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Electronics I Unit-2 One Shot P-1 I By Gulshan Sir I Gateway Classes
Gateway Classes : RGPV
Overview
यह वीडियो इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की यूनिट 2, बाइपोलर जंक्शन ट्रांजिस्टर (BJT) और फील्ड इफेक्ट ट्रांजिस्टर (FET) का एक विस्तृत परिचय प्रदान करता है। इसमें BJT की मूल बातें, जैसे कि इसकी परिभाषा, कार्य, वर्गीकरण, निर्माण, और विभिन्न ऑपरेटिंग मोड शामिल हैं। वीडियो में NPN और PNP ट्रांजिस्टर के बीच अंतर, उनके सिंबल, डोपिंग प्रोफाइल और एरिया प्रोफाइल पर भी चर्चा की गई है। अंत में, ट्रांजिस्टर कॉन्फ़िगरेशन (कॉमन बेस, कॉमन एमीटर, कॉमन कलेक्टर) और उनके वर्किंग प्रिंसिपल को समझाया गया है।
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Chapters
- यूनिट 2 में BJT और FET शामिल हैं, जिन्हें दो लेक्चर में कवर किया जाएगा।
- ट्रांजिस्टर एक तीन-टर्मिनल सेमीकंडक्टर डिवाइस है जिसका उपयोग सिग्नल एम्प्लीफिकेशन और स्विचिंग ऑपरेशन के लिए किया जाता है।
- ट्रांजिस्टर शब्द 'ट्रांसफर' और 'रजिस्टर' से मिलकर बना है, जो इसके सिग्नल ट्रांसफर के कार्य को दर्शाता है।
- ट्रांजिस्टर को मुख्य रूप से BJT (बाइपोलर जंक्शन ट्रांजिस्टर) और FET (फील्ड इफेक्ट ट्रांजिस्टर) में वर्गीकृत किया गया है।
यह खंड ट्रांजिस्टर की बुनियादी समझ प्रदान करता है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्ययन के लिए एक मौलिक घटक है।
ट्रांजिस्टर का उपयोग वीक सिग्नल को एम्प्लीफाई करने और स्विचिंग ऑपरेशन में किया जाता है।
- BJT को NPN और PNP प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है।
- FET को JFET (जंक्शन फील्ड इफेक्ट ट्रांजिस्टर) और MOSFET (मेटल ऑक्साइड सेमीकंडक्टर फील्ड इफेक्ट ट्रांजिस्टर) में वर्गीकृत किया गया है।
- BJT दो पीएन जंक्शन से बना होता है।
- BJT में तीन भाग होते हैं: एमीटर, बेस और कलेक्टर, जिनमें से बेस सबसे पतला और हल्का डोप्ड होता है।
BJT के विभिन्न प्रकारों और उनके निर्माण को समझना उनके संचालन और अनुप्रयोगों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
NPN ट्रांजिस्टर में एक पी-टाइप बेस दो एन-टाइप एमीटर और कलेक्टर के बीच सैंडविच होता है, जबकि PNP में एक एन-टाइप बेस दो पी-टाइप एमीटर और कलेक्टर के बीच सैंडविच होता है।
- BJT में तीन टर्मिनल होते हैं: एमीटर, बेस और कलेक्टर।
- NPN और PNP ट्रांजिस्टर के लिए अलग-अलग सर्किट सिंबल होते हैं, जिनमें करंट की दिशा मुख्य अंतर होती है।
- कलेक्टर का एरिया सबसे बड़ा, उसके बाद एमीटर का और सबसे छोटा बेस का होता है।
- डोपिंग लेवल एमीटर में सबसे ज्यादा, उसके बाद कलेक्टर में और सबसे कम बेस में होता है।
इन विशेषताओं को समझने से ट्रांजिस्टर के सर्किट डायग्राम को पढ़ने और उनके व्यवहार का अनुमान लगाने में मदद मिलती है।
एमीटर हैवीली डोप्ड होता है ताकि वह बड़ी संख्या में मेजॉरिटी चार्ज कैरियर्स को एमिट कर सके।
- BJT चार मुख्य रीजन में काम करता है: एक्टिव, सैचुरेशन, कट-ऑफ और इनवर्टेड।
- एक्टिव रीजन में, एमीटर-बेस जंक्शन फॉरवर्ड बायस्ड और कलेक्टर-बेस जंक्शन रिवर्स बायस्ड होता है, जिससे ट्रांजिस्टर एम्प्लीफायर के रूप में कार्य करता है।
- सैचुरेशन रीजन में, दोनों जंक्शन फॉरवर्ड बायस्ड होते हैं, और ट्रांजिस्टर एक क्लोज्ड स्विच की तरह काम करता है।
- कट-ऑफ रीजन में, दोनों जंक्शन रिवर्स बायस्ड होते हैं, और ट्रांजिस्टर एक ओपन स्विच की तरह काम करता है।
विभिन्न ऑपरेटिंग मोड को समझना यह निर्धारित करता है कि ट्रांजिस्टर सर्किट में कैसे व्यवहार करेगा, जैसे कि एम्प्लीफायर या स्विच के रूप में।
एक्टिव रीजन में ट्रांजिस्टर का उपयोग वीक सिग्नल को एम्प्लीफाई करने के लिए किया जाता है।
- BJT का ऑपरेशन मेजॉरिटी और माइनॉरिटी चार्ज कैरियर्स दोनों पर निर्भर करता है, इसलिए इसे बाइपोलर डिवाइस कहा जाता है।
- एक्टिव रीजन में NPN ट्रांजिस्टर की वर्किंग में एमीटर से इलेक्ट्रॉनों का बेस की ओर फ्लो और फिर कलेक्टर द्वारा उनका कलेक्शन शामिल है।
- PNP ट्रांजिस्टर की वर्किंग NPN के समान है, लेकिन चार्ज कैरियर्स होल होते हैं।
- BJT एक करंट-कंट्रोल्ड डिवाइस है क्योंकि एक टर्मिनल पर करंट तीसरे टर्मिनल के करंट को नियंत्रित करता है।
ट्रांजिस्टर के ऑपरेशन को समझना यह बताता है कि यह कैसे करंट को नियंत्रित और एम्प्लीफाई करता है, जो इसके मुख्य कार्य हैं।
एमीटर करंट (IE) बेस करंट (IB) और कलेक्टर करंट (IC) का योग होता है (IE = IB + IC)।
- ट्रांजिस्टर के तीन टर्मिनल (एमीटर, बेस, कलेक्टर) में से एक को कॉमन करके तीन मुख्य कॉन्फ़िगरेशन बनाई जाती हैं।
- कॉमन बेस कॉन्फ़िगरेशन में, बेस कॉमन होता है, एमीटर इनपुट पर और कलेक्टर आउटपुट पर होता है।
- कॉमन एमीटर कॉन्फ़िगरेशन में, एमीटर कॉमन होता है, बेस इनपुट पर और कलेक्टर आउटपुट पर होता है।
- कॉमन कलेक्टर कॉन्फ़िगरेशन में, कलेक्टर कॉमन होता है, बेस इनपुट पर और एमीटर आउटपुट पर होता है।
विभिन्न कॉन्फ़िगरेशन ट्रांजिस्टर के गेन, इनपुट/आउटपुट इम्पीडेंस और फेज शिफ्ट जैसे गुणों को प्रभावित करती हैं, जिससे वे विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनते हैं।
कॉमन एमीटर कॉन्फ़िगरेशन को आमतौर पर एम्प्लीफायर के रूप में उपयोग किया जाता है क्योंकि यह अच्छा वोल्टेज और करंट गेन प्रदान करता है।
Key takeaways
- ट्रांजिस्टर इलेक्ट्रॉनिक्स में एक महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर डिवाइस है जिसका उपयोग एम्प्लीफिकेशन और स्विचिंग के लिए किया जाता है।
- BJT, जिसमें NPN और PNP प्रकार शामिल हैं, दो पीएन जंक्शन से बना होता है और यह बाइपोलर डिवाइस है।
- ट्रांजिस्टर के निर्माण में एमीटर, बेस और कलेक्टर के साइज और डोपिंग लेवल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- ट्रांजिस्टर के चार ऑपरेटिंग मोड (एक्टिव, सैचुरेशन, कट-ऑफ, इनवर्टेड) सर्किट में इसके व्यवहार को निर्धारित करते हैं।
- BJT एक करंट-कंट्रोल्ड डिवाइस है, जहां इनपुट करंट आउटपुट करंट को नियंत्रित करता है।
- ट्रांजिस्टर की तीन मुख्य कॉन्फ़िगरेशन (कॉमन बेस, कॉमन एमीटर, कॉमन कलेक्टर) विभिन्न सर्किट अनुप्रयोगों के लिए अलग-अलग विशेषताएं प्रदान करती हैं।
Key terms
BJT (Bipolar Junction Transistor)FET (Field Effect Transistor)NPN TransistorPNP TransistorJFETMOSFETEmitterBaseCollectorPN JunctionForward BiasReverse BiasActive RegionSaturation RegionCut-off RegionCommon Base ConfigurationCommon Emitter ConfigurationCommon Collector Configuration
Test your understanding
- ट्रांजिस्टर को बाइपोलर डिवाइस क्यों कहा जाता है?
- BJT के तीन मुख्य टर्मिनल कौन से हैं और उनके साइज और डोपिंग प्रोफाइल में क्या अंतर है?
- एक्टिव रीजन में ट्रांजिस्टर कैसे काम करता है और इस रीजन में एमीटर-बेस और कलेक्टर-बेस जंक्शन की बायसिंग क्या होती है?
- कॉमन एमीटर कॉन्फ़िगरेशन में इनपुट और आउटपुट टर्मिनल कौन से होते हैं और यह कॉन्फ़िगरेशन किस प्रकार के अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त है?
- ट्रांजिस्टर को करंट-कंट्रोल्ड डिवाइस क्यों माना जाता है?