
What Is POI? In SMC | HINDI | BANKNIFTY| LECTURE~6
Guardeer
Overview
यह वीडियो SMC (Smart Money Concepts) में 'प्राइस ऑफ इंटरेस्ट' (POI) की अवधारणा को समझाता है। इसमें बताया गया है कि POI क्या है, और ट्रेडर्स एंट्री के लिए किन जगहों पर ध्यान दे सकते हैं। वीडियो विभिन्न प्रकार के POI जैसे IDM (Inducement), ऑर्डर ब्लॉक, एक्सट्रीम ऑर्डर ब्लॉक, बॉस स्वीप और चॉक स्वीप पर चर्चा करता है। यह हायर टाइम फ्रेम और लोअर टाइम फ्रेम एनालिसिस के महत्व पर भी प्रकाश डालता है, और बताता है कि कैसे इन कॉन्सेप्ट्स का उपयोग करके ट्रैप होने से बचा जा सकता है और प्रभावी एंट्री ली जा सकती है। अंत में, इंटरनल और एक्सटर्नल रेंज प्ले करने के तरीके और वॉल्यूम इंबैलेंस जैसी अतिरिक्त कन्फर्मेशन पर भी बात की गई है।
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Chapters
- POI वह जगह है जहाँ ट्रेडर एंट्री लेने में रुचि रखते हैं।
- SMC में POI ऑर्डर ब्लॉक, फेयर वैल्यू गैप (FVG), और इंड्यूसमेंट (IDM) जैसे कॉन्सेप्ट्स से जुड़े होते हैं।
- सभी ऑर्डर ब्लॉक या FVG एंट्री के लिए महत्वपूर्ण नहीं होते; सही POI चुनना महत्वपूर्ण है।
- यह लेक्चर POI को पहचानने और उनका उपयोग करने के तरीके सिखाएगा।
- IDM (Inducement) एक स्विंग हाई या लो होता है जिसे प्राइस अक्सर स्वीप (लिक्विडिटी ग्रैब) करने के बाद विपरीत दिशा में जाता है।
- IDM स्वीप होने पर एंट्री ली जा सकती है, खासकर जब नीचे कोई ऑर्डर ब्लॉक या FVG न हो।
- IDM स्वीप की प्रोबेबिलिटी इस बात पर निर्भर करती है कि नीचे कितने लिक्विडिटी पूल (ऑर्डर ब्लॉक/FVG) मौजूद हैं।
- हायर टाइम फ्रेम (जैसे 30 मिनट) पर IDM स्वीप होने पर प्रोबेबिलिटी बढ़ जाती है, खासकर जब लोअर टाइम फ्रेम पर स्ट्रक्चर शिफ्ट (CHoCH) हो।
- यदि प्राइस IDM के नीचे बॉडी क्लोज कर देता है, तो पहला POI IDM के ठीक नीचे वाला पहला ऑर्डर ब्लॉक (डिमांड ज़ोन) होता है।
- यदि प्राइस IDM के ऊपर बॉडी क्लोज कर देता है, तो पहला POI IDM के ठीक ऊपर वाला पहला ऑर्डर ब्लॉक (सप्लाई ज़ोन) होता है।
- इन ऑर्डर ब्लॉक पर एंट्री की प्रोबेबिलिटी आमतौर पर अधिक होती है (80% से 100%)।
- हायर टाइम फ्रेम पर रिजेक्शन मिलने पर लोअर टाइम फ्रेम पर स्ट्रक्चर शिफ्ट (CHoCH) के साथ एंट्री प्लान की जा सकती है।
- एक्सट्रीम ऑर्डर ब्लॉक वह अंतिम ऑर्डर ब्लॉक होता है जो चौक (CHoCH) पॉइंट के ठीक पहले होता है।
- बॉस (Break of Structure) या चॉक (Change of Character) के स्वीप होने पर भी एंट्री ली जा सकती है, खासकर जब हायर टाइम फ्रेम पर कन्फर्मेशन हो।
- बॉस स्वीप होने पर एंट्री की प्रोबेबिलिटी 80% होती है, जो हायर टाइम फ्रेम पर 95-100% तक बढ़ जाती है।
- चॉक स्वीप होने पर भी एंट्री ली जा सकती है, जिसकी प्रोबेबिलिटी 90% तक होती है।
- HTF एनालिसिस ट्रेंड की दिशा और बड़े POIs को समझने में मदद करती है।
- LTF एनालिसिस एंट्री पॉइंट को सटीक बनाने और ट्रैप होने से बचने में मदद करती है।
- HTF पर एक दिशा में स्ट्रक्चर होने पर LTF पर विपरीत दिशा में ट्रेड लेना स्टॉप लॉस हिट होने का कारण बन सकता है।
- एंट्री हमेशा HTF के POI को मार्क करने के बाद LTF पर कन्फर्मेशन के साथ लेनी चाहिए।
- डिस्प्लेसमेंट (Displacement) वह लेग है जिसमें बड़ा मोमेंटम होता है और FVG या ऑर्डर ब्लॉक बनता है, जो बड़े खिलाड़ियों के प्रवेश का संकेत है।
- LTF पर मार्केट स्ट्रक्चर शिफ्ट (CHoCH) या चौक के बाद FVG या ऑर्डर ब्लॉक पर एंट्री लेना एक मजबूत एंट्री मॉड्यूल है।
- ट्रैप होने से बचने के लिए, बिना डिस्प्लेसमेंट या FVG वाले लेग्स में एंट्री नहीं लेनी चाहिए।
- वॉल्यूम इंबैलेंस (Volume Imbalance) और लिक्विडिटी वॉइड्स (Liquidity Voids) भी एंट्री के लिए कन्फर्मेशन के रूप में काम कर सकते हैं।
- एक्सटर्नल रेंज प्ले करना मतलब HTF के POI से सीधे बड़े टारगेट तक ट्रेड करना।
- इंटरनल रेंज प्ले करना मतलब HTF के POI के भीतर LTF पर पुलबैक या छोटे स्ट्रक्चर पर ट्रेड करना।
- इंटरनल रेंज प्ले करने के लिए पहले HTF पर IDM का होना आवश्यक है।
- वॉल्यूम इंबैलेंस, लिक्विडिटी वॉइड्स, और ऑर्डर ब्लॉक इंटरनल रेंज प्ले करने में कन्फर्मेशन प्रदान करते हैं।
Key takeaways
- POI को समझना SMC ट्रेडिंग का आधार है, जो एंट्री के लिए महत्वपूर्ण मूल्य स्तरों की पहचान कराता है।
- IDM स्वीप और उसके आसपास के ऑर्डर ब्लॉक संभावित एंट्री पॉइंट प्रदान करते हैं, खासकर जब लिक्विडिटी ग्रैब होती है।
- हायर टाइम फ्रेम एनालिसिस बड़े ट्रेंड को समझने और लोअर टाइम फ्रेम पर सटीक एंट्री लेने के लिए अनिवार्य है।
- डिस्प्लेसमेंट, FVG, और ऑर्डर ब्लॉक जैसे कॉन्सेप्ट्स बड़े खिलाड़ियों के एक्शन को दर्शाते हैं और एंट्री कन्फर्मेशन देते हैं।
- ट्रैप होने से बचने के लिए, बिना डिस्प्लेसमेंट या उचित कन्फर्मेशन वाले लेग्स में एंट्री न लें।
- बॉस और चॉक के स्वीप होने पर भी महत्वपूर्ण एंट्री अवसर मिल सकते हैं, खासकर जब वे हायर टाइम फ्रेम POI पर हों।
- इंटरनल और एक्सटर्नल रेंज प्ले करने की क्षमता से ट्रेडर विभिन्न टाइम फ्रेम पर अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।
Key terms
Test your understanding
- POI क्या है और SMC में इसके क्या महत्व हैं?
- IDM स्वीप होने पर एंट्री लेने के क्या नियम हैं और इसकी प्रोबेबिलिटी कैसे बढ़ाई जा सकती है?
- हायर टाइम फ्रेम और लोअर टाइम फ्रेम एनालिसिस का उपयोग करके आप कैसे ट्रैप होने से बच सकते हैं?
- डिस्प्लेसमेंट और FVG जैसे कॉन्सेप्ट्स एंट्री लेने में कैसे मदद करते हैं?
- इंटरनल और एक्सटर्नल रेंज प्ले करने के बीच मुख्य अंतर क्या है?