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Vijayanagara Empire : 14th to 16th Century - NCERT Sutra
NIRNAY IAS by Testbook
Overview
यह वीडियो विजयनगर साम्राज्य पर केंद्रित है, जो 14वीं से 16वीं शताब्दी तक दक्षिण भारत में एक प्रमुख शक्ति थी। इसमें साम्राज्य की स्थापना, इसके प्रमुख शासकों, जैसे कृष्ण देव राय, और इसकी सांस्कृतिक और वास्तुकला की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया है। वीडियो में साम्राज्य के पतन, बैटल ऑफ तालिकोटा का भी उल्लेख है, और यह हंपी के रूप में इसके पुनरुद्धार और पुरातात्विक महत्व पर भी चर्चा करता है। इसमें अमारा नायका प्रणाली और विजयनगर के शहरी नियोजन और वास्तुकला की अनूठी विशेषताओं का भी वर्णन किया गया है।
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Chapters
- विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 14वीं शताब्दी में हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों ने की थी।
- साम्राज्य का नाम 'विजय का शहर' (City of Victory) से लिया गया है, और इसकी राजधानी को बाद में हंपी के नाम से जाना गया।
- 1565 में तालिकोटा की लड़ाई के बाद शहर को नष्ट कर दिया गया था, और बाद में कर्नल कॉलिन मैकेंजी ने 1800 के आसपास इसे फिर से खोजा।
- प्रारंभिक जानकारी विरुपक्ष मंदिर के पुजारियों से प्राप्त हुई, और बाद में तेलुगु, कन्नड़, संस्कृत और तमिल में अभिलेख मिले।
यह खंड विजयनगर साम्राज्य की नींव और इसके शुरुआती विकास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, जो दक्षिण भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण युग था।
हरिहर और बुक्का नामक दो भाइयों द्वारा 1336 में विजयनगर साम्राज्य की शुरुआत।
- विजयनगर साम्राज्य ने संगम, सलुवा, तुलुवा और अराविडु नामक चार प्रमुख राजवंशों के अधीन शासन किया।
- संगम राजवंश (हरिहर और बुक्का) ने 1485 तक शासन किया।
- तुलुवा राजवंश के कृष्ण देव राय को साम्राज्य का सबसे महान शासक माना जाता है, जिन्होंने कला और संस्कृति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- साम्राज्य ने चोल और होयसल जैसे पड़ोसी राज्यों के क्षेत्रों को अपने नियंत्रण में लिया, जो उपजाऊ नदी घाटियों और संसाधन-समृद्ध थे।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि कैसे विभिन्न राजवंशों ने विजयनगर के विकास में योगदान दिया और कैसे कृष्ण देव राय जैसे शासकों ने इसे अपने चरम पर पहुंचाया।
कृष्ण देव राय ने तुंगभद्रा और कृष्णा नदियों के बीच के क्षेत्र पर विजय प्राप्त की और बीजापुर के सुल्तान को हराया।
- विजयनगर साम्राज्य मसाले, वस्त्र और कीमती पत्थरों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध था।
- शुरुआत में अरबों का व्यापार पर नियंत्रण था, बाद में 1498 में पुर्तगाली आए और गोवा पर कब्जा कर लिया।
- साम्राज्य में विदेशी वस्तुओं की मांग थी, जैसे कीमती पत्थर और आभूषण।
- विभिन्न भाषाओं में लिखे गए साहित्यिक स्रोत साम्राज्य के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।
यह खंड विजयनगर की आर्थिक शक्ति और इसके वैश्विक व्यापारिक संबंधों को समझने में मदद करता है, जो इसकी समृद्धि का एक प्रमुख कारण था।
विजयनगर साम्राज्य अपने मसालों, वस्त्रों और कीमती पत्थरों के लिए जाना जाता था, जिनका व्यापार दूर-दूर तक होता था।
- 1565 में, बीजापुर, अहमदनगर और गोलकोंडा के सुल्तानों की संयुक्त सेना ने तालिकोटा (या राक्षसी तंगडी) के युद्ध में विजयनगर को हराया।
- इस हार के बाद विजयनगर साम्राज्य की शक्ति और प्रभाव काफी कम हो गया, हालांकि यह कुछ समय तक जीवित रहा।
- विजयनगर के तत्कालीन मुख्यमंत्री राम राय को इस हार के लिए काफी हद तक जिम्मेदार ठहराया गया।
तालिकोटा का युद्ध विजयनगर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसने इसकी शक्ति को कम कर दिया और दक्षिण भारत की राजनीतिक गतिशीलता को बदल दिया।
बीजापुर, अहमदनगर और गोलकोंडा की संयुक्त सेनाओं द्वारा विजयनगर को 1565 में तालिकोटा के युद्ध में हराया गया।
- अमारा नायका विजयनगर साम्राज्य के स्थानीय सरदार या सैन्य कमांडर थे जिन्हें शासकों द्वारा क्षेत्र दिए जाते थे।
- उन्हें अपने क्षेत्रों से कर वसूलने और सेना व हाथियों को बनाए रखने का अधिकार था।
- राजस्व का एक हिस्सा व्यक्तिगत उपयोग के लिए रखा जाता था, और बाकी राजा को श्रद्धांजलि के रूप में दिया जाता था।
- नायकों को राजा के प्रति अपनी वफादारी दिखाने के लिए नियमित रूप से दरबार में उपस्थित होना पड़ता था।
यह प्रणाली विजयनगर के प्रशासनिक और सैन्य ढांचे को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, जो साम्राज्य के शासन और नियंत्रण में सहायक थी।
सैन्य कमांडरों को क्षेत्र दिए गए जहाँ वे कर वसूल सकते थे और अपनी सेना बनाए रख सकते थे।
- विजयनगर में कई किलेबंद शहर थे, जिनमें कृषि क्षेत्र, बगीचे और घर शामिल थे, जो अलग-अलग किलेबंदी की परतों से घिरे थे।
- कमलापुरम टैंक जैसे बड़े जल भंडारण संरचनाएं बनाई गईं, जो सिंचाई और शहर की पानी की जरूरतों को पूरा करती थीं।
- शहर में मस्जिदें और मंदिर दोनों थे, जो विभिन्न समुदायों के सह-अस्तित्व को दर्शाते हैं।
- हज़ारा राम मंदिर और विरुपक्ष मंदिर जैसे मंदिर महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र थे, जहाँ शासक स्वयं को भगवान विरुपक्ष के प्रतिनिधि के रूप में मानते थे।
विजयनगर की वास्तुकला और शहरी नियोजन इसकी उन्नत इंजीनियरिंग, कलात्मक कौशल और धार्मिक सहिष्णुता का प्रमाण है।
कमलापुरम टैंक जैसी विशाल जल संरचनाएं शहर की जल आपूर्ति और सिंचाई के लिए बनाई गईं।
- लोटस महल, जिसे मैकेंजी के अनुसार राजा अपने सलाहकारों से मिलता था, एक महत्वपूर्ण संरचना है।
- हाथी अस्तबल (Elephant Stables) साम्राज्य की सैन्य शक्ति का प्रतीक थे।
- हज़ारा राम मंदिर में रामायण से संबंधित चित्र और मूर्तियां हैं, जो संभवतः केवल शाही परिवार द्वारा उपयोग किया जाता था।
- गोपुरम (विशाल प्रवेश द्वार) और कल्याण मंडप (विवाह समारोहों के लिए) दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला की प्रमुख विशेषताएं हैं।
ये संरचनाएं विजयनगर के शासकों की भव्यता, उनकी धार्मिक आस्थाओं और उनकी कलात्मक उपलब्धियों को दर्शाती हैं।
लोटस महल, जिसे ब्रिटिश यात्रियों ने यह नाम दिया, संभवतः वह स्थान था जहाँ राजा अपने सलाहकारों से मिलता था।
- विट्ठल मंदिर, जिसमें भगवान विट्ठल की पूजा होती है, महाराष्ट्र से जुड़े सांस्कृतिक प्रभाव को दर्शाता है।
- यह दर्शाता है कि विजयनगर साम्राज्य अन्य क्षेत्रों की परंपराओं और संस्कृतियों को अपनाने के लिए खुला था।
- मधुरै में गोपुरम का निर्माण विजयनगर की वास्तुकला के प्रभाव को दर्शाता है।
- हंपी को 1976 में राष्ट्रीय महत्व के स्थल के रूप में मान्यता दी गई।
विट्ठल मंदिर जैसे उदाहरण विजयनगर की सांस्कृतिक ग्रहणशीलता और अन्य क्षेत्रों के साथ इसके संबंधों को उजागर करते हैं।
विट्ठल मंदिर, जो महाराष्ट्र में पूजे जाने वाले भगवान विट्ठल को समर्पित है, विजयनगर की अन्य संस्कृतियों को अपनाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
Key takeaways
- विजयनगर साम्राज्य ने दक्षिण भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और राजनीतिक विरासत छोड़ी है।
- कृष्ण देव राय जैसे शासकों के नेतृत्व में साम्राज्य ने कला, साहित्य और वास्तुकला में अभूतपूर्व विकास किया।
- तालिकोटा के युद्ध ने साम्राज्य के पतन की शुरुआत की, लेकिन इसकी वास्तुकला और शहरी नियोजन आज भी प्रेरणादायक हैं।
- अमारा नायका प्रणाली साम्राज्य के शासन और नियंत्रण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी।
- विजयनगर की वास्तुकला, विशेष रूप से मंदिर और किले, उस समय की उन्नत इंजीनियरिंग और कलात्मक कौशल का प्रमाण हैं।
- साम्राज्य ने न केवल अपनी संस्कृति को विकसित किया बल्कि अन्य क्षेत्रों की परंपराओं को भी अपनाया, जैसा कि विट्ठल मंदिर से पता चलता है।
Key terms
विजयनगर साम्राज्यहरिहर और बुक्काहंपीकॉलिन मैकेंजीकृष्ण देव रायतालिकोटा का युद्धअमारा नायकागोपुरमकल्याण मंडपविरुपक्ष मंदिर
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- विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किन दो भाइयों ने और कब की थी?
- कृष्ण देव राय को विजयनगर का सबसे महान शासक क्यों माना जाता है?
- तालिकोटा के युद्ध के क्या परिणाम हुए और यह विजयनगर के लिए क्यों महत्वपूर्ण था?
- अमारा नायका प्रणाली क्या थी और यह साम्राज्य के शासन में कैसे योगदान करती थी?
- विजयनगर की वास्तुकला की किन्हीं दो प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें।