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ascending and descending tracts of spinal cord physiology | CNS physiology | Johari MBBS
Johari MBBS
Overview
यह वीडियो स्पाइनल कॉर्ड के असेंडिंग (ऊपर जाने वाले) और डिसेंडिंग (नीचे आने वाले) ट्रैक्स का एक विस्तृत परिचय देती है। यह बताती है कि कैसे ये ट्रैक मस्तिष्क से शरीर तक और शरीर से मस्तिष्क तक सूचना पहुंचाते हैं। वीडियो में इन ट्रैक्स के प्रकार, उनमें शामिल न्यूरॉन्स (फर्स्ट, सेकंड, थर्ड ऑर्डर और अपर/लोअर मोटर न्यूरॉन्स), और उनके कार्यक्षेत्र को 3D मॉडल और डायग्राम की मदद से समझाया गया है। यह आगे आने वाली विस्तृत चर्चाओं के लिए एक बुनियादी समझ स्थापित करती है।
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Chapters
- स्पाइनल कॉर्ड में दो मुख्य प्रकार के रास्ते होते हैं: असेंडिंग ट्रैक (नीचे से ऊपर सूचना ले जाने वाले) और डिसेंडिंग ट्रैक (ऊपर से नीचे सूचना ले जाने वाले)।
- डिसेंडिंग ट्रैक मस्तिष्क से मोटर कमांड को शरीर की मांसपेशियों तक पहुंचाते हैं, जिससे मूवमेंट संभव होता है।
- असेंडिंग ट्रैक शरीर के विभिन्न हिस्सों से संवेदी सूचना (जैसे दर्द, स्पर्श) को स्पाइनल कॉर्ड के माध्यम से मस्तिष्क तक ले जाते हैं।
- यह वीडियो इन ट्रैक्स की बुनियादी समझ प्रदान करती है, जो आगे के टॉपिक्स के लिए महत्वपूर्ण है।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि स्पाइनल कॉर्ड कैसे सूचनाओं को ऊपर और नीचे ले जाती है, क्योंकि यह हमारे शरीर की सभी गतिविधियों और संवेदनाओं का आधार है।
मस्तिष्क द्वारा हाथ को फ्लेक्स करने का आदेश भेजना और उस आदेश का नर्व्स के माध्यम से मांसपेशियों तक पहुंचना डिसेंडिंग ट्रैक का एक उदाहरण है।
- असेंडिंग ट्रैक शरीर से मस्तिष्क तक संवेदी सूचना (जैसे दर्द, स्पर्श, दबाव) ले जाते हैं।
- किसी भी संवेदी सूचना को मस्तिष्क तक ले जाने वाले पाथवे में तीन न्यूरॉन्स शामिल होते हैं: फर्स्ट ऑर्डर, सेकंड ऑर्डर और थर्ड ऑर्डर न्यूरॉन।
- फर्स्ट ऑर्डर न्यूरॉन रिसेप्टर से स्पाइनल कॉर्ड तक सूचना लाता है।
- सेकंड ऑर्डर न्यूरॉन स्पाइनल कॉर्ड से शुरू होकर मस्तिष्क के थैलेमस तक जाता है (अक्सर क्रॉस करते हुए)।
- थर्ड ऑर्डर न्यूरॉन थैलेमस से सेरेब्रल कॉर्टेक्स तक सूचना पहुंचाता है।
असेंडिंग ट्रैक्स हमें अपने आसपास की दुनिया को महसूस करने और समझने में मदद करते हैं, जिससे हम प्रतिक्रिया कर पाते हैं।
शरीर में कहीं भी दर्द होने पर, दर्द रिसेप्टर से शुरू होकर फर्स्ट, सेकंड और थर्ड ऑर्डर न्यूरॉन्स के माध्यम से स्पाइनल कॉर्ड से होते हुए मस्तिष्क तक पहुंचता है, जिससे हमें दर्द का अनुभव होता है।
- स्पाइनल कॉर्ड में कई असेंडिंग ट्रैक होते हैं, जो मुख्य रूप से स्पाइनल कॉर्ड के पीछे (डॉर्सल) और साइड (लैटरल) वाले हिस्सों में स्थित होते हैं।
- प्रमुख असेंडिंग ट्रैक्स में फसाइक्युलस ग्रेसिलस और फसाइक्युलस क्यूनिएटर (डॉर्सल कॉलम में) शामिल हैं।
- स्पाइनोसेरेबेला ट्रैक (डॉर्सल और वेंट्रल) सेरेबेलम तक सूचना ले जाते हैं।
- स्पाइनोथैलेमिक ट्रैक (लैटरल और वेंट्रल) थैलेमस तक संवेदी सूचना पहुंचाते हैं।
विभिन्न असेंडिंग ट्रैक्स शरीर के विभिन्न प्रकार के संवेदी सूचनाओं को विशिष्ट रास्तों से मस्तिष्क तक पहुंचाते हैं, जिससे सूचना का सटीक विश्लेषण संभव होता है।
फसाइक्युलस ग्रेसिलस और क्यूनिएटर ट्रैक स्पाइनल कॉर्ड के डॉर्सल व्हाइट कॉलम में स्थित होते हैं और संवेदी सूचनाओं को ऊपर ले जाते हैं।
- डिसेंडिंग ट्रैक मस्तिष्क से मोटर कमांड को स्पाइनल कॉर्ड और फिर शरीर की मांसपेशियों तक ले जाते हैं।
- डिसेंडिंग ट्रैक्स में दो प्रकार के न्यूरॉन्स होते हैं: अपर मोटर न्यूरॉन (मस्तिष्क से स्पाइनल कॉर्ड तक) और लोअर मोटर न्यूरॉन (स्पाइनल कॉर्ड से मांसपेशियों तक)।
- यह मोटर एक्टिविटी के लिए जिम्मेदार होते हैं, जैसे कि चलना, हाथ हिलाना आदि।
- असेंडिंग ट्रैक्स में तीन ऑर्डर के न्यूरॉन होते हैं, जबकि डिसेंडिंग ट्रैक्स में अपर और लोअर मोटर न्यूरॉन का कांसेप्ट होता है।
डिसेंडिंग ट्रैक्स हमारे स्वैच्छिक और अनैच्छिक गतियों को नियंत्रित करते हैं, जिससे हम अपने वातावरण के साथ इंटरैक्ट कर पाते हैं।
जब हम कोई वस्तु उठाने का निर्णय लेते हैं, तो मस्तिष्क का मोटर कॉर्टेक्स अपर मोटर न्यूरॉन के माध्यम से सिग्नल भेजता है, जो स्पाइनल कॉर्ड में लोअर मोटर न्यूरॉन को सक्रिय करता है, और फिर मांसपेशियां सिकुड़ती हैं।
- डिसेंडिंग ट्रैक्स को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है: पिरामिडल ट्रैक्स और एक्स्ट्रापिरामिडल ट्रैक्स।
- पिरामिडल ट्रैक्स में कॉर्टिकोस्पाइनल ट्रैक (लैटरल और वेंट्रल) शामिल हैं, जो सीधे सेरेब्रल कॉर्टेक्स से उत्पन्न होते हैं।
- एक्स्ट्रापिरामिडल ट्रैक्स में कई अन्य ट्रैक शामिल हैं जैसे वेस्टिबुलोस्पाइनल, रेटिकुलोस्पाइनल, रूब्रोस्पाइनल, टेक्टोस्पाइनल आदि।
- पिरामिडल ट्रैक्स मुख्य रूप से स्वैच्छिक, फाइन मोटर मूवमेंट्स के लिए जिम्मेदार होते हैं, जबकि एक्स्ट्रापिरामिडल ट्रैक्स पोस्चर, बैलेंस और अनैच्छिक मूवमेंट्स को नियंत्रित करते हैं।
इन विभिन्न प्रकार के डिसेंडिंग ट्रैक्स का समन्वय हमें जटिल और सटीक शारीरिक गतिविधियों को करने में सक्षम बनाता है।
कॉर्टिकोस्पाइनल ट्रैक (पिरामिडल) उंगलियों से बारीक काम करने में मदद करते हैं, जबकि वेस्टिबुलोस्पाइनल ट्रैक (एक्स्ट्रापिरामिडल) खड़े होने पर संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
Key takeaways
- स्पाइनल कॉर्ड में असेंडिंग ट्रैक संवेदी सूचना को शरीर से मस्तिष्क तक ले जाते हैं, जबकि डिसेंडिंग ट्रैक मोटर कमांड को मस्तिष्क से शरीर तक ले जाते हैं।
- असेंडिंग पाथवे में तीन ऑर्डर के न्यूरॉन्स (फर्स्ट, सेकंड, थर्ड) शामिल होते हैं, जो सूचना को क्रमिक रूप से आगे बढ़ाते हैं।
- डिसेंडिंग पाथवे में अपर मोटर न्यूरॉन (मस्तिष्क से स्पाइनल कॉर्ड) और लोअर मोटर न्यूरॉन (स्पाइनल कॉर्ड से मांसपेशी) होते हैं।
- असेंडिंग ट्रैक्स के विभिन्न नाम (जैसे स्पाइनोथैलेमिक, स्पाइनोसेरेबेला) उनके कार्य और गंतव्य को दर्शाते हैं।
- डिसेंडिंग ट्रैक्स को पिरामिडल (जैसे कॉर्टिकोस्पाइनल) और एक्स्ट्रापिरामिडल श्रेणियों में बांटा गया है, जिनके अलग-अलग कार्य होते हैं।
- ट्रैक के नाम अक्सर उनके उत्पत्ति स्थान और गंतव्य को इंगित करते हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली को समझना आसान हो जाता है।
Key terms
Ascending TractsDescending TractsFirst Order NeuronSecond Order NeuronThird Order NeuronUpper Motor NeuronLower Motor NeuronSpinal CordCerebral CortexThalamusPyramidal TractsExtrapyramidal TractsSpinoThalamic TractSpinoCerebellar Tract
Test your understanding
- असेंडिंग और डिसेंडिंग ट्रैक्स के बीच मुख्य अंतर क्या है और वे शरीर में सूचना प्रवाह को कैसे प्रभावित करते हैं?
- असेंडिंग पाथवे में फर्स्ट, सेकंड और थर्ड ऑर्डर न्यूरॉन्स की भूमिका क्या है?
- डिसेंडिंग ट्रैक्स में अपर मोटर न्यूरॉन और लोअर मोटर न्यूरॉन के बीच क्या संबंध है?
- पिरामिडल और एक्स्ट्रापिरामिडल ट्रैक्स को कैसे वर्गीकृत किया जाता है और उनके मुख्य कार्य क्या हैं?
- स्पाइनोथैलेमिक और स्पाइनोसेरेबेला जैसे ट्रैक्स के नाम उनकी कार्यप्रणाली के बारे में क्या बताते हैं?