
D and F Block Elements Class 12 in One Shot | Class 12th Chemistry Chapter-4 | CBSE 2026-27
Next Toppers - 12th Science
Overview
यह वीडियो डी और एफ ब्लॉक के तत्वों (elements) के बारे में एक विस्तृत जानकारी प्रदान करता है, जो क्लास 12 के रसायन विज्ञान का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें इन तत्वों की इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन, उनकी विभिन्न भौतिक और रासायनिक प्रॉपर्टीज़ जैसे मेल्टिंग पॉइंट, एटॉमिक साइज, आयनाइजेशन एंथैल्पी, ऑक्सीडेशन स्टेट, मैग्नेटिक प्रॉपर्टीज़, और कलर्ड आयन बनाने की क्षमता पर चर्चा की गई है। वीडियो में लैंथेनॉइड कॉन्ट्रैक्शन और इंटरस्टीशियल कंपाउंड्स जैसे विशेष कॉन्सेप्ट्स को भी समझाया गया है, और यह बताया गया है कि क्यों जिंक जैसे कुछ डी-ब्लॉक तत्व ट्रांजिशन मेटल नहीं माने जाते।
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Chapters
- डी ब्लॉक को ट्रांजिशन एलिमेंट्स कहा जाता है क्योंकि ये एस (मेटल्स) और पी (नॉन-मेटल्स) ब्लॉक के बीच में होते हैं और परिवर्तन (transition) लाते हैं।
- एफ ब्लॉक को इनर ट्रांजिशन एलिमेंट्स कहा जाता है, जिसमें लैंथेनॉइड्स और एक्टिनॉइड्स शामिल हैं, जिन्हें उनकी अलग प्रॉपर्टीज़ के कारण पीरियडिक टेबल से अलग रखा गया है।
- डी ब्लॉक की जनरल इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन (n-1)d^(1-10) ns^(1-2) होती है।
- एफ ब्लॉक की जनरल इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन (n-2)f^(1-14) (n-1)d^(0-1) ns^2 होती है।
- डी ब्लॉक में 3D, 4D, 5D और 6D सीरीज होती हैं।
- अधिकांश तत्वों की इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन अपेक्षित पैटर्न का पालन करती है, जैसे स्कैंडियम (Ar 4s² 3d¹)।
- क्रोमियम (Ar 4s¹ 3d⁵) और कॉपर (Ar 4s¹ 3d¹⁰) इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन के एक्सेप्शन हैं क्योंकि वे हाफ-फिल्ड (d⁵) या फुल्ली-फिल्ड (d¹⁰) डी ऑर्बिटल्स के कारण अधिक स्थिर होते हैं।
- ट्रांजिशन एलिमेंट्स वे होते हैं जिनके पास अपूर्ण (incompletely filled) डी ऑर्बिटल्स होती हैं, या तो ग्राउंड स्टेट में या किसी एक सामान्य ऑक्सीडेशन स्टेट में।
- जिंक (Zn), कैडमियम (Cd), और मरकरी (Hg) को नॉन-ट्रांजिशन एलिमेंट्स माना जाता है क्योंकि उनकी ग्राउंड स्टेट में डी ऑर्बिटल्स पूरी तरह से भरी होती हैं (d¹⁰) और वे सामान्य ऑक्सीडेशन स्टेट में भी अपूर्ण डी ऑर्बिटल्स नहीं दिखाते।
- स्कैंडियम (Sc) ट्रांजिशन एलिमेंट है क्योंकि इसकी ग्राउंड स्टेट में d¹ कॉन्फ़िगरेशन होती है, जिसमें अनपेयर्ड इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- डी ब्लॉक एलिमेंट्स में टिपिकल मैटेलिक प्रॉपर्टीज़ होती हैं जैसे हाई टेंसाइल स्ट्रेंथ, डक्टिलिटी, मैलिएबिलिटी, हाई थर्मल और इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी, और मैटेलिक लस्टर।
- इन तत्वों में आमतौर पर हाई मेल्टिंग और बॉइलिंग पॉइंट होते हैं क्योंकि उनके पास अनपेयर्ड इलेक्ट्रॉन्स के कारण मजबूत मेटैलिक बॉन्ड होते हैं।
- मेल्टिंग पॉइंट का ट्रेंड पहले बढ़ता है, फिर मैंगनीज (Mn) और टेक्नीशियम (Tc) में एक डिप आता है, और फिर घटता है, जो अनपेयर्ड इलेक्ट्रॉन्स की संख्या और पेयरिंग से प्रभावित होता है।
- एंथैल्पी ऑफ एटमाइजेशन भी उच्च होती है क्योंकि मजबूत मेटैलिक बॉन्ड को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है; मैंगनीज और टेक्नीशियम में यह कम होती है क्योंकि उनकी स्टेबल हाफ-फिल्ड डी ऑर्बिटल्स होती हैं।
- डी ब्लॉक में बाएं से दाएं जाने पर एटॉमिक साइज पहले घटता है (न्यूक्लियर चार्ज बढ़ने के कारण), फिर स्थिर रहता है (इलेक्ट्रॉन-इलेक्ट्रॉन रिपल्शन और न्यूक्लियर चार्ज के बीच संतुलन के कारण), और अंत में थोड़ा बढ़ सकता है (ज्यादा पेयरिंग और रिपल्शन के कारण)।
- टॉप से बॉटम जाने पर एटॉमिक साइज बढ़ता है, लेकिन ज़िरकोनियम (Zr) और हॉफियम (Hf) के बीच लैंथेनॉइड कॉन्ट्रैक्शन के कारण साइज लगभग समान रहता है।
- लैंथेनॉइड कॉन्ट्रैक्शन 4f इलेक्ट्रॉन्स के खराब शील्डिंग इफेक्ट के कारण होता है, जिससे एटॉमिक रेडियस में क्रमिक कमी आती है।
- आयनाइजेशन एंथैल्पी बाएं से दाएं जाने पर बढ़ती है, लेकिन एटॉमिक साइज के ट्रेंड में अनियमितताओं के कारण इसमें भी कुछ उतार-चढ़ाव आते हैं, विशेषकर कॉपर और जिंक जैसे तत्वों में जहां फुल्ली-फिल्ड डी ऑर्बिटल्स के कारण आयनाइजेशन एंथैल्पी अधिक होती है।
- डी ब्लॉक एलिमेंट्स वेरिएबल ऑक्सीडेशन स्टेट्स दिखाते हैं क्योंकि उनके ns और (n-1)d दोनों ऑर्बिटल्स में इलेक्ट्रॉन्स होते हैं जो बॉन्डिंग में भाग ले सकते हैं।
- मैंगनीज (Mn) सबसे अधिक ऑक्सीडेशन स्टेट्स (+2 से +7) दिखाता है, जबकि +2 और +3 सबसे आम ऑक्सीडेशन स्टेट्स हैं।
- पैरामैग्नेटिक सब्सटेंस में अनपेयर्ड इलेक्ट्रॉन्स होते हैं और वे चुंबकीय क्षेत्र की ओर आकर्षित होते हैं।
- डायमैग्नेटिक सब्सटेंस में सभी इलेक्ट्रॉन्स पेयर्ड होते हैं और वे चुंबकीय क्षेत्र से प्रतिकर्षित होते हैं।
- मैग्नेटिक मोमेंट की गणना स्पिन-ओनली फॉर्मूले μ = √n(n+2) BM का उपयोग करके की जाती है, जहाँ n अनपेयर्ड इलेक्ट्रॉन्स की संख्या है।
- डी ब्लॉक एलिमेंट्स के आयन अक्सर रंगीन होते हैं क्योंकि उनमें डीडी ट्रांजिशन (d-d transitions) होते हैं, जहाँ इलेक्ट्रॉन दृश्यमान स्पेक्ट्रम से ऊर्जा अवशोषित करके उत्तेजित अवस्था में जाते हैं और फिर रंगीन प्रकाश उत्सर्जित करते हुए वापस आते हैं।
- इंटरस्टीशियल कंपाउंड्स तब बनते हैं जब छोटे परमाणु (जैसे H, C, N) धातु की क्रिस्टल लैटिस के खाली स्थानों में फंस जाते हैं।
- ये इंटरस्टीशियल कंपाउंड्स अक्सर बहुत कठोर होते हैं, उनका मेल्टिंग पॉइंट उच्च होता है, और वे अपनी मेटैलिक कंडक्टिविटी बनाए रखते हैं।
Key takeaways
- डी और एफ ब्लॉक के तत्वों की इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन उनकी प्रॉपर्टीज़ को समझने की कुंजी है, जिसमें क्रोमियम और कॉपर जैसे एक्सेप्शन शामिल हैं।
- ट्रांजिशन एलिमेंट्स की पहचान उनके अपूर्ण डी ऑर्बिटल्स से होती है, जबकि जिंक, कैडमियम और मरकरी जैसे तत्व इस परिभाषा में फिट नहीं बैठते।
- डी ब्लॉक एलिमेंट्स में उच्च मेल्टिंग पॉइंट, उच्च एंथैल्पी ऑफ एटमाइजेशन और वेरिएबल ऑक्सीडेशन स्टेट्स जैसी कई विशिष्ट भौतिक और रासायनिक प्रॉपर्टीज़ होती हैं।
- एटॉमिक साइज का ट्रेंड डी ब्लॉक में जटिल होता है, जिसमें कमी, स्थिरता और वृद्धि का एक पैटर्न देखा जाता है, जो न्यूक्लियर चार्ज और इलेक्ट्रॉन पेयरिंग से प्रभावित होता है।
- लैंथेनॉइड कॉन्ट्रैक्शन 4f इलेक्ट्रॉन्स के खराब शील्डिंग इफेक्ट के कारण होता है, जिससे लैंथेनाइड्स के एटॉमिक साइज में क्रमिक कमी आती है।
- पैरामैग्नेटिक और डायमैग्नेटिक बिहेवियर अनपेयर्ड और पेयर्ड इलेक्ट्रॉन्स की उपस्थिति पर निर्भर करता है, जो मैग्नेटिक मोमेंट को निर्धारित करता है।
- डी ब्लॉक एलिमेंट्स के आयन अक्सर रंगीन होते हैं, जिसका कारण डीडी ट्रांजिशन है, और वे इंटरस्टीशियल कंपाउंड्स भी बना सकते हैं।
Key terms
Test your understanding
- डी ब्लॉक के कौन से तत्व ट्रांजिशन एलिमेंट्स नहीं माने जाते हैं और क्यों?
- क्रोमियम और कॉपर की इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन में एक्सेप्शन क्यों होते हैं?
- डी ब्लॉक एलिमेंट्स के उच्च मेल्टिंग पॉइंट और उच्च एंथैल्पी ऑफ एटमाइजेशन का क्या कारण है?
- लैंथेनॉइड कॉन्ट्रैक्शन क्या है और यह डी ब्लॉक एलिमेंट्स के एटॉमिक साइज को कैसे प्रभावित करता है?
- पैरामैग्नेटिक और डायमैग्नेटिक सब्सटेंस के बीच मुख्य अंतर क्या है और यह अनपेयर्ड इलेक्ट्रॉन्स से कैसे संबंधित है?
- डी ब्लॉक एलिमेंट्स के आयन रंगीन क्यों होते हैं?