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Lucknow University LLB 3rd Semester Complete Syllabus 2026 | सभी विषय | | Jaiswal Career Institute
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Lucknow University LLB 3rd Semester Complete Syllabus 2026 | सभी विषय | | Jaiswal Career Institute

Jaiswal career institute ( JCI )

7 chapters6 takeaways19 key terms6 questions

Overview

यह वीडियो लखनऊ यूनिवर्सिटी के एलएलबी थर्ड सेमेस्टर के सिलेबस का विस्तृत अवलोकन प्रदान करता है। इसमें छह मुख्य विषयों - कमर्शियल लॉ, लेबर लॉ, कंपनी लॉ, कोड ऑफ सिविल प्रोसीजर एंड लॉ ऑफ लिमिटेशन, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), और इंटरप्रिटेशन ऑफ स्टैच्यूट्स - को कवर किया गया है। प्रत्येक विषय के लिए, वीडियो यूनिट-वार महत्वपूर्ण टॉपिक्स, एक्ट्स और कॉन्सेप्ट्स की जानकारी देता है, ताकि छात्रों को यह समझने में मदद मिल सके कि उन्हें क्या पढ़ना है और प्रत्येक विषय का उद्देश्य क्या है। यह वीडियो छात्रों को सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू करने से पहले एक स्पष्ट रोडमैप और आत्मविश्वास प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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Chapters

  • वीडियो लखनऊ यूनिवर्सिटी के एलएलबी थर्ड सेमेस्टर के सिलेबस का परिचय देता है।
  • इसमें छह मुख्य विषयों को कवर किया जाएगा।
  • सिलेबस का उद्देश्य छात्रों को यह समझने में मदद करना है कि उन्हें क्या पढ़ना है।
  • रिजल्ट सुधारने के लिए ऐप डाउनलोड करने और कोर्सेज की जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर कॉल करने का सुझाव दिया गया है।
यह खंड छात्रों को वीडियो के उद्देश्य और संरचना को समझने में मदद करता है, जिससे वे आगे की जानकारी के लिए तैयार हो सकें।
  • इसमें पार्टनरशिप एक्ट और सेल्स ऑफ गुड्स एक्ट शामिल हैं।
  • पार्टनरशिप एक्ट में पार्टनर्स के राइट्स, ड्यूटीज, लायबिलिटी और फर्म के डिसॉल्यूशन जैसे टॉपिक्स कवर होंगे।
  • सेल्स ऑफ गुड्स एक्ट में कॉन्ट्रैक्ट का फॉर्मेशन, इफेक्ट, अनपेड सेलर के राइट्स और ब्रीच ऑफ कॉन्ट्रैक्ट पर चर्चा होगी।
  • यूनिट्स में एक्ट की परिभाषाएं, शर्तें, और परफॉर्मेंस जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।
यह विषय व्यावसायिक लेनदेन और समझौतों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, जो भविष्य में कानूनी प्रैक्टिस के लिए आवश्यक हैं।
पार्टनरशिप एक्ट में 'एजेंट ऑफ द फर्म' की अवधारणा और सेल्स ऑफ गुड्स एक्ट में 'अनपेड सेलर के अधिकार'।
  • इसमें इंडस्ट्रियल रिलेशन, ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 और इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट 1947 शामिल हैं।
  • ट्रेड यूनियन के रजिस्ट्रेशन, राइट्स, लायबिलिटी और कलेक्टिव बारगेनिंग पर चर्चा की जाएगी।
  • इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट के तहत अथॉरिटीज, उनके पावर्स, प्रोसीजर और डिस्प्यूट्स के सॉल्यूशन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • स्ट्राइक, लॉकआउट, ले ऑफ, रिट्रेंचमेंट, अनफेयर लेबर प्रैक्टिसेस और लेबर वेलफेयर के सिद्धांत भी कवर किए जाएंगे।
यह कानून श्रमिकों के अधिकारों और नियोक्ताओं के दायित्वों को समझने में मदद करता है, जो औद्योगिक शांति और न्याय के लिए महत्वपूर्ण है।
इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट के तहत विवादों को सुलझाने के लिए बोर्ड, कोर्ट और ट्रिब्यूनल की भूमिका।
  • इसमें कॉर्पोरेट पर्सनालिटी, कंपनी के काइंड्स, इनकॉर्पोरेशन और प्रमोटर्स जैसे टॉपिक्स शामिल हैं।
  • कॉर्पोरेट डॉक्यूमेंट्स जैसे मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (AOA) पर चर्चा होगी।
  • डॉक्ट्राइन ऑफ अल्ट्रा वायर्स, कंस्ट्रक्टिव नोटिस और इनडोर मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांत समझाए जाएंगे।
  • कॉर्पोरेट फाइनेंस, डेप्ट मैनेजमेंट, शेयर कैपिटल, डिविडेंड, डिबेंचर्स, मेंबरशिप, मीटिंग्स और डायरेक्टर्स के बारे में भी पढ़ाया जाएगा।
यह विषय कॉर्पोरेट जगत के कामकाज, कंपनी संरचना और वित्तीय प्रबंधन को समझने के लिए आवश्यक है।
मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (AOA) के बीच अंतर और उनके महत्व।
  • इसमें सीपीसी की महत्वपूर्ण डेफिनेशंस, डिग्री, एफिडेविट और रेस्ट सबजुडिस व रेस जूडिकाटा जैसे कॉन्सेप्ट्स शामिल हैं।
  • सिविल सूट में जुरिसडिक्शन, पार्टीज टू सूट (वादी, प्रतिवादी), प्लीडिंग्स (प्लेंट, रिटेन स्टेटमेंट) और लीगल रिप्रेजेंटेटिव्स पर चर्चा होगी।
  • डॉक्यूमेंट्स का डिस्कवरी, इंस्पेक्शन, प्रोडक्शन, इंटरिम ऑर्डर्स (कमीशन, अरेस्ट, अटैचमेंट, इंजेक्शन) और रिसीवर के बारे में पढ़ाया जाएगा।
  • सरकारी या निर्धन व्यक्तियों के विरुद्ध या द्वारा सूट, इंटरप्लीडर सूट और समरी प्रोसीजर जैसे विषय भी कवर होंगे।
यह कानून सिविल मामलों में अदालती प्रक्रियाओं को समझने के लिए मौलिक है, जिससे वादों को प्रभावी ढंग से दायर और संचालित किया जा सके।
रेस जूडिकाटा का सिद्धांत, जो एक ही मामले पर बार-बार मुकदमा दायर करने से रोकता है।
  • यह सीआरपीसी का नया रूप है और क्रिमिनल कोर्ट्स के गठन, जुरिसडिक्शन और पावर्स को कवर करता है।
  • इसमें व्यक्तियों की गिरफ्तारी, समन, वारंट, सर्च वारंट और संपत्ति की कुर्की जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।
  • पुलिस की सूचना और जांच (Investigation) की शक्तियां, इंक्वायरी और ट्रायल में क्रिमिनल कोर्ट का जुरिसडिक्शन पढ़ाया जाएगा।
  • मजिस्ट्रेट को डायरेक्ट कंप्लेंट फाइल करने की प्रक्रिया, पब्लिक ऑर्डर और सिक्योरिटी फॉर गुड बिहेवियर, और पुलिस के प्रिवेंटिव एक्शन पर भी चर्चा होगी।
यह संहिता आपराधिक न्याय प्रणाली की प्रक्रियाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें गिरफ्तारी से लेकर ट्रायल तक के सभी चरण शामिल हैं।
पुलिस द्वारा किसी अपराध की जांच (Investigation) करने की प्रक्रिया और शक्तियां।
  • यह विषय कानून की व्याख्या (Interpretation) के मूल सिद्धांतों, प्रकृति और दायरे को समझाता है।
  • इसमें लिटरल रूल, गोल्डन रूल, मिसचीफ रूल, हारमोनियस कंस्ट्रक्शन और बेनिफिशियल कंस्ट्रक्शन जैसे इंटरप्रिटेशन के रूल्स शामिल हैं।
  • जनरल क्लॉज़ एक्ट 1897, जो विभिन्न एक्ट्स में डेफिनेशंस के लिए महत्वपूर्ण है, को भी कवर किया जाएगा।
  • कानून की व्याख्या के लिए आंतरिक (Internal Aids) और बाह्य (External Aids) साधनों, जैसे प्रिएम्बल, टाइटल, और लेजिस्लेचर के आशय पर भी चर्चा होगी।
यह कानून को सही ढंग से समझने और लागू करने के लिए आवश्यक है, ताकि अस्पष्टता से बचा जा सके और न्याय सुनिश्चित हो सके।
कानून की अस्पष्टता को दूर करने के लिए 'गोल्डन रूल' का उपयोग।

Key takeaways

  1. 1एलएलबी थर्ड सेमेस्टर में छह मुख्य विषय हैं जो कानूनी प्रैक्टिस के लिए foundational हैं।
  2. 2प्रत्येक विषय में विभिन्न एक्ट्स और महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत शामिल हैं जिन्हें समझना आवश्यक है।
  3. 3प्रोसिजरल लॉ (CPC, BNSNS) अदालती प्रक्रियाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  4. 4इंटरप्रिटेशन ऑफ स्टैच्यूट्स कानून की सही समझ और अनुप्रयोग सुनिश्चित करता है।
  5. 5कंपनी लॉ और कमर्शियल लॉ व्यावसायिक दुनिया में कानूनी भूमिकाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  6. 6लेबर लॉ श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच संबंधों को नियंत्रित करता है।

Key terms

Commercial LawPartnership ActSales of Goods ActLabour LawTrade Union ActIndustrial Disputes ActCompany LawMemorandum of Association (MOA)Article of Association (AOA)Doctrine of Ultra ViresCode of Civil Procedure (CPC)Res JudicataRest Sub JudiceBharatiya Nagrik Suraksha Sanhita (BNSNS)Interpretation of StatutesGeneral Clauses ActLiteral RuleGolden RuleMischief Rule

Test your understanding

  1. 1कमर्शियल लॉ के तहत पार्टनरशिप एक्ट और सेल्स ऑफ गुड्स एक्ट के मुख्य अंतर क्या हैं?
  2. 2लेबर लॉ में ट्रेड यूनियन एक्ट और इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट का क्या महत्व है?
  3. 3कंपनी लॉ में मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (AOA) के बीच क्या मुख्य अंतर हैं?
  4. 4कोड ऑफ सिविल प्रोसीजर (CPC) में रेस जूडिकाटा का सिद्धांत क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
  5. 5भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSNS) के तहत गिरफ्तारी की प्रक्रिया को संक्षेप में समझाएं।
  6. 6इंटरप्रिटेशन ऑफ स्टैच्यूट्स के गोल्डन रूल और मिसचीफ रूल में क्या अंतर है?

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