
1:45:55
MAKING OF CONSTITUTION | POLITY LEC-01 | PARMAR GK 4.0 | SSC GK 2025 | PARMAR SSC
PARMAR SSC
Overview
यह वीडियो भारत के संविधान के निर्माण की प्रक्रिया का विस्तृत विवरण प्रदान करता है। इसमें संविधान क्या है, विभिन्न प्रकार की सरकारें, और भारत के संविधान को बनाने के लिए उठाए गए ऐतिहासिक कदम शामिल हैं। यह कैबिनेट मिशन योजना, संविधान सभा की संरचना, विभिन्न समितियों के कार्य, और संविधान को अपनाने और लागू करने की प्रक्रिया पर प्रकाश डालता है। अंत में, यह बताता है कि संविधान सभा ने न केवल संविधान बनाया बल्कि कानून भी बनाए।
How was this?
Save this permanently with flashcards, quizzes, and AI chat
Chapters
- संविधान किसी देश के आदर्शों को निर्धारित करता है और राष्ट्र की नींव रखता है।
- लोकतांत्रिक देशों में संविधान होता है, लेकिन संविधान होने का मतलब यह नहीं कि देश लोकतांत्रिक ही हो (जैसे चीन, उत्तर कोरिया)।
- संविधान का ट्रेडिशन 1787 में यूएसए से शुरू हुआ, जिसे 1776 में स्वतंत्रता मिली थी।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि संविधान क्या है और यह किसी देश के शासन और आदर्शों को कैसे परिभाषित करता है, ताकि हम विभिन्न देशों की शासन प्रणालियों को समझ सकें।
उत्तर कोरिया का उदाहरण जहां संविधान है लेकिन लोकतंत्र नहीं है।
- सरकार के विभिन्न रूप हैं जैसे कम्युनिज्म (सरकार द्वारा उत्पादन के साधनों का नियंत्रण), टोटिटेरियन (शासक का नागरिकों पर पूर्ण नियंत्रण), ओलिगार्की (कुछ लोगों द्वारा शासन), और मोनार्की (राजशाही)।
- कम्युनिस्ट देशों में सरकार का उत्पादन के साधनों पर नियंत्रण होता है (जैसे चीन, उत्तर कोरिया)।
- ओलिगार्की में कुछ प्रभावशाली लोग मिलकर शासन करते हैं (जैसे रूस, ईरान)।
- मोनार्की में राजा या रानी राष्ट्र का प्रमुख होता है (जैसे सऊदी अरब, यूके)।
विभिन्न प्रकार की सरकारों को समझने से हमें यह जानने में मदद मिलती है कि दुनिया भर में शासन कैसे चलाया जाता है और उनके क्या-क्या लक्षण होते हैं।
रूस और ईरान को ओलिगार्की का उदाहरण माना गया है, जबकि सऊदी अरब और यूके को मोनार्की का।
- 1928 में मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में 'नेहरू रिपोर्ट' संविधान का पहला अनौपचारिक ड्राफ्ट थी।
- 1934 में एम.एन. रॉय ने पहली बार संविधान सभा का विचार प्रस्तावित किया।
- कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर 1935 में संविधान सभा की मांग की।
संविधान सभा की मांग और प्रारंभिक ड्राफ्ट को समझना भारत के स्वतंत्रता संग्राम और संविधान निर्माण की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों को दर्शाता है।
1928 की नेहरू रिपोर्ट, जिसे बर्किन हेड के चैलेंज के जवाब में मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में तैयार किया गया था।
- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, ब्रिटेन ने भारत को डोमिनियन स्टेटस देने का प्रस्ताव रखा (अगस्त ऑफर 1940, क्रिप्स मिशन 1942), जिसे कांग्रेस ने अस्वीकार कर दिया क्योंकि उन्हें पूर्ण स्वराज चाहिए था।
- 1946 में कैबिनेट मिशन भारत आया, जिसमें तीन सदस्य थे: पैथिक लॉरेंस (चेयरमैन), ए.वी. अलेक्जेंडर, और स्टैफर्ड क्रिप्स।
- कैबिनेट मिशन योजना को कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने स्वीकार कर लिया, जिसके तहत संविधान सभा और अंतरिम सरकार का गठन होना था।
ब्रिटिश सरकार की प्रतिक्रियाओं और कैबिनेट मिशन की योजना को समझना यह बताता है कि कैसे भारत को स्वतंत्रता और अपना संविधान बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
कैबिनेट मिशन प्लान, जिसे कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने स्वीकार किया, जिसने संविधान सभा और अंतरिम सरकार की नींव रखी।
- कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार, संविधान सभा में कुल 389 सदस्य होने थे, जिनमें 296 निर्वाचित और 93 मनोनीत सदस्य थे।
- सदस्य अप्रत्यक्ष चुनाव (आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत) द्वारा चुने जाने थे।
- जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में कांग्रेस को बहुमत मिला, जबकि मुस्लिम लीग को 73 सीटें मिलीं।
- मुस्लिम लीग ने चुनावों का बहिष्कार किया और बाद में भारत के विभाजन के कारण सीटें घटकर 299 रह गईं।
संविधान सभा की संरचना और चुनाव प्रक्रिया को जानना यह समझने में मदद करता है कि यह सभा कैसे बनी और इसमें विभिन्न समुदायों का प्रतिनिधित्व कैसे सुनिश्चित किया गया।
389 सदस्यों की कुल संख्या, जिसमें 296 ब्रिटिश भारत से (11 गवर्नर प्रांतों से 292 और 4 चीफ कमिश्नर प्रांतों से 4) और 93 देशी रियासतों से थे।
- संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई, जिसमें सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष बने और बाद में डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए।
- 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया, जिसे 22 जनवरी 1947 को अपनाया गया और यह बाद में प्रस्तावना का आधार बना।
- संविधान निर्माण के लिए 8 प्रमुख और 13 लघु समितियां गठित की गईं, जिनमें ड्राफ्टिंग कमेटी सबसे महत्वपूर्ण थी।
- ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अम्बेडकर थे, और इसमें कुल सात सदस्य थे।
संविधान सभा की कार्यप्रणाली, अध्यक्षों का चुनाव, उद्देश्य प्रस्ताव और विभिन्न समितियों के गठन को समझना संविधान निर्माण की विस्तृत प्रक्रिया को दर्शाता है।
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता वाली ड्राफ्टिंग कमेटी, जिसे संविधान का मसौदा तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया था।
- ड्राफ्टिंग कमेटी ने संविधान का पहला मसौदा 21 फरवरी 1948 को प्रस्तुत किया, जिसके बाद जनता के लिए 8 महीने का समय दिया गया।
- संविधान पर तीन बार वाचन (रीडिंग) हुआ: पहला वाचन 4-9 नवंबर 1948, दूसरा वाचन 15 नवंबर 1948 - 17 अक्टूबर 1949 (सबसे लंबा), और तीसरा वाचन 14-26 नवंबर 1949 तक चला।
- संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया (अंगीकृत हुआ), जिस पर 284 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए।
- संविधान को बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे, और कुल 165 दिन बैठकें हुईं।
संविधान के मसौदे की प्रक्रिया, वाचन और अंगीकरण की तारीखों को जानना यह समझने में मदद करता है कि कैसे एक विस्तृत और विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया।
संविधान को 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया, जिसे अब 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
- संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ (प्रवर्तित हुआ), जिसे 'गणतंत्र दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
- कुछ प्रावधान (नागरिकता, चुनाव, अंतरिम संसद) 26 नवंबर 1949 को ही लागू कर दिए गए थे।
- संविधान सभा ने न केवल संविधान बनाया, बल्कि कानून बनाने का कार्य भी किया।
- जब संविधान सभा कानून बनाती थी, तब जी.वी. मावलंकर अध्यक्ष होते थे, और जब संविधान बनाती थी तो डॉ. राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष होते थे।
संविधान के लागू होने की तारीख और उसके पीछे के कारण को समझना महत्वपूर्ण है, साथ ही यह जानना भी कि संविधान सभा के कार्य केवल संविधान निर्माण तक ही सीमित नहीं थे।
26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने का दिन चुना गया क्योंकि 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया था।
Key takeaways
- संविधान किसी राष्ट्र के मौलिक आदर्शों और शासन की रूपरेखा को परिभाषित करता है।
- लोकतांत्रिक देशों में संविधान आवश्यक है, लेकिन संविधान का अस्तित्व स्वतः ही लोकतंत्र की गारंटी नहीं देता।
- भारत के संविधान का निर्माण एक लंबी और विचार-विमर्श की प्रक्रिया थी, जिसमें विभिन्न समितियों और सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- कैबिनेट मिशन योजना ने भारत को अपना संविधान बनाने का अवसर प्रदान किया, हालांकि इसमें ब्रिटिश सरकार की भूमिका भी थी।
- संविधान सभा ने न केवल संविधान का मसौदा तैयार किया, बल्कि देश के लिए कानून बनाने और अंतरिम सरकार चलाने का भी कार्य किया।
- संविधान को 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया, लेकिन 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया, जो ऐतिहासिक महत्व रखता है।
- डॉ. बी.आर. अम्बेडकर को भारतीय संविधान का 'जनक' माना जाता है, खासकर ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उनके योगदान के कारण।
Key terms
संविधान (Constitution)लोकतंत्र (Democracy)कम्युनिज्म (Communism)ओलिगार्की (Oligarchy)मोनार्की (Monarchy)संविधान सभा (Constituent Assembly)नेहरू रिपोर्ट (Nehru Report)कैबिनेट मिशन प्लान (Cabinet Mission Plan)अंतरिम सरकार (Interim Government)उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution)ड्राफ्टिंग कमेटी (Drafting Committee)अंगीकृत (Adopted)प्रवर्तित (Enforced/Commenced)गणतंत्र दिवस (Republic Day)
Test your understanding
- संविधान किसी देश के लिए क्यों महत्वपूर्ण है और यह कैसे राष्ट्र की नींव रखता है?
- विभिन्न प्रकार की सरकारों (जैसे कम्युनिज्म, ओलिगार्की, मोनार्की) में क्या मुख्य अंतर हैं?
- भारतीय संविधान के निर्माण की प्रक्रिया में कैबिनेट मिशन योजना की क्या भूमिका थी?
- संविधान सभा का गठन कैसे हुआ और उसके प्रमुख सदस्य कौन थे?
- संविधान को 26 नवंबर 1949 को क्यों अपनाया गया लेकिन 26 जनवरी 1950 को क्यों लागू किया गया?