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जनसंचार के माध्यम । Uksssc special hindi class
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जनसंचार के माध्यम । Uksssc special hindi class

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6 chapters6 takeaways28 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो जनसंचार के विभिन्न माध्यमों पर केंद्रित है। इसमें संचार और जनसंचार की परिभाषा, जनसंचार के आवश्यक तत्वों, और जनसंचार के तीन मुख्य माध्यमों - मुद्रित, इलेक्ट्रॉनिक (श्रव्य/दृश्य), और नवीन/डिजिटल - का विस्तृत वर्णन किया गया है। वीडियो में भारत में प्रिंटिंग प्रेस, समाचार पत्रों (बंगाल गजट, उदंत मार्तंड), रेडियो, टेलीविजन और सिनेमा के ऐतिहासिक विकास पर भी प्रकाश डाला गया है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता जैसे खोजपरक, वॉचडॉग, पीत, पेज-थ्री, एडवोकेसी, वैकल्पिक और स्ट्रिंग ऑपरेशन की व्याख्या की गई है। अंत में, समाचार लेखन की उल्टा पिरामिड शैली, बाइट, और प्रमुख समाचार एजेंसियों से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को भी शामिल किया गया है।

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Chapters

  • संचार संस्कृत भाषा के 'चर' धातु से बना है, जिसका अर्थ है चलना या एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना।
  • जनसंचार का अर्थ है तकनीकी या यांत्रिक माध्यमों का उपयोग करके विशाल जनसमूह तक सूचना या संदेश पहुंचाना।
  • जनसंचार के आवश्यक तत्वों में स्रोत, कूटीकरण (संदेश की भाषा/कोड), संदेश, माध्यम, कूटवाचन (समझना), प्राप्तकर्ता, फीडबैक और शोर (बाधा) शामिल हैं।
संचार और जनसंचार की मूल परिभाषाओं को समझना, सूचनाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया और इसके आवश्यक घटकों को जानने के लिए महत्वपूर्ण है।
जैसे किसी व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक बात पहुंचाना संचार है, वहीं टेलीविजन या रेडियो के माध्यम से लाखों लोगों तक एक साथ खबर पहुंचाना जनसंचार है।
  • जनसंचार के तीन मुख्य माध्यम हैं: मुद्रित (प्रिंटेड), इलेक्ट्रॉनिक (श्रव्य/दृश्य), और नवीन/डिजिटल।
  • मुद्रित माध्यम में समाचार पत्र, किताबें, पत्रिकाएं आदि शामिल हैं।
  • इलेक्ट्रॉनिक माध्यम में रेडियो (केवल श्रव्य) और टेलीविजन (श्रव्य एवं दृश्य) आते हैं।
  • नवीन माध्यमों में इंटरनेट आधारित प्लेटफॉर्म जैसे ब्लॉग, सोशल मीडिया, यूट्यूब आदि शामिल हैं।
जनसंचार के विभिन्न माध्यमों को वर्गीकृत करने से यह समझने में मदद मिलती है कि सूचनाएं किस प्रकार विभिन्न साधनों से लोगों तक पहुंचाई जाती हैं।
समाचार पत्र मुद्रित माध्यम का उदाहरण है, जबकि रेडियो श्रव्य और टेलीविजन श्रव्य-दृश्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का उदाहरण है।
  • आधुनिक प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार जर्मनी के जोहान गुटेनबर्ग ने किया था।
  • भारत में पहला प्रिंटिंग प्रेस 1556 में गोवा में ईसाई मिशनरियों द्वारा स्थापित किया गया था।
  • भारत का पहला समाचार पत्र 'बंगाल गजट' था, जिसे जेम्स हिक्की ने 1780 में अंग्रेजी में शुरू किया था।
  • हिंदी का पहला समाचार पत्र 'उदंत मार्तंड' था, जिसे जुगल किशोर शुक्ल ने 30 मई 1826 को कोलकाता से शुरू किया था, इसी कारण 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है।
मुद्रित माध्यम के ऐतिहासिक विकास को जानने से प्रिंट मीडिया के उद्भव और भारत में इसके प्रसार को समझने में मदद मिलती है।
'बंगाल गजट' और 'उदंत मार्तंड' जैसे समाचार पत्रों का उल्लेख मुद्रित माध्यम के प्रारंभिक उदाहरणों को दर्शाता है।
  • रेडियो केवल श्रव्य माध्यम है, जिसका आविष्कार गुलेल्मो मार्कोनी ने 1895 में किया था।
  • भारत में रेडियो का प्रारंभ 1927 में एक निजी ट्रांसमीटर द्वारा हुआ, 1936 में ऑल इंडिया रेडियो (AIR) की शुरुआत हुई, और 1957 से AIR को 'आकाशवाणी' कहा जाने लगा।
  • टेलीविजन (टीवी) श्रव्य और दृश्य दोनों माध्यम है, जिसका आविष्कार जॉन बेयर्ड ने किया था।
  • भारत में टेलीविजन की शुरुआत 15 सितंबर 1959 को नई दिल्ली में यूनेस्को के सहयोग से हुई, और 1976 में दूरदर्शन को आकाशवाणी से अलग कर एक स्वतंत्र संगठन बनाया गया।
  • भारत में रंगीन प्रसारण 1982 के एशियाई खेलों के समय शुरू हुआ।
रेडियो और टेलीविजन जैसे श्रव्य-दृश्य माध्यमों के विकास को समझना, जनसंचार में इनकी भूमिका और प्रभाव को जानने के लिए आवश्यक है।
रेडियो पर केवल आवाज सुनना श्रव्य माध्यम का उदाहरण है, जबकि टेलीविजन पर चलती-फिरती तस्वीरें और आवाज देखना श्रव्य-दृश्य माध्यम का उदाहरण है।
  • भारत की पहली मूक फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' थी, जिसे दादा साहेब फाल्के ने 1913 में बनाया था।
  • भारत की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' थी, जिसे अर्देसिर ईरानी ने 1931 में बनाया था।
  • नवीन इंटरनेट माध्यमों में ब्लॉग, सोशल मीडिया (जैसे ट्विटर/एक्स, फेसबुक), यूट्यूब और न्यूज़ पोर्टल शामिल हैं।
सिनेमा के विकास और आधुनिक डिजिटल माध्यमों की समझ, मनोरंजन और सूचना के बदलते परिदृश्य को दर्शाती है।
'राजा हरिश्चंद्र' (मूक) और 'आलम आरा' (बोलती) फिल्में भारतीय सिनेमा के विकास के महत्वपूर्ण पड़ाव हैं।
  • पत्रकारिता के विभिन्न प्रकारों में खोजपरक (जांच-पड़ताल), वॉचडॉग (निगरानी), पीत (सनसनीखेज), पेज-थ्री (ग्लैमर), एडवोकेसी (जनमत अभियान), वैकल्पिक (मुख्यधारा से अलग) और स्ट्रिंग ऑपरेशन (छिपे कैमरे से खुलासा) शामिल हैं।
  • उल्टा पिरामिड शैली समाचार लेखन की एक लोकप्रिय शैली है जिसमें सबसे महत्वपूर्ण जानकारी पहले दी जाती है।
  • बाइट किसी घटना के प्रत्यक्षदर्शी का छोटा रिकॉर्डेड कथन होता है।
  • ऑल इंडिया रेडियो का आदर्श वाक्य 'बहुजन हिताय बहुजन सुखाय' है, जबकि दूरदर्शन का 'सत्यम शिवम सुंदरम' है।
  • प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) भारत की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी है, जिसकी स्थापना 1947 में हुई और कार्य 1949 में शुरू हुआ। प्रेस परिषद की स्थापना 1966 में हुई।
विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता को समझने से मीडिया के विभिन्न रूपों और उनके उद्देश्यों को पहचानने में मदद मिलती है, साथ ही महत्वपूर्ण समाचार एजेंसियों और लेखन शैलियों का ज्ञान भी बढ़ता है।
भ्रष्टाचार उजागर करने वाली पत्रकारिता 'खोजपरक' कहलाती है, जबकि फिल्म और फैशन की खबरें 'पेज-थ्री' पत्रकारिता का हिस्सा हैं।

Key takeaways

  1. 1संचार सूचनाओं के आदान-प्रदान की एक मौलिक प्रक्रिया है, जबकि जनसंचार इसे बड़े पैमाने पर तकनीकी साधनों से संभव बनाता है।
  2. 2जनसंचार के माध्यमों का विकास सूचना प्रसार के तरीकों में क्रांति लाया है, जो मुद्रित से इलेक्ट्रॉनिक और अब डिजिटल युग तक पहुंचा है।
  3. 3भारत में प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का एक लंबा और महत्वपूर्ण इतिहास रहा है, जिसमें महत्वपूर्ण समाचार पत्रों और प्रसारण सेवाओं का उद्भव हुआ।
  4. 4पत्रकारिता के विभिन्न प्रकार समाज में सूचनाओं को प्रस्तुत करने के अलग-अलग दृष्टिकोण और उद्देश्यों को दर्शाते हैं।
  5. 5उल्टा पिरामिड शैली जैसी लेखन तकनीकें समाचारों को प्रभावी ढंग से संप्रेषित करने में मदद करती हैं।
  6. 6प्रमुख समाचार एजेंसियां और उनकी स्थापना तिथियां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रवाह को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Key terms

संचारजनसंचारमुद्रित माध्यमइलेक्ट्रॉनिक माध्यमश्रव्य माध्यमदृश्य माध्यमनवीन माध्यमप्रिंटिंग प्रेसबंगाल गजटउदंत मार्तंडहिंदी पत्रकारिता दिवसरेडियोटेलीविजनआकाशवाणीदूरदर्शनसिनेमामूक फिल्मबोलती फिल्मखोजपरक पत्रकारितावॉचडॉग पत्रकारितापीत पत्रकारितापेज-थ्री पत्रकारिताएडवोकेसी पत्रकारितावैकल्पिक पत्रकारितास्ट्रिंग ऑपरेशनउल्टा पिरामिड शैलीबाइटप्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI)

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  1. 1संचार और जनसंचार के बीच मुख्य अंतर क्या हैं और प्रत्येक के लिए एक उदाहरण दें?
  2. 2जनसंचार के विभिन्न माध्यमों को कैसे वर्गीकृत किया जा सकता है और प्रत्येक श्रेणी के दो उदाहरण दें?
  3. 3भारत में मुद्रित माध्यम के विकास में 'बंगाल गजट' और 'उदंत मार्तंड' का क्या महत्व है?
  4. 4रेडियो और टेलीविजन के आविष्कार और भारत में उनके प्रसार के बारे में विस्तार से बताएं।
  5. 5विभिन्न प्रकार की पत्रकारिता (जैसे खोजपरक, पीत, वॉचडॉग) के उद्देश्यों और विशेषताओं की व्याख्या करें।

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