवोकेसी, वैकल्पिक और स्ट्रिंग ऑपरेशन की व्याख्या की गई है। अंत में, समाचार लेखन की उल्टा पिरामिड शैली, बाइट, और प्रमुख समाचार एजेंसियों से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को भी शामिल किया गया है।
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Chapters
- संचार संस्कृत भाषा के 'चर' धातु से बना है, जिसका अर्थ है चलना या एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना।
- जनसंचार का अर्थ है तकनीकी या यांत्रिक माध्यमों का उपयोग करके विशाल जनसमूह तक सूचना या संदेश पहुंचाना।
- जनसंचार के आवश्यक तत्वों में स्रोत, कूटीकरण (संदेश की भाषा/कोड), संदेश, माध्यम, कूटवाचन (समझना), प्राप्तकर्ता, फीडबैक और शोर (बाधा) शामिल हैं।
- जनसंचार के तीन मुख्य माध्यम हैं: मुद्रित (प्रिंटेड), इलेक्ट्रॉनिक (श्रव्य/दृश्य), और नवीन/डिजिटल।
- मुद्रित माध्यम में समाचार पत्र, किताबें, पत्रिकाएं आदि शामिल हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक माध्यम में रेडियो (केवल श्रव्य) और टेलीविजन (श्रव्य एवं दृश्य) आते हैं।
- नवीन माध्यमों में इंटरनेट आधारित प्लेटफॉर्म जैसे ब्लॉग, सोशल मीडिया, यूट्यूब आदि शामिल हैं।
- आधुनिक प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार जर्मनी के जोहान गुटेनबर्ग ने किया था।
- भारत में पहला प्रिंटिंग प्रेस 1556 में गोवा में ईसाई मिशनरियों द्वारा स्थापित किया गया था।
- भारत का पहला समाचार पत्र 'बंगाल गजट' था, जिसे जेम्स हिक्की ने 1780 में अंग्रेजी में शुरू किया था।
- हिंदी का पहला समाचार पत्र 'उदंत मार्तंड' था, जिसे जुगल किशोर शुक्ल ने 30 मई 1826 को कोलकाता से शुरू किया था, इसी कारण 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है।
- रेडियो केवल श्रव्य माध्यम है, जिसका आविष्कार गुलेल्मो मार्कोनी ने 1895 में किया था।
- भारत में रेडियो का प्रारंभ 1927 में एक निजी ट्रांसमीटर द्वारा हुआ, 1936 में ऑल इंडिया रेडियो (AIR) की शुरुआत हुई, और 1957 से AIR को 'आकाशवाणी' कहा जाने लगा।
- टेलीविजन (टीवी) श्रव्य और दृश्य दोनों माध्यम है, जिसका आविष्कार जॉन बेयर्ड ने किया था।
- भारत में टेलीविजन की शुरुआत 15 सितंबर 1959 को नई दिल्ली में यूनेस्को के सहयोग से हुई, और 1976 में दूरदर्शन को आकाशवाणी से अलग कर एक स्वतंत्र संगठन बनाया गया।
- भारत में रंगीन प्रसारण 1982 के एशियाई खेलों के समय शुरू हुआ।
- भारत की पहली मूक फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' थी, जिसे दादा साहेब फाल्के ने 1913 में बनाया था।
- भारत की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' थी, जिसे अर्देसिर ईरानी ने 1931 में बनाया था।
- नवीन इंटरनेट माध्यमों में ब्लॉग, सोशल मीडिया (जैसे ट्विटर/एक्स, फेसबुक), यूट्यूब और न्यूज़ पोर्टल शामिल हैं।
- पत्रकारिता के विभिन्न प्रकारों में खोजपरक (जांच-पड़ताल), वॉचडॉग (निगरानी), पीत (सनसनीखेज), पेज-थ्री (ग्लैमर), एडवोकेसी (जनमत अभियान), वैकल्पिक (मुख्यधारा से अलग) और स्ट्रिंग ऑपरेशन (छिपे कैमरे से खुलासा) शामिल हैं।
- उल्टा पिरामिड शैली समाचार लेखन की एक लोकप्रिय शैली है जिसमें सबसे महत्वपूर्ण जानकारी पहले दी जाती है।
- बाइट किसी घटना के प्रत्यक्षदर्शी का छोटा रिकॉर्डेड कथन होता है।
- ऑल इंडिया रेडियो का आदर्श वाक्य 'बहुजन हिताय बहुजन सुखाय' है, जबकि दूरदर्शन का 'सत्यम शिवम सुंदरम' है।
- प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) भारत की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी है, जिसकी स्थापना 1947 में हुई और कार्य 1949 में शुरू हुआ। प्रेस परिषद की स्थापना 1966 में हुई।
Key takeaways
- संचार सूचनाओं के आदान-प्रदान की एक मौलिक प्रक्रिया है, जबकि जनसंचार इसे बड़े पैमाने पर तकनीकी साधनों से संभव बनाता है।
- जनसंचार के माध्यमों का विकास सूचना प्रसार के तरीकों में क्रांति लाया है, जो मुद्रित से इलेक्ट्रॉनिक और अब डिजिटल युग तक पहुंचा है।
- भारत में प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का एक लंबा और महत्वपूर्ण इतिहास रहा है, जिसमें महत्वपूर्ण समाचार पत्रों और प्रसारण सेवाओं का उद्भव हुआ।
- पत्रकारिता के विभिन्न प्रकार समाज में सूचनाओं को प्रस्तुत करने के अलग-अलग दृष्टिकोण और उद्देश्यों को दर्शाते हैं।
- उल्टा पिरामिड शैली जैसी लेखन तकनीकें समाचारों को प्रभावी ढंग से संप्रेषित करने में मदद करती हैं।
- प्रमुख समाचार एजेंसियां और उनकी स्थापना तिथियां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रवाह को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Key terms
Test your understanding
- संचार और जनसंचार के बीच मुख्य अंतर क्या हैं और प्रत्येक के लिए एक उदाहरण दें?
- जनसंचार के विभिन्न माध्यमों को कैसे वर्गीकृत किया जा सकता है और प्रत्येक श्रेणी के दो उदाहरण दें?
- भारत में मुद्रित माध्यम के विकास में 'बंगाल गजट' और 'उदंत मार्तंड' का क्या महत्व है?
- रेडियो और टेलीविजन के आविष्कार और भारत में उनके प्रसार के बारे में विस्तार से बताएं।
- विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता (जैसे खोजपरक, पीत, वॉचडॉग) के उद्देश्यों और विशेषताओं की व्याख्या करें।