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Basics of Time Value of Money | Quantitative Methods – 2 | CFA Level 1
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Basics of Time Value of Money | Quantitative Methods – 2 | CFA Level 1

Aswini Bajaj

4 chapters6 takeaways9 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो पैसे के समय मूल्य (Time Value of Money) की अवधारणा को समझाता है, जो CFA लेवल 1 के लिए महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि आज का पैसा भविष्य के पैसे से अधिक मूल्यवान क्यों है, जिसका मुख्य कारण निवेश पर रिटर्न अर्जित करने की क्षमता है। वीडियो विभिन्न निवेशों के लिए आवश्यक रिटर्न (required return) की अवधारणा पर भी प्रकाश डालता है, जो जोखिम के स्तर पर निर्भर करता है। अंत में, यह सिखाता है कि विभिन्न समय बिंदुओं पर होने वाले नकदी प्रवाह (cash flows) की तुलना करने के लिए, उन्हें एक सामान्य समय बिंदु पर लाना आवश्यक है, या तो वर्तमान मूल्य (present value) या भविष्य मूल्य (future value) की गणना करके।

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Chapters

  • समान रिटर्न देने वाले विभिन्न निवेशों में से, निवेशक जोखिम के आधार पर चुनाव करता है।
  • अधिक जोखिम वाले निवेशों के लिए निवेशक उच्च रिटर्न की मांग करता है।
  • बैंक जैसे सुरक्षित निवेश कम रिटर्न देते हैं, जबकि स्टॉक जैसे जोखिम भरे निवेशों से उच्च रिटर्न की उम्मीद की जाती है।
  • प्रत्येक निवेश के लिए एक 'आवश्यक रिटर्न' (required return) होता है, जो उसके जोखिम के स्तर के अनुसार तय होता है।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि अलग-अलग निवेशों में अलग-अलग जोखिम होते हैं और इसलिए निवेशक उनसे अलग-अलग रिटर्न की उम्मीद करते हैं। यह निर्णय लेने में मदद करता है कि कहाँ निवेश करना है।
अगर बैंक 6% रिटर्न दे रहा है और टाटा जैसी बड़ी कंपनी भी 6% रिटर्न दे रही है, तो लोग सुरक्षा के कारण बैंक चुनेंगे। लेकिन अगर टाटा 8% दे रहा है, तो लोग टाटा को चुनेंगे।
  • आज प्राप्त धन भविष्य में प्राप्त समान राशि से अधिक मूल्यवान है।
  • इसका मुख्य कारण यह है कि आज प्राप्त धन को निवेश करके उस पर रिटर्न अर्जित किया जा सकता है।
  • जितनी जल्दी पैसा मिलता है, उतना ही अधिक समय उसे बढ़ाने के लिए मिलता है, जिससे चक्रवृद्धि (compounding) का लाभ मिलता है।
  • अलग-अलग समय पर मिलने वाले धन की सीधे तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि उनकी 'इकाई' (unit of measurement) अलग होती है।
यह अवधारणा निवेश निर्णयों के लिए मौलिक है, क्योंकि यह बताती है कि क्यों एक ही राशि भविष्य में आज की तुलना में कम मूल्यवान होती है।
यदि एक विकल्प एक साल में 118 रुपये देता है और दूसरा तीन साल में 118 रुपये देता है, तो एक साल वाला विकल्प बेहतर है क्योंकि प्राप्त 118 रुपये को आगे निवेश करके और अधिक कमाया जा सकता है।
  • विभिन्न समय पर होने वाले नकदी प्रवाह (cash flows) की तुलना करने के लिए, उन्हें एक सामान्य समय बिंदु पर लाना आवश्यक है।
  • यह या तो सभी नकदी प्रवाह को वर्तमान मूल्य (present value) में परिवर्तित करके या भविष्य मूल्य (future value) में परिवर्तित करके किया जा सकता है।
  • यह प्रक्रिया मीटर और किलोमीटर या डॉलर और रुपये की तुलना करने के समान है; इकाइयों को समान बनाना पड़ता है।
  • आवश्यक रिटर्न (required return) का उपयोग भविष्य के नकदी प्रवाह को वर्तमान मूल्य में बदलने के लिए किया जाता है।
यह विधि हमें विभिन्न निवेश अवसरों की निष्पक्ष रूप से तुलना करने की अनुमति देती है, भले ही उनके नकदी प्रवाह अलग-अलग समय पर हों।
यदि एक निवेश एक साल में 118 रुपये देता है और दूसरा तीन साल में 125 रुपये देता है, और आवश्यक रिटर्न 7% है, तो हम दोनों के आज के मूल्य (present value) की गणना करते हैं: 118 का आज का मूल्य लगभग 100.93 है, और 125 का तीन साल बाद का आज का मूल्य लगभग 102.03 है। इससे तुलना करना आसान हो जाता है।
  • निवेशक अधिक जोखिम लेने के लिए अधिक रिटर्न की मांग करते हैं (जोखिम-रिटर्न ट्रेड-ऑफ)।
  • 'इंटरेस्ट रेट' जैसे शब्दों का प्रयोग कैजुअली नहीं करना चाहिए; निवेश के संदर्भ में 'आवश्यक रिटर्न' (required return) अधिक सटीक शब्द है।
  • बॉन्ड जैसे निवेशों के लिए 'कूपन' (coupon) जैसे विशिष्ट शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
  • वित्तीय अवधारणाओं और शब्दावली को समझना सटीक विश्लेषण और निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण है।
सही वित्तीय शब्दावली का उपयोग और जोखिम-रिटर्न ट्रेड-ऑफ को समझना प्रभावी निवेश विश्लेषण और संचार के लिए आवश्यक है।
यदि एक स्मॉल कंपनी 14% रिटर्न का वादा करती है, तो निवेशक अधिक जोखिम लेने को तैयार हो सकता है, जबकि 7-9% के लिए वह शायद बैंक में ही निवेश करना पसंद करेगा।

Key takeaways

  1. 1पैसे का समय मूल्य (Time Value of Money) का मतलब है कि आज का पैसा भविष्य के पैसे से अधिक मूल्यवान है क्योंकि इसे निवेश करके कमाया जा सकता है।
  2. 2निवेशकों को हमेशा जोखिम-रिटर्न ट्रेड-ऑफ (risk-return trade-off) पर विचार करना चाहिए: अधिक जोखिम के लिए अधिक रिटर्न की मांग की जानी चाहिए।
  3. 3विभिन्न निवेशों की तुलना करने के लिए, उनके नकदी प्रवाह (cash flows) को एक सामान्य समय बिंदु पर लाया जाना चाहिए, आमतौर पर वर्तमान मूल्य (present value) की गणना करके।
  4. 4वित्तीय अवधारणाओं को समझने के लिए सही शब्दावली (जैसे 'आवश्यक रिटर्न' बनाम 'इंटरेस्ट') का उपयोग महत्वपूर्ण है।
  5. 5चक्रवृद्धि (compounding) वह प्रक्रिया है जहाँ अर्जित ब्याज पर भी ब्याज मिलता है, जिससे समय के साथ धन बढ़ता है।
  6. 6किसी निवेश के आज के मूल्य (present value) की गणना उसके भविष्य के नकदी प्रवाह और आवश्यक रिटर्न (required return) का उपयोग करके की जाती है।

Key terms

Time Value of Money (पैसे का समय मूल्य)Required Return (आवश्यक रिटर्न)Cash Flow (नकदी प्रवाह)Present Value (वर्तमान मूल्य)Future Value (भविष्य मूल्य)Compounding (चक्रवृद्धि)Risk-Return Trade-off (जोखिम-रिटर्न ट्रेड-ऑफ)Interest Rate (ब्याज दर)Investment (निवेश)

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  1. 1पैसे के समय मूल्य की अवधारणा के अनुसार, आज प्राप्त 100 रुपये एक साल बाद प्राप्त 100 रुपये से अधिक मूल्यवान क्यों हैं?
  2. 2निवेशक अधिक जोखिम वाले निवेशों के लिए उच्च रिटर्न की मांग क्यों करते हैं? इस संबंध को क्या कहा जाता है?
  3. 3विभिन्न समय पर होने वाले दो नकदी प्रवाहों की तुलना करने के लिए क्या विधि अपनाई जाती है?
  4. 4किसी निवेश के 'आवश्यक रिटर्न' (required return) की गणना कैसे की जाती है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
  5. 5वर्तमान मूल्य (present value) की गणना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

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