
Number System: Maths By Rahul Teotia Sir | SSC Foundation 2025 | नायक Batch | CGL, CPO, CHSL, MTS
RWA SSC EXAMS
Overview
यह वीडियो एसएससी सीजीएल, सीपीओ, सीएचएसएल, एमटीएस जैसे विभिन्न एसएससी परीक्षाओं के लिए गणित की तैयारी के लिए 'नायक बैच' की शुरुआत का परिचय देता है। शिक्षक राहुल टुटिया सर बैच की अवधि, अध्ययन योजना और नोट्स बनाने की विधि पर चर्चा करते हैं। वे नंबर सिस्टम (संख्या पद्धति) के साथ शुरुआत करते हैं, संख्याओं के वर्गीकरण (रियल, इमेजिनरी, रैशनल, इरैशनल, इंटीजर, डेसीमल, प्राइम, कंपोजिट, इवन, ऑड) की व्याख्या करते हैं, और प्रत्येक अवधारणा के लिए उदाहरण प्रदान करते हैं। शिक्षक छात्रों को पूरे बैच के दौरान निरंतरता बनाए रखने और गणित में महारत हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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Chapters
- यह 'नायक बैच' एसएससी परीक्षाओं के लिए गणित की फाउंडेशन क्लास है, जो बिल्कुल बेसिक से शुरू होगी।
- बैच लगभग 7-8 महीने तक चलेगा, जिसमें निरंतरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
- कक्षाएं सोमवार से शुक्रवार तक होंगी, और सप्ताहांत में क्विज़ और रिवीजन की योजना है।
- गणित की तैयारी के लिए दो विशिष्ट पुस्तकों की सिफारिश की गई है, लेकिन यदि आपके पास अन्य अच्छी पुस्तकें हैं तो उन्हें बदलने की आवश्यकता नहीं है।
- जो छात्र पहले नोट्स बना चुके हैं, उन्हें नए नोट्स बनाने की आवश्यकता नहीं है, केवल अतिरिक्त जानकारी जोड़ें।
- नए छात्रों को एक कॉपी और पेन लेकर हर बात को ध्यान से लिखना चाहिए।
- नोट्स बनाने से कॉन्सेप्ट और प्रैक्टिस को दोहराने में मदद मिलती है, खासकर परीक्षा के समय।
- शुरुआत में नोट्स बनाना बोरिंग लग सकता है, लेकिन अंत में यह बहुत फायदेमंद होता है।
- नंबर सिस्टम (संख्या पद्धति) गणित का पहला और महत्वपूर्ण टॉपिक है।
- यह एसएससी सीजीएल, सीएचएसएल, सीपीओ और एमटीएस जैसी परीक्षाओं में पूछा जाता है।
- नंबर सिस्टम संख्याओं के वर्गीकरण से शुरू होता है।
- सभी संख्याओं को मुख्य रूप से रियल (वास्तविक) और इमेजिनरी (काल्पनिक) नंबरों में वर्गीकृत किया गया है।
- रियल नंबर वे संख्याएं हैं जिन्हें नंबर लाइन पर दर्शाया जा सकता है, जिसमें डेसीमल, इंटीजर, रैशनल और इरैशनल शामिल हैं।
- इमेजिनरी नंबर वे होते हैं जो वास्तविक नहीं होते, जैसे रूट के अंदर ऋणात्मक संख्याएं (जैसे -√3)।
- रियल और इमेजिनरी नंबरों को मिलाने पर कॉम्प्लेक्स नंबर (मिश्र संख्याएं) बनते हैं।
- रियल नंबर को दो भागों में बांटा गया है: रैशनल (परिमेय) और इरैशनल (अपरिमेय) नंबर।
- रैशनल नंबर वे होते हैं जिन्हें p/q के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ q ≠ 0 और p, q दोनों इंटीजर हों।
- इरैशनल नंबर वे होते हैं जिन्हें p/q के रूप में नहीं लिखा जा सकता, जैसे √2, √3, √5 आदि।
- रैशनल नंबर को इंटीजर (पूर्णांक) और डेसीमल (दशमलव) में वर्गीकृत किया गया है।
- इंटीजर माइनस इनफिनिटी से प्लस इनफिनिटी तक की पूरी संख्याएं होती हैं, जिन्हें पॉजिटिव, नेगेटिव और जीरो में बांटा गया है।
- डेसीमल वो संख्याएं होती हैं जिनमें पॉइंट होता है, और ये टर्मिनेटिंग (शांत) या नॉन-टर्मिनेटिंग (अशांत) हो सकती हैं।
- जीरो न तो पॉजिटिव इंटीजर है और न ही नेगेटिव इंटीजर, यह केवल एक इंटीजर है।
- टर्मिनेटिंग डेसीमल वे होते हैं जो पूरी तरह से विभाजित हो जाते हैं (जैसे 1/2 = 0.5)।
- नॉन-टर्मिनेटिंग डेसीमल वे होते हैं जो कभी खत्म नहीं होते।
- नॉन-टर्मिनेटिंग डेसीमल दो प्रकार के होते हैं: रिकरिंग (आवर्ती, जैसे 0.333...) और नॉन-रिकरिंग (अनावर्ती, जो रिपीट नहीं होते)।
- सभी टर्मिनेटिंग डेसीमल और नॉन-टर्मिनेटिंग रिकरिंग डेसीमल रैशनल नंबर होते हैं।
- इवन नंबर (सम संख्याएं) वे होती हैं जो 2 से विभाज्य होती हैं (इकाई अंक 0, 2, 4, 6, 8)।
- ऑड नंबर (विषम संख्याएं) वे होती हैं जो 2 से विभाज्य नहीं होतीं।
- प्राइम नंबर (अभाज्य संख्याएं) वे होती हैं जिनके केवल दो गुणनखंड होते हैं: 1 और स्वयं वह संख्या।
- सबसे छोटी अभाज्य संख्या 2 है, और यह एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।
Key takeaways
- गणित की मजबूत नींव के लिए नंबर सिस्टम की अवधारणाओं को समझना महत्वपूर्ण है।
- संख्याओं को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है, जैसे कि वे रैशनल हैं या इरैशनल, इंटीजर हैं या डेसीमल।
- रैशनल नंबर p/q के रूप में लिखे जा सकते हैं, जबकि इरैशनल नंबर को नहीं।
- टर्मिनेटिंग डेसीमल रैशनल होते हैं, जबकि नॉन-टर्मिनेटिंग रिकरिंग डेसीमल भी रैशनल होते हैं।
- प्राइम नंबरों की केवल दो गुणनखंड होते हैं, और 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।
- बैच की सफलता के लिए निरंतरता और समर्पण आवश्यक है।
Key terms
Test your understanding
- रैशनल और इरैशनल नंबर के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?
- टर्मिनेटिंग और नॉन-टर्मिनेटिंग डेसीमल को कैसे पहचाना जा सकता है?
- जीरो को एक इंटीजर क्यों माना जाता है, लेकिन न तो पॉजिटिव और न ही नेगेटिव?
- प्राइम नंबर की परिभाषा क्या है और सबसे छोटी प्राइम नंबर कौन सी है?
- क्या पाई (π) एक रैशनल या इरैशनल नंबर है, और क्यों?