
What is an API? | Introduction to APIs | FAST API for Machine Learning | CampusX
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Overview
यह वीडियो एपीआई (APIs) की अवधारणा का एक विस्तृत परिचय देता है, विशेष रूप से मशीन लर्निंग (ML) और फास्ट एपीआई (FastAPI) के संदर्भ में। यह बताता है कि एपीआई क्या हैं, वे क्यों महत्वपूर्ण हैं, और वे सॉफ्टवेयर और एमएल डोमेन में किन समस्याओं को हल करते हैं। वीडियो मोनोलिथिक आर्किटेक्चर की सीमाओं की व्याख्या करता है और दिखाता है कि कैसे एपीआई सॉफ्टवेयर घटकों को डीकपल करके और विभिन्न प्लेटफार्मों पर एप्लिकेशन की पहुंच को सक्षम करके इन समस्याओं का समाधान करते हैं। अंत में, यह एमएल मॉडल को दुनिया के सामने लाने में एपीआई की भूमिका पर प्रकाश डालता है, जो फास्ट एपीआई प्लेलिस्ट के लिए मंच तैयार करता है।
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Chapters
- यह प्लेलिस्ट एआई (AI) और मशीन लर्निंग (ML) में करियर बनाने वालों के लिए एपीआई (APIs) सिखाने पर केंद्रित है।
- एपीआई दो सॉफ्टवेयर घटकों को एक-दूसरे से संवाद करने में सक्षम बनाते हैं।
- फास्ट एपीआई (FastAPI) एक लोकप्रिय फ्रेमवर्क है जिसका उपयोग उच्च-प्रदर्शन वाली एपीआई बनाने के लिए किया जाता है, खासकर एमएल स्पेस में।
- प्लेलिस्ट में फास्ट एपीआई की मूल बातें, एमएल मॉडल के साथ इसका एकीकरण और क्लाउड पर डिप्लॉयमेंट शामिल होगा।
- एपीआई (APIs) दो सॉफ्टवेयर घटकों के बीच संचार को सक्षम करने वाले तंत्र हैं।
- उन्हें एक कनेक्टर के रूप में देखा जा सकता है जो विभिन्न सॉफ़्टवेयर को एक साथ जोड़ता है।
- एक सामान्य उदाहरण वेबसाइट का फ्रंट-एंड (जो उपयोगकर्ता देखता है) और बैक-एंड (जो व्यावसायिक तर्क को संभालता है) के बीच संचार है।
- एपीआई संचार के लिए नियमों, प्रोटोकॉल (जैसे HTTP) और डेटा प्रारूपों (जैसे JSON) का एक परिभाषित सेट का उपयोग करते हैं।
- एपीआई के आविष्कार से पहले, वेबसाइटें अक्सर मोनोलिथिक आर्किटेक्चर का उपयोग करके बनाई जाती थीं।
- इस आर्किटेक्चर में, फ्रंट-एंड और बैक-एंड कोड एक ही एप्लिकेशन या फ़ोल्डर में कसकर जुड़े होते हैं।
- यह टाइट कपलिंग एक ही कोडबेस के भीतर संचार की अनुमति देती है लेकिन लचीलेपन को सीमित करती है।
- मोनोलिथिक सिस्टम में बदलाव या विफलता पूरे एप्लिकेशन को प्रभावित कर सकती है।
- मोनोलिथिक आर्किटेक्चर बाहरी अनुप्रयोगों को डेटा या कार्यक्षमता साझा करने की अनुमति नहीं देता है।
- कंपनियों को अपने डेटा या सेवाओं को अन्य व्यवसायों (जैसे मेकमाईट्रिप को आईआरसीटीसी का डेटा) के साथ साझा करने की आवश्यकता होती है, जो मोनोलिथिक सिस्टम के साथ मुश्किल है।
- एपीआई बैक-एंड को फ्रंट-एंड से डीकपल करके इस समस्या को हल करते हैं, जिससे बैक-एंड को एक स्वतंत्र सेवा के रूप में उजागर किया जा सकता है।
- यह विभिन्न फ्रंट-एंड (वेब, एंड्रॉइड, आईओएस) को एक ही बैक-एंड से संवाद करने की अनुमति देता है, जिससे विकास और रखरखाव सरल हो जाता है।
- एपीआई संचार के लिए HTTP जैसे प्रोटोकॉल का उपयोग करते हैं।
- डेटा विनिमय के लिए JSON (जावास्क्रिप्ट ऑब्जेक्ट नोटेशन) एक सार्वभौमिक डेटा प्रारूप है जिसे विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाएं समझ सकती हैं।
- JSON का उपयोग यह सुनिश्चित करता है कि विभिन्न प्लेटफार्मों पर बने फ्रंट-एंड (जैसे जावा में एंड्रॉइड, पायथन में वेब) एपीआई से डेटा को आसानी से संसाधित कर सकें।
- एपीआई बाहरी अनुप्रयोगों को सीधे डेटाबेस या बैक-एंड तक पहुंचने के बजाय एक नियंत्रित इंटरफ़ेस प्रदान करते हैं।
- सॉफ्टवेयर में डेटाबेस के विपरीत, एमएल में एपीआई का मुख्य फोकस मशीन लर्निंग मॉडल पर होता है।
- एमएल मॉडल को प्रशिक्षित किया जाता है और फिर एपीआई के माध्यम से दुनिया के सामने लाया जाता है।
- चैटजीपीटी जैसे उदाहरण दिखाते हैं कि कैसे एक प्रशिक्षित एलएलएम (LLM) को एपीआई के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है।
- एमएल एपीआई विभिन्न फ्रंट-एंड (वेबसाइट, ऐप) को एक ही मॉडल से इंटरैक्ट करने की अनुमति देते हैं, जिससे विकास सरल हो जाता है और विभिन्न प्लेटफार्मों पर एक सुसंगत अनुभव सुनिश्चित होता है।
Key takeaways
- एपीआई सॉफ्टवेयर घटकों के बीच संचार के लिए आवश्यक पुल हैं।
- मोनोलिथिक आर्किटेक्चर की सीमाएं एपीआई-संचालित, डीकपल सिस्टम की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
- एपीआई विभिन्न प्लेटफार्मों (वेब, मोबाइल) पर अनुप्रयोगों को एक एकल बैक-एंड या एमएल मॉडल से जुड़ने में सक्षम बनाते हैं।
- HTTP और JSON जैसे प्रोटोकॉल और डेटा प्रारूप एपीआई संचार को मानकीकृत करते हैं।
- एमएल मॉडल को एपीआई के माध्यम से तैनात करने से उनकी पहुंच और उपयोगिता बढ़ती है।
- फास्ट एपीआई एमएल मॉडल के लिए मजबूत और स्केलेबल एपीआई बनाने के लिए एक प्रमुख फ्रेमवर्क है।
Key terms
Test your understanding
- एपीआई सॉफ्टवेयर घटकों के बीच संचार की सुविधा कैसे प्रदान करते हैं?
- मोनोलिथिक आर्किटेक्चर की मुख्य सीमाएं क्या हैं, और एपीआई उन्हें कैसे दूर करते हैं?
- एमएल मॉडल को दुनिया के सामने लाने में एपीआई की क्या भूमिका है?
- संचार के लिए एपीआई द्वारा उपयोग किए जाने वाले सामान्य प्रोटोकॉल और डेटा प्रारूप क्या हैं?
- फास्ट एपीआई का उपयोग करके एमएल मॉडल के लिए एपीआई बनाने के क्या लाभ हैं?