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POLITY FOR SSC EXAMS 2025 | MAKING OF CONSTITUTION | FRB 2.0 BY PARMAR SIR
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POLITY FOR SSC EXAMS 2025 | MAKING OF CONSTITUTION | FRB 2.0 BY PARMAR SIR

PARMAR SSC

5 chapters7 takeaways14 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो भारतीय संविधान के निर्माण की प्रक्रिया को विस्तार से बताता है। इसमें संविधान सभा की मांग से लेकर, ब्रिटिश सरकार द्वारा भेजे गए विभिन्न प्रस्तावों (जैसे अगस्त ऑफर, क्रिप्स मिशन, कैबिनेट मिशन) और उनके अस्वीकृति या स्वीकृति के कारणों पर चर्चा की गई है। वीडियो में संविधान सभा की संरचना, सीटों का आवंटन, चुनाव प्रक्रिया, प्रमुख समितियों और उनके अध्यक्षों, महत्वपूर्ण बैठकों, संविधान के मसौदे और अंतिम रूप देने की प्रक्रिया, तथा संविधान को अपनाने और लागू करने की तारीखों का भी उल्लेख है। अंत में, संविधान निर्माण में लगे समय, लागत, और इसके कैलीग्राफी व सजावट जैसे विवरण भी दिए गए हैं।

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Chapters

  • संविधान सभा की मांग सर्वप्रथम 1934 में एम.एन. रॉय ने रखी, जिसे 1935 में कांग्रेस और 1936 में नेहरू ने लखनऊ सेशन में उठाया।
  • ब्रिटिश सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय सहयोग प्राप्त करने के लिए 1940 में 'अगस्त ऑफर' और 1942 में 'क्रिप्स मिशन' भेजा, लेकिन डोमिनियन स्टेटस के प्रस्ताव के कारण इन्हें अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि कांग्रेस पूर्ण स्वराज चाहती थी।
  • 1945 में आया 'कैबिनेट मिशन' (1946 में भारत पहुंचा) को स्वीकार कर लिया गया, हालांकि मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान की मांग के कारण इसे अस्वीकार कर दिया।
  • कैबिनेट मिशन योजना के तहत संविधान सभा की कुल 389 सीटें निर्धारित की गईं, जिनमें से 296 ब्रिटिश भारत से और 93 देशी रियासतों से थीं।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि कैसे भारतीयों की संविधान सभा की मांग धीरे-धीरे ब्रिटिश सरकार के प्रस्तावों में बदली और किन कारणों से शुरुआती प्रस्ताव अस्वीकार किए गए, जिससे अंतिम कैबिनेट मिशन योजना का मार्ग प्रशस्त हुआ।
डोमिनियन स्टेटस का मतलब था कि भारत अपने कानून खुद बना सकता था, लेकिन शासन ब्रिटिश किंग या क्वीन के नाम पर चलता, जिसे कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज की मांग के कारण अस्वीकार कर दिया।
  • संविधान सभा एक आंशिक रूप से निर्वाचित और आंशिक रूप से नामित संस्था थी।
  • ब्रिटिश भारत से 296 सीटें गवर्नर प्रांतों (292) और चीफ कमिश्नर प्रांतों (4) में विभाजित थीं।
  • सीटों का आवंटन तीन प्रमुख समुदायों - मुस्लिम, सिख और जनरल - में जनसंख्या के अनुपात (प्रति 10 लाख पर एक सीट) के आधार पर किया गया था।
  • चुनाव अप्रत्यक्ष थे, जिनमें प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों ने मतदान किया। जुलाई-अगस्त 1947 के चुनावों में कांग्रेस को बहुमत मिला।
संविधान सभा की संरचना और चुनाव प्रक्रिया को समझने से यह स्पष्ट होता है कि यह सभा भारत के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व कैसे करती थी और इसके सदस्य कैसे चुने गए।
जैसे राज्यसभा के चुनाव में हम सीधे वोट नहीं करते, बल्कि विधानसभा के सदस्य चुनते हैं, उसी तरह संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया।
  • संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई, जिसमें सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष चुने गए।
  • 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution) पेश किया, जिसे 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया।
  • संविधान सभा को 8 प्रमुख और 13 (या 14) छोटी समितियों में बांटा गया था।
  • प्रमुख समितियों में संघ शक्ति समिति (नेहरू), प्रक्रिया नियम समिति (राजेंद्र प्रसाद), मौलिक अधिकार समिति (सरदार पटेल), और सबसे महत्वपूर्ण प्रारूपण समिति (अंबेडकर) शामिल थीं।
उद्देश्य प्रस्ताव ने संविधान निर्माण की दिशा तय की, जबकि विभिन्न समितियों ने संविधान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से काम किया, जिससे एक व्यापक और सुविचारित संविधान का निर्माण संभव हुआ।
प्रारूपण समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे, और इसमें कुल सात सदस्य थे, जिन्होंने संविधान के मसौदे को अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • संविधान का पहला मसौदा 21 फरवरी 1947 को प्रकाशित किया गया, जिस पर लोगों से 8 महीने तक सुझाव मांगे गए।
  • संविधान पर तीन 'रीडिंग्स' (चर्चाएं) हुईं: पहली 4-9 नवंबर 1948, दूसरी 15 नवंबर 1948 से 17 अक्टूबर 1949, और तीसरी 26 नवंबर 1949 को पूरी हुई।
  • संविधान को बनने में 2 साल, 11 महीने और 17 दिन लगे और इसमें लगभग 64 लाख रुपये खर्च हुए।
  • 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया गया (जिसे संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है), जिसमें 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे।
संविधान निर्माण की यह लंबी और विस्तृत प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि सभी पहलुओं पर विचार किया गया और जनता के सुझावों को भी शामिल किया गया, जिससे एक मजबूत और समावेशी संविधान बना।
संविधान का अंतिम मसौदा डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने 4 नवंबर 1948 को प्रस्तुत किया था, जिसके बाद उस पर व्यापक चर्चा और संशोधन हुए।
  • संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, जिसे हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं।
  • कुछ प्रावधान, जैसे नागरिकता और चुनाव से संबंधित, 26 नवंबर 1949 को ही लागू कर दिए गए थे।
  • संविधान सभा ने केवल संविधान ही नहीं बनाया, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज (22 जुलाई 1947), राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत (24 जनवरी 1950) को भी अपनाया।
  • 24 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति चुने गए और इसी दिन 284 सदस्यों (15 महिलाएं) ने संविधान पर हस्ताक्षर किए।
संविधान के लागू होने की तारीख का ऐतिहासिक महत्व है, और संविधान सभा द्वारा संविधान निर्माण के अलावा किए गए अन्य राष्ट्रीय कार्यों ने स्वतंत्र भारत की नींव को मजबूत किया।
26 जनवरी की तारीख को इसलिए चुना गया क्योंकि 26 जनवरी 1930 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था, जो एक ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक महत्व रखता है।

Key takeaways

  1. 1संविधान सभा की मांग एक लंबी प्रक्रिया थी जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं का योगदान रहा।
  2. 2ब्रिटिश सरकार के प्रस्तावों को कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज की मांग के कारण अस्वीकार किया गया, जिससे कैबिनेट मिशन योजना को स्वीकार करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
  3. 3संविधान सभा में विभिन्न समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए सीटों का आवंटन और अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया अपनाई गई।
  4. 4प्रारूपण समिति (Drafting Committee) संविधान के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण थी, जिसका नेतृत्व डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने किया।
  5. 5संविधान को अंतिम रूप देने से पहले उस पर व्यापक चर्चाएं (रीडिंग्स) हुईं और जनता से सुझाव भी मांगे गए।
  6. 6संविधान को 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया, जो भारत के गणतंत्र बनने का प्रतीक है।
  7. 7संविधान सभा ने संविधान निर्माण के साथ-साथ राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतीकों को भी अपनाया।

Key terms

संविधान सभा (Constituent Assembly)एम.एन. रॉय (M.N. Roy)अगस्त ऑफर (August Offer)क्रिप्स मिशन (Cripps Mission)कैबिनेट मिशन (Cabinet Mission)डोमिनियन स्टेटस (Dominion Status)पूर्ण स्वराज (Purna Swaraj)उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution)प्रारूपण समिति (Drafting Committee)डॉ. बी.आर. अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar)राजेंद्र प्रसाद (Rajendra Prasad)सरदार पटेल (Sardar Patel)संविधान दिवस (Constitution Day)गणतंत्र दिवस (Republic Day)

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  1. 1संविधान सभा की मांग सर्वप्रथम किस वर्ष और किसके द्वारा रखी गई थी?
  2. 2कैबिनेट मिशन योजना को मुस्लिम लीग ने क्यों अस्वीकार कर दिया था?
  3. 3संविधान सभा की संरचना कैसी थी और इसके सदस्यों का चुनाव किस प्रकार हुआ?
  4. 4संविधान निर्माण में प्रारूपण समिति (Drafting Committee) की क्या भूमिका थी और इसके अध्यक्ष कौन थे?
  5. 5संविधान को अपनाने और लागू करने की तारीखें क्या हैं और इन तारीखों का क्या महत्व है?

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