
Class 12 Chemistry Chapter 2 ll विद्युत रसायन (Electrochemistry) || One Shot || UP Board 2027
PW UP Board 11th & 12th
Overview
यह वीडियो विद्युत रसायन (Electrochemistry) का एक विस्तृत वन-शॉट लेक्चर है, जो विशेष रूप से कक्षा 12 के छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें चालकता, विशिष्ट चालकता, सेल नियतांक, तुल्यांकी चालकता, मोलर चालकता, कोलराउश का नियम, विद्युत अपघटन, फैराडे के नियम, इलेक्ट्रोड, इलेक्ट्रोड विभव, मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड, विद्युत रासायनिक सेल (गैल्वेनिक सेल, डेनियल सेल), बैटरी (प्राथमिक और द्वितीयक सेल), ईंधन सेल और संक्षारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को कवर किया गया है। वीडियो का उद्देश्य छात्रों को बोर्ड परीक्षा के लिए इन अवधारणाओं को स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से समझाना है।
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Chapters
- चालक वे पदार्थ होते हैं जिनमें विद्युत धारा प्रवाहित हो सकती है, जैसे सभी धातुएं और विद्युत अपघट्य के जलीय विलयन।
- धातुओं में विद्युत धारा मुक्त इलेक्ट्रॉनों के कारण प्रवाहित होती है।
- विद्युत अपघट्य के जलीय विलयन में आयनों के कारण विद्युत धारा प्रवाहित होती है (जैसे NaCl का जलीय विलयन Na+ और Cl- आयनों में टूट जाता है)।
- अचालक वे पदार्थ होते हैं जिनमें विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती, जैसे कांच, लकड़ी, शुद्ध जल।
- चालकत्व (Conductance, g) किसी विद्युत अपघट्य के जलीय विलयन में विद्युत धारा प्रवाहित करने की क्षमता है, और यह प्रतिरोध (R) के व्युत्क्रम (1/R) के बराबर होता है।
- विशिष्ट चालकत्व (Specific Conductance/Conductivity, κ) विशिष्ट प्रतिरोध (Resistivity, ρ) का व्युत्क्रम (1/ρ) होता है।
- चालकत्व (g) को ओम इनवर्स (Ω⁻¹) या महो (mho) से मापा जाता है, जबकि विशिष्ट चालकत्व (κ) को ओम इनवर्स सेंटीमीटर इनवर्स (Ω⁻¹ cm⁻¹) या महो सेंटीमीटर इनवर्स (mho cm⁻¹) से मापा जाता है।
- सेल नियतांक (Cell Constant, g*) दो इलेक्ट्रोडों के बीच की दूरी (l) और उनके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल (a) का अनुपात (l/a) होता है।
- तुल्यांकी चालकता (Equivalent Conductivity, Λeq) 1 सेंटीमीटर आयतन वाले विलयन में विद्युत अपघट्य के 1 ग्राम तुल्यांक को घोलने पर प्राप्त चालकता है। इसका सूत्र Λeq = κ * 1000 / N है, जहाँ N नॉर्मलता है।
- मोलर चालकता (Molar Conductivity, Λm) 1 सेंटीमीटर आयतन वाले विलयन में विद्युत अपघट्य के 1 मोल को घोलने पर प्राप्त चालकता है। इसका सूत्र Λm = κ * 1000 / M है, जहाँ M मोलरता है।
- कोलराउश का नियम कहता है कि अनंत तनुता पर किसी विद्युत अपघट्य की तुल्यांकी चालकता में प्रत्येक आयन का एक निश्चित योगदान होता है, जो आयन की प्रकृति पर निर्भर करता है।
- अनंत तनुता पर किसी विद्युत अपघट्य की मोलर चालकता धनायन व ऋणायनों की मोलर चालकताओं का योग होती है।
- यह नियम दुर्बल विद्युत अपघट्यों की मोलर चालकता ज्ञात करने में सहायक है।
- सूत्र: Λm(∞) = ν+λm(∞) + + ν-λm(∞)- जहाँ ν+ और ν- धनायन और ऋणायनों की संख्या है।
- विद्युत अपघटन वह प्रक्रिया है जिसमें विद्युत धारा का उपयोग करके विद्युत अपघट्य का विघटन किया जाता है।
- फैराडे का पहला नियम: इलेक्ट्रोड पर मुक्त हुए या एकत्रित हुए पदार्थ की मात्रा प्रवाहित आवेश (Q) के समानुपाती होती है (W ∝ Q)।
- फैराडे का दूसरा नियम: जब समान मात्रा में विद्युत धारा विभिन्न विद्युत अपघट्यों से प्रवाहित की जाती है, तो इलेक्ट्रोडों पर मुक्त हुए पदार्थ की मात्राएं उनके तुल्यांकी भारों के समानुपाती होती हैं (W1/W2 = E1/E2)।
- 1 फैराडे (F) लगभग 96500 कूलॉम के बराबर होता है, जो एक मोल इलेक्ट्रॉनों द्वारा ले जाया गया आवेश है।
- इलेक्ट्रोड (या अर्ध सेल) एक धातु की छड़ होती है जिसे उसी धातु के लवण के विलयन में डुबोया जाता है।
- इलेक्ट्रोड विभव (E) वह विभव है जो धातु की छड़ और विलयन के बीच आवेश के अंतर के कारण उत्पन्न होता है जब धातु को उसके लवण के विलयन में डुबोया जाता है।
- मानक इलेक्ट्रोड विभव (E°) तब होता है जब विलयन की सांद्रता 1 M, ताप 25°C और दाब 1 atm हो।
- मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड (SHE) का मानक इलेक्ट्रोड विभव शून्य (0 V) माना जाता है, जिसका उपयोग अन्य इलेक्ट्रोडों के विभव मापने के लिए एक संदर्भ के रूप में किया जाता है।
- विद्युत रासायनिक सेल एक ऐसी युक्ति है जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है (जैसे गैल्वेनिक सेल)।
- गैल्वेनिक सेल में स्वतःस्फूर्त रेडॉक्स अभिक्रिया होती है।
- डेनियल सेल एक प्रकार का गैल्वेनिक सेल है जिसमें जिंक (एनोड, ऋणात्मक) और कॉपर (कैथोड, धनात्मक) इलेक्ट्रोड का उपयोग किया जाता है।
- लवण सेतु (Salt Bridge) दो अर्ध सेलों को जोड़ता है, आयनिक संतुलन बनाए रखता है और परिपथ को पूरा करता है।
- बैटरी एक या अधिक गैल्वेनिक सेलों का संयोजन है जो विद्युत ऊर्जा प्रदान करती है।
- प्राथमिक सेल (जैसे शुष्क सेल, मरकरी सेल) जिनका पुन: आवेशित नहीं किया जा सकता।
- द्वितीयक सेल (जैसे लेड-एसिड बैटरी) जिन्हें बार-बार आवेशित और डिस्चार्ज किया जा सकता है।
- ईंधन सेल (जैसे हाइड्रोजन-ऑक्सीजन ईंधन सेल) रासायनिक ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं, बिना दहन के, और उच्च दक्षता वाले होते हैं।
- संक्षारण धातुओं की सतह का नमी और हवा के संपर्क में आने से धीरे-धीरे नष्ट होने की प्रक्रिया है।
- लोहे पर जंग लगना संक्षारण का एक सामान्य उदाहरण है।
- संक्षारण एक विद्युत रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें धातु का ऑक्सीकरण होता है।
- संक्षारण को रोकने के तरीकों में इलेक्ट्रोप्लेटिंग, गैल्वनाइजेशन और मिश्र धातु बनाना शामिल है।
Key takeaways
- विद्युत रसायन विद्युत और रासायनिक ऊर्जा के बीच संबंध का अध्ययन है, जो चालकता, सेल विभव और रासायनिक अभिक्रियाओं की मात्रात्मक समझ पर आधारित है।
- चालकत्व, विशिष्ट चालकत्व, सेल नियतांक, तुल्यांकी और मोलर चालकता विद्युत अपघट्य विलयनों के विद्युत गुणों को मापने के लिए महत्वपूर्ण पैरामीटर हैं।
- कोलराउश का नियम दुर्बल विद्युत अपघट्यों की चालकता को समझने और गणना करने में मदद करता है।
- फैराडे के नियम विद्युत अपघटन की मात्रात्मक समझ प्रदान करते हैं, जो औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- इलेक्ट्रोड विभव और मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड सेल विभव की गणना और रेडॉक्स अभिक्रियाओं की प्रवृत्ति को समझने के लिए मौलिक हैं।
- विद्युत रासायनिक सेल (जैसे डेनियल सेल) रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं, जबकि विद्युत अपघटनी सेल विद्युत ऊर्जा का उपयोग रासायनिक परिवर्तन के लिए करते हैं।
- बैटरी (प्राथमिक और द्वितीयक) और ईंधन सेल ऊर्जा भंडारण और रूपांतरण के महत्वपूर्ण उपकरण हैं।
- संक्षारण धातुओं के क्षरण की एक विद्युत रासायनिक प्रक्रिया है जिसे रोकना आवश्यक है।
Key terms
Test your understanding
- विद्युत अपघट्य के जलीय विलयन में विद्युत धारा का प्रवाह किन कणों के कारण होता है?
- चालकत्व और विशिष्ट चालकत्व के बीच क्या संबंध है और उनके मात्रक क्या हैं?
- कोलराउश का नियम क्या बताता है और इसका उपयोग किस प्रकार के विद्युत अपघट्यों के लिए किया जाता है?
- फैराडे के विद्युत अपघटन के नियमों के अनुसार, इलेक्ट्रोड पर मुक्त हुए पदार्थ की मात्रा किन कारकों पर निर्भर करती है?
- मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का इलेक्ट्रोड विभव शून्य क्यों माना जाता है और इसका क्या महत्व है?
- गैल्वेनिक सेल और विद्युत अपघटनी सेल के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?
- प्राथमिक सेल और द्वितीयक सेल में क्या अंतर है और प्रत्येक के दो-दो उदाहरण दीजिए।
- संक्षारण को रोकने के लिए आप कौन से तरीके अपना सकते हैं?