
Secret Editors of Tanmay Bhatt, Samay Raina & Fukra Insaan | Top Editor’s Roundtable 🤯
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Overview
यह वीडियो तीन युवा भारतीय वीडियो एडिटर्स के साथ एक राउंडटेबल चर्चा प्रस्तुत करता है जो तन्मय भट्ट, समय रैना और फुकरा इंसान जैसे लोकप्रिय क्रिएटर्स के साथ काम करते हैं। वे एडिटिंग में कमाई, क्रिएटर्स के साथ काम करने के अनुभव, एडिटिंग में पैसे कमाने की क्षमता, फॉरेन क्लाइंट्स तक पहुंचने की रणनीतियों, एडिटिंग लागत तय करने, और एडिटर्स के कंटेंट क्रिएटर्स बनने के बारे में अपने विचार साझा करते हैं। वे AI के एडिटिंग पर प्रभाव, रिमोट वर्किंग के फायदे और नुकसान, और फिक्शन और YouTube एडिटिंग के बीच के अंतर पर भी चर्चा करते हैं। वीडियो एडिटिंग के भविष्य, AI टूल्स के उपयोग, और क्रिएटिविटी के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है।
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Chapters
- तीन युवा एडिटर्स, प्रथम, वरुण और एक फुकरा इंसान के एडिटर, लोकप्रिय यूट्यूबर्स के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा करते हैं।
- प्रथम ने आगरा से आकर नोएडा में फिल्ममेकिंग सीखी और AIB के साथ काम करने का सपना देखा।
- वरुण ने जयपुर से इंजीनियरिंग की, YouTube से एडिटिंग सीखी और तन्मय भट्ट के साथ 5 साल से काम कर रहा है।
- फुकरा इंसान के एडिटर ने नीट की तैयारी के दौरान एडिटिंग शुरू की और मोबाइल से एडिटिंग करते हुए प्रोफेशनल बने।
- एडिटिंग में कमाई की रेंज बहुत बड़ी है, कुछ एडिटर्स ₹1.5-2 लाख प्रति माह कमाते हैं, जबकि कुछ ₹50 प्रति वीडियो चार्ज करते हैं।
- टेक और फाइनेंस जैसे जॉनर में एंटरटेनमेंट की तुलना में अधिक कमाई की संभावना है क्योंकि उनमें ब्रांड कोलैबोरेशन्स ज्यादा होते हैं।
- फॉरेन क्लाइंट्स के लिए एडिटिंग करने पर भारत की तुलना में 4-5 गुना ज्यादा कमाई हो सकती है।
- एडिटर्स को अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स और खुद को बेचने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए ताकि वे ज्यादा पैसे चार्ज कर सकें।
- काम पाने के लिए सीधे पोर्टफोलियो भेजने के बजाय, क्रिएटर्स के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर जाकर उनसे संपर्क करना प्रभावी हो सकता है।
- YTJobs जैसी वेबसाइट्स पर अप्लाई करने के बजाय, सीधे क्रिएटर्स के चैनल और सोशल मीडिया पर जाकर उनकी समस्याओं को बताकर समाधान पेश करना ज्यादा कारगर है।
- LinkedIn और कोल्ड ईमेल भी काम आ सकते हैं, लेकिन रिप्लाई आने में समय लग सकता है, इसलिए धैर्य रखना महत्वपूर्ण है।
- अपने काम को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और क्लाइंट को यह समझाना कि आपने वीडियो को कैसे बेहतर बनाया है, महत्वपूर्ण है।
- शुरुआती एडिटर्स को पोर्टफोलियो बनाने के लिए कम रेट पर काम करने को तैयार रहना चाहिए, लेकिन अनुभव के साथ रेट बढ़ाना चाहिए।
- भारत में एडिटिंग चार्जेस का 'गंदा गेम' है, जहाँ बहुत ज्यादा अंतर है।
- एक एडिटर की कमाई की ऊपरी सीमा हो सकती है क्योंकि एक दिन में काम करने के घंटे सीमित होते हैं।
- रिमोट एडिटर्स को कभी-कभी 'लेज़ी' समझा जाता है, लेकिन यह प्रोजेक्ट और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
- हर एडिटर को क्रिएटर बनना चाहिए और हर क्रिएटर को एडिटर बनना चाहिए ताकि वे लॉन्ग-टर्म में सर्वाइव कर सकें।
- एडिटर्स को अपना पोर्टफोलियो दिखाने के लिए इंस्टाग्राम प्रोफाइल का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि यह उनका काम प्रदर्शित करता है।
- सामने कैमरे के आने और खुद को बेचने की कला पसंद न करने वाले एडिटर्स के लिए कंटेंट क्रिएशन चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- एडिटर्स को क्रिएटिविटी पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि AI क्रिएटिविटी को कभी नहीं ले सकता।
- AI एडिटर्स की नौकरी नहीं लेगा, बल्कि उनके काम को तेज करने में मदद करेगा।
- AI ऑडियो से वोकल्स और इंस्ट्रूमेंट्स को अलग करने, या कॉपीराइट-फ्री म्यूजिक बनाने में मदद कर सकता है।
- AI मोशन ग्राफिक्स और कुछ हद तक शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट एडिटिंग को आसान बना सकता है।
- भविष्य में, AI एडिटर्स को छोटे-छोटे काम जैसे पॉज हटाना या साइलेंस रिमूव करने में मदद करेगा, लेकिन क्रिएटिविटी और सेंस अभी भी इंसानों के पास रहेगा।
- एडिटिंग में क्रिएटिविटी सबसे महत्वपूर्ण है, और AI इसे कभी नहीं बदल सकता।
- क्लाइंट से फीडबैक लेना महत्वपूर्ण है ताकि क्रिएटर के माइंडसेट को समझा जा सके और अगली बार बेहतर काम किया जा सके।
- एडिटर्स को क्लाइंट के साथ टू-वे कम्युनिकेशन रखना चाहिए, जहाँ वे भी अपने सुझाव दे सकें।
- अच्छे फीडबैक में प्रोज़ और कॉन्स दोनों शामिल होने चाहिए, और क्रिएटर को एडिटिंग सेंस होना चाहिए ताकि वह प्रैक्टिकल फीडबैक दे सके।
Key takeaways
- एडिटिंग में सफलता के लिए तकनीकी कौशल के साथ-साथ कम्युनिकेशन और खुद को बेचने की क्षमता भी महत्वपूर्ण है।
- AI एडिटर्स का सहायक हो सकता है, लेकिन क्रिएटिविटी और सेंस अभी भी इंसानों के पास ही रहेगा।
- लॉन्ग-टर्म करियर के लिए, एडिटर्स को कंटेंट क्रिएटर्स बनने या अपनी स्किल्स को बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।
- फॉरेन क्लाइंट्स के लिए एडिटिंग करने से भारत की तुलना में काफी ज्यादा कमाई हो सकती है।
- काम ढूंढने के लिए सीधे संपर्क और समस्याओं का समाधान पेश करना, सिर्फ पोर्टफोलियो भेजने से ज्यादा प्रभावी है।
- एडिटिंग में कमाई की रेंज बहुत विस्तृत है, और यह जॉनर, अनुभव और क्लाइंट पर निर्भर करती है।
- क्रिएटर्स के माइंडसेट को समझना और प्रभावी फीडबैक देना एक सफल एडिटिंग करियर के लिए आवश्यक है।
Key terms
Test your understanding
- एडिटिंग में कमाई की रेंज इतनी विस्तृत क्यों है, और इसे प्रभावित करने वाले मुख्य कारक क्या हैं?
- AI एडिटिंग के क्षेत्र में एडिटर्स की भूमिका को कैसे बदल सकता है, और कौन से कौशल भविष्य में महत्वपूर्ण रहेंगे?
- एक एडिटर के रूप में, आप नए क्लाइंट्स को कैसे ढूंढेंगे और उन्हें अपने काम के लिए कैसे आकर्षित करेंगे?
- एडिटर्स के लिए कंटेंट क्रिएटर्स बनना क्यों फायदेमंद हो सकता है, और इसमें क्या चुनौतियाँ हैं?
- क्लाइंट से प्रभावी फीडबैक प्राप्त करने और उस पर काम करने की प्रक्रिया क्या होनी चाहिए?