
11 Chap 2 || Atomic Structure 03 || Atomic Spectrum || Hydrogen Spectrum || Class 11 / JEE/NEET ||
Physics Wallah - Alakh Pandey
Overview
यह वीडियो एटॉमिक स्ट्रक्चर के तीसरे भाग में एटॉमिक स्पेक्ट्रम, विशेष रूप से हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की व्याख्या करता है। यह बताता है कि परमाणुओं से निकलने वाली प्रकाश की किरणें एक सतत स्पेक्ट्रम के बजाय एक असतत (discrete) या रेखा स्पेक्ट्रम क्यों बनाती हैं। नील बोहर के मॉडल का उपयोग करके, वीडियो बताता है कि कैसे इलेक्ट्रॉन ऊर्जा स्तरों के बीच कूदते हैं, ऊर्जा को अवशोषित और उत्सर्जित करते हैं, जिससे विशिष्ट तरंग दैर्ध्य (wavelength) की प्रकाश किरणें निकलती हैं। इसमें लाइमन, बाल्मर, पाश्चन, ब्रैकेट और हमफ्री जैसी विभिन्न स्पेक्ट्रल श्रृंखलाओं (spectral series) की गणना और उनकी तरंग दैर्ध्य की सीमाएं भी शामिल हैं। अंत में, यह विभिन्न ऊर्जा स्तरों के बीच संक्रमण (transitions) से उत्पन्न होने वाली स्पेक्ट्रल रेखाओं की संख्या की गणना के लिए एक सूत्र प्रस्तुत करता है।
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Chapters
- परमाणुओं से निकलने वाली किरणें एक सतत स्पेक्ट्रम के बजाय असतत (discrete) या रेखा स्पेक्ट्रम बनाती हैं।
- परमाणु को गर्म करने पर, गैस से निकलने वाली कुछ विशेष तरंग दैर्ध्य (wavelength) की किरणें ही दिखाई देती हैं, जबकि अन्य गायब होती हैं।
- नील बोहर ने अपने मॉडल का उपयोग करके इस असतत स्पेक्ट्रम की व्याख्या की।
- परमाणु को गर्म करने पर, इलेक्ट्रॉन ऊर्जा अवशोषित करके निम्न ऊर्जा स्तर से उच्च ऊर्जा स्तर में कूद जाते हैं।
- इलेक्ट्रॉन हमेशा अपने निम्नतम संभव ऊर्जा स्तर में रहना चाहते हैं।
- जब इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्तर से निम्न ऊर्जा स्तर पर वापस आते हैं, तो वे ऊर्जा को विद्युत चुम्बकीय तरंगों (electromagnetic waves) के रूप में उत्सर्जित करते हैं।
- उत्सर्जित ऊर्जा दो ऊर्जा स्तरों के अंतर के बराबर होती है (ΔE = E2 - E1)।
- उत्सर्जित ऊर्जा विद्युत चुम्बकीय तरंग की ऊर्जा (E = hc/λ) के बराबर होती है, जहाँ λ तरंग दैर्ध्य है।
- हाइड्रोजन परमाणु के लिए, ऊर्जा स्तरों की गणना E_n = -13.6 Z²/n² eV सूत्र से की जाती है।
- विभिन्न ऊर्जा स्तरों के बीच संक्रमण से निकलने वाली तरंग दैर्ध्य की गणना के लिए रिडबर्ग सूत्र (1/λ = RZ²(1/n1² - 1/n2²)) का उपयोग किया जाता है।
- R रिडबर्ग स्थिरांक (Rydberg constant) है, और Z परमाणु संख्या (atomic number) है।
- यह सूत्र परमाणु स्पेक्ट्रम की सभी रेखाओं की तरंग दैर्ध्य की भविष्यवाणी करने में सक्षम है।
- जब इलेक्ट्रॉन विभिन्न उच्च ऊर्जा स्तरों से निम्नतम ऊर्जा स्तर (n=1) पर आते हैं, तो लाइमन श्रृंखला (Lyman series) बनती है, जो पराबैंगनी (UV) क्षेत्र में होती है।
- जब इलेक्ट्रॉन विभिन्न ऊर्जा स्तरों से दूसरे ऊर्जा स्तर (n=2) पर आते हैं, तो बाल्मर श्रृंखला (Balmer series) बनती है, जो दृश्यमान (visible) क्षेत्र में होती है।
- इसी तरह, पाश्चन (n=3), ब्रैकेट (n=4), और हमफ्री (n=5) श्रृंखलाएं क्रमशः अवरक्त (infrared) क्षेत्रों में होती हैं।
- एक उच्च ऊर्जा स्तर (n2) से निम्न ऊर्जा स्तर (n1) तक संक्रमण के दौरान उत्पन्न होने वाली विभिन्न स्पेक्ट्रल रेखाओं की कुल संख्या की गणना एक सूत्र द्वारा की जा सकती है।
- सूत्र है: N = (n2 - n1) * (n2 - n1 + 1) / 2, जहाँ N रेखाओं की संख्या है।
- यह सूत्र बताता है कि एक इलेक्ट्रॉन विभिन्न मध्यवर्ती स्तरों से गुजरते हुए भी कितनी अलग-अलग तरंग दैर्ध्य उत्सर्जित कर सकता है।
Key takeaways
- परमाणुओं का स्पेक्ट्रम असतत होता है क्योंकि इलेक्ट्रॉन केवल विशिष्ट ऊर्जा स्तरों में मौजूद हो सकते हैं।
- इलेक्ट्रॉन द्वारा ऊर्जा अवशोषित करने पर वह उत्तेजित होता है और उच्च ऊर्जा स्तर पर जाता है।
- जब इलेक्ट्रॉन उच्च ऊर्जा स्तर से निम्न स्तर पर लौटता है, तो वह ऊर्जा को विद्युत चुम्बकीय तरंगों के रूप में उत्सर्जित करता है।
- उत्सर्जित तरंग दैर्ध्य (wavelength) दो ऊर्जा स्तरों के बीच के अंतर पर निर्भर करती है।
- लाइमन, बाल्मर, पाश्चन, ब्रैकेट और हमफ्री श्रृंखलाएं विभिन्न अंतिम ऊर्जा स्तरों पर इलेक्ट्रॉनों के गिरने से बनती हैं और स्पेक्ट्रम के विभिन्न क्षेत्रों (UV, दृश्यमान, IR) में पाई जाती हैं।
- एक उच्च ऊर्जा स्तर से निम्न स्तर तक संक्रमण से कई अलग-अलग स्पेक्ट्रल रेखाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
Key terms
Test your understanding
- परमाणु स्पेक्ट्रम असतत क्यों होता है, सतत क्यों नहीं?
- इलेक्ट्रॉन ऊर्जा अवशोषित करने पर क्या करता है और ऊर्जा उत्सर्जित करने पर क्या होता है?
- रिडबर्ग सूत्र का उपयोग करके किसी दिए गए संक्रमण के लिए तरंग दैर्ध्य की गणना कैसे की जाती है?
- लाइमन और बाल्मर श्रृंखलाओं के बीच मुख्य अंतर क्या हैं, और वे स्पेक्ट्रम के किन क्षेत्रों में पाई जाती हैं?
- यदि एक इलेक्ट्रॉन n=5 से n=1 पर आता है, तो कितनी विभिन्न स्पेक्ट्रल रेखाएं उत्पन्न हो सकती हैं?