
NISM VA - Mutual Fund Distributors | Chapter 3 | Legal Structure of Mutual Funds in India
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Overview
यह वीडियो भारत में म्यूचुअल फंड्स की कानूनी संरचना (legal structure) को समझाता है। इसमें म्यूचुअल फंड के मुख्य घटकों जैसे स्पॉन्सर, ट्रस्टी, एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC), कस्टोडियन और रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (RTA) की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई है। वीडियो यह भी बताता है कि ये सभी संस्थाएं कैसे मिलकर काम करती हैं, सेबी के नियमों का पालन कैसे करती हैं, और निवेशकों के हितों की रक्षा कैसे करती हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें डिस्ट्रीब्यूटर्स और एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) जैसे अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को भी कवर किया गया है।
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Chapters
- म्यूचुअल फंड का मालिक 'स्पॉन्सर' या 'प्रमोटर' होता है, जो सेबी के पास फंड रजिस्टर कराता है और शुरुआती पैसा लगाता है।
- भारत में म्यूचुअल फंड ट्रस्ट के रूप में स्थापित होते हैं, इसलिए 'ट्रस्टी' का होना अनिवार्य है।
- स्पॉन्सर ट्रस्टी को अपॉइंट करता है, जिनका मुख्य काम निवेशकों के हितों की रक्षा करना और रेगुलेटरी कंप्लायंस सुनिश्चित करना है।
- स्पॉन्सर और ट्रस्टी मिलकर एक अलग कंपनी, एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC), की स्थापना करते हैं।
- AMC म्यूचुअल फंड के दिन-प्रतिदिन के ऑपरेशंस, जैसे फंड मैनेजमेंट, एडमिनिस्ट्रेशन, और सेल्स-मार्केटिंग को मैनेज करती है।
- AMC में कम से कम 50% डायरेक्टर इंडिपेंडेंट होने चाहिए, जो स्पॉन्सर या ट्रस्टी से जुड़े न हों।
- कस्टोडियन म्यूचुअल फंड की सभी संपत्तियों (assets) की कस्टडी रखता है और खरीद-बिक्री के लेनदेन को सेटल करता है।
- RTA निवेशकों के रिकॉर्ड और यूनिट होल्डिंग का रिकॉर्ड रखता है और निवेशक सेवा केंद्र के रूप में कार्य करता है।
- AMC कस्टोडियन को अपॉइंट करती है, जबकि RTA को AMC अपॉइंट कर सकती है या यह काम इन-हाउस भी कर सकती है।
- ऑडिटर्स म्यूचुअल फंड स्कीम और AMC के खातों का ऑडिट करते हैं, और स्कीम के ऑडिटर AMC से अलग होने चाहिए।
- डिस्ट्रीब्यूटर्स म्यूचुअल फंड स्कीम्स को निवेशकों तक पहुंचाते हैं और उन्हें AMFI के साथ रजिस्टर होना होता है।
- कलेक्टिंग बैंकर्स, केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसी, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी और डिपॉजिटरीज जैसी अन्य संस्थाएं भी फंड के संचालन में भूमिका निभाती हैं।
- AMFI सभी रजिस्टर्ड एएमसी की एक एसोसिएशन है, जो इंडस्ट्री के लिए प्रोफेशनल और एथिकल स्टैंडर्ड्स सेट करती है।
- यह निवेशकों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाती है और उनके हितों की रक्षा करती है।
- AMFI म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को रजिस्टर करती है और उनके आचरण को रेगुलेट करती है, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर (ARN) जारी करना और रद्द करना शामिल है।
Key takeaways
- म्यूचुअल फंड एक ट्रस्ट के रूप में काम करते हैं, जिसे स्पॉन्सर स्थापित करता है और ट्रस्टी उसकी देखरेख करते हैं।
- एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) फंड के दिन-प्रतिदिन के संचालन और निवेश निर्णयों के लिए जिम्मेदार होती है।
- कस्टोडियन फंड की संपत्तियों की सुरक्षा करता है, जबकि RTA निवेशकों के रिकॉर्ड का प्रबंधन करता है।
- डिस्ट्रीब्यूटर्स म्यूचुअल फंड को बेचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें AMFI के साथ पंजीकृत होना पड़ता है।
- AMFI म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए नैतिक मानकों को स्थापित करती है, निवेशकों को शिक्षित करती है, और डिस्ट्रीब्यूटर्स को रेगुलेट करती है।
- सभी प्रमुख संस्थाओं (स्पॉन्सर, ट्रस्टी, AMC, कस्टोडियन, RTA) को सेबी के नियमों का पालन करना होता है।
Key terms
Test your understanding
- म्यूचुअल फंड के कानूनी ढांचे में स्पॉन्सर की मुख्य जिम्मेदारियां क्या हैं?
- एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) म्यूचुअल फंड के संचालन में क्या भूमिका निभाती है?
- कस्टोडियन और रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (RTA) के बीच मुख्य अंतर क्या है?
- एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
- म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए क्या योग्यताएं और पंजीकरण प्रक्रियाएं आवश्यक हैं?