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What is an API? | Introduction to APIs | FAST API for Machine Learning | CampusX
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What is an API? | Introduction to APIs | FAST API for Machine Learning | CampusX

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6 chapters5 takeaways10 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो एपीआई (API) की अवधारणा का एक विस्तृत परिचय देता है, विशेष रूप से मशीन लर्निंग (ML) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संदर्भ में। यह बताता है कि एपीआई क्या हैं, वे कैसे काम करते हैं, और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और एमएल मॉडल को दुनिया के सामने लाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका क्यों है। वीडियो एपीआई के बिना मोनोलिथिक आर्किटेक्चर की सीमाओं को भी समझाता है और बताता है कि कैसे एपीआई विभिन्न सॉफ्टवेयर घटकों और फ्रंट-एंड/बैक-एंड सिस्टम के बीच संचार को सक्षम करके इन समस्याओं को हल करते हैं। अंत में, यह एमएल डोमेन में एपीआई के अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालता है, यह समझाते हुए कि वे एमएल मॉडल को बाहरी अनुप्रयोगों के लिए कैसे सुलभ बनाते हैं।

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Chapters

  • यह चैनल AI और ML में महारत हासिल करने के लिए आवश्यक विभिन्न विषयों पर कंटेंट प्रदान करता है।
  • FastAPI एक महत्वपूर्ण फ्रेमवर्क है जिसका उपयोग AI/ML मॉडल के लिए एपीआई बनाने के लिए किया जाता है।
  • एपीआई सॉफ्टवेयर घटकों को एक-दूसरे के साथ संवाद करने की अनुमति देते हैं।
  • FastAPI का उपयोग करके उच्च-स्केलेबल और मजबूत एपीआई बनाए जा सकते हैं, जो AI/ML स्पेस में व्यापक रूप से अपनाया गया है।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि एपीआई AI/ML मॉडल को वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों में एकीकृत करने के लिए क्यों आवश्यक हैं, और FastAPI इस प्रक्रिया को कैसे सरल बनाता है।
जैसे एक वेबसाइट या मोबाइल ऐप को चलाने के लिए बैकएंड को फ्रंटएंड से जोड़ने के लिए एपीआई की आवश्यकता होती है।
  • एपीआई (Application Programming Interface) दो सॉफ्टवेयर घटकों के बीच संचार को सक्षम करने वाले तंत्र हैं।
  • एपीआई को एक कनेक्टर के रूप में देखा जा सकता है जो विभिन्न सॉफ़्टवेयर को आपस में जोड़ता है।
  • वे एक परिभाषित नियमों, प्रोटोकॉल और डेटा प्रारूपों के सेट का उपयोग करके संचार की सुविधा प्रदान करते हैं।
  • एक रेस्टोरेंट में वेटर की तरह, एपीआई ग्राहक (फ्रंटएंड) और किचन (बैकएंड) के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है।
एपीआई की मूल परिभाषा और कार्यप्रणाली को समझने से यह स्पष्ट होता है कि वे विभिन्न सॉफ्टवेयर सिस्टम के बीच इंटरऑपरेबिलिटी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
जब आप Udemy पर 'AI Agents' खोजते हैं, तो फ्रंटएंड एपीआई के माध्यम से बैकएंड को अनुरोध भेजता है, जो डेटाबेस से जानकारी प्राप्त करता है और एपीआई के माध्यम से फ्रंटएंड को वापस भेजता है।
  • एपीआई के आविष्कार से पहले, वेबसाइटों को मोनोलिथिक आर्किटेक्चर का उपयोग करके बनाया जाता था।
  • मोनोलिथिक आर्किटेक्चर में, फ्रंटएंड और बैकएंड कोड एक ही एप्लिकेशन या डायरेक्टरी के भीतर कसकर जुड़े होते हैं।
  • इस आर्किटेक्चर में, फ्रंटएंड और बैकएंड सीधे संवाद कर सकते हैं क्योंकि वे एक ही इकाई का हिस्सा हैं।
  • मोनोलिथिक आर्किटेक्चर की मुख्य समस्या यह है कि एक घटक में परिवर्तन पूरे एप्लिकेशन को प्रभावित कर सकता है, जिससे स्केलिंग और रखरखाव मुश्किल हो जाता है।
मोनोलिथिक आर्किटेक्चर की सीमाओं को समझना यह स्पष्ट करता है कि एपीआई की आवश्यकता क्यों उत्पन्न हुई और वे सॉफ्टवेयर विकास में कैसे क्रांति लाए।
एक IRCTC जैसी वेबसाइट जहां ट्रेन की जानकारी प्रदर्शित करने के लिए फ्रंटएंड और बैकएंड को एक ही कोडबेस में बनाया गया था, जिससे बाहरी अनुप्रयोगों के साथ जानकारी साझा करना असंभव हो गया।
  • एपीआई मोनोलिथिक आर्किटेक्चर को डीकपल करके काम करते हैं, जिससे फ्रंटएंड और बैकएंड अलग-अलग एप्लिकेशन बन जाते हैं।
  • एपीआई एक परिभाषित इंटरफ़ेस (एंडपॉइंट्स) प्रदान करते हैं जिसके माध्यम से बाहरी एप्लिकेशन बैकएंड सेवाओं तक पहुंच सकते हैं।
  • यह बाहरी कंपनियों को सीधे डेटाबेस या बैकएंड कोड तक पहुंचने की आवश्यकता के बिना डेटा और कार्यक्षमता साझा करने की अनुमति देता है।
  • एपीआई संचार के लिए HTTP जैसे प्रोटोकॉल और JSON जैसे डेटा प्रारूपों का उपयोग करते हैं, जो विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं के साथ संगत हैं।
एपीआई विभिन्न प्रणालियों के बीच डेटा साझा करने और इंटरऑपरेबिलिटी की अनुमति देकर सॉफ्टवेयर विकास को अधिक मॉड्यूलर, स्केलेबल और कुशल बनाते हैं।
IRCTC अपने ट्रेन डेटा तक पहुंच प्रदान करने के लिए एक एपीआई बना सकता है, जिससे MakeMyTrip या Yatra जैसी कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर इस जानकारी को एकीकृत कर सकें और राजस्व उत्पन्न कर सकें।
  • एमएल डोमेन में, एपीआई का उपयोग एमएल मॉडल को बाहरी अनुप्रयोगों के लिए सुलभ बनाने के लिए किया जाता है।
  • डेटाबेस के बजाय, एमएल डोमेन में मुख्य घटक प्रशिक्षित मशीन लर्निंग मॉडल है।
  • एपीआई एमएल मॉडल को एक वेब सेवा के रूप में उजागर करते हैं, जिससे विभिन्न फ्रंटएंड (वेबसाइट, मोबाइल ऐप) उनसे इंटरैक्ट कर सकते हैं।
  • यह आर्किटेक्चर विभिन्न प्लेटफार्मों पर एक ही एमएल मॉडल का उपयोग करने की अनुमति देता है, जिससे विकास और रखरखाव सरल हो जाता है।
एमएल मॉडल को एपीआई के माध्यम से उपलब्ध कराने से उन्हें व्यापक दर्शकों तक पहुंचने और विभिन्न अनुप्रयोगों में एकीकृत होने में मदद मिलती है, जिससे एआई का व्यावसायीकरण संभव होता है।
ChatGPT जैसे मॉडल को एपीआई के माध्यम से उजागर किया जाता है, जिससे डेवलपर्स विभिन्न अनुप्रयोगों में इसकी क्षमताओं का उपयोग कर सकते हैं, जैसे कि ग्राहक सेवा चैटबॉट या सामग्री निर्माण उपकरण।
  • एमएल मॉडल को एक बैकएंड सेवा के रूप में तैनात किया जाता है, जिसके ऊपर एक एपीआई लेयर होती है।
  • फ्रंटएंड एप्लिकेशन (वेब, एंड्रॉइड, आईओएस) एपीआई के माध्यम से एमएल मॉडल से अनुरोध भेजते हैं।
  • एपीआई अनुरोधों को बैकएंड पर रूट करता है, जो मॉडल से इंटरैक्ट करता है और प्रतिक्रिया प्राप्त करता है।
  • प्रतिक्रियाएं JSON प्रारूप में फ्रंटएंड को वापस भेजी जाती हैं, जिससे विभिन्न प्लेटफार्मों पर एक सुसंगत अनुभव सुनिश्चित होता है।
यह एपीआई-संचालित दृष्टिकोण एमएल मॉडल को विभिन्न प्लेटफार्मों पर आसानी से तैनात और उपयोग करने की अनुमति देता है, जिससे विकास लागत कम होती है और पहुंच बढ़ती है।
Amazon का रिकमेंडर सिस्टम एपीआई का उपयोग करके अपनी वेबसाइट, एंड्रॉइड ऐप और आईओएस ऐप को पावर देता है, जिससे तीनों प्लेटफार्मों पर एक एकीकृत उपयोगकर्ता अनुभव सुनिश्चित होता है।

Key takeaways

  1. 1एपीआई सॉफ्टवेयर घटकों के बीच संचार के लिए आवश्यक पुल हैं, जो उन्हें स्वतंत्र रूप से विकसित और तैनात करने की अनुमति देते हैं।
  2. 2मोनोलिथिक आर्किटेक्चर की तुलना में एपीआई-संचालित आर्किटेक्चर अधिक स्केलेबल, लचीला और रखरखाव में आसान है।
  3. 3JSON एक सार्वभौमिक डेटा प्रारूप है जो विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं में एपीआई संचार की सुविधा प्रदान करता है।
  4. 4एमएल मॉडल को एपीआई के माध्यम से उजागर करने से उन्हें वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों में एकीकृत करना और उनका मुद्रीकरण करना संभव हो जाता है।
  5. 5FastAPI जैसे फ्रेमवर्क एमएल मॉडल के लिए मजबूत और कुशल एपीआई बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाते हैं।

Key terms

API (Application Programming Interface)FrontendBackendMonolithic ArchitectureDecouplingHTTP ProtocolJSON Data FormatMachine Learning ModelEndpointsFastAPI

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  1. 1सॉफ्टवेयर घटकों के बीच संचार को सक्षम करने में एपीआई की क्या भूमिका है?
  2. 2मोनोलिथिक आर्किटेक्चर की तुलना में एपीआई-संचालित आर्किटेक्चर के क्या फायदे हैं?
  3. 3एमएल मॉडल को बाहरी अनुप्रयोगों के लिए सुलभ बनाने में एपीआई कैसे मदद करते हैं?
  4. 4एपीआई संचार में JSON डेटा प्रारूप का क्या महत्व है?
  5. 5FastAPI का उपयोग करके एमएल मॉडल के लिए एपीआई बनाने के क्या लाभ हैं?

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