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2. Effective Teaching Behavior, Key and Helping Behavior | UGC-NET Paper 1 | Bharat Kumar
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2. Effective Teaching Behavior, Key and Helping Behavior | UGC-NET Paper 1 | Bharat Kumar

Kumar Bharat - UGC-NET

4 chapters6 takeaways13 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो प्रभावी शिक्षण व्यवहार (Effective Teaching Behavior) पर केंद्रित है, जिसे दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है: की बिहेवियर (Key Behaviors) और हेल्पिंग बिहेवियर (Helping Behaviors)। वीडियो बताता है कि प्रभावी शिक्षण वह है जो छात्रों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाता है। इसमें की बिहेवियर के पांच प्रकारों की व्याख्या की गई है, जैसे लेसन की स्पष्टता, इंस्ट्रक्शनल वैराइटी, टीचर टास्क ओरिएंटेशन, लर्निंग प्रोसेस में एंगेजमेंट और स्टूडेंट सक्सेस रेट। इसके बाद, हेल्पिंग बिहेवियर के पांच प्रकारों पर चर्चा की गई है: छात्रों के विचारों का उपयोग, स्ट्रक्चरिंग, प्रश्न पूछना, प्रोबिंग और टीचर-लर्नर का सकारात्मक संबंध। अंत में, वीडियो कुछ पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (Previous Year Questions) के उदाहरणों के साथ यह बताता है कि कैसे सामान्य ज्ञान का उपयोग करके भी प्रभावी शिक्षण से संबंधित प्रश्नों को हल किया जा सकता है।

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Chapters

  • प्रभावी शिक्षण वह है जो छात्रों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाता है।
  • प्रभावी शिक्षण व्यवहार को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है: की बिहेवियर और हेल्पिंग बिहेवियर।
  • की बिहेवियर शिक्षण के लिए सबसे आवश्यक हैं, जबकि हेल्पिंग बिहेवियर छात्रों की सीखने की प्रक्रिया में सहायता करते हैं।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि कौन से व्यवहार शिक्षण को प्रभावी बनाते हैं ताकि शिक्षक अपनी शिक्षण विधियों को बेहतर बना सकें और छात्रों के सीखने के परिणामों को अधिकतम कर सकें।
  • लेसन की क्लेरिटी: पाठ को स्टेप-बाय-स्टेप और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करना।
  • इंस्ट्रक्शनल वैराइटी: विभिन्न छात्रों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पढ़ाने के विभिन्न तरीकों और सामग्रियों का उपयोग करना।
  • टीचर टास्क ओरिएंटेशन: पढ़ाई पर अधिक समय लगाना और समय बर्बाद करने वाली गतिविधियों को कम करना।
  • एंगेजमेंट इन द लर्निंग प्रोसेस: छात्रों को सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल रखना और उनके कंफ्यूजन को कम करना।
  • स्टूडेंट सक्सेस रेट: यह सुनिश्चित करना कि छात्र सीख रहे हैं और वांछित परिणाम प्राप्त कर रहे हैं, जिसके लिए पूर्व ज्ञान और सरल चरणों में नई सामग्री देना आवश्यक है।
ये व्यवहार सीधे तौर पर सीखने के माहौल और छात्र की समझ को प्रभावित करते हैं, जिससे सीखने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सफल होती है।
एक शिक्षक जो जटिल विषय को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़कर, विभिन्न उदाहरणों और गतिविधियों का उपयोग करके पढ़ाता है, वह लेसन की क्लेरिटी और इंस्ट्रक्शनल वैराइटी का प्रदर्शन करता है।
  • यूजिंग स्टूडेंट्स आइडियाज एंड कंट्रीब्यूशन: छात्रों के विचारों और सुझावों को स्वीकार करना और उन्हें पाठ में शामिल करना।
  • स्ट्रक्चरिंग: पाठों को इस तरह से व्यवस्थित करना कि छात्र आगे क्या होने वाला है, इसके बारे में स्पष्ट रहें और पाठों का सारांश प्रस्तुत करना।
  • क्वेश्चनिंग: छात्रों की सोच और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछना।
  • प्रोबिंग: छात्रों को अपने विचारों को विस्तार से बताने में मदद करना और उन्हें प्रोत्साहित करना।
  • टीचर अफेक्ट: शिक्षक और छात्र के बीच एक सकारात्मक, उत्साही और सहानुभूतिपूर्ण संबंध बनाना।
ये व्यवहार छात्रों को अधिक सहज महसूस कराते हैं, उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं और शिक्षक के साथ एक मजबूत संबंध बनाने में मदद करते हैं, जो सीखने के लिए महत्वपूर्ण है।
जब कोई छात्र किसी प्रश्न का उत्तर देने की कोशिश कर रहा हो और शिक्षक उसे 'हाँ, तुम सही दिशा में हो, थोड़ा और बताओ' कहकर प्रोत्साहित करे, तो यह प्रोबिंग का उदाहरण है।
  • प्रभावी शिक्षण से संबंधित कई प्रश्न केवल सामान्य ज्ञान का उपयोग करके हल किए जा सकते हैं।
  • सकारात्मक शिक्षण वातावरण बनाने के लिए छात्रों की रुचि बनाए रखना, उनके अनुभवों को साझा करने का अवसर देना और विश्वास व सहयोग को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।
  • अच्छी टीचिंग के लिए एक सहायक मानवीय वातावरण, विषय का ज्ञान और छात्रों के साथ अच्छे संबंध आवश्यक हैं।
  • प्रभावी शिक्षण के लिए केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहना, अच्छी कम्युनिकेशन स्किल्स, लचीलापन और छात्रों से जुड़ने की क्षमता महत्वपूर्ण है।
यह खंड सिखाता है कि कैसे सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप से लागू किया जाए और सामान्य ज्ञान का उपयोग करके परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों को प्रभावी ढंग से हल किया जाए।
एक प्रश्न जिसमें पूछा गया है कि क्लास में मोटिवेशन कैसे बढ़ाया जाए, उसमें 'सरकज़्म और सुपीरियोरिटी को बढ़ावा देना' जैसे नकारात्मक विकल्प को सामान्य ज्ञान से ही रिजेक्ट किया जा सकता है।

Key takeaways

  1. 1प्रभावी शिक्षण केवल जानकारी देने के बारे में नहीं है, बल्कि सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के बारे में है।
  2. 2की बिहेवियर शिक्षण की नींव हैं, जबकि हेल्पिंग बिहेवियर सीखने की प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं।
  3. 3शिक्षक को अपनी शिक्षण विधियों में निरंतरता और विविधता दोनों का ध्यान रखना चाहिए।
  4. 4छात्रों के विचारों को महत्व देना और उनके साथ सकारात्मक संबंध बनाना सीखने के माहौल को बेहतर बनाता है।
  5. 5प्रभावी शिक्षण के लिए शिक्षक का विषय ज्ञान, कम्युनिकेशन स्किल्स और छात्रों से जुड़ने की क्षमता महत्वपूर्ण है।
  6. 6परीक्षाओं में, सामान्य ज्ञान और सकारात्मक दृष्टिकोण का उपयोग करके भी प्रभावी शिक्षण से संबंधित प्रश्नों को हल किया जा सकता है।

Key terms

Effective Teaching BehaviorKey BehaviorsHelping BehaviorsLesson ClarityInstructional VarietyTeacher Task OrientationEngagement in Learning ProcessStudent Success RateUsing Student IdeasStructuringQuestioningProbingTeacher Affect

Test your understanding

  1. 1प्रभावी शिक्षण व्यवहार के की बिहेवियर और हेल्पिंग बिहेवियर में क्या अंतर है?
  2. 2आप लेसन की क्लेरिटी और इंस्ट्रक्शनल वैराइटी को एक साथ कैसे लागू कर सकते हैं?
  3. 3टीचर टास्क ओरिएंटेशन को बेहतर बनाने के लिए एक शिक्षक क्या कदम उठा सकता है?
  4. 4प्रोबिंग क्या है और यह छात्रों को अपने विचारों को व्यक्त करने में कैसे मदद करता है?
  5. 5एक प्रभावी शिक्षक-छात्र संबंध (Teacher Affect) बनाने के लिए कौन से गुण आवश्यक हैं?

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