
Natural Resources and Their Use Class 8 || NEW NCERT || SST || Complete Chapter
PW Class 8
Overview
यह वीडियो प्राकृतिक संसाधनों और उनके उपयोगों पर एक विस्तृत अध्ययन प्रदान करता है, जो क्लास 8 के छात्रों के लिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित है। इसमें प्राकृतिक संसाधनों की परिभाषा, वर्गीकरण (उपयोग और उपलब्धता के आधार पर), और भारत के संदर्भ में उनकी सांस्कृतिक प्रासंगिकता पर चर्चा की गई है। वीडियो सतत उपयोग, संरक्षण, और संसाधनों के असमान वितरण के प्रभावों पर भी प्रकाश डालता है, साथ ही इकोसिस्टम कार्यों और सेवाओं की व्याख्या करता है। अंत में, यह रिन्यूएबल और नॉन-रिन्यूएबल संसाधनों के बीच अंतर, प्राकृतिक संसाधन अभिशाप, और स्टुअर्डशिप (संरक्षण) की अवधारणाओं को केस स्टडीज के साथ समझाता है।
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Chapters
- कोई भी प्राकृतिक वस्तु तब संसाधन बनती है जब मनुष्य उसे अपने जीवन यापन के लिए उपयोग कर पाता है।
- संसाधन बनने के लिए तीन मुख्य मानदंड हैं: तकनीकी रूप से सुलभ, आर्थिक रूप से व्यवहार्य, और सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य होना चाहिए।
- उदाहरण के लिए, लकड़ी एक प्राकृतिक वस्तु है, लेकिन जब मनुष्य उससे फर्नीचर बनाता है, तो वह एक संसाधन बन जाती है।
- भारत में प्रकृति को अक्सर पवित्र माना जाता है और इसे एक 'नर्चरर' के रूप में देखा जाता है।
- तुलसी पूजा, पवित्र उपवनों (sacred groves) का संरक्षण, और जल, सूर्य, पृथ्वी जैसे प्राकृतिक तत्वों की पूजा भारतीय परंपराओं के उदाहरण हैं।
- ये परंपराएं प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना को दर्शाती हैं, भले ही आधुनिक समय में इसके पीछे का मूल उद्देश्य बदल गया हो।
- प्राकृतिक संसाधनों को मुख्य रूप से दो आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है: उपयोग के आधार पर और उपलब्धता के आधार पर।
- उपयोग के आधार पर: जीवन के लिए आवश्यक (जैसे हवा, पानी), सामग्री के लिए (जैसे लकड़ी, पत्थर), और ऊर्जा के लिए (जैसे कोयला, पेट्रोलियम)।
- उपलब्धता के आधार पर: रिन्यूएबल (नवीकरणीय) संसाधन जो जल्दी पुनर्जीवित हो जाते हैं (जैसे सौर ऊर्जा, हवा) और नॉन-रिन्यूएबल (अनवीकरणीय) संसाधन जो बनने में लाखों साल लेते हैं (जैसे कोयला, खनिज)।
- प्रकृति में 'रिस्टोरेशन' (पुनर्स्थापन) और 'रीजनरेशन' (पुनरुत्पादन) का एक सुंदर चक्र चलता है, जहां चीजें अपने आप ठीक हो जाती हैं या फिर से बन जाती हैं।
- यह चक्र वृद्धि, परिपक्वता, क्षय और अपघटन (decomposition) से होकर गुजरता है, जिससे नई जीवन चक्र शुरू होता है।
- उदाहरण के लिए, एक पेड़ के गिरने के बाद उसके अवशेष मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं, जिससे नए पौधे उगते हैं।
- रिन्यूएबल संसाधन भी अत्यधिक उपयोग, प्रदूषण, या जलवायु परिवर्तन के कारण नॉन-रिन्यूएबल बन सकते हैं।
- अत्यधिक कटाई (over-harvesting) से लकड़ी जैसे संसाधन कम हो सकते हैं, और औद्योगिक प्रदूषण से ताजे पानी जैसे संसाधन दूषित हो सकते हैं।
- जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और अत्यधिक दोहन (over-exploitation) भी प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़कर संसाधनों को खतरे में डालते हैं।
- इकोसिस्टम कार्य प्रकृति के वे अंतर्निहित तरीके हैं जिनसे वह काम करता है, जैसे पेड़ों द्वारा ऑक्सीजन उत्पादन और CO2 का अवशोषण।
- इकोसिस्टम सेवाएं वे लाभ हैं जो मनुष्य इन कार्यों से प्राप्त करता है, जैसे पीने के लिए शुद्ध पानी, सांस लेने के लिए हवा, और उपजाऊ भूमि।
- वन पानी को फिल्टर करते हैं, आर्द्रभूमि (wetlands) बाढ़ को नियंत्रित करती हैं, और मिट्टी के जीव कार्बनिक पदार्थों को विघटित करते हैं।
- प्राकृतिक संसाधन दुनिया भर में समान रूप से वितरित नहीं हैं, जिससे असमानताएँ पैदा होती हैं।
- संसाधनों का वितरण मानव बस्तियों, व्यापार पैटर्न, आर्थिक विकास और यहां तक कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और संघर्षों को भी प्रभावित करता है।
- उदाहरण के लिए, कुछ क्षेत्रों में उद्योगों का विकास वहां प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
- स्टुअर्डशिप का अर्थ है प्राकृतिक संसाधनों का इस तरह से उपयोग करना कि भविष्य की पीढ़ियाँ भी उनका लाभ उठा सकें।
- इसमें क्षतिग्रस्त इकोसिस्टम को ठीक करने (रिस्टोरेशन) और नई जीवन बनाने (रीजनरेशन) में मदद करना शामिल है।
- नॉन-रिन्यूएबल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का विकास स्टुअर्डशिप का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Key takeaways
- प्राकृतिक संसाधन वे तत्व हैं जो मनुष्य के लिए उपयोगी होते हैं और जिन्हें वह अपने जीवन यापन के लिए उपयोग करता है।
- संसाधन बनने के लिए किसी वस्तु का तकनीकी रूप से सुलभ, आर्थिक रूप से व्यवहार्य और सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य होना आवश्यक है।
- प्रकृति में रिन्यूएबल और नॉन-रिन्यूएबल संसाधन होते हैं, लेकिन मानव गतिविधियाँ रिन्यूएबल संसाधनों को भी समाप्त कर सकती हैं।
- इकोसिस्टम प्रकृति के कार्य हैं जो हमें सेवाएं प्रदान करते हैं, जैसे हवा और पानी की शुद्धता, जिन्हें संरक्षित करना महत्वपूर्ण है।
- संसाधनों का असमान वितरण वैश्विक व्यापार, अर्थव्यवस्था और राजनीतिक संबंधों को प्रभावित करता है।
- स्टुअर्डशिप का अर्थ है संसाधनों का इस प्रकार उपयोग करना कि वे भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी उपलब्ध रहें।
- सतत विकास और संरक्षण के लिए पारंपरिक ज्ञान और नई तकनीकों का संयोजन आवश्यक है।
Key terms
Test your understanding
- किसी भी प्राकृतिक वस्तु को संसाधन कब माना जा सकता है? इसके लिए कौन से तीन मुख्य मानदंड आवश्यक हैं?
- भारत में प्रकृति को पवित्र मानने की परंपराओं के क्या उदाहरण हैं और यह संरक्षण के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
- रिन्यूएबल और नॉन-रिन्यूएबल संसाधनों के बीच मुख्य अंतर क्या हैं? क्या कोई रिन्यूएबल संसाधन नॉन-रिन्यूएबल बन सकता है, और कैसे?
- इकोसिस्टम कार्य और इकोसिस्टम सेवाएं क्या हैं? एक उदाहरण देकर समझाएं कि मनुष्य इनसे कैसे लाभान्वित होता है।
- स्टुअर्डशिप की अवधारणा क्या है और यह प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?