
COMPLETE ENGINEERING PHYSICS |LASER|OPTICAL FIBRE|PRADEEP GIRI SIR
Pradeep Giri Academy Live
Overview
यह वीडियो लेजर और ऑप्टिकल फाइबर के मूल सिद्धांतों, उनके प्रकारों, निर्माण, कार्यप्रणाली और अनुप्रयोगों पर एक विस्तृत चर्चा प्रदान करता है। इसमें लेजर के लिए आवश्यक अवधारणाओं जैसे अवशोषण, स्वतः उत्सर्जन, उत्तेजित उत्सर्जन, सक्रिय माध्यम, जनसंख्या व्युत्क्रमण और पंपिंग को समझाया गया है। विभिन्न प्रकार के लेजर, जैसे हीलियम-नियोन लेजर, और ऑप्टिकल फाइबर के प्रकारों, जैसे सिंगल-मोड और मल्टी-मोड फाइबर, पर भी प्रकाश डाला गया है। वीडियो में लेजर और ऑप्टिकल फाइबर के विभिन्न अनुप्रयोगों, जैसे बारकोड स्कैनिंग, मेटल वर्क और संचार प्रणालियों को भी शामिल किया गया है। अंत में, लेजर और ऑप्टिकल फाइबर से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण सूत्र और संख्यात्मक उदाहरण भी दिए गए हैं।
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Chapters
- लेजर में एटम की दो मुख्य अवस्थाएं होती हैं: ग्राउंड स्टेट (निम्न ऊर्जा स्तर) और एक्साइटेड स्टेट (उच्च ऊर्जा स्तर)।
- एटम फोटोन की मदद से ग्राउंड स्टेट से एक्साइटेड स्टेट में जा सकते हैं।
- मेटा स्टेबल स्टेट एक मध्यवर्ती अवस्था है जहां एटम एक्साइटेड स्टेट की तुलना में अधिक समय तक रुक सकते हैं।
- लेजर का फुल फॉर्म 'Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation' है।
- लेजर प्रकाश संगठित (organized) और केंद्रित (focused) होता है, जबकि एक्स-रे ऐसा नहीं होता।
- लेजर उत्तेजित उत्सर्जन (stimulated emission) के सिद्धांत पर काम करता है, जबकि एक्स-रे इस पर काम नहीं करता।
- अवशोषण (Absorption): एटम निम्न ऊर्जा स्तर से फोटोन को अवशोषित करके उच्च ऊर्जा स्तर पर जाता है।
- स्वतः उत्सर्जन (Spontaneous Emission): एक्साइटेड स्टेट में एटम स्वाभाविक रूप से कम समय (10^-8 सेकंड) में निम्न ऊर्जा स्तर पर लौटता है और फोटोन उत्सर्जित करता है। यह लेजर के लिए उपयोगी नहीं है।
- उत्तेजित उत्सर्जन (Stimulated Emission): एक बाहरी फोटोन एक्साइटेड एटम को निम्न ऊर्जा स्तर पर लौटने के लिए प्रेरित करता है, जिससे एक समान फोटोन उत्सर्जित होता है। यह लेजर क्रिया का आधार है।
- सक्रिय माध्यम (Active Medium): वह पदार्थ जहां प्रकाश का प्रवर्धन होता है।
- सक्रिय केंद्र (Active Center): सक्रिय माध्यम के भीतर मौजूद एटम, आयन या अणु जो उत्तेजित उत्सर्जन पर फोटोन उत्सर्जित करते हैं।
- जनसंख्या व्युत्क्रमण (Population Inversion): एक ऐसी स्थिति जहां उत्तेजित अवस्था में एटम की संख्या निम्न ऊर्जा स्तर में एटम की संख्या से अधिक होती है। यह लेजर क्रिया के लिए आवश्यक है।
- पंपिंग (Pumping): निम्न ऊर्जा स्तर से उच्च ऊर्जा स्तर पर एटम की बड़ी संख्या को उठाने की प्रक्रिया।
- विभिन्न प्रकार की पंपिंग विधियाँ हैं: रासायनिक, विद्युत, प्रत्यक्ष और ऑप्टिकल पंपिंग।
- थ्री-लेवल और फोर-लेवल पंपिंग लेजर के लिए अधिक प्रभावी हैं, जबकि टू-लेवल पंपिंग उपयोगी नहीं है।
- रेजोनेंट कैविटी (Resonant Cavity): दो दर्पणों (एक पूर्णतः परावर्तक और एक आंशिक रूप से परावर्तक) से बनी होती है जो प्रकाश को बार-बार सक्रिय माध्यम से गुजारकर प्रवर्धित करती है।
- हीलियम-नियोन लेजर एक गैस लेजर है जो हीलियम और नियोन गैसों के मिश्रण का उपयोग करता है।
- हीलियम-नियोन लेजर का निर्माण डिस्चार्ज ट्यूब, इलेक्ट्रोड, रेजोनेंट कैविटी और ऊर्जा स्रोत से होता है।
- लेजर की मुख्य विशेषताएं हैं: उच्च सुसंगतता (Highly Coherent), उच्च एकवर्णीयता (Highly Monochromatic), उच्च दिशात्मकता (Highly Directional), और उच्च चमक (Brightness)।
- सामान्य प्रकाश असंगत (incoherent), बहुवर्णीय (polychromatic), और सभी दिशाओं में फैलता है।
- लेजर प्रकाश एक ही तरंग दैर्ध्य (wavelength) और फेज (phase) में होता है, जबकि सामान्य प्रकाश में कई तरंग दैर्ध्य और फेज होते हैं।
- ऑप्टिकल फाइबर तीन परतों से बना होता है: कोर (प्रकाश संचरण के लिए), क्लैडिंग (पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए), और जैकेट (सुरक्षा के लिए)।
- यह टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन (Total Internal Reflection) के सिद्धांत पर काम करता है, जहां प्रकाश कोर के अंदर ही परावर्तित होता रहता है।
- ऑप्टिकल फाइबर के मुख्य प्रकार हैं: सिंगल-मोड फाइबर (एक मोड संचरण) और मल्टी-मोड फाइबर (एक से अधिक मोड संचरण)।
- मल्टी-मोड फाइबर को स्टेप-इंडेक्स और ग्रेडेड-इंडेक्स में विभाजित किया गया है।
- स्टेप-इंडेक्स फाइबर में कोर और क्लैडिंग के रिफ्रैक्टिव इंडेक्स में अचानक परिवर्तन होता है, जिससे सिग्नल लॉस अधिक होता है।
- ग्रेडेड-इंडेक्स फाइबर में रिफ्रैक्टिव इंडेक्स धीरे-धीरे बदलता है, जिससे सिग्नल लॉस कम होता है।
- डिस्पर्शन (Dispersion) वह घटना है जहां प्रकाश फाइबर के भीतर फैल जाता है, जिससे सिग्नल की गुणवत्ता कम हो जाती है।
- अटैन्यूएशन (Attenuation) या सिग्नल हानि फाइबर के माध्यम से प्रकाश के संचरण के दौरान होने वाली ऊर्जा की हानि है।
- यह अवशोषण, बिखराव (scattering) और फाइबर के अत्यधिक मुड़ने (bending) के कारण हो सकता है।
- ऑप्टिकल फाइबर संचार प्रणाली में ट्रांसमीटर, ऑप्टिकल फाइबर और रिसीवर शामिल होते हैं, जहां इलेक्ट्रिकल सिग्नल को लाइट सिग्नल में परिवर्तित किया जाता है और फिर वापस इलेक्ट्रिकल सिग्नल में।
- लेजर का उपयोग मेटल वर्क (वेल्डिंग, कटिंग), बारकोड स्कैनिंग, लिडार (LiDAR) और चिकित्सा में किया जाता है।
- ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग उच्च गति डेटा ट्रांसमिशन, इंटरनेट संचार, और लंबी दूरी के संचार के लिए किया जाता है।
- ऑप्टिकल फाइबर के लाभों में उच्च बैंडविड्थ, कम सिग्नल हानि, सुरक्षा और बेहतर सिग्नल गुणवत्ता शामिल हैं।
- जनसंख्या व्युत्क्रमण (n2/n1) और तरंग दैर्ध्य (wavelength) की गणना के लिए सूत्र दिए गए हैं।
- इन सूत्रों में प्लैंक स्थिरांक (h), प्रकाश की गति (c), बोल्ट्ज़मान स्थिरांक (k), तापमान (T) और ऊर्जा अंतर (ΔE) जैसे पैरामीटर शामिल हैं।
- दिए गए उदाहरणों में हीलियम-नियोन लेजर और अन्य लेजर के लिए इन मानों की गणना की गई है।
Key takeaways
- लेजर प्रकाश का उत्पादन उत्तेजित उत्सर्जन की प्रक्रिया पर आधारित है, जो एटम को निम्न ऊर्जा स्तर पर लौटने के लिए प्रेरित करता है और समान फोटोन उत्सर्जित करता है।
- जनसंख्या व्युत्क्रमण, जहां उत्तेजित अवस्था में एटम की संख्या निम्न अवस्था से अधिक होती है, लेजर क्रिया के लिए एक अनिवार्य शर्त है।
- पंपिंग वह प्रक्रिया है जो सक्रिय माध्यम में जनसंख्या व्युत्क्रमण प्राप्त करने के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करती है।
- ऑप्टिकल फाइबर टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन के सिद्धांत पर काम करते हैं, जिससे डेटा का संचरण बिना किसी महत्वपूर्ण सिग्नल हानि के लंबी दूरी तक हो सकता है।
- सिंगल-मोड फाइबर लंबी दूरी के संचार के लिए अधिक उपयुक्त हैं क्योंकि वे कम डिस्पर्शन और उच्च बैंडविड्थ प्रदान करते हैं।
- लेजर की उच्च सुसंगतता, एकवर्णीयता और दिशात्मकता इसे सामान्य प्रकाश से अलग करती है और इसे विशेष अनुप्रयोगों के लिए उपयोगी बनाती है।
- ऑप्टिकल फाइबर संचार प्रणालियों ने डेटा ट्रांसमिशन की गति और दक्षता में क्रांति ला दी है।
Key terms
Test your understanding
- लेजर प्रकाश के उत्पादन के लिए उत्तेजित उत्सर्जन की प्रक्रिया कैसे महत्वपूर्ण है?
- जनसंख्या व्युत्क्रमण क्या है और यह लेजर क्रिया के लिए क्यों आवश्यक है?
- ऑप्टिकल फाइबर टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन के सिद्धांत का उपयोग करके डेटा को कैसे संचारित करता है?
- सिंगल-मोड फाइबर और मल्टी-मोड फाइबर के बीच मुख्य अंतर क्या हैं और वे विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए कैसे उपयुक्त हैं?
- लेजर की कौन सी विशेषताएं इसे सामान्य प्रकाश स्रोतों से अलग करती हैं और इसके अनुप्रयोगों को कैसे प्रभावित करती हैं?