Secret Editors of Tanmay Bhatt, Samay Raina & Fukra Insaan | Top Editor’s Roundtable 🤯
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Secret Editors of Tanmay Bhatt, Samay Raina & Fukra Insaan | Top Editor’s Roundtable 🤯

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7 chapters7 takeaways10 key terms5 questions

Overview

यह वीडियो तीन युवा भारतीय वीडियो एडिटर्स के साथ एक राउंडटेबल चर्चा प्रस्तुत करता है जो तन्मय भट्ट, समय रैना और फुकरा इंसान जैसे लोकप्रिय क्रिएटर्स के साथ काम करते हैं। वे एडिटिंग में कमाई, क्रिएटर्स के साथ काम करने के अनुभव, एडिटिंग में पैसे कमाने की क्षमता, फॉरेन क्लाइंट्स तक पहुंचने की रणनीतियों, एडिटिंग लागत तय करने, और एडिटर्स के कंटेंट क्रिएटर्स बनने के बारे में अपने विचार साझा करते हैं। वे AI के एडिटिंग पर प्रभाव, रिमोट वर्किंग के फायदे और नुकसान, और फिक्शन और YouTube एडिटिंग के बीच के अंतर पर भी चर्चा करते हैं। वीडियो एडिटिंग के भविष्य, AI टूल्स के उपयोग, और क्रिएटिविटी के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है।

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Chapters

  • तीन युवा एडिटर्स, प्रथम, वरुण और एक फुकरा इंसान के एडिटर, लोकप्रिय यूट्यूबर्स के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा करते हैं।
  • प्रथम ने आगरा से आकर नोएडा में फिल्ममेकिंग सीखी और AIB के साथ काम करने का सपना देखा।
  • वरुण ने जयपुर से इंजीनियरिंग की, YouTube से एडिटिंग सीखी और तन्मय भट्ट के साथ 5 साल से काम कर रहा है।
  • फुकरा इंसान के एडिटर ने नीट की तैयारी के दौरान एडिटिंग शुरू की और मोबाइल से एडिटिंग करते हुए प्रोफेशनल बने।
यह खंड आपको विभिन्न पृष्ठभूमि के एडिटर्स की शुरुआती यात्राओं से परिचित कराता है, जिससे आप समझ सकते हैं कि कैसे अलग-अलग रास्तों से इस क्षेत्र में आया जा सकता है।
प्रथम ने AIB के साथ काम करने का सपना देखा, लेकिन अंततः लोकप्रिय क्रिएटर्स के साथ काम करके अपना रास्ता बनाया।
  • एडिटिंग में कमाई की रेंज बहुत बड़ी है, कुछ एडिटर्स ₹1.5-2 लाख प्रति माह कमाते हैं, जबकि कुछ ₹50 प्रति वीडियो चार्ज करते हैं।
  • टेक और फाइनेंस जैसे जॉनर में एंटरटेनमेंट की तुलना में अधिक कमाई की संभावना है क्योंकि उनमें ब्रांड कोलैबोरेशन्स ज्यादा होते हैं।
  • फॉरेन क्लाइंट्स के लिए एडिटिंग करने पर भारत की तुलना में 4-5 गुना ज्यादा कमाई हो सकती है।
  • एडिटर्स को अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स और खुद को बेचने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए ताकि वे ज्यादा पैसे चार्ज कर सकें।
यह खंड एडिटिंग में वित्तीय संभावनाओं को स्पष्ट करता है और बताता है कि कमाई केवल वीडियो एडिटिंग पर निर्भर नहीं करती, बल्कि स्किल और क्लाइंट मैनेजमेंट पर भी निर्भर करती है।
एक एडिटर ने बताया कि उसने एडिटिंग से जितना नहीं कमाया, उतना अपने इंस्टाग्राम पेज से कमाया, जो 10-30 गुना ज्यादा था।
  • काम पाने के लिए सीधे पोर्टफोलियो भेजने के बजाय, क्रिएटर्स के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर जाकर उनसे संपर्क करना प्रभावी हो सकता है।
  • YTJobs जैसी वेबसाइट्स पर अप्लाई करने के बजाय, सीधे क्रिएटर्स के चैनल और सोशल मीडिया पर जाकर उनकी समस्याओं को बताकर समाधान पेश करना ज्यादा कारगर है।
  • LinkedIn और कोल्ड ईमेल भी काम आ सकते हैं, लेकिन रिप्लाई आने में समय लग सकता है, इसलिए धैर्य रखना महत्वपूर्ण है।
  • अपने काम को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और क्लाइंट को यह समझाना कि आपने वीडियो को कैसे बेहतर बनाया है, महत्वपूर्ण है।
यह खंड आपको काम खोजने और क्लाइंट्स को आकर्षित करने के व्यावहारिक तरीके सिखाता है, जो विशेष रूप से फ्रीलांस एडिटर्स के लिए महत्वपूर्ण हैं।
एक एडिटर ने बताया कि उसने एक क्रिएटर के वीडियो में समस्या बताई और एक ट्रायल वीडियो बनाकर उसे बेहतर करके दिखाया, जिससे उसे काम मिला।
  • शुरुआती एडिटर्स को पोर्टफोलियो बनाने के लिए कम रेट पर काम करने को तैयार रहना चाहिए, लेकिन अनुभव के साथ रेट बढ़ाना चाहिए।
  • भारत में एडिटिंग चार्जेस का 'गंदा गेम' है, जहाँ बहुत ज्यादा अंतर है।
  • एक एडिटर की कमाई की ऊपरी सीमा हो सकती है क्योंकि एक दिन में काम करने के घंटे सीमित होते हैं।
  • रिमोट एडिटर्स को कभी-कभी 'लेज़ी' समझा जाता है, लेकिन यह प्रोजेक्ट और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
यह खंड एडिटिंग की लागत निर्धारण की जटिलताओं और इंडस्ट्री में मौजूद असमानताओं को उजागर करता है, जो नए एडिटर्स के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है।
कुछ एडिटर्स ₹1.5-2 लाख प्रति माह कमा रहे हैं, जबकि अन्य ₹50 प्रति वीडियो चार्ज कर रहे हैं, जो इंडस्ट्री में बड़े अंतर को दर्शाता है।
  • हर एडिटर को क्रिएटर बनना चाहिए और हर क्रिएटर को एडिटर बनना चाहिए ताकि वे लॉन्ग-टर्म में सर्वाइव कर सकें।
  • एडिटर्स को अपना पोर्टफोलियो दिखाने के लिए इंस्टाग्राम प्रोफाइल का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि यह उनका काम प्रदर्शित करता है।
  • सामने कैमरे के आने और खुद को बेचने की कला पसंद न करने वाले एडिटर्स के लिए कंटेंट क्रिएशन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
  • एडिटर्स को क्रिएटिविटी पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि AI क्रिएटिविटी को कभी नहीं ले सकता।
यह खंड एडिटिंग और कंटेंट क्रिएशन के बीच के संबंध को स्पष्ट करता है और बताता है कि कैसे दोनों स्किल्स को मिलाकर एक सफल करियर बनाया जा सकता है।
एक एडिटर ने कहा कि उसने कभी अपना पोर्टफोलियो नहीं भेजा, बल्कि सिर्फ अपनी इंस्टाग्राम प्रोफाइल भेजी, जो उसके काम का प्रमाण थी।
  • AI एडिटर्स की नौकरी नहीं लेगा, बल्कि उनके काम को तेज करने में मदद करेगा।
  • AI ऑडियो से वोकल्स और इंस्ट्रूमेंट्स को अलग करने, या कॉपीराइट-फ्री म्यूजिक बनाने में मदद कर सकता है।
  • AI मोशन ग्राफिक्स और कुछ हद तक शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट एडिटिंग को आसान बना सकता है।
  • भविष्य में, AI एडिटर्स को छोटे-छोटे काम जैसे पॉज हटाना या साइलेंस रिमूव करने में मदद करेगा, लेकिन क्रिएटिविटी और सेंस अभी भी इंसानों के पास रहेगा।
यह खंड AI के बढ़ते प्रभाव को संबोधित करता है और बताता है कि कैसे एडिटर्स AI को एक टूल के रूप में उपयोग करके अपनी दक्षता बढ़ा सकते हैं।
Suno AI जैसे टूल्स का उपयोग करके कॉपीराइट-फ्री म्यूजिक या वोकल्स को अलग किया जा सकता है, जिससे एडिटिंग प्रक्रिया तेज हो जाती है।
  • एडिटिंग में क्रिएटिविटी सबसे महत्वपूर्ण है, और AI इसे कभी नहीं बदल सकता।
  • क्लाइंट से फीडबैक लेना महत्वपूर्ण है ताकि क्रिएटर के माइंडसेट को समझा जा सके और अगली बार बेहतर काम किया जा सके।
  • एडिटर्स को क्लाइंट के साथ टू-वे कम्युनिकेशन रखना चाहिए, जहाँ वे भी अपने सुझाव दे सकें।
  • अच्छे फीडबैक में प्रोज़ और कॉन्स दोनों शामिल होने चाहिए, और क्रिएटर को एडिटिंग सेंस होना चाहिए ताकि वह प्रैक्टिकल फीडबैक दे सके।
यह खंड एडिटिंग प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलुओं जैसे क्रिएटिविटी, फीडबैक की भूमिका और क्लाइंट के साथ प्रभावी संचार पर जोर देता है।
एक एडिटर ने बताया कि जब क्लाइंट ने V6 तक फीडबैक दिया, तो उन्होंने प्रोड्यूसर की मदद से सही दिशा पकड़ी और अगली बार बेहतर काम किया।

Key takeaways

  1. 1एडिटिंग में सफलता के लिए तकनीकी कौशल के साथ-साथ कम्युनिकेशन और खुद को बेचने की क्षमता भी महत्वपूर्ण है।
  2. 2AI एडिटर्स का सहायक हो सकता है, लेकिन क्रिएटिविटी और सेंस अभी भी इंसानों के पास ही रहेगा।
  3. 3लॉन्ग-टर्म करियर के लिए, एडिटर्स को कंटेंट क्रिएटर्स बनने या अपनी स्किल्स को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
  4. 4फॉरेन क्लाइंट्स के लिए एडिटिंग करने से भारत की तुलना में काफी ज्यादा कमाई हो सकती है।
  5. 5काम ढूंढने के लिए सीधे संपर्क और समस्याओं का समाधान पेश करना, सिर्फ पोर्टफोलियो भेजने से ज्यादा प्रभावी है।
  6. 6एडिटिंग में कमाई की रेंज बहुत विस्तृत है, और यह जॉनर, अनुभव और क्लाइंट पर निर्भर करती है।
  7. 7क्रिएटर्स के माइंडसेट को समझना और प्रभावी फीडबैक देना एक सफल एडिटिंग करियर के लिए आवश्यक है।

Key terms

Video EditingContent CreatorFreelancingPortfolioClient ManagementAI in EditingRemote EditingMonetizationSound DesignCreative Control

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  1. 1एडिटिंग में कमाई की रेंज इतनी विस्तृत क्यों है, और इसे प्रभावित करने वाले मुख्य कारक क्या हैं?
  2. 2AI एडिटिंग के क्षेत्र में एडिटर्स की भूमिका को कैसे बदल सकता है, और कौन से कौशल भविष्य में महत्वपूर्ण रहेंगे?
  3. 3एक एडिटर के रूप में, आप नए क्लाइंट्स को कैसे ढूंढेंगे और उन्हें अपने काम के लिए कैसे आकर्षित करेंगे?
  4. 4एडिटर्स के लिए कंटेंट क्रिएटर्स बनना क्यों फायदेमंद हो सकता है, और इसमें क्या चुनौतियाँ हैं?
  5. 5क्लाइंट से प्रभावी फीडबैक प्राप्त करने और उस पर काम करने की प्रक्रिया क्या होनी चाहिए?

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