
Relation and Function Class 12 Maths | NCERT Chapter 1 | CBSE JEE | One Shot |हिंदी में
LearnoHub - Class 11, 12
Overview
यह वीडियो क्लास 12वीं के गणित के लिए संबंध और फलन (Relations and Functions) के महत्वपूर्ण कॉन्सेप्ट्स को एक ही वीडियो में कवर करता है। इसमें संबंधों के प्रकार (जैसे रिक्त, सार्वत्रिक, स्वतुल्य, सममित, संक्रामक), फलन (1-1, मेनी-1, ऑनटू, बाइजेक्टिव), फलनों का संयोजन (Composition of Functions), प्रतिलोम फलन (Inverse Functions), और द्विआधारी संक्रियाओं (Binary Operations) की परिभाषाएं, गुणधर्म (जैसे क्रमविनिमेय, साहचर्य, तत्समक अवयव, प्रतिलोम अवयव) और उदाहरणों के साथ विस्तार से समझाया गया है। वीडियो का उद्देश्य छात्रों को इन अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में आने वाले प्रश्नों को हल करने में मदद करना है।
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Chapters
- संबंधों को दो समुच्चयों के अवयवों के बीच एक जुड़ाव के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- संबंधों को रोस्टर रूप (Roster Form) या समुच्चय-निर्माता रूप (Set-Builder Form) में दर्शाया जा सकता है।
- संबंधों को दर्शाने के दो तरीके हैं: (a, b) ∈ R या a R b।
- रिक्त संबंध (Empty Relation): वह संबंध जिसमें कोई भी अवयव संबंधित न हो।
- सार्वत्रिक संबंध (Universal Relation): वह संबंध जिसमें समुच्चय के सभी अवयव स्वयं से संबंधित हों।
- स्वतुल्य संबंध (Reflexive Relation): यदि समुच्चय A का प्रत्येक अवयव स्वयं से संबंधित हो (a ∈ A के लिए (a, a) ∈ R)।
- सममित संबंध (Symmetric Relation): यदि (a, b) ∈ R हो, तो (b, a) ∈ R भी होना चाहिए।
- संक्रामक संबंध (Transitive Relation): यदि (a, b) ∈ R और (b, c) ∈ R हो, तो (a, c) ∈ R भी होना चाहिए।
- फलन एक विशेष प्रकार का संबंध है जहाँ प्रांत (Domain) के प्रत्येक अवयव का केवल एक ही प्रतिबिंब (Image) सह-प्रांत (Co-domain) में होता है।
- फलन को f: A → B के रूप में दर्शाया जाता है, जहाँ A प्रांत और B सह-प्रांत है।
- फलन के प्रकारों में एकैकी (1-1), बहु-एक (Many-1), आच्छादक (Onto), और एकैकी-आच्छादक (Bijective) शामिल हैं।
- एकैकी फलन (Injective/One-to-One): यदि प्रांत के भिन्न अवयवों के प्रतिबिंब भिन्न हों (f(x₁) = f(x₂) ⇒ x₁ = x₂)।
- बहु-एक फलन (Many-to-One): यदि प्रांत के एक से अधिक अवयवों का एक ही प्रतिबिंब हो।
- आच्छादक फलन (Surjective/Onto): यदि सह-प्रांत का प्रत्येक अवयव प्रांत के किसी न किसी अवयव का प्रतिबिंब हो (सह-प्रांत का परिसर (Range) के बराबर होना)।
- अनटू फलन नहीं (Not Onto): यदि सह-प्रांत में कम से कम एक अवयव ऐसा हो जिसका कोई पूर्व-प्रतिबिंब (Pre-image) प्रांत में न हो।
- द्विआधारी संक्रिया एक फलन है जो किसी समुच्चय के दो अवयवों पर परिभाषित होता है और परिणाम उसी समुच्चय का एक अवयव होता है।
- द्विआधारी संक्रियाओं के गुणधर्मों में क्रमविनिमेय (Commutative), साहचर्य (Associative), तत्समक अवयव (Identity Element), और प्रतिलोम अवयव (Inverse Element) शामिल हैं।
- किसी समुच्चय पर एक संक्रिया द्विआधारी तभी कहलाती है जब वह संक्रिया के बाद प्राप्त परिणाम को उसी समुच्चय में रखती हो।
Key takeaways
- संबंधों को विभिन्न प्रकारों (स्वतुल्य, सममित, संक्रामक) में वर्गीकृत किया जा सकता है, जो उनकी प्रकृति को समझने में मदद करते हैं।
- एक फलन को एकैकी (1-1) या आच्छादक (Onto) के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है, जो उसके व्यवहार और व्युत्क्रमणीयता को दर्शाता है।
- तुल्यता संबंध (Equivalence Relation) वह संबंध है जो स्वतुल्य, सममित और संक्रामक तीनों होता है।
- फलन का संयोजन (Composition of Functions) दो या दो से अधिक फलनों को मिलाकर एक नया फलन बनाने की प्रक्रिया है।
- एक फलन व्युत्क्रमणीय (Invertible) तभी होता है जब वह एकैकी (1-1) और आच्छादक (Onto) दोनों हो।
- द्विआधारी संक्रियाएँ किसी समुच्चय के अवयवों पर परिभाषित होती हैं और उनके परिणाम उसी समुच्चय में होने चाहिए।
- द्विआधारी संक्रियाओं के गुणधर्म (जैसे क्रमविनिमेय, साहचर्य, तत्समक, प्रतिलोम) उनकी प्रकृति को और स्पष्ट करते हैं।
Key terms
Test your understanding
- स्वतुल्य, सममित और संक्रामक संबंधों के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?
- एक फलन को एकैकी (Injective) और आच्छादक (Surjective) कब कहा जाता है? इन दोनों स्थितियों में क्या अंतर है?
- यदि दो फलन f और g दोनों एकैकी (1-1) हों, तो क्या उनका संयोजन (g o f) भी हमेशा एकैकी होगा? अपने उत्तर का कारण बताएं।
- एक द्विआधारी संक्रिया (Binary Operation) को परिभाषित करें और बताएं कि वास्तविक संख्याओं पर घटाव (Subtraction) एक द्विआधारी संक्रिया क्यों नहीं है, जबकि योग (Addition) है।