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Molecular basis of Inheritance 01 | The DNA | Class 12th/CUET
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Molecular basis of Inheritance 01 | The DNA | Class 12th/CUET

NCERT Wallah

5 chapters5 takeaways13 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो मॉलिक्यूलर बेसिस ऑफ इनहेरिटेंस चैप्टर का परिचय देता है, जिसमें मुख्य रूप से डीएनए पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह बताता है कि कैसे मेंडल के सिद्धांतों के बाद मॉलिक्यूलर बायोलॉजी का विकास हुआ और इनहेरिटेंस के मॉलिक्यूलर बेसिस को समझने की आवश्यकता पड़ी। वीडियो न्यूक्लिक एसिड, विशेष रूप से डीएनए और आरएनए के प्रकारों, उनके ऐतिहासिक खोज, और न्यूक्लियोटाइड की संरचना पर विस्तार से चर्चा करता है। यह न्यूक्लियोसाइड, न्यूक्लियोटाइड, ग्लाइकोसिडिक बॉन्ड और फॉस्फोडिएस्टर बॉन्ड जैसे महत्वपूर्ण शब्दों को भी समझाता है। अंत में, यह डीएनए के डबल हेलीकल मॉडल की मुख्य विशेषताओं, जैसे एंटी-पैरेलल स्ट्रैंड्स, बेस पेयरिंग, और हेलिक्स की पिच और डायमीटर पर प्रकाश डालता है।

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Chapters

  • मेंडल के सिद्धांतों ने इन्हेरिटेंस के कारकों (जीन) के ट्रांसफर को समझाया, लेकिन उनके मॉलिक्यूलर बेसिस को नहीं।
  • 1926 के बाद, मॉलिक्यूलर लेवल पर इन्हेरिटेंस के केमिकल कैरक्टराइजेशन की क्यूरियोसिटी ने मॉलिक्यूलर बायोलॉजी को जन्म दिया।
  • यह चैप्टर इन्हेरिटेंस के मॉलिक्यूलर बेसिस, मुख्य रूप से डीएनए के बारे में है।
  • डीएनए न्यूक्लियोटाइड से बनी एक पॉली न्यूक्लियोटाइड चेन है, जिसकी जानकारी 11वीं कक्षा के बायोमॉलिक्यूल्स में पढ़ी गई है।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि इन्हेरिटेंस के पीछे का मॉलिक्यूलर मैकेनिज्म क्या है, जो हमें आनुवंशिक रोगों को समझने और जेनेटिक इंजीनियरिंग जैसी तकनीकों को विकसित करने में मदद करता है।
पेरेंट्स से बच्चों में कैरेक्टर्स का ट्रांसफर, जैसे कि आंखों का रंग या ऊंचाई, इन्हेरिटेंस का परिणाम है जिसका मॉलिक्यूलर बेसिस डीएनए है।
  • न्यूक्लिक एसिड दो प्रकार के होते हैं: डीएनए (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड) और आरएनए (राइबोन्यूक्लिक एसिड)।
  • डीएनए को अधिकांश जीवित जीवों का यूनिवर्सल जेनेटिक मटेरियल माना जाता है, जो लीनियर या सर्कुलर, सिंगल-स्टैंडर्ड या डबल-स्टैंडर्ड हो सकता है।
  • आरएनए कुछ वायरसों का जेनेटिक मटेरियल हो सकता है और यह म्यूटेशन के प्रति अधिक संवेदनशील होता है, इसलिए इसे प्रेफर्ड जेनेटिक मटेरियल नहीं माना जाता।
  • न्यूक्लिक एसिड का नाम 'एसिडिक नेचर' के कारण पड़ा, क्योंकि इनमें फास्फोरिक एसिड होता है। इन्हें पहली बार फ्रेडरिक मिशर ने पहचाना और ऑल्टमैन ने इनका एसिडिक नेचर बताया।
डीएनए और आरएनए के बीच के अंतर को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनकी कार्यप्रणाली और आनुवंशिक जानकारी के प्रवाह को निर्धारित करता है।
कोविड-19 वायरस का जेनेटिक मटेरियल आरएनए है, जो इसके तेजी से म्यूटेशन और विभिन्न स्ट्रेन्स के विकास का कारण बना।
  • एक न्यूक्लियोटाइड तीन घटकों से बना होता है: एक पेंटोस शुगर (डीएनए में डीऑक्सीराइबोस, आरएनए में राइबोस), एक नाइट्रोजन बेस (प्यूरीन या पिरामिडीन), और एक फॉस्फेट ग्रुप।
  • नाइट्रोजन बेस दो प्रकार के होते हैं: प्यूरीन (एडेनिन, ग्वानिन) और पिरामिडीन (साइटोसिन, थाइमिन, यूरेसिल)।
  • डीएनए में एडेनिन (A), ग्वानिन (G), साइटोसिन (C), और थाइमिन (T) होते हैं; आरएनए में थाइमिन की जगह यूरेसिल (U) होता है।
  • न्यूक्लियोसाइड में पेंटोस शुगर और नाइट्रोजन बेस होते हैं, जबकि न्यूक्लियोटाइड में न्यूक्लियोसाइड के साथ फॉस्फेट ग्रुप भी जुड़ा होता है।
न्यूक्लियोटाइड की संरचना को समझना डीएनए और आरएनए के निर्माण खंडों को समझने के लिए मौलिक है, जो आनुवंशिक जानकारी को कूटबद्ध करते हैं।
डीएनए में, एडेनिन हमेशा थाइमिन के साथ दो हाइड्रोजन बॉन्ड से जुड़ता है, और ग्वानिन हमेशा साइटोसिन के साथ तीन हाइड्रोजन बॉन्ड से जुड़ता है।
  • डीएनए की लंबाई प्रत्येक जीव के लिए विशिष्ट होती है और यह न्यूक्लियोटाइड या बेस पेयर की संख्या पर निर्भर करती है।
  • डबल-स्टैंडर्ड डीएनए (dsDNA) में, न्यूक्लियोटाइड की लंबाई को बेस पेयर (bp) में मापा जाता है।
  • डीएनए की संरचना एक पॉली न्यूक्लियोटाइड चेन है, जिसमें शुगर और फॉस्फेट बैकबोन बनाते हैं और नाइट्रोजन बेस अंदर की ओर प्रोजेक्ट करते हैं।
  • डीएनए के दो स्ट्रैंड्स एंटी-पैरेलल होते हैं (एक 5' से 3' तो दूसरा 3' से 5') और हाइड्रोजन बॉन्ड द्वारा जुड़े होते हैं।
डीएनए की लंबाई और संरचनात्मक विशेषताएं आनुवंशिक जानकारी को कुशलतापूर्वक संग्रहीत करने और प्रतिकृति बनाने की क्षमता को निर्धारित करती हैं।
ई. कोलाई (E. coli) बैक्टीरिया के जीनोम में लगभग 4.6 मिलियन बेस पेयर होते हैं, जबकि मानव जीनोम में लगभग 3.3 बिलियन बेस पेयर होते हैं।
  • वाटसन और क्रिक ने डीएनए का डबल हेलीकल मॉडल प्रस्तावित किया, जो एक्स-रे डिफ्रेक्शन डेटा (जैसे रोजालिंड फ्रैंकलिन का) पर आधारित था।
  • मॉडल में दो पॉली न्यूक्लियोटाइड चेन होती हैं जो एक राइट-हैंडेड हेलिक्स में मुड़ी होती हैं।
  • चेन के बीच की दूरी लगभग 2 नैनोमीटर (20 एंगस्ट्रॉम) होती है, और हेलिक्स की पिच 3.4 नैनोमीटर (34 एंगस्ट्रॉम) होती है, जिसमें प्रति टर्न लगभग 10 बेस पेयर होते हैं।
  • एडेनिन (A) हमेशा थाइमिन (T) के साथ दो हाइड्रोजन बॉन्ड से जुड़ता है, और ग्वानिन (G) हमेशा साइटोसिन (C) के साथ तीन हाइड्रोजन बॉन्ड से जुड़ता है (पूरक बेस पेयरिंग)।
डबल हेलीकल मॉडल डीएनए की संरचना को स्पष्ट करता है और बताता है कि कैसे आनुवंशिक जानकारी को सटीक रूप से कॉपी (प्रतिकृति) किया जा सकता है, जो जीवन की निरंतरता के लिए आवश्यक है।
सीढ़ी के डंडे की तरह, डीएनए के दो स्ट्रैंड्स शुगर-फॉस्फेट बैकबोन से बने होते हैं, और सीढ़ी के स्टेप्स नाइट्रोजन बेस पेयर (A-T, G-C) से बने होते हैं।

Key takeaways

  1. 1इन्हेरिटेंस का मॉलिक्यूलर बेसिस डीएनए है, जो आनुवंशिक जानकारी को स्टोर और ट्रांसमिट करता है।
  2. 2न्यूक्लिक एसिड (डीएनए और आरएनए) न्यूक्लियोटाइड से बने होते हैं, जिनमें पेंटोस शुगर, नाइट्रोजन बेस और फॉस्फेट ग्रुप शामिल होते हैं।
  3. 3डीएनए की संरचना डबल-स्टैंडर्ड, एंटी-पैरेलल हेलिक्स है जिसमें पूरक बेस पेयरिंग (A-T, G-C) होती है।
  4. 4वाटसन-क्रिक मॉडल डीएनए की संरचना और कार्यप्रणाली को समझने के लिए एक मौलिक ढांचा प्रदान करता है।
  5. 5डीएनए की लंबाई और बेस कंपोजीशन विभिन्न जीवों में भिन्न हो सकती है, लेकिन डबल-स्टैंडर्ड डीएनए में A+G = T+C का नियम लागू होता है।

Key terms

डीएनए (DNA)आरएनए (RNA)न्यूक्लिक एसिड (Nucleic Acid)न्यूक्लियोटाइड (Nucleotide)न्यूक्लियोसाइड (Nucleoside)पेंटोस शुगर (Pentose Sugar)नाइट्रोजन बेस (Nitrogen Base)प्यूरीन (Purine)पिरामिडीन (Pyrimidine)ग्लाइकोसिडिक बॉन्ड (Glycosidic Bond)फॉस्फोडिएस्टर बॉन्ड (Phosphodiester Bond)डबल हेलीकल मॉडल (Double Helix Model)पूरक बेस पेयरिंग (Complementary Base Pairing)

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  1. 1डीएनए और आरएनए के बीच मुख्य संरचनात्मक और कार्यात्मक अंतर क्या हैं?
  2. 2एक न्यूक्लियोटाइड के तीन मुख्य घटक क्या हैं और वे डीएनए में कैसे व्यवस्थित होते हैं?
  3. 3डीएनए के डबल हेलीकल मॉडल की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं और यह आनुवंशिक जानकारी के संरक्षण में कैसे मदद करता है?
  4. 4पूरक बेस पेयरिंग का सिद्धांत क्या है और यह डीएनए की प्रतिकृति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
  5. 5डीएनए की लंबाई को कैसे मापा जाता है और विभिन्न जीवों में यह कैसे भिन्न हो सकती है?

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